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भारतीय शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में पहुंचा, सेंसेक्स में 300 अंकों की बढ़त
मुंबई, 2 फरवरी : केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के अगले दिन सोमवार के कारोबारी सत्र में मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की।
बीएसई सेंसेक्स 167.26 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 80,555.68 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 28.95 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,796.50 पर खुला। हालांकि कुछ ही मिनटों बाद बाजार हरे निशान में आ गया।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.34 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 331.67 अंकों यानी 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,054.61 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 72.80 अंकों यानी 0.29 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,898.25 पर था।
व्यापक बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.30 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
वहीं विभिन्न सेक्टर्स में निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान एनटीपीसी, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन और ट्रेंट टॉप लूजर्स वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें 1.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। जबकि लार्सन एंड टुब्रो, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और इंडिगो 2.5 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स रहे।
रविवार, 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में बढ़ोतरी करने की घोषणा की और फ्यूचर्स पर एसटीटी बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया। तो वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी को 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया।
इस बड़ी घोषणा के बाद घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी धराशायी हो गए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 79,899.42 के निचले स्तर तक पहुंच गया था और करीब 3,000 अंकों की इंट्राडे गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी50 भी फिसलकर 24,572 तक आ गया।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी ने एक मजबूत बेयरिश कैंडल बनाई है और यह 200-डे ईएमए से नीचे बंद हुआ है, जो ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत देता है। फिलहाल 24,950-25,000 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 24,650-24,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। आरएसआई घटकर 31 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति दिखाता है। वहीं, इंडिया वीआईएक्स में 10.73 प्रतिशत की तेजी आई और यह 15.09 पर पहुंच गया, जिससे बाजार में बढ़ी हुई घबराहट साफ दिखती है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती वोलैटिलिटी को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को फिलहाल चुनिंदा और अनुशासित रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही नजर रखें। निफ्टी में 25,000 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट आने के बाद ही नई लॉन्ग पोजिशन बनाना बेहतर रहेगा, क्योंकि यही स्तर बाजार की धारणा में वास्तविक सुधार का संकेत देगा।
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रूसी तेल खरीदारों पर प्रतिबंध लगाने वाले नए अमेरिकी कानून का अध्ययन कर रहा भारत: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर नए अमेरिकी कानून के तहत लगाए जा सकने वाले टैरिफ के विवरण का अध्ययन करेगा। इसके बाद इस मामले पर “उचित समय पर” चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट, 2026’ के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में आया है, इसे हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कानून का रूप दिया है। नए कानून के तहत अमेरिकी प्रशासन उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है, जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं। इस कदम से भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर अधिक शुल्क लग सकता है।
पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “इसके विवरण अब सामने आ रहे हैं। हम उनका अध्ययन करेंगे और उचित समय पर इस मामले पर चर्चा करेंगे।”
100 प्रतिशत टैरिफ कोई स्वचालित शुल्क नहीं है, बल्कि यह नए कानून के तहत अमेरिका द्वारा लगाया जा सकने वाला अधिकतम टैरिफ है।
इस बीच, भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखे हुए हैं और दोनों पक्ष इस मुद्दे पर नियमित संपर्क में हैं। गोयल इस महीने के अंत में मिल्वौकी में होने वाली जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के साथ द्विपक्षीय चर्चा कर सकते हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह विधेयक ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के व्यापक अधिकार देता है। चीन और भारत रूसी तेल के दो सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं।
यह विधेयक ईरान के ऊर्जा और हथियार क्षेत्रों पर भी लागू होता है। इसका नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जिनका इस साल जुलाई में निधन हो गया था। वह यूक्रेन के सबसे मजबूत अमेरिकी समर्थकों में से एक थे।
विधेयक में उन देशों के लिए अपवाद भी शामिल हैं, जो अपनी प्राकृतिक गैस की 15 प्रतिशत से कम मात्रा रूस से आयात करते हैं और रूस पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विधेयक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूसी सरकार के वरिष्ठ सदस्यों, बैंकों और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रूस के ‘शैडो फ्लीट’ के टैंकरों पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान, प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 0.76 प्रतिशत तक की तेजी आई।
बाजार बंद होने के समय, बीएसई सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,294.96 से 240.21 अंक यानी 0.32 प्रतिशत चढ़कर 74,535.18 पर खुला और एक समय यह 692.43 अंकों यानी 0.93 प्रतिशत की उछाल के साथ 74,987.40 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,346.40 से मामूली 16.20 अंक फिसलकर 23,330.20 पर खुला, लेकिन दिन में एक समय इसने 120.4 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,466.80 का उच्चतम स्तर छुआ।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.29 प्रतिशत और 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑटो का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी 50 में इटरनल, एचसीएल टेक, आईटीसी, सन फार्मा, मैक्स हेल्थ, टाइटन, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ शीर्ष लाभ कमाने वाली कंपनियां रहीं, जबकि भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड, विप्रो, ग्रासिम, इंफोसिस और टाटा स्टील टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहीं।
बता दें कि सऊदी अरब से शिपमेंट में सुधार की उम्मीदों के चलते वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत गिरकर 101.5 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। इसका असर घरेलू बाजार पर साफ देखने को मिला।
वहीं, लगातार सात सत्रों की बिकवाली के बाद शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों में शुद्ध खरीदारी की और 599 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक भी खरीदारी जारी रखते हुए सत्र के दौरान 1,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाली यूएस-चीन बातचीत से पहले बेहतर होते माहौल, यूएन में यूएस और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत की नई उम्मीदों, और तेल की कीमतों व बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने निवेशकों को राहत दी है।
एक्सपर्ट ने कहा कि महंगाई और एनर्जी की लागत को लेकर चिंताएं कम होने से अलग-अलग सेक्टर में रिकवरी हुई है और मार्केट का कुल माहौल भी बेहतर हुआ है।
इसके अलावा, अर्निंग्स साइकिल के पॉजिटिव होने और मार्केट के कुछ खास हिस्सों में आकर्षक वैल्यूएशन की वजह से इक्विटी के लिए मीडियम-टर्म का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, निकट भविष्य में जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें निवेशकों के व्यवहार और मार्केट की दिशा तय करने वाले अहम कारक बने रहेंगे।
व्यापार
मजबूत डॉलर से सोने और चांदी में गिरावट, दाम करीब 0.70 प्रतिशत घटे

सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली और इससे दोनों की कीमती धातुओं का दाम करीब 0.70 प्रतिशत घट गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,54,381 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले गिरावट के साथ 1,53,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
सुबह 10:30 बजे यह 828 रुपए या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,53,553 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,53,050 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,54,059 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई।
चांदी का 4 दिसंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोंजिग 2,41,603 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,40,004 रुपए प्रति किलो पर था। खबर लिखे जाने तक यह 1,689 रुपए या 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,39,914 रुपए प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,39,893 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,41,122 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी देखी जा रही थी। कॉमेक्स पर सोना 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,391 प्रति औंस और चांदी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66 डॉलर प्रति औंस पर था।
जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह डॉलर इंडेक्स में तेजी को माना जा रहा है। यह अभी 100 के ऊपर बना हुआ है, जो कि बीते चार हफ्तों का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद भी कीमती धातुओं में गिरावट की एक वजह है।
डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।
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