खेल
एआईएफएफ की अनुशासन समिति ने मुम्बई सिटी के जाहो को चेताया
अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की अनुशासनात्मक समिति ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की फेंचाइजी मुम्बई सिटी के मिडफील्डर अहमद जाहो को चेतावनी दी है। जाहो को शनिवार को बोम्बोलिम में नॉर्थईस्ट युनाइटेड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रेड कार्ड दिखाया गया था। मुम्बई सिटी को उस मैच में नॉर्थईस्ट से 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
आईएसएल ने एक बयान में कहा, ” एआईएफएफ की अनुशासन समिति ने बोम्बोलिम में 21 नवंबर को मुम्बई सिटी एफसी और नॉर्थईस्ट युनाइटेड के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई घटना के वीडियो फुटेज को देखा जिसे समीक्षा के लिये भेजा गया। जाहो के पहले हाफ में नार्थईस्ट युनाईटेएफ एफसी के खिलाड़ी खासा कामरा को लापरवाही से गिराने को गंभीर अपराध माना, जिससे मैदान पर प्रतिद्वंद्वी की सुरक्षा को खतरा था।”
लीग ने आगे कहा, ” एआईएफएफ की समिति ने सीधे रेड कार्ड दिखाने की घटना की समीक्षा की जिसमें मुम्बई सिटी एफसी का मिडफील्डर जाहो शामिल था। इस तरह की घटना के दोहराव से उन पर एआईएफएफ अनुशासनात्मक संहिता के प्रावधानों के अनुसार कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।”
जाहो के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन रेड कार्ड दिखाने से वह मुम्बई सिटी के अगले मैच में नहीं खेल पाएंगे।
आईएसएल के सातवें सीजन में मुम्बई सिटी एफसी को अपना अगला मुकाबला बुधवार को यहां फातोर्दा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मेजबान एफसी गोवा के खिलाफ खेलना है।
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मैच से पहले कैसे वजन को नियंत्रित रखते हैं मुक्केबाज? प्रीति पवार ने समझाई पूरी प्रकिया

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन यादगार रहा। मुक्केबाजी से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में ‘गोल्डन पंच’ लगाया। प्रीति ने बताया कि उनके गोल्ड मेडल जीतकर आने पर पूरा परिवार काफी खुश है।
प्रीति ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में बताया कि एक मुक्केबाज के लिए वजन को नियंत्रित रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पिछले साल मार्च में एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का फायदा उन्हें एशियन गेम्स में मिलेगा।
सवाल: मेडल जीतने आने पर घरवालों का क्या रिएक्शन था?
जवाब: घरवालों का रिएक्शन बहुत अच्छा था। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वे काफी गर्व महसूस कर रहे हैं कि मैंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है।
सवाल: वजन कम करने की प्रकिया कितनी मुश्किल होती है?
जवाब: वजन कम करना निश्चित रूप से एक चुनौती है। यह एथलीट पर निर्भर करता है। कुछ एथलीटों को वजन कम करने में मुश्किल होती है। कुछ लोग आसानी से वजन कम कर लेते हैं। जहां तक मेरी बात है, मैं लंबे समय से ऐसा कर रही हूं। मुकाबले या बाउट से पहले, मैं लगभग 1.5 किलो वजन कम करती हूं। मुझे लगता है कि उस समय हमारे लिए सबसे जरूरी चीज यह है कि हम क्या खा रहे हैं—खासकर बाउट से पहले। आखिरी समय में, हमें वजन कम करना होता है—1 किलो या 1.5 किलो। उसके बाद, हम कुछ नहीं खाते। अगले दिन, जैसे ही हमारा वजन वापस बढ़ता है, हम वजन कम करने के बाद रिकवर करते हैं और शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं। कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। मैं नहीं चाहती कि इसका असर मेरे प्रदर्शन पर पड़े। मैं इस बात पर ध्यान देती हूं कि खुद को फिर से हाइड्रेट कैसे करूं।
सवाल: वजन कम करने के बाद एथलीट अगले मुकाबले के लिए कैसे तैयारी करता है?
जवाब: वजन करने और मुकाबले के बीच हमारे पास कम से कम 3 घंटे होते हैं। यह हमारे सुबह और शाम के सेशन पर निर्भर करता है। शाम को, रिकवर करने के लिए हमारे पास ज्यादा समय होता है। मैं एक दिन पहले ही मुकाबले का प्लान बना लेती हूं। मुकाबला सुबह 11 बजे शुरू होता है। मैं एक प्लान बनाती हूं। मुझे सुबह 6:30 बजे तक वजन कम करना होता है और फिर लगभग 7 बजे शरीर में पानी की कमी पूरी करनी होती है। मुझे सही पोषण लेना होता है। अगर समय मिले, तो मैं थोड़ी देर सो लेती हूं। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयारी करती हूं। उसके बाद मैं एरीना में जाती हूं। मुझे कल्पना करना पसंद है। मैं मुकाबले से पहले कल्पना करती हूं। इससे मुझे मानसिक रूप से मदद मिलती है। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयार होती हूं।
सवाल: कैसी है एशियन गेम्स के लिए तैयारी?
जवाब: मैं एशियन गेम्स में खेलने जा रही हूं। मुझे लगता है कि यह मुश्किल होगा, क्योंकि एशिया में कई अच्छे देश हैं जो बॉक्सिंग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि मुझे लगता है कि पिछले मार्च में हुई एशियन चैंपियनशिप में मैंने गोल्ड मेडल जीता था। वह मेरे लिए और एशियन गेम्स के लिहाज से भी एक शानदार अनुभव था। एशियन गेम्स में भी ज्यादातर वही देश हिस्सा लेंगे और मुझे लगता है कि वहां मेरा सामना उन्हीं प्रतिद्वंद्वियों से होगा। इसके बाद मैं कोचों के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि मुझे किन चीजों पर काम करना है और एशियन गेम्स के लिए हमारा गेम प्लान क्या होगा। हम ट्रेनिंग कैंप में इस पर चर्चा करेंगे।
सवाल: आपने तेजस्विन शंकर के लिए क्विलिंग का काम किया था और उन्होंने वह फोटो शेयर भी की थी। क्या आप अक्सर अपने टीम के साथियों के लिए ऐसा करते हैं?
जवाब: हां, जब भी मुझे समय मिलता है, मैं क्विलिंग करती हूं। कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले, बेलफास्ट में हमारा एक ट्रेनिंग कैंप था। जब भी मैं फ्री होती थी, तो क्विलिंग करती थी। मैंने क्विलिंग से तेजस्विन के लिए एक पोस्टर बनाया था। उन्हें वह बहुत पसंद आया। मैंने अपनी टीम के साथियों के लिए भी कई पोस्टर बनाए हैं। मुझे क्विलिंग और कैलीग्राफी करना पसंद है। इससे कुछ समय के लिए मेरा ध्यान खेल से हट जाता है। मुझे लगता है कि कुछ समय के लिए ध्यान भटकाना जरूरी है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ओवरथिंकिंग अच्छी नहीं होती। क्विलिंग मुझे दबाव को संभालने और आराम महसूस करने में मदद करती है।
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ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश: स्टार्क के निशाने पर होगा कपिल देव और स्टेन का बड़ा रिकॉर्ड

बांग्लादेश के खिलाफ 13 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मिचेल स्टार्क के निशाने पर कपिल देव और डेल स्टेन का बड़ा रिकॉर्ड होगा। हालांकि, स्टार्क का कहना है कि व्यक्तिगत उपलब्धि उनके लिए टीम के बाद आती है।
दरअसल, टेस्ट क्रिकेट में मिचेल स्टार्क ने अब तक कुल 433 विकेट चटकाए हैं। वहीं, क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में कपिल देव ने 434 और डेल स्टेन ने 439 विकेट निकाले हैं। अब अगर स्टार्क बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कुल मिलाकर 7 विकेट लेने में सफल रहते हैं, तो वो कपिल देव और स्टेन दोनों को एक साथ पीछे छोड़ देंगे।
हालांकि, स्टार्क का कहना है कि व्यक्तिगत उपलब्धियां दूसरे नंबर पर आती हैं क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य अगले साल ओवल में होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए प्वाइंट हासिल करना है। बुधवार को आईसीसी ने स्टार्क के हवाले से कहा, “इसका मतलब है कि मैंने काफी क्रिकेट खेला है। उन खिलाड़ियों (कपिल देव और डेल स्टेन) के साथ मेरा नाम लिया जाना बहुत अच्छी और विनम्रता वाली बात है। हालांकि, जब आप खेल रहे होते हैं, तो इन बातों का बहुत ज्यादा मतलब नहीं होता। आप बहुत आगे की नहीं सोचते।”
ऑस्ट्रेलिया अभी डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में पहले स्थान पर मौजूद है। ऑस्ट्रेलिया के लिए बांग्लादेश सीरीज के साथ सात महीने का मुश्किल टेस्ट शेड्यूल शुरू हो रहा है। कंगारू टीम साउथ अफ्रीका की मेजबानी करेगी और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को न्यूजीलैंड और भारत के घर में टेस्ट सीरीज खेलनी है।
मौजूदा डब्ल्यूटीसी साइकल में स्टार्क शानदार फॉर्म में रहे हैं। वह 8 मुकाबलों में अब तक 46 विकेट निकाल चुके हैं और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज में स्टार्क ने 31 विकेट निकाले थे। उन्होंने अपनी लंबी पारी का श्रेय लगातार सुधार और फिजिकल कंडीशनिंग के साथ-साथ टॉप लेवल पर लगातार सफलता के लिए छोटी-छोटी रणनीतिक बदलावों को दिया। उन्होंने कहा, “जब आप 36 साल के होते हैं और 16 साल से खेल रहे होते हैं, तो आप सोचते हैं कि आपने कुछ सुधार किया है या किसी चीज में बेहतर हुए हैं। आप इतने लंबे समय तक इसलिए टिके रहते हैं क्योंकि आप विकसित हो पाते हैं, सीख पाते हैं और सुधार कर पाते हैं।”
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माइकल स्मिथ पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच बने, पीसीबी ने की पुष्टि

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर माइकल स्मिथ को पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम का नया बल्लेबाजी कोच नियुक्त करने की पुष्टि की। स्मिथ का कार्यकाल दो साल का होगा।
माइकल स्मिथ 19 अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले पाकिस्तान टीम के साथ जुड़ेंगे। वह टीम के साथ रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल, दोनों फॉर्मेट में काम करेंगे।
स्मिथ दक्षिण अफ्रीका के हैं। उनके पास कोचिंग का लंबा अनुभव है। 46 साल के स्मिथ ने 2003 से 2013 के बीच 89 प्रथम श्रेणी मैच, 72 लिस्ट-ए मैच और 16 टी20 मैच खेले हैं। वह पूर्व में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में इस्लामाबाद यूनाइटेड और कराची किंग्स के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे हैं। इस सीजन की शुरुआत में वह मुल्तान सुल्तांस के सहायक कोच भी थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की होबार्ट हरिकेन्स और क्रिकेट तस्मानिया के साथ बल्लेबाजी कोच के तौर पर काम किया है। वह दक्षिण अफ्रीका की केजेडएन इनलैंड और ईस्टर्न प्रोविंस के लिए कोचिंग कंसल्टेंट भी रहे हैं।
पाकिस्तान की टीम मैनेजमेंट में लगातार बदलाव होते रहे हैं। पिछले तीन सालों में यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ, एंड्रयू पुटिक और शफीक इस पद पर रह चुके हैं। टेस्ट मैचों में टीम की बल्लेबाजी खराब रही है। पाकिस्तान विदेश में लगातार आठ टेस्ट मैच हार चुकी हैं।
पिछले सप्ताह तारोबा में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में पाकिस्तान 211 रन का आसान लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सका था। पाकिस्तान पर 26 साल में पहली बार वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली सीरीज हार का खतरा है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में भी पाकिस्तान नौवें स्थान पर है। पाकिस्तान को अगर 2027 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनानी है, तो उसे इस साइकिल में बचे अपने सारे टेस्ट जीतने होंगे। बता दें कि पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज सीरीज से पहले शान मसूद की जगह बाबर आजम को फिर से टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी थी।
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