मनोरंजन
‘छत्रपति’ के रीमेक के साथ बॉलीवुड डेब्यू करेंगे बेलमकोंडा साई श्रीनिवास
तेलुगु स्टार बेलमकोंडा साईं श्रीनिवास दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित प्रभास स्टारर मेगा हिट ‘छत्रपति’ के रीमेक के साथ बॉलीवुड डेब्यू करेंगे। पेन स्टूडियोज द्वारा निर्देशित यह बॉलीवुड प्रॉजेक्ट डॉ. जयंतीलाल गडा द्वारा निर्मित होगा और फिल्म के लिए बेलमकोंडा को पहले ही साइन कर लिया गया है।
बेलमकोंडा श्रीनिवास बेहद कम समय में टॉलीवुड के साथ जुड़ने वाला एक नाम बन गए है और यूट्यूब पर उनकी फिल्में धूम मचा रही हैं। बेलमकोंडा ने 2014 में एक सुपरहिट एक्शन एंटरटेनर ‘अल्लुडु सीनू’ के साथ शुरूआत की थी और उसके बाद प्रसिद्धि से आसमान छू लिया।
पेन स्टूडियोज के एमडी और अध्यक्ष डॉ. जयंतीलाल गाडा ने प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए कहा, ‘छत्रपति एक बेहतरीन स्क्रिप्ट है और इसे बॉलीवुड में ले जाने के लिए हमें एक दक्षिणी स्टार की जरूरत थी और इसके लिए हमें बेलमकोंडा परफेक्ट फिट नजर आये। हम इस परियोजना के बारे में बहुत उत्साहित हैं, और सब कुछ एक अच्छी गति में अपनी-अपनी जगह पर फिट हो रहा है। हमने बॉलीवुड की संवेदनशीलता से मेल खाने के लिए स्क्रिप्ट को अपडेट किया है।”
छत्रपति, जिसमें मूल रूप से प्रभास नजर आये थे, एक युवा शिवाजी और उनके परिवार की कहानी है। फिल्म को टॉलीवुड में भारी सराहना मिली थी और यह सुपरहिट साबित हुई थी। इसमें बेलमकोंडा के प्रदर्शन का एक बड़ा स्कोप है और प्रतिभाशाली अभिनेता बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री करने के लिए उत्साहित हैं।
बड़े पैमाने पर और परफेक्ट कमर्शियल एंटरटेनर बनाने के लिए जाने जाने वाले, मशहूर निर्देशक वीवी विनायक भी छत्रपति के साथ बॉलीवुड में अपना डेब्यू कर रहे है।
बेलमकोंडा साईं श्रीनिवास ने कहा, “यह बॉलीवुड में मेरी पहली फिल्म के लिए एक आदर्श प्रॉजेक्ट है। यह डॉ. गाडा और पेन स्टूडियोज के साथ सहयोग करने और मेरे पहले निर्देशक वीवी विनायक सर के साथ फिर से जुड़ने का एक शानदार अवसर है। हालांकि, प्रभास ने जो भूमिका निभाई है उसे फिर से दोहराना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने ऐसा किया, क्योंकि यह एक परफेक्ट स्क्रिप्ट है।”
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जबरदस्ती के एजेंट्स लेकर आए कुणाल खेमू, ‘वाइब’ का टीजर रिलीज

अभिनेता कुणाल खेमू फिल्म ‘वाइब’ के जरिए एक बार फिर दर्शकों को हंसी से लोट-पोट करने के लिए आ रहे हैं। मेकर्स ने शुक्रवार को फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया है।
मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर टीजर रिलीज कर दिया है। टीजर रिलीज कर उन्होंने लिखा, “जबरदस्त एजेंट्स तो देखे होंगे, अब जबरदस्ती के एजेंट्स देखो। फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया गया है।”
टीजर की जानकारी मिलते ही कुणाल के इंडस्ट्री के दोस्तों ने तुरंत कमेंट सेक्शन पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेता राज अंदकत और अंशुमन पुष्कर ने फिल्म रिलीज को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की।
इस मल्टीस्टारर फिल्म में स्पाई वर्ल्ड को एक मजाकिया अंदाज में दर्शकों को दिखाया जाएगा।
1 मिनट 20 सेकंड के टीजर में दिखाया गया है कि कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव आपस में दोस्त है, जो अनजाने में एक बड़े खतरे के बीच फंसकर एक्सीडेंटल हीरोज बन जाते हैं। फिल्म में प्रीति जिंटा खुफिया एजेंसी की अधिकारी की भूमिका में नजर आ रही हैं।
टीजर की शुरुआत प्रीति जिंटा की एंट्री से होती है, जिसमें वे एक मिशन को नियंत्रित करती हैं। उन्हें देश में होने वाले एक आतंकी हमले की जानकारी मिलती है, जिसके प्रीति कुणाल और स्पर्श को मिशन पर भेजती हैं, जिनमें जिम्मेदारी उठाने लायक कोई साहस नहीं है। यहीं से कहानी हंसी, अराजकता और मजेदार कॉमेडी को जन्म देती है।
टीजर में आगे दिखाया जाता है कि कुणाल खेमू और बग्स को एजेंट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। टीजर में स्पर्श एक गंभीर लड़के कि भूमिका में नजर आ रहे हैं, तो कुणाल एक लापरवाह रोल में नजर आ रहे।
कुणाल खेमू द्वारा निर्देशित और लिखित फिल्म में कुणाल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म में उनके अलावा, प्रीति जिंटा, स्पर्श श्रीवास्तव और वंशिका धीर भी नजर आएंगी। ‘वाइब’ का निर्माण कुणाल खेमू और चिराग निहलानी ने ड्रोंगो फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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दिल्ली की सामान्य लड़की से बॉलीवुड-साउथ की स्टार बनीं भूमि चावला, संघर्ष से मिली पहचान

सिनेमा की दुनिया में अपने चेहरे की संजीदगी और मासूमियत भरी मुस्कान के साथ अभिनेत्री भूमि चावला ने पहली फिल्म के साथ हिंदी सिनेमा में धमाल मचा दिया था। फिल्म ‘तेरे नाम’ में उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में गहरा छाप छोड़ा था।
अभिनेत्री ने हिंदी से लेकर साउथ सिनेमा तक बड़े-बड़े स्टार्स के साथ काम करके अपनी अलग पहचान बनाई है। अभिनेत्री ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही घर-घर में नाम बना चुकी थी। दरअसल, अभिनेत्री ने मॉडलिंग के दिनों में फेयर क्रीम में विज्ञापन के तौर पर काम किया था, जिसके बाद वे घर-घर में मशहूर हो गई थीं और यही विज्ञापन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना था।
21 अगस्त 1978 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मी अभिनेत्री भूमि चावला सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता कर्नल अहंकार चावला भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनकी माता का नाम बाली है। उनके परिवार में एक भाई और बहन भी हैं।
उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज लाइफ में अभिनेत्री को काफी कॉम्प्लीमेंट्स मिलते थे। इन सब से प्रभावित हो कर उन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग की दुनिया में किस्मत आजमाने का मन बनाया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद भूमिका ने मुंबई का रुख किया जिसके बाद उन्हें कमर्शियल फिल्म्स और म्यूजिक वीडियो एल्बम्स के ऑफर मिलने लगे।
इसी दौरान भूमिका को जी टीवी पर प्रसारित टीवी सीरियल हिप हिप हुर्रे में काम मिल गया था। सीरियल हिप हिप हुर्रे ने भूमिका को उस वक्त का एक चर्चित चेहरा बना दिया था। इसके अलावा, भूमि चावला ने कई म्यूजिक वीडियोज में भी काम किया था।
उन्होंने साल 2000 में तेलुगु फिल्म ‘युवकुडु’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। वर्ष 2001 में आई तेलुगु फिल्म ‘कुशी’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने ‘ओक्काडु’ और ‘सिम्हाद्रि’ जैसी कई सफल दक्षिण भारतीय फिल्में दीं।
साल 2003 में उन्होंने निर्देशक सतीश कौशिक की फिल्म ‘तेरे नाम’ में सलमान खान के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और उन्हें रातों-रात बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली। इस फिल्म में दर्शकों को भूमि चावला और सलमान खान की जोड़ी काफी पसंद आई थी।
इसके बाद उन्होंने ‘रन’, ‘दिल ने जो भी कहा’, ‘गांधी माई फादर’ और बाद में एमएस धोनी की बायोपिक (‘एम एस धोनी – द अनटोल्ड स्टोरी’) जैसी फिल्मों में भी काम किया। अभिनेत्री हाल ही में फिल्म ‘यूफोरिया’ में नजर आई थी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां का दमदार किरदार निभाया था, जो अपने बेटे के कुकर्मों से बचाने के बजाय उसे सजा दिलाती है।
दरअसल, अभिनेत्री ने फिल्म में एक सम्मानित और प्रमुख स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में नजर आती हैं। उनकी दुनिया तब बिखर जाती है जब उन्हें पता चलता है कि एक क्रूर यौन उत्पीड़न मामले में उनका अपना बेटा विकास मुख्य आरोपी है। अपने बेटे को बचाने के बजाय, वह एक मां के रूप में अपनी नैतिक जवाबदेही और सामाजिक जिम्मेदारी का सामना करती हैं।
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कभी ‘बेबी नाज’ बनकर जीता था दिल, फिर बनीं श्रीदेवी की आवाज, ऐसा था कुमारी नाज का सफर

हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने पर्दे पर जितना काम किया, उससे कहीं ज्यादा अपनी प्रतिभा से लोगों के दिल में जगह बनाई। कुमारी नाज भी ऐसी ही कलाकार थीं। बचपन में उन्हें ‘बेबी नाज’ के नाम से पहचान मिली और उनकी मासूम अदाकारी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। आगे चलकर उन्होंने फिल्मों में बड़े किरदार किए, भोजपुरी सिनेमा में भी पहचान बनाई और जब अभिनय के मौके कम होने लगे तो उन्होंने अपनी आवाज को ही अपना हुनर बना लिया। इसी दौर में वह श्रीदेवी की शुरुआती हिंदी फिल्मों की आवाज बनीं।
कुमारी नाज का असली नाम सलमा बेग था। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता मिर्जा दाऊद बेग लेखक थे, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। इसी वजह से नाज को बहुत छोटी उम्र में ही काम करना पड़ा। उन्होंने करीब चार साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था। जिस उम्र में बच्चे खेलते और पढ़ते है, उस उम्र में नाज का समय कैमरे और शूटिंग के बीच बीतता था।
बाल कलाकार के रूप में नाज ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन साल 1954 में आई ‘बूट पॉलिश’ ने उनकी किस्मत बदल दी। फिल्म में उन्होंने बेलू नाम की बच्ची का किरदार निभाया था। उनका अभिनय इतना असरदार था कि इस फिल्म ने उन्हें देश के साथ-साथ विदेश में भी पहचान दिलाई। ‘बूट पॉलिश’ को 1955 के कान फिल्म फेस्टिवल में प्रतियोगिता के लिए चुना गया था। कुमारी नाज को उनके अभिनय के लिए विशेष सम्मान भी मिला।
‘बूट पॉलिश’ के बाद बेबी नाज उस दौर की चर्चित बाल कलाकारों में शामिल हो गईं। उन्होंने ‘देवदास’, ‘मुसाफिर’, ‘लाजवंती’, ‘दो फूल’ और ‘कागज के फूल’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ी, उन्होंने बड़े किरदार निभाने शुरू किए और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।
बड़े होने के बाद हिंदी फिल्मों में उन्हें कई सहायक भूमिकाएं मिलीं। साल 1970 की ‘सच्चा झूठा’ में उन्होंने राजेश खन्ना की बहन का किरदार निभाया। इसके अलावा, वह ‘बहू बेगम’, ‘कटी पतंग’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। लेकिन उनके करियर की एक मुश्किल यह रही कि दर्शकों के मन में बनी ‘बेबी नाज’ की छवि से बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था।
इसी बीच उन्होंने भोजपुरी सिनेमा का रुख किया। साल 1963 में आई ‘बिदेसिया’ से उन्हें भोजपुरी फिल्मों में भी बड़ी पहचान मिली। इसके बाद ‘सैंया से नेहा लगाइबे’ और ‘अईल बसंत बहार’ जैसी फिल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। इस दौर में वह भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।
लेकिन कुमारी नाज के करियर का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब फिल्मों में अभिनय के मौके धीरे-धीरे कम होने लगे। उन्होंने डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी आवाज श्रीदेवी से जुड़ी। श्रीदेवी जब हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बना रही थीं, उस समय कुमारी नाज ने उनकी शुरुआती हिंदी फिल्मों के लिए आवाज दी। कई रिपोर्ट्स में खास तौर पर ‘हिम्मतवाला’, ‘मवाली’ और ‘तोहफा’ का जिक्र है। पर्दे पर श्रीदेवी नजर आती थीं, लेकिन उनकी आवाज के पीछे कुमारी नाज की मेहनत होती थी।
निजी जिंदगी में कुमारी नाज ने अभिनेता सुबीराज से शादी की। दोनों ने साथ में काम भी किया था। उनके रिश्ते की शुरुआत फिल्म ‘देखा प्यार तुम्हारा’ के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली और उनके दो बच्चे हुए। सुबीराज कपूर परिवार से जुड़े थे।
कुमारी नाज का निधन 19 अक्टूबर 1995 को 51 साल की उम्र में हुआ। उनके निधन की वजह गंभीर लिवर की बीमारी बताई जाती है।
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