राजनीति
यूपी में अब नहीं होगा कोई कैराना और कांधला : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई ‘कैराना या कांधला’ नहीं बनने पाएगा। कुत्सित राजनीति की भेंट चढ़े ‘मुजफ्फरनगर’ की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। इन जगहों पर क्या हुआ था। किसकी वजह से हुआ था। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलंदशहर विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के संबंध में आयोजित भाजपा के बूथ, मंडल और सेक्टर के पदाधिकारियों से ऑनलाइन मुखातिब थे। योगी ने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सबको पता है। इनकी हरकतों के साथ पश्चिमी यूपी को एक बार फिर सांप्रदायिकता और जातीयता की आग में झोंकना चाहते हैं। इनके रग-रग में दंगा बसा है। इनके मंसूबों को कतई कामयाब नहीं होने देंगे। एक-एक कर सबकी पहचान हो रही है। कार्रवाई भी होगी। अब यूपी में कैराना या कांधला नहीं हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के असली मसीहा चौधरी चरण सिंह थे। बाकी लोगों के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक रहे हैं। अगर किसानों की इतनी ही फिक्र रहती तो 30 साल से बंद रमाला चीनी मिल चलवा देते। मोइनुद्दीन चीन मिल को अपग्रेड कर उसकी क्षमता बढ़वा देते। यह काम भाजपा ने किया। पश्चिम उप्र के गन्ना बेल्ट के किसानों की समस्याएं बेहतर तरीके से समझने के लिए उसी क्षेत्र के विधायक को विभाग का मंत्री बनाया। नतीजतन साढ़े तीन साल में एक लाख छह हजार करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को हुआ। यह एक रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास और सबका भरोसा हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं संकल्प है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं हैं उनके पाने की एक मात्र शर्त पात्रता ही रही है। हमने पूरी पारदर्शिता से बिना भेदभाव के इनका लाभ सबको दिया। पहले की सरकारों में इसके लिए जाति, धर्म, मजहब और क्षेत्र होता था। हर व्यक्ति जो शांति और विकास चाहता है वह भाजपा को भी चाहता है। आप उस तक पहुंचेंगे तो वह आपको छोड़कर कहीं जाने वाला नहीं।
योगी ने कहा कि पूर्व विधायक स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह सिरोही बुलंदशहर को विकास की बुलंदी पर ले जाना चाहता थे। वे पार्टी, संगठन और क्षेत्र के लिए समर्पित थे। उनके सपनों को पूरा करना हम सबका फर्ज है। सबसे बड़ा लंबा एक्सप्रेस-वे गंगा एक्सप्रेस-वे बुलंदशहर से होकर गुजरेगा। एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट आपके बाजू में बन रहा है। ग्रेटर नोएडा में देश की सबसे खूबसूरत फिल्म सिटी बनाने जा रहे हैं। इन सबका लाभ बुलंदशहर को भी मिलेगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि हमारी विचारधारा और नेतृत्व बेमिसाल है। सपना भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने का रहा है। उनके सपनों को पूरा करना हम सबका फर्ज है।
राजनीति
चार दिन का सत्र औपचारिकता न बने, जनहित के मुद्दों पर हो गंभीर चर्चा : मायावती

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के सोमवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय मानसून सत्र को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उम्मीद जताई है कि सदन की कार्यवाही जनहित और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह सत्र संकीर्ण दलगत राजनीति, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए, बल्कि प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर चर्चा का मंच बनना चाहिए।
बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का मानसून सत्र आज दिनांक 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन दिनांक 4 अगस्त को सरकारी खर्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि हालांकि यह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर भी लोगों की यही अपेक्षा है कि यूपी विधानमंडल का यह सत्र, संसद के वर्तमान सत्र की तरह ही, देश व जनहित, जनकल्याण एवं जव्लन्त जन समस्याओं के प्रति समर्पित होने के बजाय, संकीर्ण दलगत राजनीति, खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप व हंगामा आदि की पूरी तरह से भेंट ना चढ़ जाए।
मायावती ने कहा कि वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिंता भी स्वाभाविक ही है कि अफसरशाही (ब्यूरोक्रेसी) को संविधान के शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए यूपी के विधानमंडल का लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पायेगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जायेगी?
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के संविधान व यहां लोकतंत्र की मजबूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिए विधायिका की मजबूती अति-महत्वपूर्ण और इसके लिए सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव पहुंचे नई दिल्ली, दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर फोकस

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव, भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए सोमवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे।
उनके आने का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव का नई दिल्ली में आधिकारिक दौरे पर आने पर बहुत गर्मजोशी से स्वागत है।”
सैदोव भारत सरकार के निमंत्रण पर तीन से पांच अगस्त तक भारत में रहेंगे। अपने दौरे के दौरान, उज्बेक के विदेश मंत्री राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी बातचीत करेंगे।
वह नई दिल्ली में एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक और कमर्शियल सहयोग बढ़ाने के मौकों पर बात करेंगे।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और उज्बेकिस्तान व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना चाहते हैं।
दौरे से पहले, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 20 जुलाई को सैदोव के साथ टेलीफोन पर बात की, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बातचीत के बाद, विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि बातचीत व्यापार, निवेश और दूसरे क्षेत्र में हमारे द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर केंद्रित थी। सैदोव ने भी बातचीत को अहम बताया और कहा कि दोनों पक्ष अपने विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित और भरोसे पर आधारित बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए।
भारत और उज्बेकिस्तान ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के तहत करीबी डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट बनाए रखा है। दोनों देशों ने मई में नई दिल्ली में फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन का 17वां राउंड आयोजित किया, जहां अधिकारियों ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रोग्रेस की समीक्षा की और आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
सैदोव के दौरे से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, खासकर आर्थिक साझेदारी बढ़ाने और मध्य एशिया में दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने में।
राष्ट्रीय समाचार
राजस्थान: श्रद्धालुओं से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 22 घायल

राजस्थान के टोंक जिले के नया गांव के पास नेशनल हाईवे 52 पर करीब 25 यात्रियों को ले जा रही बस एक ट्रक से टकराने के बाद कम से कम 22 लोग घायल हो गए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हादसे में घायल एक महिला यात्री ने बताया कि वे दर्शन करने जा रहे थे, रास्ते में हादसा हो गया। एक और महिला यात्री ने बताया कि कोटा से स्वस्ति धाम दर्शन करने के लिए एक बस रवाना की गई थी। रास्ते में वह टकरा गई। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सभी का इलाज चल रहा है। भगवान से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द सभी ठीक हों और मां के दर्शन करें।”
कोटा की रहने वाली रेनू जैन ने बताया कि बस की टक्कर होने से कई लोग घायल हो गए हैं। कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।
यात्री मुकेश कुमार जैन ने बताया कि कोटा से मौजमाबाद दर्शन करने जा रहे थे। खड़े ट्रेलर से बस की टक्कर हो गई। बस में 25 लोग सवार थे, जिसमें से 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि तीन लोगों को मामूली चोट लगी है। चालक की हालत गंभीर है।
एक और शख्स ने कहा कि हादसे में 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी का उपचार किया जा चुका है। जिनको गंभीर चोटें लगी हैं, उनको जयपुर रेफर किया जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि मुझे टेलीफोन के माध्यम से जानकारी मिली थी कि यात्रियों से भरी एक बस का एक्सीडेंट हो गया है। सभी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। सभी घायलों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
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