व्यापार
2020 में सोना 2020 डॉलर प्रति औंस को तोड़ रचेगा इतिहास!
वैश्विक बाजार में सोना 1981 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चला गया है और 2000 डॉलर प्रति औंस के काफी करीब है। कोरोना संकट काल में बहुमूल्य धातुओं के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है जिससे इस मनोवैज्ञानिक स्तर के टूटने की संभावना बनी हुई है। हालांकि बाजार विश्लेषक बताते हैं कि 2020 में सोना 2020 डॉलर प्रति औंस के स्तर को तोड़ इतिहास रच सकता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आई तेजी से उत्साहित सोना घरेलू बाजार में भी लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है और चांदी के दाम में भी जबरदस्त उछाल आई है।
देश के सबसे बड़े वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10.18 बजे चांदी के सितंबर अनुबंध में पिछले सत्र से 919 रुपये यानी 1.40 फीसदी की तेजी के साथ 66,447 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले चांदी का भाव एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान 67,560 रुपये प्रति किलो तक उछला। कोरोना काल में 18 मार्च को चांदी का भाव एमसएक्स पर 33,580 रुपये प्रति किलो तक टूटा था जिसके बाद कीमतों में तकरीबन दोगुनी से ज्यादा की उछाल आई है।
जेम एंड ज्वेलरी ट्रेड काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट शांतिभाई पटेल ने आईएएनएस को बताया कि इस बार चांदी में आई तेजी से इसकी जेवराती मांग जबरदस्त बनी रह सकती है, इसलिए पिछले रिकॉर्ड स्तर को चांदी छू सकती है। उन्होंने बताया कि उंचे भाव पर भी सोने की मांग बनी हुई है क्योंकि सोना मुसीबत की घड़ी में काम आता है।
बता दें कि चांदी का भाव एमसीएक्स पर 25 अप्रैल 2011 को रिकॉर्ड 73,600 रुपये प्रति किलो तक उछला था जबकि हाजिर बाजार में चांदी का भाव 2011 में 77,000 रुपये प्रति किलो तक उछला था।
एमसीएक्स पर सोने के अगस्त वायदा अनुबंध में पिछले सत्र की क्लोजिंग से 185 रुपये यानी 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 52,286 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव 52,435 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। सोने का भाव 16 मार्च 2020 को 38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था जिसके बाद सोने में 36.54 फीसदी की तेजी आई है।
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता कहते हैं कि अमेरिकी करेंसी डॉलर में कमजोरी को देखते हुए सोना वैश्विक बाजार में 2000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर इतिहास रच सकता है। अनुज गुप्ता बताते हैं कि दिवाली तक एमसीएक्स पर सोना 54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब रह सकता है।
निवेश के सुरक्षित साधन के तौर पर सोने के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है जिसके चलते सोना वैश्विक बाजार में लगातार नया रिकॉर्ड बना हुआ है और चांदी में भी लगातार तेजी का रुख बना हुंआ है।।
बाजार विश्लेषक बताते हैं कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के चलते चांदी की खनन बाधित होने और दुनिया के विभिन्न देशों में औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर लौटने से चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने की उम्मीदों से इसकी कीमतों में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 18 मार्च को 12 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे गिर गई थी जबकि मंगलवार को चांदी कॉमेक्स पर 26 डॉलर प्रति औंस से उपर तक उछली।
अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने के अगस्त वायदा अनुबंध में मंगलवार को पिछले सत्र से 5.10 डॉलर यानी 0.26 फीसदी की तेजी के साथ 1936.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले सोने का भाव 1974.40 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि कॉमेक्स पर सोने के वायदा भाव का एक नया रिकॉर्ड है। वहीं, सोने का हाजिर भाव वैश्विक बाजार में 1981.13 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि एक नया रिकॉर्ड है।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय इक्विटी बाजार में जोखिम घटा; 84,000 के स्तर तक जा सकता है सेंसेक्स : रिपोर्ट

भारतीय शेयर बाजार के आउटलुक में सुधार हुआ है और सेंसेक्स इस साल के अंत तक 84,000 के स्तर को छू सकता है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट होना, घरेलू स्तर पर खपत मजबूत रहना और कंपनियों में आय से जुड़ा जोखिम कम होना है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
एचएसबीसी ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में भारतीय इक्विटी के लिए व्यापक आर्थिक माहौल में काफी सुधार हुआ है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें उम्मीद से अधिक तेजी से संघर्ष से पहले के स्तर पर वापस आ गई हैं।
इसमें कहा गया है कि तेल की कीमतों में गिरावट से कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव कम हुआ है और कमाई के अनुमानों में भारी कटौती की संभावना भी घटी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब वैल्यूएशन सामान्य हो गई हैं, जबकि ऊर्जा की कम कीमतों और मजबूत खपत ने कमाई के आउटलुक को बेहतर बनाया है।
इसके अलावा, हालिया भारी खरीदारी के बाद आने वाले महीनों में खपत धीमी हो सकती है, जबकि अल नीनो ग्रामीण मांग के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 27 में कमाई में बढ़ोतरी के आम अनुमान (कमोडिटी को छोड़कर) को पहले के 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, इसमें और कटौती होने की उम्मीद है।
एचएसबीसी के एनालिस्ट के अनुसार, बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट में विदेशी निवेश लाने के लिए आरबीआई के हालिया कदमों से रुपए को स्थिर करने और विदेशी निवेश की निकासी को कम करने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशक भी शुद्ध खरीदार बन गए हैं और जुलाई में अब तक लगभग 1.8 अरब डॉलर का निवेश आया है।
भारतीय इक्विटी को ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ कैटेगरी में अपग्रेड करने के बावजूद, ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि विदेशी निवेश शायद लंबे समय तक बना न रहे, क्योंकि ग्लोबल निवेशक एक बार फिर दूसरे बाजारों में एआई से जुड़े मौकों पर ध्यान दे सकते हैं।
हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इक्विटी के लिए घरेलू निवेशकों की मांग मजबूत बनी रहेगी।
इसके अलावा, ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में भारत के प्राइवेट बैंकों, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, रियल एस्टेट, कमोडिटी और चुनिंदा इंडस्ट्रियल कंपनियों को प्राथमिकता दी है। हालांकि, एआई से जुड़ी चिंताओं के कारण सॉफ्टवेयर सर्विस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं, भले ही इस सेक्टर के वैल्यूएशन में काफी सुधार हुआ है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 561 अंक फिसला, निफ्टी 0.6 प्रतिशत लुढ़का

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्कों निफ्टी और सेंसेक्स में 0.72 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर था। इस तरह घरेलू बाजार में लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया।
इस दौरान करीब 1,422 शेयरों में बढ़त, 2,632 शेयरों में गिरावट और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे बड़ा नुकसान झेलने वाला क्षेत्र बनकर उभरा, जिसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक (-1.8 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-1.6 प्रतिशत), निफ्टी बैंक (-1.1 प्रतिशत) और निफ्टी आईटी (-1 प्रतिशत) भी गिरावट के साथ बंद हुए।
इसके बाद, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.8 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.6 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.6 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 0.3 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रा में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा ने 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, इसके बाद निफ्टी मेटल का स्थान रहा, जिसमें 0.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
निफ्टी 50 इंडेक्स में कुल 39 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें एचसीएल टेक्नोलॉजीज, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि भारती एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, टीसीएस और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
इस बीच, भारतीय रुपया 57 पैसे गिरकर 96.25 अमेरिकी डॉलर प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले सत्र में रुपया 95.68 डॉलर प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई और यह 87 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए बड़े आर्थिक संकट पैदा कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और तेज हो गया है, ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी व्यापार पर एक नई नाकाबंदी की घोषणा की है। इससे आगामी कारोबारी सत्रों में भी बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।
व्यापार
सोने और चांदी में रिकवरी, दाम आधा प्रतिशत से अधिक बढ़े

सोने और चांदी में मंगलवार को रिकवरी देखने को मिली। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम आधा प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,40,309 रुपए के मुकाबले 640 रुपए की तेजी के साथ 1,40,949 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।
शुरुआती कारोबार में इसमें और तेजी देखने को मिली। सुबह 9:47 पर यह 742 रुपए या 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,41,051 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,40,796 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,41,294 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
सोने के साथ चांदी में तेजी देखी जा रही है।
चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,17,718 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 615 रुपए की तेजी के साथ 2,18,333 रुपए प्रति किलो पर खुला।
खबर लिखे जाने तक, यह 1,231 रुपए या 0.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,18,949 रुपए प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,17,923 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,19,289 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार देखा जा रहा है। कॉमेक्स पर सोना 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,023 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 57.87 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी में आने वाले समय में दबाव देखने को मिल सकता है। इसका बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ना है।
अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की यील्ड 4.62 प्रतिशत, अमेरिका के 30 साल के बॉन्ड की यील्ड 5.104 प्रतिशत और अमेरिका के 5 साल के बॉन्ड की यील्ड 4.378 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
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