राजनीति
बिहार : भाजपा के राम मंदिर के लिए धन इकट्ठा करने के फैसले पर सियासत तेज
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार में गांव-गांव से चंदा इकट्ठा करने के फैसले पर अब राजनीति शुरू हो गई है। वैसे, भाजपा ने कहा कि ट्रस्ट और श्रद्धालुओं के बीच वह सेतु का काम करेगी। इस बीच, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा इसके बहाने गांवों में अपने आधार को और मजबूत करने में जुटी है। बिहार भाजपा की दो दिन पहले हुए एक बैठक में फैसला हुआ है कि पार्टी अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए धन जुटाएगी, जिसे बाद में राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा।
भाजपा के प्रवक्ता अरविंद सिंह कहते हैं कि भाजपा श्रद्धालुओं तथा दानकर्ताओं और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच सेतु का काम करेगी।
पार्टी के छोटे-बड़े सभी नेता राम मंदिर निर्माण में अपनी ओर से राशि देकर सहयोग करेंगे। साथ ही अपने-अपने इलाके में लोगों से भी जनसहयोग लेंगे। पार्टी की निचली इकाई यानी बूथ व मंडल स्तर के नेता-कार्यकर्ता लोगों से इस काम के लिए राशि मांगेंगे।
सिंह ने बताया कि भगवान राम आस्था और स्वभिमान के प्रतीक हैं। राम की कल्पना को चरितार्थ कर लोग उनके आदशरें पर चलने की कोशिश करते है। उन्होंने कहा कि अगर कोई स्वेच्छा से अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दान देना चाहता है तो उसे लेकर ट्रस्ट तक पहुंचा देने में क्या बुराई है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर जनभावना का प्रतीक है। तमाम बाधाओं के बाद राममंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है।
इधर, राजद के प्रवक्ता भाजपा के इस फैसले पर कटाक्ष कर रही है। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि भगवान राम सभी के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राम के नाम पर हमेशा राजनीति करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा बेरोजगारी दूर करने की बात नहीं करती, रोजगार निर्माण कब होगा इसकी बात नहीं करती। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को पहले राम के आदशरें का पालन करना चाहिए।
इधर, कहा जा रहा है कि अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर भाजपा गांवों में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है, जिस कारण इसी बहाने वह पंचायतों के घर-घर तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं।
राष्ट्रीय समाचार
हैदराबाद रियल एस्टेट में नया रिकॉर्ड, एक एकड़ जमीन 264 करोड़ रुपए में बिकी

हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए, शुक्रवार को सरकारी जमीन का एक एकड़ हिस्सा 264 करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत पर नीलाम हुआ। इसने 237 करोड़ रुपए के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (टीजीआईआईसी) ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के बीचों-बीच रेडुर्ग में 5.25 एकड़ की बेहतरीन मल्टी-यूज जमीन की ई-नीलामी में एक नया रिकॉर्ड बना।
इस बेहतरीन मल्टी-यूज जमीन की नीलामी से 1,386 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
टीजीआईआईसी के अनुसार, 175 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) पर 5.25 एकड़ जमीन की नीलामी की गई, जिससे प्रति एकड़ 264 करोड़ रुपए की अंतिम कीमत मिली, जो रिजर्व प्राइस से 50.9 प्रतिशत ज्यादा है।
अधिकारियों ने कहा कि यह नतीजा दिखाता है कि हैदराबाद भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट बाजारों में से एक के तौर पर उभरा है और यह इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास के लिए तेलंगाना की रणनीतिक सोच की पुष्टि करता है।
टीजीआईआईसी ने कहा कि यह नतीजा बड़े डेवलपर्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और हैदराबाद के रणनीतिक कॉरिडोर को लेकर बाजार के बढ़ते सकारात्मक नजरिए को दर्शाता है, जिससे संस्थागत रियल एस्टेट कैपिटल के लिए तेजी से विकास करने वाले डेस्टिनेशन के तौर पर तेलंगाना की स्थिति मजबूत होती है।
इस नतीजे से रेडुर्ग में जमीन की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल का पता चलता है। टीजीआईआईसी की पिछली नीलामी में मई में प्रति एकड़ 237 करोड़ रुपए मिले थे। इससे इस कॉरिडोर के बेहतरीन प्लॉट के लिए निवेशकों की लगातार बढ़ती मांग का पता चलता है।
यह नीलामी एमएसटीसी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए की गई, जिसमें जेएलएल ने एक्सक्लूसिव ट्रांजैक्शन एडवाइजर के तौर पर काम किया, जिससे पारदर्शिता बनी रही और देश के प्रमुख डेवलपर्स ने प्रतिस्पर्धी रूप से इसमें हिस्सा लिया।
टीजीआईआईसी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के. शशांका ने कहा, “प्लॉट पी1 की नीलामी का सफल नतीजा तेलंगाना के भविष्य में डेवलपर्स के भरोसे और यकीन को दिखाता है। हम जो देख रहे हैं, वह सिर्फ अच्छी कीमत ही नहीं, बल्कि राज्य की विकास सोच पर पक्की मुहर भी है। एक ऐसी सोच जो पारदर्शिता, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए असली वैल्यू बनाने पर आधारित है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे अमेरिका का दौरा, अधूरे बॉलरूम को लेकर निराश ट्रंप

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो सप्ताह के भीतर अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। यह जानकारी साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच में आयोजित एक रिपब्लिकन चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी। हालांकि, उन्होंने शी जिनपिंग के दौरे की तारीख, स्थान या बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
ट्रंप ने शी जिनपिंग का जिक्र व्हाइट हाउस में प्रस्तावित सैन्य और बॉलरूम परिसर की चर्चा के दौरान किया। ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस का मौजूदा ईस्ट रूम बड़े आधिकारिक कार्यक्रमों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी के लिए काफी छोटा है।
उन्होंने कहा, “अभी हमारे पास एक बहुत छोटा कमरा है। कई वर्षों से ऐसा ही है। इसे ईस्ट रूम कहा जाता है और इसमें सिर्फ 88 लोग बैठ सकते हैं।”
ट्रंप ने कहा कि काश, चीन के राष्ट्रपति की यात्रा से पहले प्रस्तावित नया बॉलरूम तैयार हो गया होता।
उन्होंने कहा, “काश हमारे पास अभी बॉलरूम होता। लेकिन बहुत जल्द, लगभग एक साल के भीतर, आपके पास दुनिया के सबसे बेहतरीन बॉलरूम में से एक होगा।”
ट्रंप ने रैली में मौजूद लोगों को बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने व्हाइट हाउस की इस परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में एक सैन्य हिस्सा भी होगा, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों से सुरक्षा के इंतजाम तथा बुलेटप्रूफ कांच जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि सैन्य विभाग पिछले 100 वर्षों से यह काम करवाना चाहता था और कई राष्ट्रपति पिछले 150 वर्षों से इसे करवाना चाहते थे। ट्रंप ने इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश का धन्यवाद भी किया।
उन्होंने कहा कि हमें फैसला मिला है कि परियोजना आगे बढ़ सकती है। जब वे कहते हैं कि आगे बढ़ो, तो मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है।
राष्ट्रपति के अनुसार, निर्माण कार्य तय बजट से कम लागत में और निर्धारित समय से पहले चल रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में परियोजना की कुल अनुमानित लागत नहीं बताई।
शी जिनपिंग के संभावित दौरे का जिक्र ट्रंप ने उस समय किया जब वह टैरिफ (आयात शुल्क) की अपनी नीति का बचाव कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन टैरिफ की वजह से अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अमेरिका में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित हुई हैं।
ट्रंप ने कहा कि हमने विदेशी सामानों पर ऐतिहासिक स्तर के टैरिफ लगाए। इन टैरिफ से भारी कमाई हो रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों के सामने दो विकल्प हैं या तो वे अमेरिका में सामान भेजते समय शुल्क चुकाएं या फिर अपने उत्पादों का निर्माण अमेरिका के भीतर करें।
उन्होंने कहा, “अमेरिका आइए और अपनी कारों का निर्माण यहीं कीजिए।”
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने विदेशी वाहन निर्माताओं को यही संदेश दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में 19.2 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आ रहा है और देश में फैक्ट्री निर्माण का बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। हालांकि, भाषण के उपलब्ध विवरण में इस आंकड़े का स्रोत या इसमें शामिल निवेशों की जानकारी नहीं दी गई।
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक : विधान परिषद में सत्तापक्ष का विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप, कार्रवाई की मांग

कर्नाटक विधान परिषद के सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने परिषद के सभापति सलीम अहमद से शिकायत की है कि पिछले चार दिनों से विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। उनका कहना है कि इससे उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है।
शुक्रवार को सभापति को सौंपे गए पत्र में सदस्यों ने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य विधायी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
पूर्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और एमएलसी इवान डी’सूजा सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि कर्नाटक की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है क्योंकि सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है।
सदस्यों ने बताया कि राज्य इस समय भीषण सूखे का सामना कर रहा है, लेकिन व्यवधानों के कारण परिषद में सूखे का मुद्दा नहीं उठा पाए और न ही केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता देने की मांग कर सके।
उन्होंने कहा, “लोग सूखे के प्रभाव से परेशान हैं। हम इस मुद्दे पर सदन में चर्चा किए बिना सीधे जनता के बीच नहीं जा सकते।”
सदस्यों ने मालनाड क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट, पेयजल संकट, किसानों की समस्याएं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा का अवसर देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन विषयों पर चर्चा के लिए कई प्रस्ताव पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन लगातार हो रहे व्यवधानों के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल रहा है। सिर्फ सदन का समय बर्बाद हो रहा है।
उन्होंने विपक्षी सदस्यों के आचरण पर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
सत्तापक्ष के सदस्यों का कहना है कि विपक्ष का यह व्यवहार सदन की कार्यप्रणाली के खिलाफ है। उन्होंने सभापति से अनुरोध किया कि विधायी कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
शुक्रवार को कर्नाटक कांग्रेस के विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जनजातीय कल्याण मामले में कथित संलिप्तता को लेकर योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रही है।
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