खेल
आईपीएल-13 : जिस दिन मैच नहीं उस दिन वर्चुअल गेमिंग होगी
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 13वां सीजन यूएई में खेला जाना तय है, ऐसे में फ्रेंचाइजियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि जिस दिन मैच नहीं होगा उस दिन खिलाड़ी क्या करेंगे। इसका एक मात्र कारण है कि कोविड-19 के कारण मौजूदा स्थिति को देखते हुए खिलाड़ी होटल के बाहर नहीं जा सकेंगे जैसा कि वह पहले के सीजनों में किया करते थे। वहीं बीसीसीआई ने अभी तक टीमों को परिवार साथ ले जाने के संबंध में मंजूरी नहीं दी है।
एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि जिस दिन मैच नहीं होगा उस दिन खिलाड़ी क्या करेंगे यह उनके एजेंडा में है क्योंकि इस माहौल में वह टीम होटल से बाहर नहीं जा सकें गे।
उन्होंने कहा, “यह निश्चित तौर पर चर्चा का विषय है बल्कि मैं तो यह कहूंगा कि यह इस साल सबसे बड़ी चुनौती है। जब आपको पता है कि खिलाड़ी दो महीने तक कमरें में रहेंगे तो आपको उन्हें विकल्प मुहैया कराने होते हैं। एक्सबॉक्स और गेमिंग की सुविधाएं हावी रहेंगी। इस बात से हैरान नहीं होना अगर खिलाड़ी दो महीने में आईपीएल से ज्यादा फीफा खेलें।”
अधिकारी ने कहा, “साथ ही, फुसबाल ऐसा गेम है जो खिलाड़ियों में काफी प्रचलित है, इसके अलावा पूल और टेबल टेनिस भी। आप सिर्फ खिलाड़ियों को बता नहीं सकते कि वह होटल से बाहर नहीं जा सकते। आपको एक ऐसा माहौल तैयार करना होगा कि जिस दिन मैच न हो उस दिन खिलाड़ी टीम रूम में आने को लेकर उत्साहित हों।”
इस बात को मानते हुए एक और फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने कहा, “आप नेटफिलिक्स पर फिल्म देख सकते हैं अच्छी बात है। यह आप अपने कमरे में भी कर सकते हैं। हमें खिलाड़ियों को व्यस्त रखने के लिए कुछ अलग सोचना होगा। यह हमारे लिए निश्चित तौर पर चुनौती होगा, खासकर तब जब खिलाड़ियों के परिवार साथ नहीं होंगे। इसके बारे में हमें अगले कुछ दिनों में बीसीसीआई से जानकारी मिल जाएगी। आईपीएल गर्विनंग काउंसिल की बैठक के बाद हमारी उनसे इस मामले पर बैठक होनी हैं।”
ऐसी खबरें हैं कि फ्रेंचाइजियों ने बीसीसीआई से खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के परिवारों को ले जाने की अपील की है। फ्रेंचाइजियों ने हालांकि कहा है कि परिवार एक साथ न जाकर टुकड़ों में जाएं।
उन्होंने कहा, “यूएई में सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आपकी कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आती है तो आपको क्वारंटीन में जाने की जरूरत नहीं है। इसलिए कुछ फ्रेंचाइजियों ने अपील की है कि खिलाड़ियों की पत्नी या प्रेमिकाओं को कुछ समय के लिए वहां जाने की मंजूरी दी जाए। वह दो महीने की मंजूरी नहीं मांग रही हैं, बस 10-12 दिन की मांग रही हैं क्योंकि यह मुश्किल समय है और अगर आपके पास कोई अपना होता है तो इससे बेहत कुछ नहीं होता। उम्मीद है कि रविवार को होने वाली आईपीएल जीसी की बैठक में इस पर फैसला होगा।”
राष्ट्रीय
तेल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला नागरिकों को राहत देने वाला और जन-केंद्रित : गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली, 27 मार्च : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की जन-केंद्रित शासन और संवेदनशील निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जब पश्चिम एशिया संकट के बीच पूरी दुनिया ईंधन की कमी से जूझ रही है और कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं, ऐसे समय में मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला नागरिकों को बहुत जरूरी राहत देता है।”
अमित शाह ने पोस्ट में आगे लिखा, “जहां कई देशों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं मोदी सरकार का एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला जन-केंद्रित शासन और संवेदनशील निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है। इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई।”
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखा, “मौजूदा उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बहुत ही साहसी और संवेदनशील फैसला लेकर स्थिति को संभाला है। उन्होंने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी है, जिससे आम आदमी को बहुत बड़ी राहत मिली है।”
उन्होंने आगे लिखा, “जैसे कोविड महामारी के दौरान भारत ने बाकी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम की थी, वैसे ही मौजूदा समय में भी प्रधानमंत्री मोदी ने रास्ता दिखाया है।”
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “हर नागरिक के लिए एक बड़ी राहत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती की है। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है और डीजल पर इसे 10 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया गया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, हमने यह सुनिश्चित किया है कि आम आदमी पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े और साथ ही तेल कंपनियों पर भी दबाव कम किया है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “जब-जब देश ने चुनौतियों का सामना किया है, तब-तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी निर्णयों से देशवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 10 रुपए से शून्य करना आमजन को बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। साथ ही, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क के माध्यम से देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना एक संतुलित एवं जनहितकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में आगे कहा, “यह निर्णय फिर से सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सदैव राष्ट्रहित और जनकल्याण सर्वोपरि है।”
बता दें कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की, जिससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। यह कदम बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अपराध
राजस्थान से पाकिस्तानी जासूस आकाशदीप गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान भेजता था फोटो और वीडियो

श्रीगंगानगर, 27 मार्च : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाशदीप (19) पुत्र पीरा सिंह, के रूप में हुई है, जो केसरीसिंहपुर का निवासी है और वर्तमान में चक केरा में रह रहा था। आरोपी आकाशदीप लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। वह इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार उससे बातचीत कर रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने आतंकी के निर्देश पर कई संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की रेकी की और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजता था और उसके एवज में राशि लिया करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रियलमी कंपनी का एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के कई सबूत मिले हैं। मोबाइल की जांच में पाया गया कि आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी थी। आरोपी आकाशदीप आईडी के जरिए भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच वॉइस चैट और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा था। साथ ही, +92 कोड वाले नंबरों पर जानकारी साझा करने के प्रमाण भी मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आतंकी शहजाद भट्टी के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। व्हाट्सएप चैट में भी आरोपी की ओर से पाकिस्तान के नंबर पर संपर्क करने और जवाब मिलने के संकेत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान आकाशदीप ने स्वीकार किया कि उसने आतंकी के कहने पर पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। उसने इन स्थानों के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान भेजे और वहां तक पहुंचने के रास्तों की जानकारी भी साझा की।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी के तार अंबाला में बरामद आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री से भी जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत भेजा गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान युद्ध के बीच बदलते समीकरणों के चलते चीन ने बदला अपना रुख

war
वॉशिंगटन, 27 मार्च : अमेरिकी सरकार के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चीन ईरान विवाद पर अपने नजरिए को बदल रहा है। पूर्व अधिकारी ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की तैयारी के लिए तनाव कम करने के लिए समर्थन का संकेत दे रहा है।
यह बात ऐसे समय में आई है जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने चीन जाने का प्लान बना रहे हैं, जबकि खाड़ी में लड़ाई बढ़ती जा रही है।
पूर्व अधिकारी ने कहा, “यह बहुत अच्छी बात है कि राष्ट्रपति इस बड़े युद्ध के बीच में चीन जाने के लिए तैयार थे।” उन्होंने इस समय को बहुत अजीब बताया।”
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अप्रैल में चीन के दौरे पर जाने वाले थे। हालांकि, हालिया हमलों और तनाव की वजह से अब चर्चा हो रही है कि वह मई में चीन दौरे पर जाएंगे। ट्रंप के चीन दौरे को लेकर अधिकारी ने कहा कि एशिया भर के देश प्रस्तावित समिट पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इससे इलाके की स्थिरता और आर्थिक हालात पर असर पड़ सकता है।
अधिकारी ने कहा, “एशिया का हर देश देख रहा है और उम्मीद कर रहा है कि जब राष्ट्रपति ट्रंप चीन आएंगे तो क्या उम्मीद की जा सकती है।”
अमेरिकी सरकार के एक दूसरे पुराने अधिकारी ने कहा कि हाल की आर्थिक बातचीत के बाद इस लड़ाई ने दोनों पक्षों को फिर से सोचने का मौका दिया है।
पेरिस में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा, “खाड़ी में ऑपरेशन दोनों पक्षों के लिए ज्यादा समय पाने का एक पॉलिटिकल कवर बन गया।”
अधिकारी ने कहा कि चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी के लिए तैयार होने का संकेत देना जारी रखा है। हालांकि, अभी इस दौरे से संबंधित डिटेल्स को लेकर कुछ भी तय नहीं हुआ है।
अधिकारी ने कहा, “चीनियों ने आज सुबह कमोबेश संकेत दिया कि वे अभी भी उनकी (ट्रंप की) मेजबानी के लिए तैयार होंगे, लेकिन तारीखें कन्फर्म नहीं कीं।”
इसके साथ ही, हाल की डिप्लोमैटिक बातचीत के बाद लड़ाई पर चीन के मैसेज में बदलाव के संकेत दिखे हैं।
एक तीसरे पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “शांति को बढ़ावा देने, ईरानियों को बातचीत की टेबल पर लाने पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।” उन्होंने इस बदलाव को छोटा लेकिन ध्यान देने लायक बताया।
अधिकारी ने आगे कहा कि अमेरिका के लिए एक शांति प्रस्ताव था, जिससे पता चलता है कि बीजिंग उच्च स्तरीय बातचीत से पहले हालात को स्थिर करना चाहता है। बदलते हालात ईरान विवाद और बड़ी अमेरिकी-चीन बातचीत के बीच के संबंध को भी दिखाते हैं।
दूसरे अधिकारी ने एजेंडा के संभावित विस्तार की ओर इशारा करते हुए कहा, “अमेरिका के बातचीत करने वाले अब किस हद तक, ईरानी तेल की चीनी खरीद जैसी बातें उठाना शुरू करेंगे।”
अधिकारी ने ईरान को चीन के संभावित समर्थन के बारे में भी चिंता जताई। अधिकारी ने कहा, “झगड़े से पहले, चीनियों ने ईरानियों को एंटी शिप मिसाइल बेचने की बात की थी।” उन्होंने कहा कि ऐसे विकास पर करीब से नजर रखी जाएगी।
इन मुश्किलों के बावजूद, दोनों पक्ष बातचीत बनाए हुए दिख रहे हैं। समिट को लेकर चीन की ओर से मिल रहे संकेतों को लेकर अधिकारी ने कहा, “मुझे लगता है यह उनके हित में है और यह हमारे भी हित में है।”
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक है, जो दुनिया भर में तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। किसी भी रुकावट का ग्लोबल मार्केट पर तुरंत असर पड़ता है, खासकर एनर्जी इंपोर्ट पर निर्भर बड़ी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर।
अमेरिका-चीन के संबंध व्यापार, तकनीक और सुरक्षा में प्रतिस्पर्धा और समय-समय पर जुड़ाव से पहचाने जाते रहे हैं। एक एक्टिव संघर्ष के बीच एक संभावित समिट इस बात पर जोर देता है कि कैसे भू-राजनीतिक संकट और बड़ी ताकतों के बीच बातचीत तेजी से आपस में जुड़ रही है।
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