राजनीति
अनाज भंडारण के लिए 5 हजार गोदाम बनाने जा रही योगी सरकार
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अनाज भंडारण के लिए प्रदेश भर में गोदाम बनाने जा रही है। पहले चरण में 5 हजार भंडारण गोदाम बनाने की योजना पर केंद्र ने मुहर लगा दी है। भूमि के चयन के साथ ही राज्य सरकार गांवों में अनाज भंडारण गोदामों का निर्माण शुरू करेगी। किसानों को अपना अनाज रखने के लिए दूर नहीं जाना होगा। फसल खराब होने की मजबूरी में उसे कम कीमत में भी नहीं बेचना पड़ेगा।
अनाज भंडारण गोदाम बनाने की योजना पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सभी गोदामों की कुल भंडारण क्षमता करीब 8.60 लाख मीट्रिक टन होगी। इन गोदामों में किसानों के अनाज के साथ ही सरकार भी स्थानीय स्तर पर खरीदे गए अनाज का भंडारण भी कर सकेगी।
अनाज भंडारण गोदाम की योजना को योगी सरकार गांवों में रोजगार से भी जोड़ने जा रही है। भंडारण निगमों में स्थानीय लोगों को केयर टेकर, संचालक और बाबू के पदों पर संविदा और स्थाई दोनों तरह से रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
एग्जिम ऑपरेशन शुरू होने से पहले सीएम सतीशन ने विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट की तैयारियों का लिया जायजा

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंगलवार को विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट का अपना पहला दौरा किया। वे सुबह-सुबह बंदरगाह पहुंचे और जमीन-आधारित एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एग्जिम) कार्गो ऑपरेशन के लिए गेट खुलने से कुछ घंटे पहले वहां कामकाज की तैयारियों का जायजा लिया।
यह पोर्ट अब तक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के तौर पर काम कर रहा था। मंगलवार से इसके गेट कार्गो कंटेनरों के लिए खोल दिए जाएंगे, जिन्हें अब पोर्ट में लाया और यहां से बाहर ले जाया जा सकेगा।
उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी के साथ मुख्यमंत्री सतीशन को पोर्ट के कामकाज और विझिनजाम के विकास के अगले बड़े चरण के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
समीक्षा के दौरान उन्होंने व्हीकल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (वीटीएमएस) ऑफिस का भी दौरा किया। यह दौरा विझिनजाम के लिए एक अहम मोड़ पर हो रहा है, क्योंकि जमीन-आधारित एग्जिम (एक्सपोर्ट-इंपोर्ट) कामकाज पूरी तरह शुरू होने से इंटरनेशनल शिपिंग में पोर्ट की भूमिका काफी मजबूत होने और केरल को ग्लोबल मैरीटाइम मैप पर खास जगह मिलने की उम्मीद है।
विजिनजम के दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि समीक्षा में ऑपरेशनल तैयारी पर ध्यान दिया गया, क्योंकि यह प्रोजेक्ट अब ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है जो ग्लोबल शिपिंग में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद विजिनजम में यह उनका पहला विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम था।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार विजिनजम को केरल की आर्थिक वृद्धि के मुख्य इंजनों में से एक के रूप में पेश करने की इच्छुक है, खासकर ट्रांसशिपमेंट, लॉजिस्टिक्स और संबंधित उद्योगों को आकर्षित करने की इसकी क्षमता के कारण।
जमीन-आधारित एग्जिम कार्गो ऑपरेशन्स के लिए गेट खुलने से अडानी द्वारा संचालित विज़िनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के विकास में एक और मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है, जो पहले ही राज्य के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक के रूप में उभरा है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, जिन्हें एग्जिम लॉन्च में शामिल होना था, अब इस कार्यक्रम में नहीं आ पाएंगे। केंद्र के प्रतिनिधित्व में इस बदलाव से इस ऑपरेशनल माइलस्टोन (कामकाज शुरू होने की अहम उपलब्धि) के महत्व पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
अब जब कार्गो की आवाजाही काफी बढ़ने वाली है, तो राज्य सरकार विझिनजाम को सिर्फ एक बंदरगाह के तौर पर नहीं, बल्कि केरल के लिए एक बड़े आर्थिक गेटवे के तौर पर देख रही है। यह लॉजिस्टिक्स, व्यापार, उद्योग और इससे जुड़े क्षेत्रों में नए मौके पैदा करने में सक्षम है।
इस तरह, हाल की तैयारियां विझिनजाम के एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से पूरी तरह चालू इंटरनेशनल मैरीटाइम हब (समुद्री व्यापार केंद्र) बनने के नए चरण में प्रवेश करने का संकेत देती हैं।
महाराष्ट्र
वैश्विक तनावों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार पर दबाव; सेंसेक्स 365 अंक टूटा, निफ्टी 24,250 के नीचे फिसला

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों के 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में बिलवाली देखने को मिली है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,728.16 से 309.19 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 77,418.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,287.65 से 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,223.85 लेवल पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 263.98 अंकों यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,464.18 पर कारोबार करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 77,575.21 का हाई और 77,362.19 का लो बनाया, जो 365 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
वहीं निफ्टी 50 42.40 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर करीब 24,245.25 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। दिन के सत्र में इसने 24,211.10 का लो और 24,269.65 का हाई बनाया।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप में 0.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टोरल मोर्चे पर सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी आईटी इंडेक्स में देखने को मिला, जो 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मीडिया, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी बिकवाली का रुख रहा।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में मजबूती भी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स लगभग 0.40 प्रतिशत चढ़ा, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 4.73 प्रतिशत पर पहुंचने से इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए उभरते बाजारों में निवेश को कम आकर्षक बना सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में कच्चे तेल के ऊंचे भाव भारतीय बाजार की तेजी को सीमित कर सकते हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, चालू खाते के घाटे और कॉरपोरेट लागत पर पड़ सकता है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कॉरपोरेट आय में सुधार के संकेत घरेलू बाजार को सहारा दे सकते हैं। उनका कहना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के पास पर्याप्त नकदी है और वे बड़ी गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं। साथ ही खुदरा निवेशक भी बाजार में कमजोरी का उपयोग लंबी अवधि के लिए अच्छे शेयरों में निवेश बढ़ाने के अवसर के रूप में कर सकते हैं।
बाजार में यह दबाव ऐसे समय आया है जब रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि ईरान अधिक आक्रामक रणनीति अपना सकता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम व्यवस्था को आगे बढ़ाने की संभावना से इनकार किया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
इन घटनाक्रमों के बाद ब्रेंट क्रूड पिछले बंद स्तर से करीब 0.60 प्रतिशत बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 85.37 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और तेल बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
वेनेजुएला में जून में आए दोहरे भूकंप से अब तक 6,438 लोगों की मौत

वेनेजुएला की सरकार ने 24 जून को आए दोहरे भूकंप से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़े को अपडेट करते हुए बताया है कि मृतकों की संख्या बढ़कर 6,438 हो गई है। पिछले सप्ताह जारी किए गए आंकड़े की तुलना में मृतकों की संख्या में 137 का इजाफा हुआ है।
सरकार की ओर से सोमवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, भूकंप से प्रभावित परिवारों को अब तक 335 घर सौंपे जा चुके हैं। इसके अलावा, देशभर में 59,109 इमारतों का निरीक्षण किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे रहने के लिए सुरक्षित हैं या नहीं।
जिन इमारतों का आकलन किया गया, उनमें से 34,680 को रहने योग्य पाया गया है, जबकि 13,733 इमारतों को प्रतिबंधित पहुंच वाली श्रेणी में रखा गया है। वहीं, 10,696 इमारतों को उच्च जोखिम वाली इमारतों के रूप में चिन्हित किया गया है।
इससे पहले जारी अपडेट में बताया गया था कि भूकंप से प्रभावित परिवारों को 287 से अधिक घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं और देशभर में 43,679 इमारतों का मूल्यांकन किया गया है।
वेनेजुएला सरकार ने इमारतों की रहने योग्य स्थिति का आकलन करने के लिए ट्रैफिक-लाइट आधारित टैगिंग प्रणाली लागू की है। इसके तहत हरे रंग का टैग उन इमारतों को दिया जाता है जिन्हें रहने के लिए सुरक्षित माना गया है। पीले रंग का टैग प्रतिबंधित पहुंच वाली इमारतों के लिए है, जबकि लाल रंग का टैग उन इमारतों पर लगाया जाता है जिन्हें उच्च जोखिम वाला माना गया है और जिन्हें गिराया भी जा सकता है।
24 जून को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए थे। इन दोनों भूकंपों के केंद्र क्रमश: पश्चिमी राज्य याराकुय और मध्य राज्य ला गुआइरा में थे।
तटीय राज्य ला गुआइरा में इन दोनों भूकंपों से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पहले की जानकारी के अनुसार, यहां 10,981 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। राजधानी कराकस में 6,133 और मध्य राज्य मिरांडा में 1,323 लोग आश्रय स्थलों में हैं।
इस बीच, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने हाल ही में आए भूकंपों के पीड़ितों की मदद के लिए 28 देशों की ओर से उपलब्ध कराई गई मानवीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कराकस में एक संग्रह केंद्र का निरीक्षण करने के बाद यह बात कही। इस केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजी गई 2,000 टन से अधिक मानवीय सहायता को छांटकर उन अस्थायी शिविरों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, जहां जून के भूकंप से प्रभावित लोगों को रखा गया है।
रोड्रिगेज ने कहा, “वेनेजुएला उन देशों, दुनिया के लोगों और दुनिया की सरकारों को धन्यवाद देते नहीं थकता, जिन्होंने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।”
मानवीय सहायता को भूकंप प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए अस्थायी शिविरों में वितरित किया जा रहा है।
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