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Tuesday,03-November-2026
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आईटेल ने विजन 3 टर्बो 6 जीबी रैम, 18 वॉट फास्ट चार्जिग के साथ 7,699 रुपये में किया लॉन्च

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10,000 रुपये से कम के भारत के नंबर 1 मोबाइल ब्रांड आईटेल ने गुरुवार को एक और प्रोडक्ट ‘विजन 3 टर्बो’ लॉन्च किया, जो 6 जीबी टर्बो रैम और 18 वॉट फास्ट चार्जिग तकनीक के साथ 7,699 रुपये में आता है, जो इसे सेगमेंट में पहला स्मार्टफोन बनाता है। इस पेशकश के साथ, कंपनी ने कहा कि इसका उद्देश्य भारत में टियर 2, 3 शहरों और नीचे के बाजारों में प्रीमियम, किफायती स्मार्टफोन में बदलाव को बढ़ावा देना है, जो नए युग के उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करता है जो गति, प्रदर्शन और सामथ्र्य की तलाश करते हैं।

आईटेल इंडिया के सीईओ अरिजीत तालापात्रा ने एक बयान में कहा, “प्रौद्योगिकी उपभोक्ताओं को टियर 2 और उससे नीचे के बाजारों में तेजी से पहुंच गई है। हम डेटा खपत में भारी वृद्धि, और मनोरंजन वरीयता, स्वाद, आदतों और मीडिया ग्रहणशीलता में बदलाव देख रहे हैं।”

तालापात्रा ने आगे कहा, “आईटेल में, हम इन बाजारों में भारतीय उपभोक्ताओं में बदलाव के लिए नवाचार, आधुनिक सुविधाओं, बहुत सारे मूल्यवर्धन और सबसे महत्वपूर्ण रूप से सस्ती कीमत पर अगली पीढ़ी के प्रोडक्ट्स लाकर प्रासंगिक होने की कोशिश कर रहे हैं।”

अपने प्रमुख एसपी विजन 3 के साथ उपभोक्ताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने के बाद, आईटेल ने अपने प्रीमियम किफायती एसपी विजन 3 टर्बो को 3 जीबी प्लस 3 जीबी टर्बो रैम के साथ 18वॉट फास्ट चार्जिग के साथ लॉन्च किया है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए निर्बाध मोबाइल अनुभव प्रदान करने के लिए स्पीड में काफी सुधार करता है।

तालापात्रा ने कहा, “विजन 3 टर्बो उपरोक्त अंतर्²ष्टि का प्रमाण है क्योंकि यह स्मार्टफोन हमारे उपभोक्ताओं को प्रीमियम और बेहतर गुणवत्ता के साथ-साथ बेहतरीन फीचर्स देकर उनकी आकांक्षाओं को पूरा करता है। हमारे बाजार और उपभोक्ता अंर्तदृष्टि ने हमें इस पीढ़ी की जरूरतों को समझने में मदद की है जो भीतरी इलाकों और टियर 2, 3 और नीचे के शहरों में रहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “विजन 3 टर्बो का उद्देश्य अर्ध-शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के जीवन को बदलना है जो प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहते हैं। हमने विजन 3 टर्बो के साथ अपने वादे को पूरा करने के लिए अत्यंत समर्पण के साथ काम किया है। विस्तार योग्य टर्बो रैम, हाई रोम क्षमता, शक्तिशाली बैटरी और बड़ी स्क्रीन के साथ, यह डिवाइस निश्चित रूप से हमारे उपभोक्ताओं की प्रौद्योगिकी आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।”

विजन 3 टर्बो 3 जीबी प्लस 3 जीबी टर्बो रैम के साथ आता है, जो पूरी तरह से स्पीड में सुधार करने के लिए निष्क्रिय मेमोरी को सक्रिय कर सकता है और उपयोगकर्ता को एक शानदार अनुभव प्रदान कर सकता है।

18 वॉट फास्ट चार्जिग टेक्नोलॉजी सपोर्ट चार्जिग समय को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है, जिससे यह इस प्राइस सेगमेंट में अपनी तरह का पहला ऑफर है। 20 मिनट का फ्लैश चार्ज भी फोन को 3 घंटे का टॉकटाइम देता है।

साथ ही, विजन 3 टर्बो 64 जीबी रोम का समर्थन करता है, जिसे 128 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को उनकी पसंदीदा फिल्म, वेब सीरीज या वीडियो शूट करने के लिए पर्याप्त जगह देता है।

विजन 3 टर्बो रिवर्स चार्जिग के साथ 5000 एमएएच की इन-बिल्ट ली-पॉलीमर बैटरी द्वारा संचालित है। इंटेलिजेंट पॉवर मैनेजमेंट के साथ, बिल्ट-इन एआई पॉवर मास्टर बैटरी बैकअप को 20 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।

विजन 3 टर्बो में प्रीमियम, बड़ी 6.6-इंच एचडी प्लस आईपीएस वाटरड्रॉप डिस्प्ले है, जो स्टाइल और परफॉर्मेस का एक आदर्श संयोजन प्रदान करता है। 8.85 मिमी स्लिम यूनीबॉडी डिजाइन स्मार्टफोन को आकर्षक बनाता है।

फोन तीन कलर ऑप्शन्स- मल्टी ग्रीन, ज्वेल ब्लू और डीप ओशन ब्लू में उपलब्ध है।

विजन 3 में 8 एमपी का एआई डुअल रियर कैमरा और 5 एमपी का सेल्फी कैमरा भी है, जो उपभोक्ताओं को बेहतरीन फोटोग्राफी का अनुभव प्रदान करता है।

विजन 3 टर्बो वन टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट ऑफर के सेवा आश्वासन के साथ भी आता है, जहां उपभोक्ता बिना किसी लागत या शून्य लागत पर खरीद के 100 दिनों के भीतर टूटी हुई स्क्रीन के मुफ्त वन-टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट का लाभ उठा सकते हैं। कार्लकेयर भारत भर में 1100 से अधिक के सर्विस नेटवर्क के साथ ट्रांसियन होल्डिंग्स का विशिष्ट सेवा ब्रांड है।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

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राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

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सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

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राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

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