राजनीति
ममता ने वैक्सीन आपूर्ति को लेकर केंद्र पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोविड वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर कुछ राज्यों के प्रति उनके कथित पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर आलोचना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा, जिसमें उनसे राज्य में वैक्सीन की खुराक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
ममता ने कहा, मैं वाराणसी में प्रधानमंत्री का भाषण सुन रही थी। उन्होंने राज्य में कोविड की स्थिति से सफलतापूर्वक निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना की है। मैं उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मैं प्रधानमंत्री जी को गंगा में तैर रहे शवों की याद दिलाना चाहती हूं। हमने अपने राज्य से आठ शव बरामद किए और मुझे नहीं पता कि बिहार से कितने शव बरामद किए गए।
बनर्जी ने कहा, मैं चाहती हूं कि देश के सभी लोगों का टीकाकरण हो, लेकिन यह सरकार टीकों के साथ जो कर रही है वह सही नहीं है। भाजपा शासित राज्यों को अधिक टीके मिल रहे हैं और गैर-भाजपा राज्यों को टीके नहीं मिल रहे हैं। केंद्र से इस तरह के पक्षपातपूर्ण रवैये की उम्मीद नहीं है।
यह आश्वासन देते हुए कि राज्य प्रति दिन 10 लाख टीके लगाने में सक्षम है, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, हमें पिछले सात दिनों से टीके नहीं मिले। हमारे आकलन के अनुसार, राज्य को लगभग 11.5 करोड़ की जरूरत है। पात्र श्रेणियों में सभी को कवर करने के लिए कोविड 19 वैक्सीन की अधिक खुराक और आपूर्ति के वर्तमान स्तर को देखते हुए, सभी को कवर करने में अधिक समय लग सकता है। अब तक हमें केवल 2.12 करोड़ खुराक मिली है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में आगे लिखा, राज्य ने 16 जनवरी, 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया था और अब तक हम भारत सरकार से 2.12 करोड़ खुराक की आपूर्ति के मुकाबले 2.5 करोड़ खुराक (1.81 करोड़ पहली खुराक, 0.70 करोड़ दूसरी खुराक) पहले ही दे चुके हैं। 18 लाख राज्य सरकार द्वारा और शेष निजी क्षेत्र द्वारा खरीदी गई।
बनर्जी ने पत्र में कहा, वर्तमान में, हम अपने राज्य में हर दिन वैक्सीन की लगभग 3 लाख खुराक दे रहे हैं और अनियमित आपूर्ति के कारण इस स्तर को भी बनाए रखना बहुत मुश्किल हो रहा है। हम हर दिन 10 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण कर सकते हैं, बशर्ते पर्याप्त मात्रा में टीका खुराक हो उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से प्राप्त सूचना के अनुसार, राज्य को जुलाई 2021 के महीने के लिए कोविड-19 वैक्सीन की 73 लाख खुराक आवंटित की गई है। लेकिन दुर्भाग्य से, चालू माह में अभी तक केवल 25 लाख खुराक ही प्राप्त हुई हैं।
बनर्जी ने कहा, इसलिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया आवश्यक निर्देश दें, ताकि हमारे राज्य में टीके की आपूर्ति ऊपर बताई गई हमारी आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सके, ताकि कोविड-19 की तीसरी लहर से पहले आबादी के एक बड़े हिस्से को टीकाकरण की सुविधा मिल सके।
अपराध
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 11 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, बैंकाक से आया यात्री गिरफ्तार

गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 10.91 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 11 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामले में आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई रविवार को अहमदाबाद कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने की। आरोपी यात्री गुजरात के जूनागढ़ जिले के मंगरोल का रहने वाला है और वह थाई एयरवेज की फ्लाइट टीजी-343 से बैंकॉक से अहमदाबाद पहुंचा था।
जांच के दौरान यात्री के चेक-इन सामान की तलाशी ली गई। इसी दौरान कस्टम के स्निफर डॉग ने बैग में नशीले पदार्थ की मौजूदगी का संकेत दिया। इसके बाद बैगेज टैग के आधार पर यात्री की पहचान कर उसे रोका गया।
अधिकारियों ने जब उसके ट्रॉली बैग की गहन जांच की तो उसमें छिपाकर रखे गए चांदी रंग के पांच पॉलीथीन पैकेट मिले। इन पैकेटों में हरे रंग का पौधेनुमा पदार्थ भरा हुआ था। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर यह हाइड्रोपोनिक गांजा निकला।
कस्टम अधिकारी ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ का कुल शुद्ध वजन 10,911 ग्राम है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपए है।
इस खेप को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है। वहीं, आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हाथ तो नहीं है।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आने वाले यात्रियों के पास से हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़े जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले महीने भी कस्टम ने बैंकॉक से आए एक यात्री के बैग से 20 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया था। इसके अलावा एक अन्य यात्री के पास से करीब 6.5 किलोग्राम और एक अलग कार्रवाई में लगभग 4 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया था।
पिछले सप्ताह मुंबई कस्टम ने भी बैंकॉक से आए दो यात्रियों को गिरफ्तार किया था, जिनके सामान से 19 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ था।
बता दें कि हाइड्रोपोनिक गांजा उस गांजे को कहा जाता है जिसे बिना मिट्टी के, केवल पानी और विशेष पोषक तत्वों के नियंत्रित घोल की मदद से कृत्रिम वातावरण में उगाया जाता है।
राष्ट्रीय समाचार
देश की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों का मार्केटकैप 88 हजार करोड़ रुपए से अधिक बढ़ा, आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर रहा

देश की शीर्ष 10 में से छह कंपनियों का मार्केटकैप बीते हफ्ते 88,678.1 करोड़ रुपए बढ़ा है। इसमें आईसीआईसीआई बैंक के बाजार पूंजीकरण में सबसे अधिक इजाफा हुआ है।
इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और एलएंडटी के मार्केटकैप में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, भारती एयरटेल, एलआईसी, टीसीएस और एचयूएल के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई है।
आईसीआईसीआई बैंक के वैल्यूएशन में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई और इसका मार्केट कैप 29,588.75 करोड़ रुपए बढ़कर 9,95,610.74 करोड़ रुपए हो गया।
एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 24,718.3 करोड़ रुपए बढ़कर 12,25,981.44 करोड़ रुपए हो गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 12,043.96 करोड़ रुपए बढ़कर 17,83,926.92 करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 11,580.28 करोड़ रुपए बढ़कर 6,10,081.53 करोड़ रुपए, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण 9,322.93 करोड़ रुपए बढ़कर 9,64,738 करोड़ रुपए और एलएंडटी का बाजार पूंजीकरण 1,423.88 करोड़ रुपए बढ़कर 5,80,550.83 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, भारती एयरटेल का मार्केटकैप 35,615.21 करोड़ रुपए घटकर 11,27,348.09 करोड़ रुपए, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) का मार्केटकैप 21,188.74 करोड़ रुपए कम होकर 5,35,537.56 करोड़ रुपए, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार पूंजीकरण 11,143.71 करोड़ रुपए घटकर 7,58,206.42 करोड़ रुपए और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का मार्केटकैप कम होकर 5,321.83 करोड़ रुपए घटकर 5,10,624.92 करोड़ रुपए हो गया है।
बीते हफ्ता शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव भरा रहा। इस दौरान सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
राष्ट्रीय समाचार
मार्केट आउटलुक: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अगले हफ्ते निवेशकों की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
उनका यह बयान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात के बाद आया था। इस प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसकी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट पर मालवाहक जहाज को निशाना बनाना था। हालांकि, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है।
घरेलू आर्थिक डेटा भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा। 29 जून को इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट का डेटा जारी होगा। 30 जून को मई का राजकोषीय घाटे और व्यापार संतुलन, 1 जुलाई को जीएसटी, ऑटो सेल्स एवं मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और 2 जुलाई को सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े आएगा।
इस हफ्ते सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ।
इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार के संकेतों के कारण इस हफ्ते भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क बने रहे, क्योंकि इससे ग्लोबल कैपिटल फ्लो पर असर पड़ सकता है।
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