खेल
इस सीजन में टीम ने वाकई अच्छा प्रदर्शन नहीं किया : धोनी
चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल-13 में खराब फॉर्म सोमवार को भी जारी रहा। शेख जाएद स्टेडियम में उसे राजस्थान रॉयल्स ने सात विकेट से हरा दिया। इस हार के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी माना कि इस सीजन में उनकी टीम वाकई अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। धोनी ने मैच के बाद कहा, “हमेशा वैसा नहीं होता है, जैसा कि आप सोचते हैं। इसलिए हमें देखना होगा कि क्या हमारी प्रक्रिया गलत है। परिणाम तो प्रक्रिया का एक हिस्सा है। हम इसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, ” लेकिन एक बात सच्ची है कि अगर आप प्रक्रिया पर ध्यान दोगे तो परिणाम का दबाव ड्रेसिंग रूम में नहीं आएगा। आप बहुत अधिक बदलाव नहीं चाहते, क्योंकि तीन-चार-पांच मैचों में आप किसी चीज को लेकर सुनिश्चित नहीं होते है। “
धोनी ने संकेत दिए हैं कि टीम बचे अब बाकी चार मैचों में युवाओं को टीम में अधिक मौका दिया जा सकता है।
कप्तान ने कहा, ” आप खिलाड़ियों को एक उचित समय देना चाहते हैं और अगर वे प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो आप दूसरों को मौका देते हैं। मैं टीम में असुरक्षा का भाव नहीं चाहता हूं। काफी हद तक, इस सीजन में हमने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया।”
धोनी ने कहा, ” यह सही है कि हमने इस बार (युवाओं को) उतने मौके नहीं दिए. ऐसा भी हो सकता है कि हमें अपने युवाओं में जुनून न दिखाई दिया हो। हम आगे उन्हें मौका दे सकते हैं और वे बिना किसी दबाव के खेल सकते हैं।”
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बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि

बार्सिलोना ने क्लब के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी को श्रद्धांजलि दी है। शनिवार को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में लंबी बीमारी के बाद 68 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
बार्सिलोना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान के जरिए मेसी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और लियोनेल के शानदार करियर में पिता जॉर्ज की अहम भूमिका को याद किया। “बार्सिलोना के प्रेसिडेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, बार्सिलोना के खिलाड़ी और दिग्गज लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और सभी बार्सिलोना समर्थकों की ओर से मेसी परिवार के प्रति अपनी संवेदना भेजते हैं।”
बार्सिलोना ने जॉर्ज का उस भरोसे के लिए भी शुक्रिया अदा किया जो उन्होंने अपने बेटे के करियर की शुरुआत में क्लब पर जताया था, जब लियोनेल कम उम्र में अर्जेंटीना से स्पेन आए थे। क्लब ने कहा, “बार्सिलोना, जॉर्ज मेसी का हमारे क्लब के प्रति उनके समर्पण और उनके बेटे लियो के फुटबॉल करियर की शुरुआत में और उनके करियर के सबसे शानदार स्तर तक पहुंचने के दौरान हम पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद करता है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
जॉर्ज उन सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक थे जिन्होंने लियोनेल मेसी को अब तक के सबसे महान फुटबॉलरों में से एक बनने में मदद की। उन्होंने कम उम्र से ही अपने बेटे के खेल और प्रोफेशनल जीवन का ध्यान रखा और अर्जेंटीना से बार्सिलोना में लियोनेल के ट्रांसफर में अहम भूमिका निभाई, जहां यह युवा फॉरवर्ड आखिरकार क्लब की सबसे सफल टीमों में से एक का मुख्य खिलाड़ी बन गया।
जॉर्ज का निधन रोसारियो में हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 2 बजे (स्थानीय समय) उनका निधन हुआ और परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हुए कोई अतिरिक्त मेडिकल जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले, लियोनेल मेसी ने बताया था कि वे अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।
अर्जेंटीना के लिए गोल करने के बाद उनकी भावुक प्रतिक्रिया से जॉर्ज की हालत के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं। इसके बाद मेसी परिवार ने उनकी गोपनीयता का सम्मान करने की अपील की थी। जॉर्ज के निधन के बाद रियल मैड्रिड ने भी संवेदना व्यक्त की और उन्हें बार्सिलोना में अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी और इतिहास के सबसे मशहूर फुटबॉलरों में से एक के पिता के तौर पर सम्मान दिया।
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चेस: आर प्रज्ञानानंद ने जीता सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने एक राउंड बाकी रहते हुए ही ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब अपने नाम किया।
प्रज्ञानानंद और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के बीच आखिरी मुकाबले का अंत ड्रॉ पर होने के साथ ही भारतीय ग्रैंडमास्टर का खिताब पक्का हो गया। 20 साल के भारतीय खिलाड़ी ने कुल 35 में से 23 प्वाइंट हासिल करके चैंपियनशिप को अपने नाम किया। शानदार टूर्नामेंट के बाद सिंदारोव ने 22 प्वाइंट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वेस्ली सो 20.5 प्वाइंट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
लेवोन अरोनियन 19 प्वाइंट के साथ चौथे स्थान पर रहे, और फैबियानो कारुआना, लीनियर डोमिंग्वेज और जॉर्डन वैन फॉरेस्ट 17 प्वाइंट के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंद को बिना किसी प्लेऑफ के सीधे जीत हासिल करने पर 50,000 अमेरिकी डॉलर और 13 ग्रैंड चेस टूर प्वाइंट मिले। इस नतीजे से प्रज्ञानानंद सिंकफील्ड कप से पहले ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि फैबियानो अभी भी ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में सबसे आगे हैं।
प्रज्ञानानंद ने पांच दिन के इस इवेंट में शुरू से आखिर तक बढ़त बनाए रखी। सिंदारोव ने आखिरी दौर में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए और 1.5 प्वाइंट के अंतर से उपविजेता रहे। जून में, प्रज्ञानानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुके हैं।
सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक सेंट लुइस चेस क्लब में दस बेहतरीन ग्रैंडमास्टर शामिल हुए। पांच दिनों के खेल में, खिलाड़ियों ने 9 रैपिड राउंड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले। इस दौरान कुल मिलाकर 135 गेम हुए, जिनमें सिंकफील्ड कप और जीसीटी ग्रैंड फाइनल से पहले महत्वपूर्ण टूर प्वाइंट दांव पर थे।
इस टूर्नामेंट में दो तेज गति वाले फॉर्मेट शामिल रहे। 9-राउंड का सिंगल राउंड-रॉबिन रैपिड टूर्नामेंट (जो 25 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 10-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है) और 18-राउंड का डबल राउंड-रॉबिन ब्लिट्ज टूर्नामेंट (जो 5 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 2-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है)। रैपिड में जीत पर 2 पॉइंट और ड्रॉ पर 1 प्वाइंट मिलता है, जबकि ब्लिट्ज में जीत पर 1 प्वाइंट और ड्रॉ पर 0.5 प्वाइंट मिलता है।
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मैच से पहले कैसे वजन को नियंत्रित रखते हैं मुक्केबाज? प्रीति पवार ने समझाई पूरी प्रकिया

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन यादगार रहा। मुक्केबाजी से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में ‘गोल्डन पंच’ लगाया। प्रीति ने बताया कि उनके गोल्ड मेडल जीतकर आने पर पूरा परिवार काफी खुश है।
प्रीति ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में बताया कि एक मुक्केबाज के लिए वजन को नियंत्रित रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पिछले साल मार्च में एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का फायदा उन्हें एशियन गेम्स में मिलेगा।
सवाल: मेडल जीतने आने पर घरवालों का क्या रिएक्शन था?
जवाब: घरवालों का रिएक्शन बहुत अच्छा था। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वे काफी गर्व महसूस कर रहे हैं कि मैंने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है।
सवाल: वजन कम करने की प्रकिया कितनी मुश्किल होती है?
जवाब: वजन कम करना निश्चित रूप से एक चुनौती है। यह एथलीट पर निर्भर करता है। कुछ एथलीटों को वजन कम करने में मुश्किल होती है। कुछ लोग आसानी से वजन कम कर लेते हैं। जहां तक मेरी बात है, मैं लंबे समय से ऐसा कर रही हूं। मुकाबले या बाउट से पहले, मैं लगभग 1.5 किलो वजन कम करती हूं। मुझे लगता है कि उस समय हमारे लिए सबसे जरूरी चीज यह है कि हम क्या खा रहे हैं—खासकर बाउट से पहले। आखिरी समय में, हमें वजन कम करना होता है—1 किलो या 1.5 किलो। उसके बाद, हम कुछ नहीं खाते। अगले दिन, जैसे ही हमारा वजन वापस बढ़ता है, हम वजन कम करने के बाद रिकवर करते हैं और शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं। कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होता है। मैं नहीं चाहती कि इसका असर मेरे प्रदर्शन पर पड़े। मैं इस बात पर ध्यान देती हूं कि खुद को फिर से हाइड्रेट कैसे करूं।
सवाल: वजन कम करने के बाद एथलीट अगले मुकाबले के लिए कैसे तैयारी करता है?
जवाब: वजन करने और मुकाबले के बीच हमारे पास कम से कम 3 घंटे होते हैं। यह हमारे सुबह और शाम के सेशन पर निर्भर करता है। शाम को, रिकवर करने के लिए हमारे पास ज्यादा समय होता है। मैं एक दिन पहले ही मुकाबले का प्लान बना लेती हूं। मुकाबला सुबह 11 बजे शुरू होता है। मैं एक प्लान बनाती हूं। मुझे सुबह 6:30 बजे तक वजन कम करना होता है और फिर लगभग 7 बजे शरीर में पानी की कमी पूरी करनी होती है। मुझे सही पोषण लेना होता है। अगर समय मिले, तो मैं थोड़ी देर सो लेती हूं। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयारी करती हूं। उसके बाद मैं एरीना में जाती हूं। मुझे कल्पना करना पसंद है। मैं मुकाबले से पहले कल्पना करती हूं। इससे मुझे मानसिक रूप से मदद मिलती है। फिर मैं मुकाबले के लिए तैयार होती हूं।
सवाल: कैसी है एशियन गेम्स के लिए तैयारी?
जवाब: मैं एशियन गेम्स में खेलने जा रही हूं। मुझे लगता है कि यह मुश्किल होगा, क्योंकि एशिया में कई अच्छे देश हैं जो बॉक्सिंग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि मुझे लगता है कि पिछले मार्च में हुई एशियन चैंपियनशिप में मैंने गोल्ड मेडल जीता था। वह मेरे लिए और एशियन गेम्स के लिहाज से भी एक शानदार अनुभव था। एशियन गेम्स में भी ज्यादातर वही देश हिस्सा लेंगे और मुझे लगता है कि वहां मेरा सामना उन्हीं प्रतिद्वंद्वियों से होगा। इसके बाद मैं कोचों के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि मुझे किन चीजों पर काम करना है और एशियन गेम्स के लिए हमारा गेम प्लान क्या होगा। हम ट्रेनिंग कैंप में इस पर चर्चा करेंगे।
सवाल: आपने तेजस्विन शंकर के लिए क्विलिंग का काम किया था और उन्होंने वह फोटो शेयर भी की थी। क्या आप अक्सर अपने टीम के साथियों के लिए ऐसा करते हैं?
जवाब: हां, जब भी मुझे समय मिलता है, मैं क्विलिंग करती हूं। कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले, बेलफास्ट में हमारा एक ट्रेनिंग कैंप था। जब भी मैं फ्री होती थी, तो क्विलिंग करती थी। मैंने क्विलिंग से तेजस्विन के लिए एक पोस्टर बनाया था। उन्हें वह बहुत पसंद आया। मैंने अपनी टीम के साथियों के लिए भी कई पोस्टर बनाए हैं। मुझे क्विलिंग और कैलीग्राफी करना पसंद है। इससे कुछ समय के लिए मेरा ध्यान खेल से हट जाता है। मुझे लगता है कि कुछ समय के लिए ध्यान भटकाना जरूरी है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ओवरथिंकिंग अच्छी नहीं होती। क्विलिंग मुझे दबाव को संभालने और आराम महसूस करने में मदद करती है।
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