महाराष्ट्र
मुंबई में 5 लाख प्रवासी मजदूर वापस आए, कोरोना वायरस का नहीं डर

मुंबई से कुछ दिन पहले प्रवासी मजदूरों के गांव जाने का सिलसिला चला, अब राहत की बात यह है कि गांव गए मजदूरों का आना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में धीरे-धीरे रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। औद्योगिक कारखाने, विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं का काम शुरू होने सहित रोजगार की तलाश में फिर प्रवासी मजदूर मुंबई लौटने लगे हैं। रेलवे से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें, तो कोराना के भय से गांव पहुंचे साढ़े पांच लाख मजदूर और व्यापारी वापस मुंबई लौट आए हैं।
लॉकडाउन के कारण पूरे महाराष्ट्र से 844 ट्रेनों से जून के पहले सप्ताह तक कुल 18 लाख श्रमिकों ने पलायन किया था। लगभग 10 लाख लोग मुंबई से बंद के दौरान अपने गांव लौट गए। इनमें से 7 लाख लोगों ने ट्रेन से और लगभग 2 लाख ने परिवहन के अन्य तरीकों से यात्रा की। अब मुंबई आने वाली 11 ट्रेनों के लिए उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में से इस महीने 26 जून तक यात्रियों की संख्या 100 प्रतिशत है।
यही नहीं लोग वेटिंग टिकट खरीद रहे हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने बताया कि 1 जून से लेकर अब तक दो लाख से अधिक यात्रियों को मुंबई ले आए हैं। उन्होंने बताया कि जब विशेष ट्रेनें चलनी शुरू हुई थीं, तो हमारी ट्रेनें सिर्फ 70 प्रतिशत भरी थीं, लेकिन अब ज्यादातर ट्रेनों में लगभग 100 प्रतिशत सीटें बुक हैं। पश्चिम रेलवे से यूपी, बिहार, राजस्थान और गुजरात के लिए ट्रेनें चलाई जाती हैं।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने बताया कि इन दिनों कुल 3.5 लाख यात्री 15 विभिन्न मार्गों से मुंबई पहुंचे हैं। इनमें से 2.50 लाख यात्री यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए हैं। जुलाई में मुंबई आने वाली ट्रेनों की फुल बुकिंग है। मुंबई में रिक्शा चलाने वाले संतोष यादव ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति खराब हो गई। इस दौरान पिता का देहांत भी हो गया। घर के सभी सदस्यों को मुंबई से गाड़ी बुक करके जाना पड़ा, जिसमें 50 हजार रुपये खर्च हो गए। अब मुंबई में रिक्शा चलने लगे हैं, तो वापस आना पड़ा, आखिर हमारा रोजगार तो यहीं पर ही है। हम कामायनी ट्रेन से आए, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई।
महाराष्ट्र
वक्फ संपत्तियों पर भूमि माफिया के खिलाफ संघर्ष : नया संशोधित बिल चुनौतियां बढ़ा रहा है

नई दिल्ली : वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और उनके लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने की लड़ाई पहले से ही भूमि माफिया, अतिक्रमणकारियों और अवैध समूहों के कारण कठिन थी। अब सरकार द्वारा पेश किया गया नया संशोधित बिल इस संघर्ष में एक और बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एडवोकेट डॉ. सैयद एजाज अब्बास नक़वी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और तुरंत सुधारों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वक्फ का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गया है। दूसरी ओर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), जो सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था है, दशकों से अपने समुदाय के कल्याण में सक्रिय रूप से लगी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, सिख समाज में भिखारियों और मानव रिक्शा चालकों की संख्या लगभग समाप्त हो गई है।
वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे और दुरुपयोग उजागर :
डॉ. नक़वी के अनुसार, वक्फ संपत्तियों को सबसे अधिक नुकसान स्वार्थी समूहों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों से हुआ है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि कई वक्फ संपत्तियां मूल रूप से सैयद परिवारों की दरगाहों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका भारी दुरुपयोग किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक प्रसिद्ध व्यक्ति ने मुंबई के ऑल्टामाउंट रोड पर स्थित एक एकड़ प्रमुख वक्फ भूमि को मात्र 16 लाख रुपये में बेच दिया, जो वक्फ के सिद्धांतों और कानूनों का खुला उल्लंघन है।
धारा 52 में सख्त संशोधन की मांग :
डॉ. नक़वी ने सरकार से वक्फ संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने वक्फ अधिनियम की धारा 52 में तत्काल संशोधन कर मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है। यह मुद्दा उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए पहले से ही भ्रष्ट तत्वों और अवैध कब्जाधारियों से लड़ रहे हैं। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इन चिंताओं को गंभीरता से लेती है और वक्फ भूमि की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करती है।
महाराष्ट्र
मुंबई क्लीनअप मार्शल और स्वच्छ मुंबई अभियान समाप्त, नागरिकों से जुर्माना वसूली पर भी रोक, बीएमसी हेल्पलाइन नंबर जारी

मुंबई: मुंबई बीएमसी ने क्लीन-अप मार्शल नीति को खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब शहर की सड़कों से क्लीन-अप मार्शल का नामोनिशान मिट गया है। महानगरपालिका ने क्लीन-अप मार्शल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और स्वच्छ मुंबई मिशन को बंद कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी क्लीन-अप मार्शल नागरिकों को जुर्माना भरने या कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। क्लीन-अप मार्शल के खिलाफ शिकायत के बाद मुंबई बीएमसी ने आज से क्लीन-अप मार्शल की सेवा बंद करने और स्थगित करने का फैसला किया है।
मुंबई महानगरपालिका का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग, कचरा और स्वच्छता विभाग के अंतर्गत, मुंबई में सार्वजनिक स्वच्छता की देखरेख करता है और ‘स्वच्छ मुंबई मिशन’ को 4 अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया है। हालांकि, महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगर इसके बावजूद उन पर कोई जुर्माना लगाया गया है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। क्लीनअप मार्शल के बारे में शिकायत मुंबई नगर निगम के डिवीजनल कंट्रोल रूम में 022-23855128 और 022-23877691 (एक्सटेंशन नंबर 549/500) पर की जा सकती है।
महाराष्ट्र
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक गबन के आरोपियों की संपत्ति जब्त

मुंबई: न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक से करोड़ों रुपये के गबन के मामले में मुंबई आर्थिक शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भी संपत्ति जब्ती की कार्यवाही शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि गबन की रकम से प्राप्त संपत्तियों की पहचान करने के बाद उसे कुर्क कर जब्त कर लिया गया है। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों की 21 अचल संपत्तियां पाई गई हैं, जिन्हें कुर्क करने की अनुमति दी गई है।
मुंबई शहर में 107 बीएनएसएस के तहत यह पहली कार्रवाई है जिसमें आरोपियों की संपत्ति जब्त की गई है। मुंबई एओडब्ल्यू ने कहा कि जब्त संपत्तियों से बरामद राशि का भी अनुमान लगाया जाएगा। मुंबई में हुए बैंक घोटाले के बाद ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है और आरोपियों की अन्य संपत्तियों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
-
व्यापार5 years ago
आईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years ago
भगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
अपराध3 years ago
बिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
न्याय7 months ago
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अनन्य2 years ago
उत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
अपराध2 years ago
पिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार1 month ago
नासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
-
महाराष्ट्र5 years ago
31 जुलाई तक के लिए बढ़ा लॉकडाउन महाराष्ट्र में, जानिए क्या हैं शर्तें