Connect with us
Sunday,16-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

जम्मू-कश्मीर में भविष्य की राजनीतिक सत्ता की कुंजी आजाद के हाथ में होगी?

Published

on

Gulam-Nabi-Azad

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने के बाद वफादारों द्वारा आयोजित रिसेप्शन में उनके हालिया भाषणों ने पार्टी की रैंक और फाइल को जम्मू-कश्मीर में एक तरह से अधर में लाकर रख दिया है। 45 से अधिक वर्षों से, आजाद और कांग्रेस पार्टी जम्मू-कश्मीर में एक ही सिक्के के दो चेहरे रहे हैं। एक कांग्रेस कार्यकर्ता या समर्थक कांग्रेस का समर्थन करने का दावा नहीं कर सकता था अगर वह आजाद का विरोध करता।

कांग्रेस में आजाद का कद काफी हद तक गांधी-नेहरू परिवार के साथ निकटता का था।

चेनाब घाटी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता के बजाय, यह उनकी पहुंच थी, पहले संजय गांधी और बाद में पूरे परिवार के लिए, जिसने उन्हें राजनीति में कद्दावर नेता बना दिया।

आजाद जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए जाना-पहचाना चेहरा तब बने थे, जब उन्होंने 1980 में महाराष्ट्र के वाशिम निर्वाचन क्षेत्र से 7 वीं लोकसभा के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव जीता था।

वह उस समय तक जम्मू-कश्मीर में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थे, लेकिन 7 वीं लोकसभा चुनाव में बड़े अंतर से उनकी जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में लाकर रख दिया।

1982 में उन्हें कानून, न्याय और कंपनी मामलों के लिए उपमंत्री बना दिए जाने के बाद, 1949 में जम्मू क्षेत्र के सुदूर भदरवाह इलाके में पैदा हुए इस गांव के लड़के को फिर पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा।

उनका राजनीतिक करियर उनके सहयोगियों और आलोचकों दोनों के लिए ईष्र्या का कराण रहा है। और फिर भी, राजनीति में अपनी लंबी पारी के सूर्यास्त की ओर, आजाद ने पार्टी में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश की है।

असंतुष्टों के जी -23 समूह के एक प्रमुख नेता के रूप में, आजाद ने अपनी पार्टी के सर्वोच्च नेतृत्व की बुद्धिकौशल पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

यह इस पृष्ठभूमि में था कि हाल ही में जम्मू में उनके एक रिसेप्शन के दौरान, कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता, आनंद शर्मा ने कहा कि पार्टी दिन पर दिन कमजोर होती जा रही है, क्योंकि इसके वरिष्ठ नेता वृद्ध होते जा रहे हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों के मन में बात यह है कि आजाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा पार्टी के मामलों को संभालने और साथ ही सोनिया गांधी ने कथित रूप से उन्हें जो छूट दी है, उस पर सवाल उठा रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर उनके असंतोष के निहितार्थ जो भी हों, इस तथ्य से कोई इनकार नहीं करता है कि पार्टी की जम्मू- कश्मीर इकाई वर्टिकल दरार के लिए तैयार है।

इस डर की वजह से ही जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष जी.ए. मीर दो दिन पहले पार्टी के शीर्ष बॉस के साथ मामले पर चर्चा करने के लिए दिल्ली पहुंचे।

यदि रिपोर्टों पर विश्वास किया जाए, तो आजाद कांग्रेस को नहीं छोड़ेंगे, लेकिन पार्टी समर्थकों के एक असंतुष्ट समूह का गठन करेंगे, जो भारत के चुनाव आयोग से एक नया चुनाव चिन्ह मांगने के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

यह कांग्रेस के लिए 1978 के समय हुई घटना की पुनरावृत्ति जैसा होगा, जब शरद गोविंदराव पवार ने कांग्रेस-एस का गठन किया था।

आजाद समर्थकों को चिनाब घाटी जिलों डोडा, किश्तवाड़, रामबन और रियासी में विधानसभा सीटें जीतने की उम्मीद की है।

आजाद विशेष रूप से जम्मू क्षेत्र में मुस्लिम वोटों के साथ कई अन्य विधानसभा सीटों पर जीत और हार पर प्रभाव डाल सकते हैं।

उनके समर्थकों में से एक ने कहा, “इस तरह से, एक बार लोकतंत्र केंद्र शासित प्रदेश में बहाल होने के साथ ही आजाद साहब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक सत्ता की कुंजी अपने पास रखेंगे।”

महाराष्ट्र

मुंबई स्थित आवास में नौसेना के नाविक, उसकी पत्नी और दो बच्चों के शव मिले

Published

on

पुलिस ने बताया कि भारतीय नौसेना के एक नाविक, उनकी पत्नी और उनके दो नाबालिग बच्चे दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी नगर में अपने आवास पर मृत पाए गए।

यह घटना 15 अगस्त को सामने आई। पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाविक की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चों, जिनकी उम्र दो महीने और तीन वर्ष बताई गई है, की मौत जहर देने के कारण होने की आशंका है। हालांकि, मौतों की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हो सकी हैं।

पुलिस ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की आगे जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं से मौत के कारणों तथा घटनाक्रम की पुष्टि होने की उम्मीद है।

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनीष कलवानिया ने कहा कि प्रथमदृष्टया जांच में संकेत मिले हैं कि नाविक की मौत फांसी लगाने से हुई जबकि उनकी पत्नी और बच्चों की मौत का कारण विषाक्तता प्रतीत होता है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग दे रही है।

नौसेना ने एक बयान में कहा, “कोलाबा के नेवी नगर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 15 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना के एक नाविक, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव उनके आवास पर पाए गए। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और भारतीय नौसेना हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।”

इस घटना के बाद पुलिस और नौसेना दोनों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी मौतों से पहले की परिस्थितियों और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। अब तक उपलब्ध जानकारी में मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और पोस्टमार्टम के माध्यम से मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेता और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या, नेताओं ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

Published

on

नादिया जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान रहमान की शनिवार रात नकाशीपाड़ा अंडरपास के पास कथित तौर पर गोली मारकर और धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र कार से घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। जिस गाड़ी पर गोलियों के कई निशान हैं, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पश्चिम बंगाल की नकाशीपाड़ा पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं, विपक्षी दल के नेताओं ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

नादिया के नकाशीपाड़ा में कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या पर सीपीआईएम नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने आईएएनएस से कहा, “कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल के हालात नहीं बदले हैं। सिर्फ तीन महीने पहले ही एक पार्टी ने सरकार बनाई थी, फिर भी पश्चिम बंगाल को हत्या, जबरन वसूली, आम लोगों की समस्याओं, महिलाओं पर अत्याचार, रिश्वतखोरी, दबदबे और पुलिस की प्रताड़ना से कोई आजादी नहीं मिली है। ये वे मुद्दे हैं जिन पर लोगों ने अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके बजाय, एक पार्टी के जाने के बाद दूसरी पार्टी आ गई है, जो बिल्कुल उसी अंदाज में काम कर रही है, लेकिन राज्य को चलाने के लिए और भी अधिक खतरनाक और अहंकारी तरीका अपना रही है।”

कांग्रेस नेता पूजा रॉय चौधरी ने कहा, “नादिया के नकाशीपाड़ा में सबसे अधिक गुंडागर्दी, हंगामा और दादागीरी होती है। यहां आए दिन बवाल होता रहता है। डबल मर्डर हो गया लेकिन पुलिस को पहले से इसकी खबर नहीं थी। अस्पताल ने बताया है गोली किसी पेशेवर अपराधी ने मारी थी। अनीसुर रहमान को 13 और उनके बेटे को 12 गोलियां मारी गई। इस मामले में जिस टीएमसी नेता का नाम सामने आ रहा है, पुलिस उसे क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है?

राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पांच बार लोकसभा सदस्य रहे अधीर रंजन चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में मौजूदा भाजपा सरकार ‘डर खत्म, भरोसा कायम’ के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन असल में स्वतंत्रता दिवस पर हुई ऐसी भयानक घटना ने लोगों की सुरक्षा और राजनीति में खुलकर हिस्सा लेने के अधिकार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मामले की उचित और निष्पक्ष जांच और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। चौधरी ने कहा, “कांग्रेस नेतृत्व इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ है।”

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में अल्पसंख्यकों और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी, और इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ता आज पूरे राज्य में काला दिवस मना रहे हैं।

स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह हमला जेल में बंद तृणमूल कांग्रेस नेता जुब्बार शेख के “आदेश” पर किया गया था। “जुब्बार ने जेल से ही बदमाशों का इस्तेमाल करके इस इलाके पर कब्जा करने के लिए यह घटना करवाई। अगर प्रशासन उचित और निष्पक्ष जांच करे, तो यह मामला पूरी तरह साफ हो जाएगा।” स्थानीय कांग्रेस नेता टीपू सुल्तान ने मीडिया से कहा, “हम कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हैं।”

कृष्णानगर पुलिस जिले के अतिरिक्त अधीक्षक (ग्रामीण) सुरजीत कुमार ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है। अभी इस बारे में और कुछ भी कहना संभव नहीं है।

इसके पहले पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया था, “नादिया के कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। हम लोकतंत्र में यकीन रखने वाले सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे बंगाल में इस हत्या की राजनीति के खिलाफ एकजुट हों। इस बर्बर हत्याकांड के विरोध में, राज्य भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कल (16 अगस्त ’26) ‘काला दिवस’ मनाने की अपील की जा रही है।”

Continue Reading

महाराष्ट्र

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 106 शहीदों को एयर इंडिया की नई प्रशासनिक इमारत में मिलेगा स्थायी सम्मान

Published

on

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में प्राण देने वाले 106 शहीदों की याद को अब स्थायी सम्मान मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि मुंबई में एयर इंडिया की नई प्रशासनिक इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार के दर्शनीय हिस्से पर इन सभी शहीदों के नाम प्रमुखता से लिखे जाएंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है और राज्य के मुख्य सचिव को इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

संयुक्त महाराष्ट्र के गठन के लिए हुए ऐतिहासिक आंदोलन में 106 आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया था। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि इन शहीदों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।

आशीष शेलार ने पत्र में कहा कि सरकार के कब्जे में आई एयर इंडिया की नई इमारत का नवीनीकरण अभी चल रहा है और जल्द ही यहां प्रशासनिक कामकाज शुरू होगा। ऐसे में इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार पर संयुक्त महाराष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी 106 लोगों के नाम सम्मानजनक तरीके से स्थायी रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा, “जिनके बलिदान से हमें महाराष्ट्र मिला, उनका स्मरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। शहीदों के त्याग का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके नाम प्रशासनिक इमारत पर लगाना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब इन 106 शहीदों को राज्य की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक इमारत में सम्मानजनक जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है। प्रस्ताव के मुताबिक शहीदों के नाम मुख्य द्वार के ऐसे हिस्से पर लगाए जाएंगे जो आने-जाने वाले हर व्यक्ति को दिखाई दे।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इमारत के नवीनीकरण के साथ ही इस काम को भी पूरा किया जाएगा ताकि जब यहां काम शुरू हो तो शहीदों के नाम पहले से ही सम्मान के साथ मौजूद हों। संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन राज्य के इतिहास की सबसे अहम घटनाओं में से एक है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र3 seconds ago

मुंबई स्थित आवास में नौसेना के नाविक, उसकी पत्नी और दो बच्चों के शव मिले

राष्ट्रीय समाचार23 minutes ago

तमिलनाडु सरकार का फैसला, भवानीसागर बांध से 15 दिन के लिए छोड़ा जाएगा पानी

राष्ट्रीय समाचार41 minutes ago

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेता और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या, नेताओं ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र1 hour ago

संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 106 शहीदों को एयर इंडिया की नई प्रशासनिक इमारत में मिलेगा स्थायी सम्मान

मनोरंजन1 hour ago

‘भाई तेरा स्टार है’ में ‘मैंडी’ का किरदार निकी वालिया के लिए क्यों था बड़ी चुनौती, एक्ट्रेस ने किया खुलासा

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

हजारीबाग में अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने बाइक को मारी टक्कर, पिता-पुत्री की मौत, पत्नी गंभीर

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

अमेरिका: 24 घंटे के भीतर दो जगह गोलीबारी, पार्क में खेल रहे बच्चों पर भी हमला

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

झारखंडः निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया, ‘एसआईआर के तहत नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं, इसका उद्देश्य सिर्फ त्रुटि दूर करना’

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

राजस्थान: झालावाड़ में ब्रेक फेल होने पर बस ने कई लोगों कुचला, 4 की मौत (लीड-1)

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

मनोरंजन4 weeks ago

रणदीप हुड्डा की बेटी न्योमिका की पहली चावल रस्म, परिवार के साथ मनाया खास जश्न

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राजनीति4 weeks ago

टीएमसी के बागी सांसदों को बुलाने पर भड़का विपक्ष, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस, सपा और ‘आप’ का वॉकआउट

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

रुझान