Connect with us
Friday,25-September-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

पप्पू यादव ने योगी आदित्यनाथ पर लगाया ‘जातिवाद’ का आरोप

Published

on

Yogi-Adityanath

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवाद का आरोप लगाते हुए जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ गैरकानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर 400 से ज्यादा एनकाउंटर किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से पूछा, क्या उत्तर प्रदेश में उनकी जाति का कोई अपराधी नहीं है?

मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में विकास दुबे के एनकाउंटर पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर विकास दुबे भागने की कोशिश कर रहा था तो सीने में गोलियां कैसे लगीं? वह टाटा सफारी गाड़ी में सवार था, लेकिन जो गाड़ी पलटी, वह महिंद्रा की थी।

उन्होंने कहा, “विकास दुबे भाजपा के कई मंत्रियों की पोल खोलने वाला था, जिससे भाजपा सरकार गिर भी सकती थी। पोल खुलने से पहले ही उसे चुप करा दिया गया। उसके घर को भी गैरकानूनी ढंग से गिरा दिया गया। उसकी पत्नी और बच्चे के साथ दुर्व्यवहार किया गया और रिश्तेदारों को भी जानबूझकर एनकाउंटर में मार दिया गया।”

एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग करते हुए पप्पू यादव ने कहा, “सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायपालिका को है। मैं उच्चतम न्यायालय से अपील करता हूं कि शीर्ष अदलत इस घटना का स्वत: संज्ञान ले और इसकी न्यायिक जांच हो। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड़ की निगरानी में सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस काटजू, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस लोकुर के द्वारा जांच होनी चाहिए।”

बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा, “कोरोना काल में 8,400 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन आम जनता को कोई राहत नहीं मिली। पूरे खर्च की जांच होनी चाहिए।”

अंत में उन्होंने कहा, “यदि बिहार में हमारी सरकार बनती है तो हम अपराधियों से सख्ती से निपटेंगे। हम स्पेशल टास्क फोर्स और स्पेशल कोर्ट स्थापित करेंगे और एक सप्ताह में चार्जशीट और छह महीने में सजा का प्रावधान करेंगे।”

इससे पहले, पप्पू यादव और प्रेमचंद्र सिंह के नेतृत्व में सिवान राजद के नेता फिरोज आलम, मो़ इफ्तेखार आलम, अजय यादव, रवींद्र यादव, मो़ मोतिकुर रहमान, मोहम्मद वासिम रज्जा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जन अधिकार पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राष्ट्रीय समाचार

नोएडा से यूपी चुनाव का शंखनाद, हम लोग 2017 का रिकॉर्ड तोड़ेंगे: भाजपा सांसद रवि किशन

Published

on

गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन ने 2027 में होने वाले चुनाव की तैयारियों और अखिलेश यादव की ‘पीडीए’ रथ यात्रा को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए रवि किशन ने कहा, “नोएडा से यूपी चुनाव का शंखनाद हो गया है। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक साथ देखकर विरोधियों को कई रात नींद नहीं आएगी। भाजपा की यही शालीनता है कि हम सब लोग मिलकर चुनाव लड़ते हैं। हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी की जीत के लिए एक-एक सीट पर सब लोग मेहनत करेंगे।”

रवि किशन ने कहा, “दोनों नेता आज एक साथ मंच पर हैं। भाजपा के ‘चाणक्य’ गृह मंत्री अमित शाह और देश के सबसे प्रसिद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संगम देखने लायक है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विरोधियों की क्या हालत होगी? दोनों विराट व्यक्तित्व को एक साथ मंच पर देखने के लिए सभी की निगाहें होंगी। पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक मंच पर देखने के लिए जनता उत्साहित है। जनता बोलती है कि तीनों एक साथ मंच पर आ जाएंगे तो ‘गर्दा उड़’ जाएगा। हम लोग 2017 का रिकॉर्ड तोड़ेंगे।”

अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ रथ को लेकर भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, “रथ कहीं से भी निकले, अब राहुल गांधी को भी बेचैनी हो रही होगी कि बचे-खुचे उनके वोट बैंक में भी समाजवादी पार्टी सेंध मार रही है क्या? लेकिन हमारी राजनीति यही है कि हम लोग कैसे पूर्वांचल की सभी सीटें जीतें, हमारी जो कमजोर सीटें हैं उस पर ज्यादा मेहनत करें। हम लोगों का ध्यान इस पर है। इनका रथ कहीं भी निकले और चाहे इनका रथ घूमकर पाकिस्तान चला जाए, हम लोगों को इससे कोई मतलब नहीं है।”

बता दें कि नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार से उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े कारोबारी आयोजनों में शामिल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 4.0 का आगाज हुआ है। पांच दिनों तक चलने वाले इस ट्रेड शो का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं ग्रेटर नोएडा पहुंचकर गृह मंत्री का स्वागत किया।

Continue Reading

राजनीति

राहुल के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा का हमला, बोलीं-चुनावों में धांधली से ओवरकॉन्फिडेंट हो गई है भाजपा

Published

on

चुनाव आयोग (ईसीआई) में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर मतभेद की मीडिया रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।

भाजपा के इस बयान पर कि कांग्रेस चुनाव नहीं जीत पाती तो चुनाव की वैधता पर सवाल उठाती है, प्रियंका ने कहा कि भाजपा को ‘घटिया बहाने’ बनाना बंद करना चाहिए।

संसदीय क्षेत्र वायनाड में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “यह बहुत ही पुरानी और कमजोर कहानी है। तथ्य हैं और सबूत हैं। यह पूरे देश के सामने है। मेरे भाई (राहुल गांधी) ने कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे दिखाया है। उन्होंने सबूत सामने रखे हैं। अब यह बिल्कुल साफ है कि 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए हैं।”

उन्होंने कहा, “यह एक लचर बहाना है और भाजपा को ऐसे बहाने बनाना बंद करना चाहिए। अगर वे चुनावों में गड़बड़ी कर रहे हैं और अगर उनका नेतृत्व चुनाव आयोग से यह काम करा रहा है, तो यह देशद्रोह का काम है और उन्हें इसके बारे में पता होना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर चुनावों में धांधली कर ‘ओवरकॉन्फिडेंट’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अगर वे (भाजपा) ऐसा कर रहे हैं तो वे इसे कह क्यों नहीं सकते? वे किस बात से डरते हैं? कितने साल हो गए हैं कि वे चुनावों में धांधली कर रहे हैं? स्वाभाविक है कि वे हर समय इतने ओवरकॉन्फिडेंट रहते हैं।”

इससे एक दिन पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देकर वोट चोरी के मामले में सरकारी गवाह बनने की बात कही थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया था। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने कहा था, “आपने जो किया है वह देशद्रोह के बराबर है। यह संविधान और देश के कानूनी ढांचे पर हमला है। हम भारत में लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देंगे और चुप नहीं बैठेंगे। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कभी न कभी सजा जरूर मिलेगी।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

संयुक्त राष्ट्र महासभा: नेपाल ने भारत-चीन के साथ ‘हिमालयन क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म’ बनाने का रखा प्रस्ताव

Published

on

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हिमालयी क्षेत्र में जलवायु से जुड़े खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के मकसद से नेपाल, भारत और चीन के नेतृत्व में ‘हिमालयन क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म’ बनाने का प्रस्ताव रखा है।

शाह का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के पहाड़ी इलाकों में कई बस्तियों को बहा दिया था। बाढ़ की भयावहता को देखते हुए कई लोगों ने इसे ‘माउंटेन सुनामी’ या ‘हिमालयन सुनामी’ तक बताया।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, गुरुवार शाम तक इस बाढ़ में 1,453 लोगों की मौत हो चुकी थी जबकि 5,550 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 636 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। विशेषज्ञों ने इस आपदा को जलवायु परिवर्तन से जुड़ा बताया है।

शाह ने कहा कि नेपाल, भारत और चीन की यह साझा व्यवस्था सैटेलाइट डेटा और तकनीकी जानकारी साझा करने, खतरनाक ग्लेशियल झीलों पर नजर रखने और क्षेत्रीय स्तर पर समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेगी।

उन्होंने कहा, “आइए, खतरनाक ग्लेशियर झीलों पर नजर रखें। मिलकर चेतावनी देने वाले सिस्टम को मजबूत करें। और जब कोई आपदा आए, तो सीमाओं के पार भी आपसी तालमेल से मदद पहुंचाएं।”

शाह ने कहा कि हिमालय को ऐसी जगह बनना चाहिए, जहां देश एक-दूसरे से अलग-अलग जानकारी रखने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए मिलकर काम करें।

उन्होंने कहा क‍ि हिमालय को बंटी हुई जानकारी की सीमा बनाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रयोगशाला बनने दें। नेपाल की ओर से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि देश ने अपने करीब आधे क्षेत्र में वन क्षेत्र को फिर से बहाल किया है।

उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी हाइड्रोपावर यानी पनबिजली उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रहा है, ताकि साफ ऊर्जा की जरूरतों को पूरा किया जा सके और विदेशों में जीवाश्म ईंधन से बनने वाली ऊर्जा की जगह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा सके।

शाह ने कहा, “हम इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं और इन्हें अपनाने की हमारी दर यूरोप के कुछ हिस्सों के बराबर है। हम स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने की तैयारी मजबूत कर रहे हैं और आगे भी ज्यादा काम करेंगे, ताकि लगातार ज्यादा गंभीर और बार-बार आने वाली जलवायु आपदाओं का सामना कर सकें।”

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन में नेपाल का योगदान बेहद कम है। उनके मुताबिक, दुनिया के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में हिमालयी देश नेपाल की हिस्सेदारी 0.1 प्रतिशत से भी कम है।

शाह ने कहा क‍ि हमने यह संकट पैदा नहीं किया लेकिन इसकी बहुत बड़ी कीमत हम चुका रहे हैं। हमारे ग्लेशियर पीछे हट रहे हैं, पहाड़ी ढलान अस्थिर हो रहे हैं, हमारी नदियों के व्यवहार का अंदाजा लगाना मुश्किल होता जा रहा है और हर बड़ी आपदा वर्षों में हुए विकास को मिटाने का खतरा पैदा करती है।

उन्होंने कहा कि नेपाल के लिए जलवायु से जुड़ी ऐसी आपदाएं सिर्फ मानवीय संकट नहीं हैं बल्कि देश के विकास के लिए भी बड़ी चुनौती हैं। यह सड़कें, पुल, स्कूल, घर, खेत और लोगों की रोजी-रोटी बर्बाद कर देती है। यह साफ ऊर्जा से जुड़े उस बुनियादी ढांचे को भी नष्ट करती है, जिसकी हमें अपने भविष्य के लिए जरूरत है। और फिर एक गरीब देश को उस नुकसान की मरम्मत के लिए कर्ज लेना पड़ता है, जिसे उसने खुद पैदा नहीं किया।

शाह ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था की कमजोरियों की वजह से और गंभीर हो रहे जलवायु संकट का मुकाबला करने के लिए नेपाल अकेले अपने दम पर पर्याप्त तैयारी नहीं कर सकता।

उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में बाढ़ से हुई भारी तबाही का भी जिक्र किया। बाढ़ कई बस्तियों, पुलों और सड़कों को बहा ले गई और स्कूलों, घरों तथा लोगों की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचा। इस आपदा से उबरने में नेपाल की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की।

नेशनल प्लानिंग कमीशन और नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की संयुक्त तकनीकी टीम की ओर से तैयार ‘रैपिड डिजास्टर नीड्स असेसमेंट'(आरडीएनए) की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया बाढ़ से करीब 2.69 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित बुनियादी ढांचे और दूसरी संपत्तियों के पुनर्निर्माण और हालात सामान्य करने के लिए करीब 4.77 अरब डॉलर की जरूरत होगी। यह रकम नेपाल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब 10 प्रतिशत के बराबर है।

प्रधानमंत्री शाह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि जलवायु आपदाओं के बाद सिर्फ राहत और पुनर्निर्माण पर ध्यान देना काफी नहीं है। उनके मुताबिक, जिम्मेदारी, नुकसान की भरपाई और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा क‍ि इस महासभा को छह शब्दों पर ध्यान देना चाहिए राहत, पुनर्वास, पुनर्निर्माण और साथ ही जिम्मेदारी, नुकसान की भरपाई और मुश्किल हालात से निपटने की क्षमता।

शाह के मुताबिक, पहली तीन चीजें किसी आपदा के तुरंत बाद जरूरी होती हैं, जबकि बाद की तीन चीजें इसलिए जरूरी हैं, ताकि कमजोर देशों के लिए आपदाएं हमेशा बनी रहने वाली समस्या न बन जाएं।

उन्होंने जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित विकासशील देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रांट यानी ऐसी आर्थिक मदद बढ़ाने की मांग की, जिसे कर्ज की तरह वापस न करना पड़े।

प्रधानमंत्री शाह ने आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने के लिए ज्यादा फंड देने और बीमा व नई तकनीकों में निवेश करने की अपील की। उन्होंने जलवायु संकट से निपटने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा और संस्थाएं बनाने की जरूरत भी बताई। साथ ही उन्होंने कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर दिया।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार20 minutes ago

नोएडा से यूपी चुनाव का शंखनाद, हम लोग 2017 का रिकॉर्ड तोड़ेंगे: भाजपा सांसद रवि किशन

राष्ट्रीय समाचार39 minutes ago

हैदराबाद में कड़ी सुरक्षा में निकाला जा रहा गणेश विसर्जन का जुलूस, जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात

व्यापार1 hour ago

लिस्टिंग के अगले ही दिन एनएसई शेयरों में गिरावट, शुरुआती उत्साह के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली

राजनीति1 hour ago

राहुल के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा का हमला, बोलीं-चुनावों में धांधली से ओवरकॉन्फिडेंट हो गई है भाजपा

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

संयुक्त राष्ट्र महासभा: नेपाल ने भारत-चीन के साथ ‘हिमालयन क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म’ बनाने का रखा प्रस्ताव

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

भारत और जापान ने वन प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने के लिए शुरू किया प्रोजेक्ट

व्यापार1 day ago

एसोचैम ने व्यापार, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए टीआईपीएस प्लेटफॉर्म किया लॉन्च

खेल1 day ago

एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का विजय रथ जारी, चीनी ताइपे को हराया

मनोरंजन1 day ago

बिग बॉस 20 में छलका मैरी कॉम का दर्द, बोलीं- बच्चों के लिए जी रही हूं

राष्ट्रीय समाचार1 day ago

आने वाले वर्षों में चालू खाता घाटा और एफटीए से पैदा हुए अवसरों से रुपया होगा मजबूत: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान