महाराष्ट्र
‘मिनी रेफरेंडम’ में शिक्षितों के बीच भाजपा की हार : शिवसेना नेता
शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हालिया शिक्षकों और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में विधान प्रिषद चुनाव में हार शिक्षित और मध्यम वर्ग का पार्टी के प्रति झुकाव नहीं होना दर्शाती है। उन्होंने इसे मोदी सरकार की नीति के खिलाफ जनमत संग्रह करार दिया। एक कदम आगे बढ़ते हुए, उन्होंने आगाह किया कि भाजपा के वैचारिक मेंटर का नियंत्रण शायद खिसक रहा है। किसान नेता किशोर तिवारी ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को लिखे एक खुले पत्र में यह बात कही।
उन्होंने महाराष्ट्र में 5 शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों के परिणामों का उल्लेख किया, पिछले सप्ताह जिनमें से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस ने 2-2 और निर्दलीय ने एक सीट जीती।
सबसे ज्यादा नुकसान नागपुर डिवीजन स्नातक सीट को माना जा रहा है जो 58 साल बाद कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी द्वारा आरएसएस के गढ़ नागपुर में भाजपा को हराकर हासिल की गई।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भाजपा को एक और शर्मिदगी देखने को मिली, जहां समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शासित राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में स्नातक सीट जीत ली।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सलाहकार और एक दर्जा प्राप्त मंत्री तिवारी ने कहा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षित सुधारक, जागरूक लोग और बड़े पैमाने पर मध्यम वर्ग के करदाता हैं।
हालांकि, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी, गोरखपुर-फैजाबाद (यूपी) और नागपुर, पुणे, औरंगाबाद और अमरावती (महाराष्ट्र) में भाजपा की हार एक गंभीर कहानी है।
तिवारी ने कहा, “एक तरह से, आपको इस तथ्य की सराहना करनी चाहिए कि यह ‘मिनी-रेफरेंडम’ की तरह, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में फैले 60 लाख से अधिक लोगों को मिलाकर समाज के सबसे योग्य बड़े तबके की भावनाओं का एक सैम्पल सर्वेक्षण भी है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्य और अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर पढ़े-लिखे मध्यम वर्ग के बीच हार ने भाजपा को जोरदार झटका दिया है।
तिवारी ने चेतावनी दी कि इन्हें ‘सामान्य हार’ नहीं मानी जानी चाहिए। उन्होंने आरएसएस से खुली बहस और आत्मनिरीक्षण करने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि क्या भाजपा ने भारतीय समाज के शिक्षित, मध्यम वर्ग के विश्वास को इस सबसे बड़े नमूना सर्वेक्षण (60 लाख से अधिक मतदाताओं) से परिलक्षित किया है, क्या यह पीएम की नीतियों की विफलता है?
तिवारी ने पूछा, “क्या यह संदेश गया है कि कि भाजपा कॉर्पोरेट और पूंजीपतियों की मदद कर रही है, क्या पीएम का तथाकथित ‘जादू’ विफल हो गया है, खासकर मूक धर्मनिरपेक्ष हिंदुओं के बीच, जो अब उनकी बेहद सांप्रदायिक विभाजनकारी नीतियों, ‘लव-जिहाद’ का समर्थन नहीं करते हैं।”
वसंतराव नाइक शेटी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष, तिवारी ने महाराष्ट्र भाजपा के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और उनकी बैंकर-पत्नी अमृता को भी निशाने पर लिया।
तिवारी ने कहा, “मैंने आपसे ‘अमृता-वाणी’ के माध्यम से फैलने वाले अनुचित हस्तक्षेप और वेनम को देखने का भी अनुरोध किया था, जिसे आम लोगों ने लौटाया है। लेकिन कोई सुधारात्मक उपाय दिखाई नहीं दे रहे हैं और यह संदेश फैलाया जा रहा है कि ‘भगवान इंद्र’ और उनकी ‘अमृता-वाणी’ व्यावहारिक रूप से राज्य भाजपा के मालिक हैं।”
उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में सत्ता की भूखी भाजपा शिवसेना को महागठबंधन सरकार (शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस) से बाहर निकालने और सत्ता हथियाने के लिए लगातार निशाना बना रही है, लेकिन इसका दांव नहीं चला।
महाराष्ट्र
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों में हुआ विवाद, 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में गणपति विसर्जन के दौरान विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और जुलूस में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवाणी पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर आदिल (24), सुनील शेख (25), गौस (22), अजगर (23), जाकिर (26), जुबेर (25) और हुसेन (24) के खिलाफ का मामला दर्ज कर इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे निरंकार नगर, एनटीसी स्कूल रोड, गेट नंबर 7, मालवणी, मालाड पश्चिम में गणपति विसर्जन के दौरान गणपति मंडप के प्रवेश द्वार के पास कोल्ड पायरो उपकरण लगाया गया था। इससे निकलने वाले कृत्रिम आग जैसे प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे सामने स्थित दुकान में आग लग सकती है। इसी बात को लेकर आदिल, सुनील शेख, गौस, अजगर और जाकिर ने गणपति मंडल के कार्यकर्ताओं से विवाद करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जुबेर और हुसैन ने रोहित ठाकुर और सुशील महतो के साथ हाथापाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अयान शेख नामक व्यक्ति हाथ में एक मटका लेकर आया और महिला कार्यकर्ताओं के सामने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए दौड़ा।
अनंत चतुर्दशी के दिन शुक्रवार सुबह, लालबाग, परेल, गिरगांव और अन्य क्षेत्रों के पूजनीय गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशा, नासिक बाजा और बैंजो की थापों पर लाउडस्पीकर के साथ-साथ गुलाल उड़ाते हुए और भीलतू वाद्ययंत्रों (बीम) का प्रयोग करते हुए जुलूस रवाना हुआ। ‘लालबागचा राजा,’ ‘मुंबईचा राजा,’ ‘परेलचा राजा,’ ‘गिरगांवचा राजा,’ ‘गिरगांवचा महाराजा,’ ‘भगवान गणपति’ और गणेशोत्सव मंडलों की गणेश प्रतिमाएं सुबह की ध्वनि के साथ विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए लालबाग बाजार के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। भगदड़ से बचने के लिए ‘सड़क अवरोध’ लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र यूसीसी कमेटी से पूर्व जज के इस्तीफे पर जयराम रमेश बोले-‘हर राज्य का अलग यूसीसी संविधान की भावना के खिलाफ’

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित समिति से हाईकोर्ट के एक पूर्व जज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) और सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस इस्तीफे ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और समिति के कामकाज पर भी गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपना अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाए? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। क्या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी सोचा था कि एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों के हिसाब से राज्य अलग-अलग यूसीसी बनाने की होड़ करेंगे? इसका जवाब भी नहीं है।
कांग्रेस नेता ने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने ही यूसीसी के सवाल को विस्तृत अध्ययन के लिए विधि आयोग के पास भेजा था। आयोग ने व्यापक रिसर्च के बाद 31 अगस्त 2018 को अपना कंसल्टेशन पेपर प्रकाशित किया था। इसके पेज 7 के पैराग्राफ 1.15 में स्पष्ट कहा गया था कि “इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।” आयोग ने अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सिफारिश की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उसी आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया, जिसे उसने खुद जिम्मा सौंपा था क्योंकि तथ्य उसके राजनीतिक एजेंडे से मेल नहीं खाते थे। पिछले तीन वर्षों में भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी के अपने-अपने वर्जन जबरन पारित कराए हैं। उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हो गया जबकि गुजरात में 24 मार्च 2026, असम में 27 मई 2026 और मध्य प्रदेश में 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में विधेयक पारित किया गया।
उन्होंने कहा कि ये राज्यस्तरीय यूसीसी एक जैसे भी नहीं हैं। इनमें अलग-अलग प्रावधान, अलग-अलग दंड और कई छूट हैं। उत्तराखंड का यूसीसी कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को आज भी जारी रखे हुए है और कानून का पालन करने वाले निवासियों के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। एनडीए के बाकी दलों की आवाज को दबा दिया गया है। कांग्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के लिए यूसीसी कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का औजार है, जो समाज को स्थायी ध्रुवीकरण में बनाए रखने का साधन है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
