महाराष्ट्र
अब वझे के निशाने पर ‘अजीत पवार’, उप मुख्यमंत्री के करीबी ने भी गुटका व्यापारियों से 100 करोड़ की उगाही का दिया था टारगेट?
महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री अनिल परब और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के बाद अब सचिन वझे ने राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार पर भी उगाही करवाने का आरोप लगाया है। वझे ने अपने पत्र में लिखा है कि एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और यह बताया कि वह अजित पवार का काफी का बेहद करीबी आदमी है। औ र 100 उसने भी गुटका व्यापारियों से 100 करोड़ रुपए की अवैध उगाही करने का करने की बात कही थी। इस आरोप के बाद पवार की भी मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहा तूफान जल्द ही थमने वाला नहीं है। विवादित पुलिस अधिकारी सचिन वझे के एनआईए कोर्ट को लिखे गए पत्र से महा विकास अघाड़ी सरकार के एक और मंत्री का नाम सामने आने से विपक्ष को और मसाला मिल गया है। सचिन वझे के लिखे पत्र में अपना नाम आने के बाद शिवसेना नेता और राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भले ही आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए किसी भी जांच का सामना करने की तैयारी दिखाई है, लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील के एक ट्वीट ने यह संकेत दे दिया है कि अब बीजेपी उनके इस्तीफे के लिए भी वैसा ही दबाव बनाएगी, जैसा अनिल देशमुख के गृह मंत्री पद से इस्तीफे के लिए बनाया था।
चंद्रकांत पाटील ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘अनिल परब के इस्तीफे के लिए भी लगता है न्यायालय के आदेश का इंतजार करना होगा?’ उल्लेखनीय है कि 24 घंटे पहले ही चंद्रकांत पाटील ने ऐलान किया था कि अगले 8 दिन में ठाकरे सरकार के एक और मंत्री का विकेट गिरेगा। बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटील के इसी बयान को आधार बनाकर परिवहन मंत्री अनिल परब ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाया कि बीजेपी ने के नेता पिछले दो दिन से यह बयान दे रहे हैं कि वे एक और विकेट लेने वाले हैं। इसका मतलब यह है कि मुझे और सरकार को बदनाम करने के लिए इन झूठे आरोपों को गढ़ने में बीजेपी का ही हाथ है। परब ने कहा कि लगता है बीजेपी नेताओं को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि सचिन वझे आज पत्र लिखने वाला है और इस पत्र में वह यह झूठे आरोप लगाने वाला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परब ने कहा कि मेरी आड़ में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को टारगेट किया जा रहा है। उनकी इस बात के राजनीतिक मायने काफी बड़े हैं। नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस इस पूरे केस में जिस पॉलिटिकल हैंडलिंग का पता लगाने की मांग बार-बार कर रहे हैं उसका मतलब भी मुख्यमंत्री को टारगेट करना ही है। परब ने कहा कि मुझ पर जो दो आरोप लगाए गए हैं उनका मुझ से कोई संबंध नहीं है। पहला आरोप सैफी बुरहानी ट्रस्ट से संबंधित है लेकिन इस ट्रस्ट की कोई जांच चल रही है इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। दूसरा आरोप महानगर पालिका की 50 ठेकेदार कंपनियों से वसूली के संदर्भ में है। परब ने कहा कि महानगर पालिका के ठेकेदारों से न मेरी कोई पहचान है और न मेरा कोई संबंध है।
मंत्री अनिल परब ने इन आरोपों की जांच किसी भी एजेंसी से जांच कराए जाने की चुनौती दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वह नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। बरहाल मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के के लेटर में अनिल देशमुख पर लगाए आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है। इसकी जांच के लिए सीबीआई टीम मुंबई आ चुकी है। परमवीर सिंह का बयान दर्ज हो चुका है। ऐसे में इसी केस से संबंधित सचिन वाझे के आरोपों के बाद सीबीआई द्वारा अनिल परब से पूछताछ किया जाना लाजमी है।
बीजेपी पहले से ही शिवसेना पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाती रही है। ताजा प्रकरण के बाद बीजेपी के नेताओं ने महा विकास अघाड़ी सरकार को हफ्तावसूली सरकार कहना शुरू कर दिया है। ऐसे में मंत्री अनिल परब पर लगे इन आरोपों से शिवसेना पर दबाव और बढ़ेगा। बता दें कि शिवसेना विपक्ष के दबाव में पहले ही अपने एक मंत्री संजय राठौर का इस्तीफा ले चुकी है।
अपराध
मुंबई: मोबाइल सिम कार्ड और अलग-अलग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन साइबर फ्रॉड करने वाले गोवा से गिरफ्तार, मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन।

मुंबई: साइबर फ्रॉड करने वालों पर कार्रवाई के बाद, मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब गोवा से 7 और साइबर फ्रॉड करने वालों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इससे पहले, इसी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई जांच में हो रही प्रगति के आधार पर की गई। 11 सितंबर को, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर साइबर फ्रॉड में शामिल 03 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेक्शन 318(4), 61, 45, 3(5) बीएनएस इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के तहत मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू की। इसमें प्रगति के बाद, यूनिट 5 ने आगे की कार्रवाई की। आरोपी खुद अपने दूसरे साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग बैंकों में अपने और दूसरों के नाम से बैंक अकाउंट खोलते थे और इन बैंक अकाउंट को लिंक करने के लिए अपने और दूसरों के नाम से अलग-अलग सिम कार्ड खरीदते थे। इन बैंक अकाउंट को खोलने के बाद, वे इन अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए करते थे। इसके लिए वे अपने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम कार्ड और संबंधित बैंक अकाउंट से जुड़े दूसरे तरीकों को सीधे अपने कब्जे और कंट्रोल में रखते थे। उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 88 पासबुक, 143 चेक बुक, 100 एटीएम कार्ड, 24 मोबाइल, 167 सिम कार्ड, 2 लैपटॉप ज़ब्त किए गए। इसके बाद, मामले की आगे की जांच में, टेक्निकल एनालिसिस और एआई के आधार पर, 13 सितंबर को गोवा राज्य के एक रिसॉर्ट में एक विला से साइबर फ्रॉड ऑपरेट कर रहे 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 1) अलग-अलग कंपनियों के 59 मोबाइल फोन, 2) अलग-अलग कंपनियों के कुल 19 सिम कार्ड, 3) 09 लैपटॉप, 4) 51 एटीएम, 5) 12 पासबुक और दूसरा सामान बरामद किया गया है। पता चला है कि आरोपियों ने अपना खुद का एप्लीकेशन बनाया है और उसका इस्तेमाल फाइनेंशियल फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया है। कोर्ट ने आरोपियों को 24 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर दे दिया है। यह सफल ऑपरेशन मुंबई के पुलिस कमिश्नर देविन भारती, मुंबई के जॉइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) अनिल कंभारे, श्री एडिशनल कमिश्नर (क्राइम) कृष्णकांत उपाध्याय, डीसीपी राज तिलक रोशन ने किया।
महाराष्ट्र
मेरा शरीर अब साथ नहीं दे रहा, बिगड़ती सेहत के बीच जरांगे पाटिल ने मुंबई मार्च रद्द करने का दिया संकेत

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के बीड जिले के पटोडा में रात 2:00 बजे एक बड़ी सभा को संबोधित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक शारीरिक थकान के कारण उन्हें मुंबई की ओर अपनी आगे की यात्रा रद्द करनी पड़ सकती है।
अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन जरांगे पाटिल ने कहा कि अगर समर्थक उनके पीछे गाड़ियों का काफिला लेकर चलते रहे, तो वह अपनी यात्रा रोक देंगे और या तो स्थानीय स्तर पर धरना शुरू करेंगे या अंतरवाली सराटी लौट जाएंगे।
रात करीब 1:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद मराठा समुदाय के हजारों लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उनकी बात सुनने के लिए पूरी रात इंतजार करते रहे।
भीड़ को संबोधित करते हुए शारीरिक रूप से काफी कमजोर दिख रहे जरांगे पाटिल ने कहा कि 12 सितंबर को आईवी फ्लूइड (नसों के जरिए दी जाने वाली दवा/तरल पदार्थ) लेना बंद करने के बाद से वह बमुश्किल अपने हाथ-पैर हिला पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अपने समुदाय के बच्चों के लिए लड़ने का असर मेरे शरीर पर पड़ा है, लेकिन मैंने आप लोगों के लिए सरकार से टक्कर ली है। सरकार चाहती है कि मैं घुटने टेक दूं, लेकिन क्या मुझे अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए? मेरा समुदाय किसी भी सरकार से बड़ा है – यह मेरे पिता के समान है। मेरे समुदाय में किसी भी सरकार को गिराने और नई सरकार बनाने की ताकत है।”
जरांगे पाटिल ने आंदोलन की प्रगति के बारे में बताया कि 58 लाख पुराने रिकॉर्ड (नोंदी) मिल गए हैं, जिससे लगभग 2.5 करोड़ समुदाय के लोगों के लिए आरक्षण का लाभ पाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी मुख्य मकसद सरकारी गजट हासिल करना है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सीधा हमला किया और दावा किया कि उन्होंने हर कदम पर राजनीतिक चालों का मुकाबला किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज पेन ड्राइव में सुरक्षित रख लिए गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर “उनकी जान लेने की साजिश रचने” का आरोप भी लगाया। पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बागों के मालिकों से जुड़े तर्क का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल किया, “सरकार का कहना है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में फलों के बाग है लेकिन क्या ओबीसी समुदायों के पास बाग नहीं हैं? फिर उन्हें आरक्षण क्यों मिलता है?”
जरांगे पाटिल ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान रैली या दौरा करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे पटोडा से उनकी गाड़ी के पीछे न आएं बल्कि सीधे खोपोली में मिलें, वरना वे या तो अंतरवाली लौट जाएंगे या बीड जिले के पटोडा में ही अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू कर देंगे।
अपने परिवार के लिए एक संदेश में जरांगे पाटिल ने कहा, “मैंने अपने परिवार से आत्मसम्मान के साथ जीने को कहा है। मैंने अपने बेटे से कहा है कि अगर मैं समाज के लिए अपनी जान दे दूं, तो वह हिम्मत के साथ आगे आए। भले ही इस मकसद के लिए एक जान चली जाए, लेकिन हमारी जाति की गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए।”
पुलिस से सीधे बात करने की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी शारीरिक हालत ठीक रही, तो वे पटोडा से सीधे मुंबई जाना पसंद करेंगे, न कि लोगों के बड़े हुजूम के साथ।
महाराष्ट्र
मुंबई: सड़कों और फुटपाथों पर विज्ञापन इस तरह न लगाएं कि पैदल चलने वालों के लिए बाधा उत्पन्न हो: नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े

मुंबई गणेश उत्सव में मुंबई में गणपति के भक्तों की भारी भीड़ होती है और लोग बड़ी संख्या में इन उत्सवों में हिस्सा लेते हैं। यह ज़रूरी है कि जो लोग भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए अपने घरों से बाहर निकलते हैं, वे आसानी से पैदल आ-जा सकें। इसलिए, इस दौरान सड़कों या फुटपाथ पर ऐसे विज्ञापन नहीं लगाए जाने चाहिए जिससे पैदल चलने वालों को आने-जाने में दिक्कत हो। नगर निगम प्रशासन ‘पैदल यात्री पहले’ अभियान के तहत कई कदम उठा रहा है, जिसे पूरे मुंबई में बड़े पैमाने पर असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। इस अभियान में लोगों की अच्छी भागीदारी हो रही है और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। नागरिकों और दूसरे सभी लोगों से इस त्योहार के मौसम में इस कोशिश में सहयोग करने की अपील की गई है। नगर निगम कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने सभी से सड़कों और फुटपाथ पर बिना इजाज़त के विज्ञापन न लगाने और नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
नगर निगम कमिश्नर अश्विनी भिड़े के निर्देशों के तहत यह पक्का करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं कि मुंबई इलाके में श्री गणेश उत्सव के दौरान सबसे अच्छी सर्विस और सुविधाएं दी जाएं। इस संदर्भ में, गणेश उत्सव और नवरात्रि त्योहारों के दौरान कमर्शियल विज्ञापनों को दिखाने के बारे में खास नियम बनाए गए हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर भिड़े ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एडमिनिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे ऐसे एडवर्टाइज़मेंट होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के लिए एक्शन लें, जो इन नियमों के पालन में रुकावट डालते हैं।
एडवर्टाइज़मेंट से जुड़े ज़रूरी नियम
गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव मंडलों को गुटखा, तंबाकू प्रोडक्ट्स या दूसरी बैन चीज़ों के एडवर्टाइज़मेंट दिखाने से सख्ती से बचना चाहिए। यह पक्का किया जाना चाहिए कि एडवर्टाइज़मेंट दिखाने से फुटपाथ पर पैदल चलने वालों या सड़कों पर ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए। मंडल अपने पारंपरिक एंट्रेंस के आर्च के ऊपरी हॉरिजॉन्टल हिस्से पर “भक्तों का हार्दिक स्वागत है” मैसेज दिखा सकते हैं। डोनर्स के कमर्शियल एडवर्टाइज़मेंट एंट्रेंस के दाएं और बाएं वर्टिकल पिलर पर दिखाए जा सकते हैं। सोशल और सिविक मैसेज दिखाकर पब्लिक अवेयरनेस को बढ़ावा देना चाहिए। श्री गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव मंडलों को पब्लिक इंटरेस्ट/हेल्थ मैसेज और कमर्शियल एडवर्टाइजमेंट दिखाने के लिए डिजिटल स्क्रीन (ज़्यादा से ज़्यादा 10 फीट x 10 फीट) लगाने की इजाज़त होगी, बशर्ते उन्हें ट्रैफिक डिपार्टमेंट और लोकल पुलिस स्टेशन से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) लेना होगा।
विसर्जन के बाद भी नियम लागू होंगे
संबंधित मंडलों को पब्लिक श्री गणेश उत्सव और नवरात्रि उत्सव के दौरान और विसर्जन के अगले दिन (मूर्ति को पानी में विसर्जित करने के बाद) खुद ही एडवर्टाइजमेंट होर्डिंग्स हटाने के लिए कदम उठाने होंगे। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने भी मंडलों से अपील की है कि वे पब्लिक त्योहारों की धार्मिक और सामाजिक भावना को बनाए रखते हुए सही तरीके से एडवर्टाइजमेंट दिखाएं और बताए गए नियमों का सख्ती से पालन करें।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
