व्यापार
जीएसटी परिषद करदाताओं को रद्द पंजीकरण बहाली के लिए और समय देगी
जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान कोविड-19 महामारी के इस कठिन समय में व्यापार सुगमता की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। परिषद की बैठक में फैसला लिया गया कि करदाताओं को उनका रद्द हो चुका जीएसटी पंजीकरण बहाल करने के लिए और अधिक समय दिया जाएगा। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई परिषद की बैठक में फैसला लिया गया कि वे करदाता़, जिनका जीएसटी पंजीकरण रद्द हो चुका है, उन्हें 30 सितंबर, 2020 तक पंजीकरण बहाल कराने के अवसर दिए जाएंगे।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जीएसटी परिषद के फैसले पर एक ट्वीट में कहा, “जो करदाता रद्द हुआ जीएसटी पंजीकरण बहाल नहीं करा सके, उन्हें 30 सितंबर 2020 तक आवेदन दाखिल करने का अवसर दिया जा रहा है।”
ट्वीट में कहा गया है कि ऐसे सभी मामलों में जहां पंजीकरण 12 जून 2020 तक रद्द कर दिए गए हैं, इन्हें 30 सितंबर 2020 तक दोबारा से बहाल किया जा सकता है।
दरअसल, काफी व्यापारियों ने मांग की थी कि इस संकट के समय में कर का भुगतान न करने या इसमें विलंब हो जाने के कारण रद्द किए गए पंजीकरण को फिर से बहाल किए जाने का समय दिया जाना चाहिए। अब केंद्र की ओर से समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद ऐसे व्यापारियों को कुछ राहत जरूर मिलेगी।
राजनीति
लोकसभा में ‘डोकलाम’ पर हंगामा, राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर लगाया सदन को गुमराह करने का आरोप

नई दिल्ली, 2 फरवरी : संसद के बजट सत्र के चौथे दिन सोमवार को लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर तीखी बहस हो गई। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और उनके बयान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
इसी चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा कांग्रेस पर भारतीय संस्कृति को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनकी पार्टी इसका जवाब देगी। इसके बाद राहुल गांधी ने डोकलाम से जुड़े मुद्दे पर पूर्व थल सेनाध्यक्ष मनोज नरवणे की एक किताब का हवाला देते हुए बोलना शुरू किया।
राहुल गांधी के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए। उन्होंने सवाल किया कि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, क्या वह वास्तव में प्रकाशित हुई है या नहीं?
राजनाथ सिंह ने कहा कि किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, इसलिए उसके आधार पर बयान देना ठीक नहीं है। इस पर सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
स्पीकर ने राहुल गांधी से अपने स्रोत को प्रमाणित करने के लिए कहा। राहुल गांधी ने जवाब दिया कि यह किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है, लेकिन यह ‘सौ फीसदी ऑथेंटिकेटेड’ है।
इस पर राजनाथ सिंह ने फिर कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं, क्योंकि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ही नहीं है।
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने खुद ही विवाद खत्म कर दिया है, क्योंकि वह मान रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को याद दिलाया कि अखबार की कटिंग या अप्रकाशित किताबों पर चर्चा करने की परंपरा नहीं रही है और सदन की कार्यवाही नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है। उन्होंने राहुल गांधी से आगे बढ़ने के लिए कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि वह यह मुद्दा उठाना नहीं चाहते थे, लेकिन जब कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए गए, तो उन्हें इसका जवाब देना पड़ा। इसके बाद उन्होंने फिर से मनोज नरवणे की किताब का जिक्र किया।
स्पीकर ने दोहराया कि सदन में बोलने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार नियमों और परंपराओं के तहत ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में हंगामा जारी है।
व्यापार
इस सप्ताह ब्याज दरों में और कटौती करने से परहेज कर सकता है आरबीआई: अर्थशास्त्री

नई दिल्ली, 2 फरवरी : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 4 से 6 फरवरी के बीच आयोजित होने वाली है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, इस बैठक में आरबीआई नीतिगत ब्याज दरों में कटौती पर फिलहाल विराम लगाने की उम्मीद है। हालांकि केंद्रीय बैंक लिक्विडिटी, बॉन्ड बाजार की स्थिरता और करेंसी से जुड़े जोखिमों को संभालने के लिए सीधे कदम उठा सकता है।
आरबीआई फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर चुका है, जिससे रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत पर आ गया है।
डीबीएस बैंक की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने कहा कि सरकार अपने फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय घाटा कम करने) के रास्ते पर बनी हुई है, इसलिए मौद्रिक नीति की दिशा में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
एमपीसी ने दिसंबर 2025 में ब्याज दरें घटाई थीं, लेकिन फरवरी की बैठक में और कटौती से बचा जा सकता है।
राधिका राव ने कहा कि इस तिमाही और अप्रैल-जून 2026 के दौरान आरबीआई बॉन्ड खरीद जारी रख सकता है। वित्त वर्ष 2027 के बजट में सरकार की उधारी रिकॉर्ड स्तर पर रहने की बात कही गई है, इसलिए आरबीआई मनी मार्केट से जुड़े कदमों में सतर्कता बरतते हुए उधारी की लागत को काबू में रखना चाहेगा।
व्यापार से जुड़े तनाव के बावजूद आर्थिक ग्रोथ बनी हुई है, लेकिन महंगाई अब अपने निचले स्तर से ऊपर आ चुकी है। वहीं, रुपया लगातार दबाव में है और नए निचले स्तर पर पहुंच रहा है। इसके अलावा, बैंकों के लिए डिपॉजिट जुटाना भी एक चुनौती बना हुआ है।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, यूनियन बजट 2026 अर्थव्यवस्था की स्थिरता बनाए रखता है और नीतियों में निरंतरता दिखाता है। फिस्कल कंसोलिडेशन जारी रहेगा, जिसमें केंद्र सरकार का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात करीब 0.5 प्रतिशत घटने और फिस्कल डेफिसिट 4.3 प्रतिशत पर आने का अनुमान है।
राधिका राव ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट और प्राइमरी डेफिसिट में और सुधार हो सकता है। साथ ही, ब्याज दरों में और कटौती करने से रेट-सेंसिटिव पोर्टफोलियो निवेश (विदेशी निवेश) बाहर जा सकता है, इसलिए आरबीआई सतर्क है।
आरबीआई ने हाल ही में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा की है, जिसके तहत बैंकिंग सिस्टम में 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम डाली जाएगी। इसके लिए ओपन मार्केट में बॉन्ड खरीद, फॉरेन एक्सचेंज स्वैप और वेरिएबल रेट रेपो ऑपरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। ये कदम मौजूदा लिक्विडिटी और वित्तीय हालात की समीक्षा के बाद उठाए गए हैं।
एसबीआई रिसर्च के मुताबिक, आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है और चालू वित्त वर्ष में ओएमओ के जरिए 6.6 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी डाली है। इसके बावजूद बॉन्ड यील्ड में ज्यादा गिरावट नहीं आई है, क्योंकि लिक्विडिटी का असर बाजार के सभी हिस्सों में बराबर नहीं पड़ा।
एसबीआई रिसर्च का सुझाव है कि आरबीआई को ऐसे बॉन्ड में ओएमओ करना चाहिए जो ज्यादा लिक्विड हों, ताकि यील्ड पर सही असर दिखे। उदाहरण के तौर पर, आरबीआई मौजूदा 10 साल के 6.48 प्रतिशत (2035) बॉन्ड की बजाय 6.33 प्रतिशत (2035) वाले पुराने 10 साल के बॉन्ड में ओएमओ कर सकता है।
व्यापार
कीमती धातुओं में गिरावट का दौर जारी, चांदी में 23,900 रुपए की गिरावट तो सोना 5,700 रुपए हुआ सस्ता

gold
मुंबई, 2 फरवरी : सर्राफा बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बजट में सोना और चांदी को लेकर कोई बड़ी या सीधी घोषणा नहीं की गई, इसके बावजूद कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखा।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट देखी गई। चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 1.79 लाख तक टूट चुकी है, जबकि सोना भी फिसलकर करीब 1.37 लाख रुपए के स्तर पर आ गया है। बीते तीन दिनों से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
फिलहाल खबर लिखे जाने तक (सुबह 11.22 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 5,719 रुपए यानी 4.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,36,498 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,908 रुपए सस्ती होकर 2,41,744 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई, जिसमें करीब 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सर्राफा बाजार में दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि चांदी में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली। हालांकि, पहले 12 प्रतिशत तक गिरने के बाद चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रही। इससे पहले सत्र में चांदी ने पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की थी, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।
गिरावट के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं। हाल ही में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसने बड़े और अनुभवी निवेशकों को भी हैरान कर दिया था। जनवरी में यह तेजी और बढ़ गई थी, जब वैश्विक तनाव, कमजोर होती मुद्राएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी का रुख किया था।
हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से जुड़ी एक खबर को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेड चेयर के रूप में केविन वॉर्श को नामित करने की योजना बना रहे हैं। इस खबर के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कमजोर डॉलर की उम्मीद कर रहे ट्रेडर्स की धारणा बदल गई और सोने-चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार12 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
