अपराध
सुशांत आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस ‘दोराहे’ पर!
John Cena pays tribute to Sushant Singh Rajput.
पटना के रहने वाले बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच भले ही अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुरू कर दी हो, लेकिन इस मामले को लेकर बिहार व महाराष्ट्र से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक में खूब सियासी बयानबाजी चली।
इस बयानबाजी के बीच जहां कई दल स्पष्ट रूप से सीबीआई जांच के पक्ष में थे और कई दलों ने मुंबई पुलिस पर भरोसा जताया था, लेकिन इस मामले को लेकर कांग्रेस दोराहे पर खड़ी दिखी।
बिहार के कांग्रेस नेता सुशांत को न्याय देने की बात करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे, जबकि महाराष्ट्र और दिल्ली के नेता तो सीबीआई जांच की आलोचना करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संविधान पढ़ने की नसीहत तक दे डाली। इधर, विरोधी अब कांग्रेस के दोहरे चरित्र को लेकर अब निशाना साध रही है।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा की साझा सरकार के गृहमंत्री ने शुरुआत में ही यह कहकर सरकार की नीयत स्पष्ट कर दी थी कि सुशांत मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है, महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर सबको भरोसा रखना चाहिए।
इसके इतर, जब सुशांत के पिता क़े क़े सिंह द्वारा पटना में दर्ज मामले की जांच करने बिहार पुलिस मुंबई पहुंची तो उसके साथ सहयोग नहीं करने का आरोप बिहार पुलिस द्वारा लगातार लगाया गया।
इस बीच, कांग्रेस के नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा और युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।
ललन कुमार कहते भी हैं कि कांग्रेस शुरू से ही सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के साथ खड़ी है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सुशांत बिहार का कलाकार था और उसे न्याय मिलना चाहिए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हालांकि बिहार सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करने पर कहा था कि संविधान के मुताबिक, प्रदेश की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदेश की गठबंधन सरकार की है, जिसके मुखिया उद्धव ठाकरे हैं। उन्होंने कहा था, “नीतीश कुमार को संविधान दोबारा पढ़ना चाहिए। बिहार सरकार पुलिस भेजकर परिधि के अंदर दखलअंदाजी नहीं कर सकती।”
इधर, भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र सबके सामने आ गया है। बिहार भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा, “कांग्रेस की आज जो स्थिति है, वह उसके दोहरे चरित्र के कारण ही है।” उन्होंने दावा करते हुए कहा कि गुरुवार को कांग्रेस की वर्चुअल बैठक में भी राहुल गांधी ने सुशांत मामले में सीबीआई जांच का विरोध किया।
आनंद ने कहा, “राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस का समर्थन किया तथा सुरजेवाला और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने इस मामले में सीबीआई जांच नहीं कराने के बयान का समर्थन किया तथा बिहार सरकार के फैसले का विरोध किया।”
उन्होंने कहा, “बैठक में कांग्रेसियों ने सुशांत मामले में बिहार सरकार और बिहार पुलिस की निंदा की है।”
अपराध
मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियारों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद 5 लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब पुलिस ने उनसे हथियारों के लाइसेंस के बारे में पूछा तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि वे इन हथियारों को बेचने के लिए लाए थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र अमरलालजी मीणा (25), रोहित घनश्याम मीणा (24), कार्तिक बिजेंद्र पारचा (19), दीपक कुमार चितरमल बिल (26) और रोहण/रोनुरोनक पन्नालाल मेरोथा (25) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 26 साल के बीच है।
इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।
अपराध
अशोक खरात की जांच में अहम बातें… जांच सही दिशा में चल रही है, सोशल मीडिया पर इसे वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई, 2 एफ आई आर, 6 गिरफ्तार: एस आई टी

मुंबई के धोखेबाज अशोक खराट की जांच में कई सनसनीखेज खुलासे होने के बाद, महाराष्ट्र स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के आईपीएस ऑफिसर तेजस्वी सातपुते ने आज अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि खराट के कोऑर्डिनेटर, सहयोगी और हेल्पर से पूछताछ की जाएगी। एसआईटी ने इस बारे में जांच शुरू कर दी है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, सातपुते ने अब तक जांच में काफी तरक्की का भी दावा किया है। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉर्ड और वीडियो समेत डॉक्यूमेंट्स लीक करने और बताने वालों की भी जांच चल रही है। सातपुते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विवादित और आपत्तिजनक कंटेंट वाले वीडियो वायरल करके पीड़ितों को बदनाम करने वालों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें छह को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने न्यूज चैनल से पीड़ितों की पहचान न बताने की अपील की। एसआईटी ने ऐसे 4,000 से ज्यादा वीडियो डिलीट भी कर दिए हैं। इसके साथ ही, पीड़ितों के खिलाफ बार-बार वीडियो जारी करने वालों के 441 वीडियो डिलीट करके दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये वीडियो कई बार पोस्ट किए गए थे, इसलिए केस दर्ज किया गया है। इसलिए, एसआईटी चीफ तेजस्वी सतपुते ने अपील की है कि इस केस से जुड़े विवादित और आपत्तिजनक कंटेंट और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचें। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के उन ऑर्डर का भी ज़िक्र किया, जिसमें पीड़ितों और आरोपियों की पहचान सीक्रेट रखने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही, पीड़ितों की पहचान का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह एक सेंसिटिव मामला है और महिलाओं से जुड़ा है। इसमें अशोक खरात ने भोली-भाली महिलाओं की मान्यताओं का फ़ायदा उठाया। उसने अंधविश्वास से पीड़ित महिलाओं को खुद को देवी-देवताओं का अवतार बताकर उनका यौन शोषण किया। इस केस में 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। पीड़ितों से पूछताछ भी की गई है। एसआईटी ने अशोक खरात के ख़िलाफ़ कई ज़रूरी सबूत इकट्ठा किए हैं और उसके ख़िलाफ़ 60 दिनों के अंदर चार्जशीट फ़ाइल करनी है। उन्होंने कहा कि ईडी ने भी इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है, एसआईटी ईडी के साथ सहयोग करेगी और जॉइंट जांच की जाएगी। पहले केस में अशोक खरात को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वह दूसरे केस में रिमांड पर है, जिसमें यौन शोषण के 8 केस और धोखाधड़ी का एक केस शामिल है। इनकी जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही एसआईटी अशोक खरात के कॉन्टैक्ट्स से भी पूछताछ कर रही है। रिकॉर्ड लीक करने वालों के बारे में भी जांच चल रही है।
अपराध
मुंबई: 84 लाख रुपये से ज़्यादा का चोरी का सामान असली मालिकों को सौंपा गया, डीसीपी की पहल पर चार महीने के अंदर चोरी का सामान बांटा गया

मुंबई पुलिस ने चोरी के अलग-अलग मामलों में ज़ब्त किए गए चोरी के सामान और मोबाइल फ़ोन उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। ज़ोन 8 के तहत आने वाले निर्मल नगर, बीकेसी, वकोला, खेरवाड़ी, विले पार्ले, सहार पुलिस स्टेशनों से चोरी के सामान बरामद करने के बाद, पुलिस ने आज 84 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत के मोबाइल फ़ोन, चोरी की मोटरसाइकिलें और गाड़ियां उनके असली मालिकों को लौटा दीं। डीसीपी ज़ोन 8 मनीष कलवानिया ने बताया कि पुलिस ऐसे प्रोग्राम करती रहती है जिसमें चोरी का सामान बांटा जाता है और यह सामान उनके असली मालिकों को सौंप दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हर चार महीने में उनका सामान असली मालिकों को लौटा दिया जाता है। इसमें ज़्यादातर चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद हुए हैं। चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद होने के बाद, नागरिकों और पीड़ितों की खुशी दोगुनी हो गई है क्योंकि उन्होंने अपने सामान को लेकर उम्मीद और उम्मीद छोड़ दी थी। आज 277 चोरी हुए मोबाइल फ़ोन भी लौटाए गए हैं। ये मोबाइल फ़ोन टेक्निकल जांच के बाद बरामद किए गए, साथ ही गाड़ियां और चोरी का सामान भी लौटा दिया गया।
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