राजनीति
भाजपा में शामिल होने के कारण देवेंद्र नाथ रे को ‘मारा’ गया : त्रिपुरा के मुख्यमंत्री
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के विधायक देवेंद्र नाथ रे को इसलिए ‘मार डाला गया’ क्योंकि वह पिछले साल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। देब ने ट्वीट कर कहा, “हेमताबाद से भाजपा विधायक श्री देवेन्द्र नाथ रे का पार्थिव शरीर उत्तर दिनाजपुर में बिंदल में उनके गांव के घर के पास लटका पाया गया। लोगों का स्पष्ट मानना है कि पहले उनकी हत्या की गई और फिर लटका दिया गया। उनका अपराध? वह 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे।”
65 वर्षीय विधायक को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लगभग 454 किलोमीटर दूर, उनके गांव में एक स्थानीय बाजार के पास अपने घर से कुछ मीटर की दूरी पर सोमवार सुबह रहस्यमय तरीके से लटका पाया गया था।
रे 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले, वह 2016 में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों पर एके 47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार बंद के दौरान 25 जुलाई को सिवान में हुए बवाल और पुलिस की ओर से एके-47 से फायरिंग के मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है। फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी की भी चर्चा है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संबंधित सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने घटना को गंभीर मानते हुए पहले ही संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी।
गौरतलब है कि 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए थे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आई। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा अत्याधुनिक हथियार एके-47 से फायरिंग की गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने संबंधित सिपाही के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की। अब पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फायरिंग निर्धारित मानकों और परिस्थितियों के अनुरूप की गई थी या नहीं।
उल्लेखनीय है कि बिहार बंद के दौरान शनिवार को सिवान शहर में प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जमकर हंगामा और पथराव किए गए थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस का कहना था कि भीड़ को नियंत्रित करने और हालात सामान्य करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। हालांकि, एके-47 से की गई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद संबंधित सिपाही को निलंबित कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान के जहाज पर यूक्रेन के हमले का जवाब देना जरूरी : विदेश मंत्री अब्बास अराघची

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि कैस्पियन सागर में ईरान के कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले को बिना जवाब दिए ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता।
ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने इजरायल के कहने पर यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन करके यूरोप को अपनी लड़ाई में घसीटने का आदेश दिया।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि उन्होंने शनिवार और रविवार को यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख काजा कैलास और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर हुई बातचीत में स्पष्ट कर दिया था कि कीव में मुफ्तखोर ने जो किया, उसे बिना जवाब दिए नहीं जाने नहीं दिया जा सकता।
ईरानी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अराघची ने शनिवार को ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ एक फोन कॉल में यह बात कही। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।
बयान के अनुसार, अराघची ने यूक्रेनी हमले की निंदा की और ईयू, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसके गुनाहगारों और समर्थकों को जिम्मेदार ठहराने की अपील की।
इसमें आगे कहा गया कि दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट में हो रहे घटनाक्रम पर भी बात की और क्षेत्रीय तनाव को मैनेज करने के लिए डिप्लोमैटिक पहल की जरूरत पर जोर दिया।
एक अलग बयान में मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने हमले को लेकर शनिवार को तेहरान में यूक्रेन के चार्ज डी’अफेयर्स को बुलाया और औपचारिक रूप से इस काम की निंदा करते हुए विरोध पत्र दिया।
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला शनिवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 3:00 बजे हुआ और इसमें जहाज में धमाका हुआ और एक नाविक की मौत हो गई।
अर्धसरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने रविवार को बताया कि हमले में तीन नाविक भी घायल हुए हैं।
ईरान के उत्तरी गिलान प्रांत के गवर्नर हादी हकशेनास के हवाले से बताया गया कि स्टील लादे इस जहाज पर उस समय हमला हुआ, जब वह रूस के अस्त्राखान बंदरगाह से ईरान के गिलान प्रांत स्थित अंजली बंदरगाह की ओर जा रहा था।
हकशेनास ने कहा कि हमले में जहाज का ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वह अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गया। उन्होंने कहा कि इस घटना को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानूनी माध्यमों से उठाया जाएगा।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को दावा किया कि यूक्रेनी बलों ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और ईरान से जुड़े सैन्य सामान की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे जहाजों को निशाना बनाया है।
महाराष्ट्र
मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पुलिस ने 36 वर्षीय बांग्लादेशी व्यक्ति को किया गिरफ्तार

ARREST
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चेकिंग के दौरान एक 36 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। वह कथित तौर पर फर्जी तरीके से बनवाए गए दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहा था। कोलंबो से लौटते समय हवाई अड्डे पर उसे पकड़ा गया।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस ने 36 वर्षीय बांग्लादेशी व्यक्ति को किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने खुलासा किया कि कोलकाता में रहते हुए आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज बनवाए थे, जिसके बाद उसने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। इन पासपोर्ट के जरिए वह मालदीव और कोलंबो की यात्रा कर चुका था। आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि कोलंबो से लौटने समय मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आरोपी इमिग्रेशन काउंटर पर स्टांप लगवाने पहुंचा था। सहायक इमिग्रेशन अधिकारी को उसके पासपोर्ट पर शक हुआ। अधिकारी ने उससे पूछताछ की, जिस दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
पुलिस ने बताया कि आगे पूछताछ के लिए इमिग्रेशन विंग के प्रभारी और ड्यूटी अधिकारियों के सामने पेश किया गया। इसके बाद यह साफ हो गया कि वह बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला है। पुष्टि तब हुई जब उसने घर पर अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर कॉल किया और उससे बांग्लादेशी नागरिकता के प्रमाण के तौर पर कुछ दस्तावेज भेजने को कहा। इसके बाद उसे बाबू विश्वास के पिता के नाम पर बांग्लादेश में रजिस्टर्ड जमीन के दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विश्वास ने बताया कि वह 2016 में परिवार के साथ बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। वह कोलकाता के नादिया जिले में रहा और मजदूर के रूप में काम किया। पश्चिम बंगाल में रहते हुए उसने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवा लिया। उसने कोलकाता के पासपोर्ट कार्यालय से दस्तावेजों के आधार पर 2019 में भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया। उसने 2023 में भारतीय पासपोर्ट से दो बार मालदीव की यात्रा की।
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