अंतरराष्ट्रीय
प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का रहेगा इंतजार, विदेशी संकेतों से चाल पकड़ेगा बाजार
भारतीय शेयर बाजार बीते दो सप्ताह घरेलू और विदेशी कारकों से गुलजार रहा, लेकिन इस सप्ताह बाजार पर देश में कोराना के गहराते संकट के बीच निवेशकों को प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का इंतजार बना रहेगा और बाजार की चाल तय करने में विदेशी संकेतों की अहम भूमिका रहेगी। कोराना महामारी के गहराते संकट के बीच देश अनलॉक के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है। कोरोना संक्रमण के आंकड़ों की बात करें तो भारत इटली से भी एक पायदान ऊपर छठे स्थान पर आ गया है। ऐसे में विदेशी बाजारों से मिलने वाले संकेतों के साथ-साथ घरेलू कारकों से भी बाजार की चाल प्रभावित रहेगी।
डॉलर के मुकाबले देसी करेंसी रुपये की चाल और अंतर्राष्ट्ररीय बाजार में कच्चे तेल के भाव पर भी बाजार की नजर होगी।
सप्ताह के दौरान देश की कई प्रमुख कंपनियां बीते वित्त वर्ष के आखिरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा करेंगी, जिनका असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिलेगा, जबकि सप्ताह के आखिर में देश के औद्योगिक उत्पादन और महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे, जिसका निवेशकों को इंतजार रहेगा।
चालू वित्त वर्ष के आरंभिक महीने अप्रैल के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े शुक्रवार को जारी होंगे। बता दें कि देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अप्रैल में औद्योगिक गतिविधियां तकरीबन ठप पड़ गई थीं।
निवेशकों की निगाहें मई महीने की खुदरा महंगाई दर पर भी बने रहेगी, जिसके आंकड़े कारोबार सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को ही जारी होंगे।
हालांकि, बीते सप्ताह के आखिरी सत्र में अमेरिकी बाजार में रही जबरदस्त तेजी का असर घरेलू शेयर बाजार में इस कारोबारी सप्ताह के आरंभिक सत्र में सोमवार को देखने को मिलेगा। अमेरिका में गैर-कृषि क्षेत्र के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने से वैश्विक शेयर बाजार में तेजी रही।
घरेलू शेयर बाजार का रूख प्रमुख देसी कंपनियों के वित्तीय नतीजों से भी तय होगा। बीते सप्ताह के आखिर में वेदांता व अन्य कंपनियों के वित्तीय नतीजे जारी हुए और इस सप्ताह के आरंभ में सोमवार को ही टाइटन अपने वित्तीय नतीजे जारी करेंगी। इसके बाद मंगलवार को हीरोमोटोकॉर्प जबकि हिंडाल्को, महिंदरा एंड महिंदरा समेत कुछ अन्य कंपनियां बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे शुक्रवार को जारी करेंगी।
इसके अलावा अमेरिका चीन, जापान और यूरोपियन यूनियन में जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंड़ों का भी बाजार पर असर देखने को मिलेगा। वहीं, बाजार की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई के निवेश के प्रति रूझान पर भी बनी रहेगी।
कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के चरणबद्ध तरीके से खुलने के दूसरे चरण में सोमवार से होटलए रेस्तरा, कैंटीन जैसे हॉस्पिटैलिटी के सेक्टर खुल रहे हैं।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 374 अंक फिसला

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,570.35 और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,914.45 पर था।
बाजार में गिरावट व्यापक आधार पर थी। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.90 अंक या 0.53 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,001.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 74 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,812.25 पर था।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व ऑटो और आईटी शेयरों में किया। निफ्टी ऑटो 1.79 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.75 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.25 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 0.81 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.75 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.73 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी एनर्जी 0.59 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 0.33 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.21 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.03 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और आईटीसी गेनर्स थे। एशियन पेंट्स, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, बीईएल, इन्फोसिस, एसबीआई, इंडिगो, एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इटरनल, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर से शुरू होने से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल की कीमतें फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यह भारत के साथ वैश्विक बाजारों पर भी दबाव बनाने का काम कर रहा है। इससे ऑटो, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय
उत्तरी साइप्रस के तट पर फेरी डूबने से आठ यात्रियों की मौत, 18 लोग लापता

तुर्की साइप्रस अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी साइप्रस तट के पास एक तुर्की फेरी के डूबने के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जबकि 18 लोग अब भी लापता हैं।
डबल-हल वाली इस फेरी में 259 यात्री और 8 चालक दल के सदस्य सवार थे। रविवार दोपहर कायरिनिया बंदरगाह से रवाना होने के कुछ ही समय बाद फेरी में पानी भरना शुरू हो गया और वह पलट गई। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तक 241 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पलटने बाद में फेरी समुद्र में 500 मीटर से अधिक गहराई में डूब गई। यह अभी साफ नहीं है कि कोई व्यक्ति जहाज के अंदर फंसा था या नहीं। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो से संकेत मिला कि फेरी के डूबने के समय उसके एक हिस्से में अभी भी कुछ लोग मौजूद थे।
तुर्की ने बताया कि वह खोज अभियान में मदद के लिए एक गहरे समुद्र में काम करने वाला रिमोट संचालित वाहन (आरओवी) भेज रहा है। यह उपकरण मंगलवार तक दुर्घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है।
तुर्की साइप्रस अधिकारियों ने फेरी के कप्तान और चालक दल के सात अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस फेरी में पहले भी पानी रिसने की समस्या रही थी और उसकी मरम्मत कराई गई थी।
कुछ बचे हुए यात्रियों ने दावा किया कि कप्तान और चालक दल के सदस्य सबसे पहले नाव से बाहर निकल गए और यात्रियों को सुरक्षित निकलने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए।
शनिवार को साइप्रस में तेज तूफान आया था और रविवार को भी समुद्र की स्थिति काफी खराब बनी हुई थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उस समय मौसम को देखते हुए फेरी का कायरिनिया से लगभग 120 किलोमीटर उत्तर में स्थित तुर्की के तासुकु बंदरगाह के लिए रवाना होना सुरक्षित माना गया था।
अधिकारियों ने कहा कि फेरी के पलटने की असली वजह की जांच अभी जारी है।
इस साल की शुरुआत में सूडान में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी। उत्तरी सूडान के नील राज्य में एक यात्री फेरी नदी में डूब गई थी, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।
सूडान की सिविल डिफेंस अथॉरिटी के एक अधिकारी के अनुसार, ऊंची लहरों के कारण नाव पलट गई थी। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर 15 से अधिक शव बरामद किए थे। इस हादसे में 8 लोग बच गए थे, जबकि लगभग 4 लोग लापता बताए गए थे।
फिलहाल साइप्रस में डूबी फेरी के लापता यात्रियों की तलाश जारी है और बचाव दल उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय
नेपाल त्रासदी : परिजनों को सौंपने से पहले शवों का होगा डीएनए और पोस्टमॉर्टम, गाइडलाइन जारी

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों के पार्थिव अवशेषों को लेकर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नया अपडेट जारी किया है। दूतावास ने बताया कि यह 29 अगस्त की प्रेस विज्ञप्ति का अगला अपडेट है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, विदेशी नागरिकों के शव सौंपने से पहले दस्तावेजीकरण, पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक जांच और पहचान सत्यापन समेत कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
दूतावास ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुसार, विदेशी नागरिकों के पार्थिव अवशेष उनके परिजनों या संबंधित अधिकारियों को सौंपने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस प्रक्रिया में पार्थिव अवशेषों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करना, शव की रिकॉर्ड की गई तस्वीरें/विवरण, पोस्टमॉर्टम जांच, मौत का कारण सत्यापित करना, औपचारिक रूप से पहचान स्थापित करना, फिंगरप्रिंट/डीएनए/फोरेंसिक सैंपल इकट्ठा करना, मृतक का पासपोर्ट/आईडी सत्यापित करना, दूतावास/काउंसलर समन्वय पूरा करना और पार्थिव अवशेष सौंपने से जुड़े दस्तावेज और रसीद की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें संबंधित पक्ष को सौंप दिया जाएगा।
इसके आलावा यदि रिश्तेदार और परिवार के सदस्य नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर मृतक की तस्वीरों और विवरण के माध्यम से शव की पहचान कर पाते हैं, तो काठमांडू में भारतीय दूतावास शव को सौंपने और वापस भेजने से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में सहायता करेगा। स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने बड़ी संख्या में शवों को अस्थायी रूप से दफनाया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए करीबी रिश्तेदारों (फर्स्ट-डिग्री रिलेटिव्स) के साथ डीएनए मिलान की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन मामलों में पहचान संभव नहीं है या शवों को अस्थायी रूप से दफनाया गया है, वहां नेपाल सरकार डीएनए मिलान की सुविधा प्रदान करेगी। नेपाल में अधिकारी डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए शवों से डीएनए सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। मिलान करने के लिए मृतक के करीबी रिश्तेदार ईमेल के माध्यम से प्रोफाइल भेज सकते हैं या नेपाली अधिकारियों की ओर से मांगी गई कुछ प्रारंभिक जानकारी के साथ ब्लड सैंपल दे सकते हैं।
भारतीय दूतावास की ओर से सहायता के लिए करीबी रिश्तेदारों के डीएनए प्रोफाइल की कॉपी ‘ईओआई काठमांडू फ्लड सपोर्ट ऐट जीमेल डॉट कॉम’ पर भी भेजी जा सकती है। डीएनए प्रोफाइलिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी नेपाल पुलिस की वेबसाइट ‘डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट नेपाल पुलिस डॉट जीओवी डॉट एनपी’ और उनके हेल्पलाइन नंबर 9779841616095 पर देखी जा सकती है।
इसके अलावा किसी भी और मदद या जानकारी के लिए, काठमांडू में भारतीय दूतावास की इन 9779851316807, 9779709107500, 9779810326117 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।
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