Connect with us
Saturday,09-May-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

भारत में डिजिटल भुगतान करने पर कैशबैक दे रहा है व्हाट्सएप

Published

on

मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने पुष्टि की है कि वह अपनी डिजिटल भुगतान सेवा पर अधिक यूजर्स को आकर्षित करने के लिए भारत में कैश-बैक अभियान चला रहा है। कंपनी व्हाट्सएप पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए तीन अलग-अलग कॉन्टैक्ट्स को पैसे भेजकर तीन बार तक 11 रुपये का कैशबैक दे रही है।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, “हम अपने यूजर्स को व्हाट्सएप पर भुगतान को बढ़ाने के तरीके के रूप में चरणबद्ध तरीके से कैशबैक प्रोत्साहन की पेशकश करने वाला एक अभियान चला रहे हैं।”

प्रवक्ता ने कहा, “हम अगले 500 मिलियन भारतीयों को डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में लाने के अपने व्यापक प्रयासों के तहत व्हाट्सएप पर भुगतान के बारे में जागरूकता बढ़ाना जारी रखेंगे।”

व्हाट्सएप के अनुसार, यदि आप प्रचार के लिए योग्य हो जाते हैं, तो आपको ऐप के भीतर एक बैनर, या जब आप किसी पात्र रिसीवर को पैसे भेज रहे होंगे तो एक गिफ्ट आइकन दिखाई देगा।

कंपनी ने जानकारी दी, “एक बार चुने जाने के बाद, आप अपने किसी भी रजिस्टर्ड व्हाट्सएप कॉन्टेक्ट को पैसे भेज सकते हैं और प्रति सफल लेनदेन पर 11 रुपये कैशबैक प्राप्त कर सकते हैं।

गूगल और पेटीएम ने अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर अधिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए यूजर्स को कैश-बैक की पेशकश की है।

इस महीने की शुरुआत में, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने व्हाट्सएप के लिए यूपीआई के लिए अतिरिक्त 60 मिलियन यूजर्स को मंजूरी दी जो भुगतान के लिए इसकी सीमा को 100 मिलियन तक ले गया।

व्हाट्सएप इंडिया के निदेशक-भुगतान, मनेश महात्मे ने आईएएनएस को बताया, “हमारा मानना है कि यूपीआई देश के लिए और भी अधिक प्रभाव डाल सकता है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डिजिटल और वित्तीय समावेशन लोगों के जीवन में काफी सुधार कर सकता है।”

पिछले साल नवंबर में, एनपीसीआई ने व्हाट्सएप की भुगतान सेवा के लिए यूजर कैप को मौजूदा 20 मिलियन से बढ़ाकर 4 करोड़ करने की मंजूरी दी थी।

एनपीसीआई चरणबद्ध तरीके से व्हाट्सएप को मंजूरी देता रहा है ताकि देश में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में कमी न आए।

व्हाट्सएप ने 2018 में लगभग 10 लाख यूजर्स के साथ भारत में अपने महत्वाकांक्षी पीयर-टू-पीयर (पी2पी) डिजिटल भुगतान पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी।

राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया संकट के बीच डीजी शिपिंग का बड़ा कदम, निर्यातकों को राहत देने के निर्देश; नाविकों को सुरक्षित रहने की सलाह

Published

on

oil

नई दिल्ली, 9 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है। कि युद्ध प्रभावित पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) क्षेत्र में फंसे माल (कार्गो) वाले निर्यातकों को राहत दी जाए और उन्हें जरूरी छूट प्रदान की जाए।

एक सर्कुलर में कहा गया है कि बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली छूट, जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट, रीफर प्लग-इन (कनेक्टेड लोड) और अन्य टर्मिनल चार्ज, सभी मामलों में समान रूप से निर्यातकों तक नहीं पहुंच रही हैं।

डीजी शिपिंग ने निर्देश दिया है कि पोर्ट अथॉरिटी द्वारा दी गई सभी छूट पारदर्शी तरीके से सीधे संबंधित हितधारकों, जिनमें फ्रेट फॉरवर्डर्स और एनवीओसीसी शामिल हैं, को दी जाएं और वे आगे इसे निर्यातकों तक पहुंचाएं।

इसके साथ ही बंदरगाह प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें ताकि छूट का लाभ बिना देरी के सही लोगों तक पहुंचे।

रेगुलेटर ने पोर्ट और टर्मिनल ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि लागत में पारदर्शिता बनी रहे, निर्यातकों के हित सुरक्षित रहें और संकट के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निर्यातक 497 करोड़ रुपए की रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत दावा कर सकें और लाभ उठा सकें।

डीजी शिपिंग ने कहा, “शिपिंग कंपनियां ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा बनाए रखें। साथ ही, कार्गो पर लगने वाला वॉर रिस्क प्रीमियम भी बदला है, जो पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकता। इस मामले को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।

इसी बीच डीजी शिपिंग ने ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक किनारे पर हैं, वे घर के अंदर रहें, संवेदनशील जगहों से दूर रहें और अपनी आवाजाही के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।

वहीं, जो नाविक जहाज पर हैं, उन्हें जहाज पर ही रहने और बिना जरूरत किनारे पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

सभी कर्मियों से सतर्क रहने, आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और अपनी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।

Continue Reading

राष्ट्रीय

राणा अयूब के संदेशों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स से मांगा जवाब

Published

on

law

नई दिल्ली, 8 अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय में पत्रकार राणा अयूब से जुड़े एक मामले में अहम सुनवाई हुई है।

यह मामला वर्ष 2013 से 2017 के बीच उनके सामाजिक माध्यम पर किए गए संदेशों से जुड़ा है, जिनमें उन पर भारत विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राणा अयूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर को लेकर किए गए कुछ संदेशों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि ये संदेश अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति के प्रतीत होते हैं, जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स को निर्देश दिया है कि वे इन संदेशों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दें। साथ ही, यह भी बताएं कि आगे क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में देरी उचित नहीं है और इसे तुरंत सुना जाना जरूरी है।

न्यायालय ने राणा अयूब को भी नोटिस जारी किया है और उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक भावना और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों का जवाब समय पर आना जरूरी है।

साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल साइट एक्स को निर्देश दिया है कि वे अगले दिन तक अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Continue Reading

राजनीति

बारामती उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे की इस शर्त से बढ़ी सियासी हलचल

Published

on

पुणे, 6 अप्रैल : बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक नए मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार और वकील आकाश मोरे ने साफ कह दिया है कि वह अपना नामांकन तभी वापस लेंगे, जब महाराष्ट्र सरकार अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा केवल संयोग नहीं था और सच सामने लाना बेहद जरूरी है।

आकाश मोरे ने कहा, “हम यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए लड़ रहे हैं। अगर सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज करती है और गंभीर जांच करती है, तभी मैं अपना नामांकन वापस लेने पर विचार करूंगा।”

आकाश मोरे पेशे से वकील हैं और उनकी एक राजनीतिक विरासत है। उनके पिता 2014 में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को इतने बड़े नेता की मौत को गंभीरता से लेना चाहिए। मोरे ने कहा, “बारामती और महाराष्ट्र के ‘कर्तापुरुष’ चले गए। सवाल यह है कि आखिर एफआईआर क्यों नहीं हुई या जांच क्यों नहीं हुई? हमने अजित दादा का राजनीतिक विरोध किया, ये हो सकता है, लेकिन राज्य के विकास के मामले में उनके साथ खड़े रहे। अगर कोई बड़ा नेता हादसे में मर जाए और एफआईआर दर्ज न हो, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।”

उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी इस रुख से सहमत हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे की शर्त पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा, “अजित दादा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी जांच की मांग की थी। इसलिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन यह प्रक्रिया कहां अटकी? रोहित पवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए महाराष्ट्र भर में दौड़ लगानी पड़ी और आखिरकार यह एफआईआर केवल कर्नाटक में हुई। क्या यही संवेदनशीलता है? हमारी मांग है कि एफआईआर महाराष्ट्र, खासकर बरामती में दर्ज हो तभी हम निर्णय करेंगे।”

अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे सोमवार को कांग्रेस की तरफ से नामांकन दाखिल करेंगे। इस पर काफी चर्चा और आलोचना हो रही है। कई लोग पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए सुझाव दे रहे हैं कि कांग्रेस को इस चुनाव में निर्विरोध मतदान होने देना चाहिए। क्या नांदेड में वसंतराव चव्हाण की मृत्यु के बाद चुनाव नहीं हुए थे? क्या भरत भालके के निधन के बाद मंगलवेढा में चुनाव नहीं हुए थे? ऐसे अनगिनत उदाहरण दिए जा सकते हैं जहां भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति की है।”

कांग्रेस के इस कदम ने निर्विरोध चुनाव की संभावना को रोक दिया है। पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के समर्थन से सुनेत्रा पवार बिना मुकाबले चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन कांग्रेस द्वारा आकाश मोरे को मैदान में उतारे जाने के फैसले ने सबको चौंका दिया और अब नामकंन वापस लेने के लिए ये मांग रखी है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पहले कोशिश की कि चुनाव बिना मुकाबले हो, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतारकर खेल बदल दिया। जैसे-जैसे नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, सबकी नजरें अब महायुति सरकार पर हैं कि वह इस मांग का क्या जवाब देती है। इस बीच, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बारामती के लोगों से अपील की है कि सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड बहुमत से चुने।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति1 hour ago

तमिलनाडु में विजय का पथ आसान, 120 विधायकों के समर्थन से सीएम बनने का रास्ता साफ

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

तुर्किए के यूएन दूत ने फिलिस्तीन में इजरायल के ‘औपनिवेशीकरण उपायों’ की आलोचना की

महाराष्ट्र3 hours ago

महाराष्ट्र निदा खान केस, इम्तियाज जलील नासिक में निदा से मिले? मंत्री सिरशात ने एसआईटी जांच की मांग की

मनोरंजन5 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप 2026: ओपनिंग सेरेमनी में दिखेगा नोरा फतेही का जलवा, कनाडा में करेंगी धमाकेदार परफॉर्मेंस

व्यापार5 hours ago

बाजार की पाठशाला: ईपीएफओ कैसे बनाता है सुरक्षित रिटायरमेंट फंड? समझें ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई का पूरा गणित

खेल6 hours ago

आईपीएल 2026: आरआर या जीटी, जयपुर में किसके हाथ लगेगी बाजी? गुजरात का पलड़ा रहा है भारी

व्यापार6 hours ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपए की मजबूती के चलते इस हफ्ते चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त

अंतरराष्ट्रीय समाचार7 hours ago

ईरान से संदेश की उम्मीद और युद्धविराम पर नजर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

भारत में एयरक्राफ्ट लीजिंग सेक्टर में 50 अरब डॉलर का बड़ा अवसर, लक्षद्वीप में जल्द शुरू होंगी सीप्लेन सेवाएं: राम मोहन नायडू

अंतरराष्ट्रीय समाचार8 hours ago

व्हाइट हाउस में मनाया गया मदर्स डे : ट्रंप ने शोक संतप्त माताओं को किया सम्मानित, फैमिली पॉलिसी पर दिया जोर

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: नागपाड़ा के गैंगस्टर कालिया के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए मुखबिर को मारा, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कालिया का भतीजा और साथी गिरफ्तार

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र4 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

अपराध2 weeks ago

नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

अपराध2 weeks ago

मुंबई : हाथी दांत को 3.5 करोड़ रुपए में बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

राजनीति3 weeks ago

यूसीसी प्रक्रिया पर टीएस सिंह देव का सरकार से सवाल—पहले कैबिनेट में मंजूरी, फिर जनता से राय, ये कैसी उल्टी प्रोसेस?

व्यापार3 weeks ago

सोने की चमक बढ़ी, चांदी का दाम 2.55 लाख रुपए हुआ

राजनीति4 weeks ago

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के फैसले से जनता दुखी: रामकृपाल यादव

रुझान