अपराध
पाकिस्तान में बच्चों के सामने महिला से क्रूर दुष्कर्म पर मची खलबली
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक महिला के साथ उसके दो नाबालिग बच्चों के सामने सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर लोगों का व्यापक रोष देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने पाकिस्तान में अपनी सुरक्षा के पर्याप्त उपायों की मांग की है और साथ ही देश में दोषियों की सार्वजनिक फांसी की मांग भी उठ रही है।
यह घटना बुधवार को गुज्जरपुर इलाके के पास घटित हुई। महिला की कार बंद हो गई थी और वह सड़क पर मदद का इंतजार कर रही थी। उसी वक्त वहां दो लोग पहुंचे और उन्होंने बंदूक की नोक पर महिला के के साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने लाहौर-सियालकोट मार्ग पर टोल प्लाजा को पार कर लिया था कि तभी ईंधन की कमी के कारण उनकी कार रुक गई।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने गुजरांवाला में अपने रिश्तेदार को फोन किया था, जिसने उसे मदद के लिए पुलिस को फोन करने के लिए कहा और वह खुद भी उस तक पहुंचने के लिए घर से चल दिया था।
हालांकि जब तक वह घटनास्थल पर पहुंचा तो उसने पाया कि महिला खून से लथपथ हालत में थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कम से कम दो हथियारबंद लोगों ने महिला को अकेले पाया तो वह उसे और बच्चों को बंदूक की नोक पर पास के खेत में ले गए और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पंजाब सरकार के प्रवक्ता मुसरत चीमा ने कहा, “अब तक 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और अभी भी तलाश जारी है।”
पंजाब पुलिस ने कहा, “पीड़िता और उसके परिवार को तत्काल न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”
पंजाब पुलिस ने बयान में कहा, “पुलिस की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। आरोपी की पहचान के लिए डीएनए सबूत, जियो-फेंसिंग, सीसीटीवी फुटेज और एनएडीआरए रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।”
हालिया जानकारी के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार को सूचित किया है कि मामले में संदिग्ध में से एक की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने कहा, “संदिग्ध में से एक का नाम आबिद अली है। उसके पास 2013 से ही लूट और दुष्कर्म के मामलों का आपराधिक रिकॉर्ड है। महिला की कार से लिए गए नमूनों के आधार पर डीएनए परीक्षण के जरिए उसकी पहचान की गई है।”
इस घटना के बाद से पूरे पाकिस्तान में महिला अधिकार कार्यकर्ता और सिविल सोसायटी की बीच गुस्सा उत्पन्न हुआ है। लोगों ने क्रूर घटना के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है, जो उनके गुस्से और निंदा को व्यक्त करता है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता आमना अमीर ने कहा कि यह राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वह अपने लोगों के जीवन की रक्षा और सुरक्षा करे।
लाहौर के लिबर्टी स्क्वायर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान आमना आमिर ने कहा, “हमारे जीवन की रक्षा और सुरक्षा के लिए राष्ट्र की जिम्मेदारी है। मैं आज पूछती हूं कि राज्य कहां है? अपने दो मासूम छोटे बच्चों के साथ खड़ी एक महिला के साथ क्रूरता से दुष्कर्म किया जाता है और राज्य उसके सम्मान की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं कर सकता है।”
उन्होंने कहा, “हमें महिलाओं की सुरक्षा की जरूरत है और जब तक राष्ट्र पीड़ितों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं करता है, तब तक हम इस अन्याय के खिलाफ विरोध करने के लिए हर रोज यहां आते रहेंगे।”
प्रधानमंत्री इमरान खान ने महिलाओं, लड़कियों और छोटे बच्चों पर यौन उत्पीड़न की चल रही घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है। किसी भी सभ्य समाज में इस तरह की बर्बरता की इजाजत नहीं दी जा सकती। ऐसी घटनाएं हमारे सामाजिक मूल्यों और हमारे समाज पर एक बदसूरत दाग हैं।”
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध करने वाला चाहे कोई भी हो उसे पीड़िता को यातना देने के लिए सख्त सजा भुगतनी होगी।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

ARREST
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 5 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया है। यह गिरोह लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल था और देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले दूसरे राज्यों से नवजात बच्चों को लाते थे और फिर उनके जन्म रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें अवैध रूप से बेच देते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लाखों रुपए लेकर जरूरतमंद और संतानहीन दंपतियों को बच्चे बेच देता था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जबकि अन्य को राजस्थान से पकड़ा गया है। यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और हरियाणा सहित अन्य जगहों पर भी बच्चों को बेचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा रैकेट है जो लंबे समय से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से नवजात बच्चों को हासिल करने के बाद उनकी पहचान छुपाते थे। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस ने इस पूरे मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, यह भी जांच हो रही है कि बच्चों को किन-किन राज्यों में और किन लोगों को बेचा गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 नवजात बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और बाल कल्याण समिति की निगरानी में उन्हें आगे की देखभाल दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जल्द ही पूरी तरह उजागर किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
अपराध
वायु सेना अधिकारी की पत्नी से जुड़े जबरन धर्मांतरण मामले में मौलवी गिरफ्तार

नागपुर पुलिस ने भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी के कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हजरत मौलाना के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया और आगे की पूछताछ के लिए नागपुर लाया है।
महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सहपाठी और उसके कई साथियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन और काला जादू से जुड़े कथित अनुष्ठान कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस सप्ताह सामने आए इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति महिला का हाथ पकड़कर धार्मिक आयतें पढ़ता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और पुलिस जांच तेज कर दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी 26 वर्षीय अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार मौलवी ने कथित धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया और निकाह कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
एफआईआर के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया है कि 8 फरवरी 2025 को अयाज उसे एक होटल ले गया, जहां उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया गया। बेहोश होने के बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और पति को भेजने व सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कई बार यौन उत्पीड़न किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उससे करीब चार लाख रुपए भी वसूले गए।
महिला ने शिकायत में बताया कि वायरल वीडियो में वह रोते हुए खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही थी, जबकि आरोपी धार्मिक आयतें पढ़ रहा था। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है और फिर उसके साथ दोबारा यौन उत्पीड़न का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अयाज नियमित रूप से उसे प्लास्टिक की बोतल से एक तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर करता था। उसने दावा किया कि इसे पीने के बाद वह उर्दू में मंत्र पढ़ता था, उसके चेहरे पर फूंक मारता था और इस प्रक्रिया को सम्मोहन या काला जादू बताता था।
एफआईआर के अनुसार, 31 मई को आरोपी उसे अपने सहयोगी के साथ कलमेश्वर ले गया, जहां हजरत मौलाना ने धार्मिक गतिविधि के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे “कबूल है” कहलवाया। महिला का आरोप है कि इसके बाद मौलवी ने उसका धर्म परिवर्तन घोषित किया और अयाज के साथ निकाह करा दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौलवी से पूछताछ के दौरान मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अपराध
पंजाब: पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, एक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अभी इनसे पूछताछ कर मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस मामले से जुड़े अगर किसी आरोपी के बारे में जानकारी प्रकाश में आएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5.775 किलोग्राम हेरोइन, 1,33,640 प्रतिबंधित कैप्सूल/गोलियां, 39 कारतूस और 36,600 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस बात की जानकारी सामने आ सके कि इसमें कौन लोग शामिल हैं और किस-किस प्रकार की भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। अगर कोई अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त करना है और इस दिशा में हमारी पूरी कार्रवाई जारी रहेगी। हम नहीं चाहते हैं कि पंजाब के युवा किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाए।
बता दें कि पंजाब में सीमा पार से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। पुलिस अब तक इस मामले में कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 11 जून को कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे तस्करों के संपर्क में रहते थे और उनकी मदद से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी किया करते थे।
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