राष्ट्रीय
आईटेल ने भारत में 4 सालों में 6 करोड़ ग्राहकों के बीच मजबूत पैठ बनाई
अपनी सफलता की कहानी को आगे बढ़ाते हुए आईटेल परिवार ने भारत में 6 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के बीच मजबूत पैठ बना ली है जो कि भारत में ऑपरेश्न के चार वर्षों के भीतर स्मार्टफोन ब्रांड के लिए एक शानदार मील का पत्थर है। यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर भारत में आईटेल की सफलता की कहानी को फिर से स्थापित करता है जिसे कंपनी के अनुसार अपने ग्राहक केंद्रित ²ष्टिकोण, अभिनव और सस्ती उत्पाद पोर्टफोलियो, स्थानीय विपणन संचार ²ष्टिकोण के साथ मजबूत वितरण नेटवर्क द्वारा हासिल किया गया है।
ट्रांसन इंडिया के सीईओ अरिजीत तलपात्रा ने एक बयान में कहा, “भारत में अपनी शुरुआत के बाद से, आईटेल ने जबरदस्त वृद्धि देखी है और अपने समझदार ग्राहकों के लिए कई ‘उद्योग प्राथमिकताओं’ को लॉन्च किया है। हम भारत के लोगों के भरोसे पर खरे उतरते हुए इनोवेटिव और सस्ते उत्पाद को लाने में सफल रहे हैं। मजबूत वितरण, कुशल सेवा नेटवर्क और हर बाजार में स्थानीय संचार के साथ ट्रेंडी उत्पाद से हमारे पोर्टफोलियो को समर्थन मिला है।”
उन्होंने कहा, “हम अपने ग्राहकों के लिए इस फेस्टिव सीजन को खास बनाना चाहते हैं, हम उन्हें उनकी जरूरतों के अनुरूप सभी प्राइस सेगमेंट में ट्रेंडी मोबाइल फोन ऑफर कर रहे हैं, जिनकी कीमत 4,000 रुपये कम पर शुरू होने के साथ 7,000 रुपये के नीचे है। हमारे स्मार्टफोन ए23, ए25 प्रो, ए48 और विजन1 किफायती दामों पर उपलबध हैं जो स्मार्ट गैजेट्स और टीवी की एक नई श्रृंखला के साथ उद्योग में सर्वश्रेष्ठ में से एक है, जो हमारे ग्राहकों के मनोरंजन अनुभव को इस त्योहारी सीजन में फिर से परिभाषित करेगा।”
इस त्योहारी सीजन में, आईटेल ग्राहक इसके फ्लैगशिप प्रीमियम स्मार्टफोन विजन1 को 7,000 रुपये से कम में खरीद सकते हैं, 6,000 से कम कीमत में ए48 है। 5,000 से कम में ए25 और 4,000 रुपये से कम कीमत में ए23 उपलब्ध है।
आईटेल विजन1, आईटेल ए48, आईटेल25 प्रो और आईटेल ए23 की कीमत क्रमश: 6,699 रुपये, 5,999 रुपये, 4,999 रुपये और 3,799 रुपये है।
उपकरणों के एक व्यापक पोर्टफोलियो के लिए जादुई अनुभव का विस्तार और बाजार से बड़ी मांग के साथ, आईटेल ने स्मार्ट गैजेट्स और इसकी टीवी पोर्टफोलियो की जादुई रेंज को लॉन्च किया है। आईटेल मोबाइल, स्मार्ट गैजेट्स और टीवी के साथ, भारत मोबाइल, डिजिटल और मनोरंजन अनुभव में सशक्तिकरण की एक नई लहर का गवाह बनेगा।
तलपात्रा ने कहा, “आईटेल की सफलता की रणनीति इसके पांच प्रमुख स्तंभों पर बनाई गई है – कई उद्योगों के साथ पहले सुविधाओं के माध्यम से नवाचार, चैनल रिलेशनशिप और इंगेजमेंट, 950 से ज्यादा सेवा केंद्रों और कार्लकेयर के साथ ग्राहक केंद्रितता, अनुकूलित विपणन संचार के माध्यम से स्थानीय कनेक्ट का निर्माण, 1 लाख से ज्यादा खुदरा विक्रेताओं का एक मजबूत वितरण नेटवर्क और 1,000 से अधिक साझेदार हैं।”
आईटेल के छह कोर वैल्यू पर विस्तार करते हुए, आईटेल द्वारा नवीनतम उत्सव की पेशकश को उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस, मूल्य प्रस्ताव, विश्वसनीयता, पहुंच और ग्राहक देखभाल के साथ नवीनतम सुविधाओं और प्रौद्योगिकी प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
लेटेस्ट एडिशन आईटेल ए48 एंट्री-लेवल स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सही विकल्प होने के द्वारा समग्र स्मार्टफोन अनुभव को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है।
आईटेल ए48 में 6.1 इंच एचडी प्लस आईपीएस वाटरड्रॉप फुल स्क्रीन डिस्प्ले इन-सेल तकनीक और 2.5डी टीपी लेंस के साथ एक बेहतर स्क्रीन डिजाइन देता है।
नवीनतम एंड्रॉइड 10 (गो एडिशन) पर चल रहा आईटेल ए48 निर्बाध मल्टीटास्किंग कार्यक्षमता के लिए 1.4 गीगाहर्ट्ज क्वाड-कोर प्रोसेसर के साथ संचालित है। मेमोरी कॉन्फिगरेशन के लिहाज से फोन 2 जीबी रैम और 32 जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है जो 128 जीबी तक एक्सपैंडेबल है।
स्मार्टफोन में एलईडी फ्लैश, डुअल 5एमपी एएफ रियर कैमरा और 5एमपी का सेल्फी कैमरा दिया गया है, जो फोन के प्रीमियम लुक और फील के साथ यूनिक कैमरा सेटअप से लैस है। एआई ब्यूटी मोड के साथ फ्रंट 5एमपी बिग पिक्सेल सेल्फी कैमरा ब्राइट और क्लीयर सेल्फी सुनिश्चित करने के लिए टॉर्च के साथ सुसज्जित है।
आईटेल ए25 प्रो– नए 2जीबी रैम 32 जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ स्मार्टफोन को एक नए पैकेजिंग में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है।
आईटेल ए25 प्रो 12.7 सेंटीमीटर (5.0 इंच) एचडी के साथ ब्राइटर डिस्प्ले रिजॉल्यूशन से भी लैस है।
यह 5एमपी ए1 रियर कैमरा और 2एमपी सेल्फी कैमरा से लैस है। पावर-पैक स्मार्टफोन 2जीबी रैम, फेस अनलॉक फीचर और 32जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ-साथ 32जीबी तक की डेडिकेटेड एक्सपैंडेबल मेमोरी के साथ आता है।
राजनीति
असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”
उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।
आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।
इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।
सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।
यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।
राष्ट्रीय
सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।
सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।
सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।
सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।
राजनीति
राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।
उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।
बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
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