राजनीति
उत्तर प्रदेश सरकार पोस्ट कोविड रोगियों को मुफ्त में इलाज देगी
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पोस्ट कोविड मरीजों को मुफ्त इलाज देने का फैसला किया है।
इस कदम से 10 में से एक कोविड पॉजिटिव रोगियों को लाभ होगा जो संक्रमण के प्रबंधन के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं, लेकिन अन्य जटिलताओं के कारण उन्हें छुट्टी नहीं दी जा सकती है।
अब तक, राज्य में 62,000 सक्रिय मामलों में से 20,000 से अधिक रोगियों का इलाज चल रहा है।
यह सुविधा सभी मेडिकल कॉलेजों, राज्य सहायता प्राप्त, स्वायत्त और निजी, और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सहित संस्थानों में प्रदान की जाएगी।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, आलोक कुमार ने कहा, यह राज्य सरकार के संज्ञान में आया है कि महामारी संक्रमण के लिए नकारात्मक परीक्षण के बावजूद, कुछ रोगी कोविड की जटिलताओं के कारण अभी परेशान है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को प्रबंधन के लिए अस्पतालों में रहना पड़ता है और इलाज का खर्च भी उन्हें ही उठाना पड़ता है।
कुमार ने कहा, जनहित में, राज्य सरकार ने विस्तारित इलाज का खर्च वहन करने का फैसला किया है।
सरकारी आदेश उन लोगों को मुफ्त इलाज की गारंटी देता है जो पहले से ही भर्ती हैं, जो छुट्टी के बाद उत्पन्न होने वाली कोविड परेशानियों के चलते फिर से अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं।
सूत्रों ने कहा कि विभाग इस पर भी स्पष्ट प्रोटोकॉल लेकर आ सकता है।
एक अधिकारी ने कहा, सरकार फिर से भर्ती होने के मामलों में भी इलाज बढ़ाने के खिलाफ नहीं है, लेकिन फिर इस संबंध में एक समय सीमा तय की जा सकती है।
बड़ी संख्या में रोगी जो अस्पताल में भर्ती होते हैं, कम से कम एक सहवर्ती रोग से पीड़ित होता हैं।
उदाहरण के लिए, मधुमेह वाले लोगों के रक्त शर्करा का स्तर कोविड 19 उपचार के बाद विक्षिप्त हो जाता है जो स्टेरॉयड पर निर्भर करता है।
ऐसे कई रोगियों को अंत शिरा मार्ग के माध्यम से इंसुलिन थेरेपी और दवाओं के अन्य प्रशासन की आवश्यकता होती है।
एसजीपीजीआई में एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने कहा कि कभी कभी, रोगी कोरोनावायरस संक्रमण से ठीक हो जाते हैं, लेकिन उनके अंग महामारी वायरस से हुए नुकसान से उबर नहीं पाते हैं। वर्तमान प्रणाली के तहत, जैसे ही वे नकारात्मक परीक्षण करते हैं, रोगी देखभाल प्रबंधन प्रभार्य हो जाता है। वहीं कुछ रोगी परिवारों ने उपचार सहन करने में असमर्थता व्यक्त की।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड 19 निमोनिया के बाद फेफड़े की फाइब्रोसिस जैसी समस्याएं संक्रमण की एक सामान्य अगली कड़ी है और इसके लिए उच्च निर्भरता देखभाल की आवश्यकता होती है।
कई रोगियों में, वायरस को तीव्र गुर्दे की बीमारी का कारण माना जाता है, जिसके लिए दीर्घकालिक प्रबंधन की भी आवश्यकता होती है।
कोविड संक्रमण हृदय पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए जाना जाता है।
राष्ट्रीय समाचार
दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को 1.09 लाख करोड़ रुपए का कर हस्तांतरण अग्रिम रूप से किया जारी

केंद्र सरकार ने गुरुवार को दीपावली और त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए के कर हस्तांतरण की नियमित किस्त तय समय से पहले जारी कर दी। यह राशि सामान्य तौर पर 10 नवंबर को जारी की जानी थी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्च में तेजी लाने और विकास एवं कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह राशि जारी की गई है।
इस राशि में से देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपए मिले हैं। बिहार को 10,845 करोड़ रुपए, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपए और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपए मिले हैं।
पिछले सप्ताह भी केंद्र सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त थी।
इससे पहले अगस्त में भी सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी, जो सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त थी। यह कदम राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और उनके पूंजीगत एवं विकास संबंधी खर्चों में तेजी लाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप था।
इसके अतिरिक्त, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 42.1 प्रतिशत है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 16.96 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा रहने का बजट अनुमान रखा है।
इस दौरान सरकार की राजस्व प्राप्तियां 17.57 लाख करोड़ रुपए रहीं, जो बजट अनुमान का 49.7 प्रतिशत है। इसमें शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.81 लाख करोड़ रुपए रहा।
अपराध
भुवनेश्वर में युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार

शहर के धौली थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में गुरुवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हुई घटना के बाद की।
मृतक की पहचान कटक जिले के बैदेश्वर निवासी टापू नाइक के रूप में हुई है, जो शहर के भरतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीताराम बस्ती में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान उमेश कुमार पटनायक, विष्णुप्रसाद सामंतराय उर्फ पिकुन, रत्नाकर साहू, आलोक जेना, मानस स्वैन, अक्षय प्रधान, कलिंग केशरी पात्रा और चित्रसेन गजेंद्र के रूप में की है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात धौली थाना क्षेत्र के शिशुपाल गढ़ गांव में नवज्योति कॉलेज के पीछे स्थित ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर में हुई।
कमिश्नरेट पुलिस ने बयान में कहा, “बुधवार को लगभग सात लोगों का एक समूह ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर के खुले इलाके में पार्टी कर रहा था। रात करीब 11:30 बजे, समूह में से एक व्यक्ति ने पिस्तौल निकाली और टापू नाइक पर गोली चला दी।”
बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक, उमेश ने पुरी में किसी व्यक्ति से पिस्तौल खरीदी थी। वह और उसके दोस्त (मृतक भी शामिल) इस हथियार के आने की खुशी में पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान, शराब के नशे में दोस्तों के बीच बहस हो गई और अचानक भड़के आरोपी पिकुन ने टापू पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गोली चलने के बाद दो आरोपी उमेश और पिकुन तुरंत घायल टापू को स्कूटर से कैपिटल अस्पताल ले गए। बाद में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी बुधवार रात करीब 1 बजे मिली। उन्होंने कहा कि पुलिस तुरंत कैपिटल अस्पताल पहुंची और बाद में निजी अस्पताल भी गई। पूछताछ के दौरान, उमेश और पिकुन (मृतक को अस्पताल ले गए थे) ने एक झूठी कहानी गढ़ी। उन्होंने दावा किया कि वे मौसी मां ब्रिज के पास बातचीत कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर दो अनजान लोग वहां आए। उनमें से एक ने हेलमेट पहना हुआ था, जबकि दूसरे ने अपने चेहरे को मास्क से ढका हुआ था। उन्होंने टापू नाइक पर गोली चलाई और फिर मौके से फरार हो गए।
उन्होंने आगे बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच से पता चला कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत थी। बाद की पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली और पुलिस को बताया कि उन्होंने पिस्तौल को एक जलाशय में फेंक दिया था। पुलिस ने अब उस हथियार को बरामद कर लिया है।
राजनीति
’14 से 114 मेडल की यात्रा आपके परिश्रम की पराकाष्ठा का परिणाम’, पीएम मोदी ने एशियन पैरा गेम्स के एथलीट्स को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘एशियन पैरा गेम्स 2026’ में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के साथ संवाद किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने 14 से 114 मेडल तक की यात्रा को एथलीट्स के परिश्रम की पराकाष्ठा का परिणाम बताया।
भारत ने इस वर्ष जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। कुल 97 भारतीय पैरा-एथलीट्स ने 114 पदक जीते, जिसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “आप सभी से मिलने का मुझे बेसब्री से इंतजार था। कुछ ही सप्ताह पहले मैं एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मिला था। अब एशियन पैरा गेम्स के आप सभी ऊर्जावान साथियों से मिलने का अवसर मिला है। आपका शानदार प्रदर्शन ये बताता है कि आज भारत स्पोर्ट्स की दुनिया में तेजी से एक बड़ी पावर के रूप में उभर रहा है। इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर आप सभी ने मेडल तो जीता ही है, आपने करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता है।”
उन्होंने कहा, “आप सभी पैरा एथलीटों ने एक बार फिर से दिखा दिया है कि सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से होती है। मैं आप सभी खिलाड़ियों को 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपकी इस उपलब्धि में आपके परिवार, ट्रेनर और कोच की भी अहम भूमिका है। मैं उनका भी अभिनंदन करता हूं।”
पीएम ने कहा, “एशियन पैरा गेम्स में आपके असाधारण प्रदर्शन से यह साबित होता है कि भारत खेल के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है। इतने बड़े मंच पर आपने न केवल पदक जीते बल्कि देशवासियों का दिल भी जीत लिया। एक समय था, जब ज्यादातर खेलों में भारत की भागीदारी एक औपचारिकता समझी जाती थी। पैरा गेम्स में तो देश बहुत पीछे था। साल 2010 के पैरा एशियन गेम्स में भारत ने बस 1 गोल्ड जीता था। कुल मिलाकर उस टूर्नामेंट में हम केवल 14 मेडल जीत पाए थे। वहीं, इस बार हमारे खिलाड़ी 114 मेडल के साथ आए हैं। 14 से 114 मेडल की यह यात्रा आपके परिश्रम की पराकाष्ठा का परिणाम है।
भारत ने साल 2010 में आयोजित पहले संस्करण में 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज सहित कुल 14 मेडल हासिल किए थे, जिसके बाद साल 2023 में कुल 111 मेडल अपने नाम किए। इस बार भारत ने रिकॉर्ड 114 पदक जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया।
पीएम ने कहा, “इस बार हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते हैं। 14 से 114 पदकों तक का यह सफर आपकी कड़ी मेहनत, आपके अटूट समर्पण और आपकी सफलता को सहारा देने के लिए तैयार किए गए मजबूत इकोसिस्टम का सीधा परिणाम है। 30 गोल्ड, 35 रजत और 49 ब्रॉन्ज मेडल के साथ-साथ 5 नए वर्ल्ड रिकॉर्ड और 9 एशियन रिकॉर्ड बनाकर, आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। चार स्पर्धाओं में तो पोडियम पर तीनों जगह हमारा ही झंडा था, हमारे ही खिलाड़ी थे। गोल्ड भी भारत ने जीता, उसी खेल में सिल्वर और ब्रॉन्ज भी भारत ने जीते और प्रतियोगिता के आखिरी दिन तो आपने कमाल कर दिया। नौ गोल्ड मेडल जीत लिए। ऐसा लग रहा था, आपने तय कर लिया हो कि जब तक गेम चल रहा है, मेडल रुकना नहीं चाहिए। इस बार 30 गोल्ड, 35 सिल्वर, 49 ब्रॉन्ज, 5 नए वर्ल्ड रिकॉर्ड, 9 एशियाई रिकॉर्ड। आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। इस बार 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियां मेडल विनर बनी हैं।”
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