Connect with us
Monday,13-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

सैन फ्रांसिस्को नगर निकाय में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित

Published

on

San-Francisco

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा संचालित सैन फ्रांसिस्को नगरपालिका परिषद ने सर्वसम्मति से भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और संबंधित अन्य विधानों का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित किया है।

प्रस्ताव रखने वाले गॉर्डन मार ने मंगलवार को वोट से पहले दावा किया कि भारत में मुसलमानों के साथ-साथ महिलाओं, दलितों, समलैंगिकों और ट्रांसजेंडर लोगों को ‘बड़े पैमाने पर हिरासत केंद्रों में कैद’ किया जा रहा है।

प्रस्ताव में नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन्स (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का भी विरोध करते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण बताया गया है।

इस निकाय को औपचारिक रूप से पर्यवेक्षकों के बोर्ड (बोर्ड आफ सुपरवाइजर्स) के रूप में जाना जाता है और इसके सभी 11 निर्वाचित सदस्य डेमोक्रेट हैं जिनके पास पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) का पद है।

सिलिकन वैली के केंद्र में स्थित इस नगर निकाय ने प्रस्ताव में भारतीय कानून और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ जोड़ा है और इसमें ‘सैन फ्रांसिस्को के दक्षिण एशियाई समुदाय के साथ एकजुटता’ जताई गई है।

मार ने दावा किया कि ‘धुर दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी ट्रम्प के सबसे बड़े प्रवासी दानदाता (डोनर) हैं’ और चेतावनी दी कि ‘हिंदू राष्ट्रवादी पारिस्थितिकी तंत्र बे एरिया से सिलिकॉन वैली तक फैला हुआ है।’

पर्यवेक्षकों में से एक, आरोन पेसकिन ने नगरपालिका निकाय को अंतर्राष्ट्रीय मामलों में कदम रखने के बारे में आगाह करते हुए कहा कि ‘हम कोई कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के सदस्य नहीं हैं। हमें इस तरह के मामलों में बहुत एहतियात से कदम उठाना चाहिए,’ लेकिन उन्होंने भी अन्य 10 डेमोक्रेट के साथ प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया।

सैन फ्रांसिस्को में डेमोक्रेटिक पार्टी में वामपंथी हिस्से का दबदबा है जो पार्टी के भीतर शक्तिशाली बनकर उभर रहा है और भारत के प्रति एजेंडा सेट करने की कोशिश कर रहा है।

इसी वामपंथ के असर में पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने अपने ‘एजेंडा फार मुस्लिम अमेरिकन कम्युनिटीज’ में मुस्लिम मतदाताओं से कश्मीर और सीएए के मुद्दों को लेकर खुलेआम सांप्रदायिक अपील की है। बिडेन का पार्टी का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनना तय माना जा रहा है।

इस बीच, वाशिंगटन राज्य में सिएटल में, मिनेसोटा में सेंट पॉल, मैसाचुसेट्स में कैम्ब्रिज और न्यूयॉर्क में अल्बानी नगर निकाय भी इस्लामिक संगठनों द्वारा आगे बढ़ाए गए ऐसे ही प्रस्तावों को पारित कर चुके हैं।

हालांकि, वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान में हिंदुओं और सिखों पर हमलों और वहां मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चुप रहे हैं।

मार ने प्रस्ताव पेश करते हुए भारत के साथ तीन अरब डालर के अमेरिकी हथियारों के सौदे का उल्लेख किया। प्रस्ताव में भारत के खिलाफ प्रतिबंधों की संभावनाओं का पता लगाने का भी उल्लेख है।

डेमोक्रेटिक पार्टी नियंत्रित नगरपालिकाओं द्वारा भारत के खिलाफ ऐसे कदम ट्रम्प के विरोध और आने वाले राष्ट्रपति चुनाव से भी प्रेरित हैं।

सैन फ्रांसिस्को के प्रस्ताव में कहा गया है, “राष्ट्रपति ट्रम्प की अमेरिका के भीतर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने की नीति, कमजोर समुदायों को निशाना बनाने, नागरिकता छीनने, संकटों को गढ़ने और घृणा फैलाने की नीति सहित कई नीतियां भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी हिंदू चरमपंथी भारतीय जनता पार्टी सरकार और उनकी हिंदू नस्लीय और सांस्कृतिक रूप से दूसरों से बेहतर हैं, जैसी खतरनाक विचारधारा से मेल खाती हैं।”

प्रस्ताव में गलत तरीके से सीएए, एनसीआर और एनपीआर को मुस्लिम, दलित, महिला, एलजीबीटीक्यू विरोधी बताया गया है, जबकि एनसीआर के मुख्य उद्देश्यों में से एक भारत के पूर्वोत्तर में मूल निवासियों की संख्या को अवैध आव्रजकों से कम होने से बचाना है।

इसी तरह सीएए पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान करता है। मुस्लिम आव्रजकों के लिए अन्य नियमित नियमों के तहत भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का रास्ता पहले की तरह खुला हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ब्रिटेन अगले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत करेगा : रिपोर्ट

Published

on

ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के दोबारा जहाजों के लिए खोलने के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के साथ अहम बातचीत करने जा रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की मेजबानी में 2 अप्रैल को हुई वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। इसमें संभावित प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

एक अधिकारी के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तनाव को खत्म करने का स्थायी रास्ता तलाशना है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जाएगी, ताकि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल सके।

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा इस महीने आयोजित की जा रही यह तीसरी बैठक होगी। हालांकि, अगले सप्ताह होने वाली इस बैठक की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है।

इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है। अब दोनों देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम बातचीत करने जा रहे हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास, अलग-अलग मांगें और दबाव के कारण बातचीत काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, दोनों देशों में सिर्फ एक ही बात समान है कि युद्ध से बाहर निकलने की जरूरत। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को ‘धोखा’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि ईरान टैंकरों की आवाजाही में बाधा डाल रहा है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। मोहम्मद बाक़िर गालिबफ ने कहा है कि बातचीत शुरू होने से पहले ‘ब्लॉक किए गए संपत्तियों’ की रिहाई जैसे मुद्दों का समाधान जरूरी है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार

Published

on

भारत ने शनिवार को ईरान से ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।

आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”

पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।

जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।”

भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

Published

on

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।

नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।

हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।

अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।

इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।

स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र2 days ago

नागरिकों को अच्छी क्वालिटी की बेसिक सर्विस देने पर फोकस होना चाहिए: अश्विनी भिड़े

राष्ट्रीय समाचार2 days ago

जम्मू-कश्मीर: ड्रग तस्करी में शामिल लोगों के पासपोर्ट और आधार कार्ड किए जाएंगे रद्द, एलजी ने की घोषणा

राष्ट्रीय समाचार2 days ago

तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

महाराष्ट्र2 days ago

फर्जी बाबा अशोक खराट ने की अपनी मौत की भविष्यवाणी, जांच एजेंसी भी हैरान, अस्थमा के गंभीर आरोप से खराट की जान को खतरा

व्यापार2 days ago

सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते तेजी, डॉलर की कमजोरी से बढ़ी मांग

खेल2 days ago

‘आप हमारी टीम की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं’, एमआई के साथ 15 साल पूरे करने पर रोहित शर्मा को हार्दिक ने दी बधाई

व्यापार2 days ago

अमेरिका-ईरान युद्धविराम के संकेतों से शेयर बाजार को मिली मजबूती, हफ्ते के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 6 प्रतिशत की उछाल

राजनीति2 days ago

पीएम मोदी का टीएमसी पर तंज, कहा-हम पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों पर कार्रवाई करेंगे

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 days ago

ब्रिटेन अगले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत करेगा : रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय2 days ago

होर्मुज संकट के बीच 9वें हिंद महासागर सम्मेलन में एस जयशंकर ने एकजुटता के साथ सहयोग पर दिया जोर

महाराष्ट्र2 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र7 days ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राजनीति2 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

व्यापार1 week ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

अपराध2 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अपराध3 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

महाराष्ट्र3 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

ईरानी हमले के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे राष्ट्रपति हर्जोग, ईरान को कड़ी चेतावनी दी

रुझान