अंतरराष्ट्रीय
व्हाट्सएप थर्ड पार्टी की ऐप्स को ऑनलाइन डिटेल्स देखने से रोकेगा
मेटा-स्वामित्व वाले व्हाट्सएप अज्ञात संपर्को को यूजर्स के लास्ट सीन देखे जाने और ऑनलाइन स्थिति को देखने से रोकने के लिए एक नया प्राइवेसी अपडेट लाया है। इस नए फीचर को कथित तौर पर एंड्रॉइड और आईओएस दोनों इनेबल्ड डिवाइस के लिए रोल आउट किया गया है। वैबेटाइंफो की एक रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉइड पर गूगल प्ले स्टोर और आईओएस पर एप्पल ऐप स्टोर के कुछ थर्ड पार्टी ऐप से डेटा को ‘ऑनलाइन’ स्टेटस टाइम और ‘लास्ट सीन’ टाइम लॉग करने के लिए एक्सेस कर सकते हैं। व्हाट्सएप ने अब ऐसे ऐप्स को ऐसे डेटा तक पहुंचने से रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय पेश किए हैं।
वैबेटाइंफो के अनुसार, “यूजर्स की सुरक्षा के लिए इस नए सुधार के बाद, व्हाट्सएप लास्ट सीन और ऑनलाइन स्टेटस नहीं दिखाता है, यदि आपने कभी किसी अन्य व्हाट्सएप अकाउंट से चैट नहीं किया है। चूंकि उन थर्ड पार्टी ऐप्स में आपके साथ सक्रिय चैट नहीं है, इसलिए वे नहीं देख सकते कि आप कब ऑनलाइन थे।”
इसके अलावा, व्हाट्सएप एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है, जो यूजर्स को उनके ‘लास्ट सीन’ और विशिष्ट कॉन्टैक्ट्स की प्रोफाइल पिक्च र सहित कुछ सूचनाओं को प्रतिबंधित करने में सक्षम बनाएगा।
व्हाट्सएप ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसके यूजर्स के पास अब सभी नई चैट के लिए डिफॉल्ट रूप से गायब होने वाले संदेशों को चालू करने का विकल्प होगा।
मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म ने कहा कि वह गायब होने वाले संदेशों के लिए दो नई अवधि जोड़ रहा है जिसमें, 24 घंटे और 90 दिन, साथ ही 7 दिनों का मौजूदा विकल्प शामिल है।
व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा, “सक्षम होने पर, आपके द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा शुरू की जाने वाली सभी नई आमने-सामने चैट आपकी चुनी हुई अवधि में गायब होने के लिए सेट हो जाएगी। हमने ग्रुप चैट बनाते समय एक नया विकल्प जोड़ा है, जो आपको इसे आपके द्वारा बनाए गए समूहों के लिए चालू करने देता है।
कंपनी ने कहा कि यह नई सुविधा वैकल्पिक है और आपकी किसी भी मौजूदा चैट को नहीं बदलती या हटाती नहीं है।
व्यापार
एआई से प्रभावित क्षेत्रों में युवा रोजगार में भारी गिरावट, जनरेटिव एआई के आने के बाद रोजगार पर बढ़ा दबाव: बीओके

सेंट्रल बैंक की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग का असर रोजगार बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जनरेटिव एआई तकनीकों, विशेषकर चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद एआई से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
बैंक ऑफ कोरिया (बीओके) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट उन क्षेत्रों में देखी गई जो एआई के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल घटे रोजगारों में से 2.68 लाख नौकरियां, यानी लगभग 94 प्रतिशत, एआई-प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित थीं, जिनमें आईटी सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
इसके विपरीत, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में इस आयु वर्ग के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 1.73 लाख नौकरियां एआई प्रभावित क्षेत्रों में ही बढ़ीं। इससे संकेत मिलता है कि एआई के दौर में अनुभव और विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट ने वर्ष 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में चैटजीपीटी लॉन्च हुआ था और उसके बाद जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग दुनिया भर में तेजी से बढ़ा।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक गिरावट आईटी सेवाओं में देखी गई, जहां युवाओं का रोजगार 31.4 प्रतिशत घट गया। प्रकाशन क्षेत्र, जिसमें सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं, वहां रोजगार में 27.4 प्रतिशत की कमी आई।
इसी प्रकार, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में युवाओं का रोजगार 16.6 प्रतिशत और प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में 11.6 प्रतिशत घटा। ये वे क्षेत्र हैं जहां एआई-आधारित ऑटोमेशन और कंटेंट जनरेशन टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
शिक्षा के आधार पर बेरोजगारी के आंकड़े भी युवाओं की चुनौतियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी, जबकि माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं की बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत थी।
लेकिन 2022 के बाद यह अंतर बढ़ गया। उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार दोनों के बीच अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।
बैंक ऑफ कोरिया ने कहा कि देश की लगातार घटती जनसंख्या भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि एआई के आगमन ने इस प्रवृत्ति को और तेज कर दिया है।
बीओके के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल ने कहा, “एआई युवा कर्मचारियों की उत्पादकता को काफी बढ़ा सकता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इन्हें एआई द्वारा प्रतिस्थापित भी किया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरियों में कमी के लिए पूरी तरह एआई को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह निश्चित रूप से उस प्रवृत्ति को तेज कर रहा है जिसमें युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देने पर इजरायल के राष्ट्रपति और पीएम नेतन्याहू को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा धन्यवाद

नई दिल्ली, 16 अगस्त: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति हर्जोग की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामना दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका धन्यवाद अदा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत-इजरायल की विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हो, जिससे नए अवसर खुलें और हमारे देशों के लोगों के बीच गहरे संबंध बनें।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग की ओर से शुभकामना देने पर पीएम मोदी ने उनको धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा गया, “राष्ट्रपति हर्जोग, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत इजरायल के साथ अपनी दोस्ती को बहुत महत्व देता है। हम अपने लोगों के फायदे के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीते दिन शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा गया था, “भारत और मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई। भारत और इजरायल को एक साल के अंतर से आजादी मिली। हम दो प्राचीन देश हैं जो अपने लोगों के लिए बेहतर जीवन लाने के लिए मिलकर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हमारी इनोवेशन और दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। सबसे अच्छा समय तो अभी आना बाकी है!”
इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था, “इजरायल की ओर से, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के शानदार लोगों को आपके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं! हम इजरायल और भारत के बीच की खूबसूरत दोस्ती को और मजबूत करते रहें।”
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में जश्न का माहौल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण किया था। इस दौरान उन्होंने 75 मिनट तक देशवासियों को संबोधित किया था। देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि आज हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। 80 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम करेंगे। यह 140 करोड़ से ज्यादा देशवासियों की सामूहिक आवाज है।
व्यापार
फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया उड़ान में 4 सेकंड के लिए फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम ने काम करना बंद किया, विमान 300 फीट नीचे गिरा: रिपोर्ट

एयर इंडिया की फुकेट से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई2379 से जुड़े 4 अगस्त के घटनाक्रम में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए320नियो विमान ने उड़ान के दौरान लगभग चार सेकंड के लिए अपने प्रमुख फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर नियंत्रण खो दिया था, जिसके चलते विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया और कम से कम 24 यात्री एवं चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी विमान निर्माता एयरबस द्वारा विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) के प्रारंभिक विश्लेषण से सामने आई है। घटना के समय विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य, यानी कुल 145 लोग सवार थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ असामान्यता आने के कारण विमान के महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र प्रभावित हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के एलेवेटर और एलेरॉन, जो विमान की ऊंचाई और रोल नियंत्रित करते हैं, कुछ समय के लिए सामान्य हाइड्रोलिक नियंत्रण से बाहर हो गए थे। इसके अलावा स्पॉइलर सिस्टम के संचालन पर भी असर पड़ा।
एयरबस के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, लगभग चार सेकंड तक एलेवेटर और एलेरॉन बिना पायलट के निर्देश के स्वतः विचलित होते रहे। इस दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में गड़बड़ी दर्ज की गई।
घटना के दौरान विमान का ऑटोपायलट सिस्टम स्वतः डिस्कनेक्ट हो गया। इसके बाद विमान उड़ा रहे सह-पायलट ने स्टॉल वार्निंग मिलने पर नियंत्रण संभालते हुए साइड-स्टिक को आगे की ओर दबाया। हालांकि उस समय हाइड्रोलिक शक्ति उपलब्ध नहीं होने के कारण नियंत्रण संबंधी इनपुट का अपेक्षित प्रभाव तुरंत नहीं पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही कुछ सेकंड बाद हाइड्रोलिक सिस्टम दोबारा सक्रिय हुए, पायलट द्वारा दिए गए नियंत्रण इनपुट प्रभावी हो गए। इसके परिणामस्वरूप विमान अचानक नीचे की ओर झुक गया, जिससे केबिन के भीतर कई यात्री और क्रू सदस्य अपनी सीटों से उछल गए और कई लोग घायल हो गए।
घटना के बाद विमान के फ्लाइट डेटा को विश्लेषण के लिए एयरबस के फ्रांस स्थित टूलूज में मौजूद तकनीकी सहायता केंद्र एआईआरटीएसी को भेजा गया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
इस बीच, एयर इंडिया ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए 13 अगस्त से समूह के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। यह कदम हालिया घटना के बाद उठाया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एआई2379 के पायलट-इन-कमांड ने बाद में किए गए पुष्टिकरण परीक्षण में मारिजुआना के लिए सकारात्मक परिणाम दिया। हालांकि इस संबंध में एयर इंडिया या नियामक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी सामने नहीं आई है।
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