Connect with us
Friday,21-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

मोरेटोरियम के दौरान वोडाफोन आइडिया इक्विटी रूपांतरण का चुनेगी विकल्प

Published

on

वोडाफोन आइडिया स्थगन अवधि के दौरान ब्याज भुगतान के लिए इक्विटी रूपांतरण का विकल्प चुनेगी, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर कमजोर पड़ने और किसी भी वित्तीय/रणनीतिक निवेशक से संभावित इक्विटी इन्फ्यूजन को प्रतिबंधित किया जा सकता है। ऐसा विश्लेषकों का मानना है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक नोट में कहा कि पैकेज, जो टेलीकॉम के लिए वार्षिक नकद आउटफ्लो स्थगन पर केंद्रित है, वोडाफोन आइडिया को बहुत आवश्यक राहत प्रदान करता है।

रिपोटरें के अनुसार, सरकार वोडाफोन आइडिया में 30-70 प्रतिशत के बीच कुछ भी पकड़ सकती है, जिसमें सरकार द्वारा चार साल की मोहलत के बाद कंपनी के बकाया को परिवर्तित करने के लिए इक्विटी विकल्प की पेशकश की गई है।

ऑपरेटरों को सरकार द्वारा इक्विटी में चार साल की मोहलत के बाद, स्पेक्ट्रम और एजीआर भुगतान पर अपने ब्याज बकाया को बदलने का विकल्प दिया गया है।

एमके ग्लोबल ने कहा कि टेलीकॉम पैकेज, जो टेलीकॉम के लिए वार्षिक नकदी आउटफ्लो पर केंद्रित है, वीआईएल को बहुत जरूरी राहत प्रदान करता है।

इसके अलावा, यह भविष्य की स्पेक्ट्रम खरीद पर एसयूसी को समाप्त करने, एजीआर परिभाषा में बदलाव और बैंक गारंटी में कमी जैसे दीर्घकालिक उपायों के साथ एक महत्वपूर्ण कदम है।

नोट में कहा गया, पैकेज अगले चार वर्षों के लिए वीआईएल को एक बड़ी राहत प्रदान करता है क्योंकि सरकारी बकाया की वार्षिक नकद राशि वित्त वर्ष 2023 में शुरू होने वाले 253 अरब रुपये से घटकर 31 अरब रुपये हो जाएगी, इसे सरकार के लिए इक्विटी में बदलने का विकल्प होगा।

हालांकि ये उपाय अगले चार वर्षों के लिए एक जीवन रेखा प्रदान करेंगे, सरकार को वार्षिक भुगतान वित्त वर्ष 27ई से 477 अरब रुपये तक बढ़ जाएगा। हमारा अनुमान पहले से ही एच2एफवाई22 में 15-18 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि का कारक है, जो वीआईएल के लिए व्यवसाय में पर्याप्त रूप से निवेश करने के लिए आवश्यक है ताकि ग्राहकों के चल रहे नुकसान को रोका जा सके और बैंक ऋण पर ब्याज शुल्क को आराम से पूरा किया जा सके।

नोट में कहा गया, हम मानते हैं कि वीआईएल अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज भुगतान के लिए इक्विटी रूपांतरण का विकल्प चुनेगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर कमजोर पड़ने और किसी भी वित्तीय या रणनीतिक निवेशक से संभावित इक्विटी इन्फ्यूजन को प्रतिबंधित कर सकता है।”

एमके ने बयान में कहा, हमारी दीर्घकालिक थीसिस अभी भी भारती के पक्ष में है क्योंकि हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 26-27 ई में स्थगन समाप्त होने के बाद वीआईएल का अस्तित्व सवालों के घेरे में आ जाएगा। इसके अलावा लंबे समय तक 5जी, होम ब्रॉडबैंड और उद्यम व्यवसायों में निवेश करने में वीआईएल की अक्षमता भी इसमें प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उल्लेखनीय रूप से अपेक्षा से अधिक टैरिफ बढ़ोतरी और वीआईएल की जोरदार वापसी के साथ-साथ क्षेत्र के लिए निरंतर स्वस्थ रिटर्न अनुपात भारती के लिए प्रमुख जोखिम हैं।

उन्होंने बयान में कहा कि हम मानते हैं कि भारती और जियो स्थगन का विकल्प नहीं चुनेंगे क्योंकि उनके पास एक आरामदायक तरलता की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, भारती ने हाल ही में पूंजी जुटाने की भी घोषणा की है।

राष्ट्रीय समाचार

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 188 अंक चढ़ा, निफ्टी में 0.21 प्रतिशत की तेजी

Published

on

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बावजूद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। रियल्टी, धातु और दवा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करते दिखाई दिए। हालांकि बाद में यह बढ़त कम हो गई और बाजार लाल निशान में आ गया।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला, और सत्र में एक समय यह 0.24 प्रतिशत यानी 187.95 अंकों की बढ़त के साथ 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि दिन का लो 77,445.86 रहा।

वहीं निफ्टी 50 ने भी 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत मजबूत होकर 24,284.05 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। वहीं दिन के सत्र में इसने 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,284.05 का हाई टच किया, जबकि दिन का लो 24,206.80 रहा।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें, तो निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा बढ़त वाला सूचकांक रहा और इसमें 0.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.32 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी रीट्स एवं रियल्टी भी हरे निशान में रहे और क्रमशः 0.32 प्रतिशत तथा 0.28 प्रतिशत तक मजबूत हुए।

दूसरी ओर निफ्टी आईटी सबसे कमजोर क्षेत्र रहा, जिसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.19 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र की तेजी को बनाए रखना आसान नहीं होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि ब्रेंट कच्चा तेल 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।

हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है। संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत बाजार को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी कंपनियां, फार्मा क्षेत्र और अनुबंध आधारित अनुसंधान एवं विनिर्माण सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। ऊंचे मूल्यांकन के बावजूद इन क्षेत्रों में खरीदारी जारी है।

तकनीकी दृष्टि से विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी ने लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद तेजी का संकेत देने वाला डोजी पैटर्न बनाया है, जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत देता है। यदि निफ्टी 24,060 से 24,000 के समर्थन क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तो इसमें 24,317 से 24,380 और उसके बाद 24,400 से 24,545 तक बढ़त देखने को मिल सकती है।

वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले। एशियाई बाजारों में कमजोरी रही, क्योंकि वॉल स्ट्रीट पर लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से दबाव देखा गया।

इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद तेल कीमतों में बढ़त आई, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों में से कुछ लागू कर सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी, भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बेहतर आर्थिक संकेतक बाजार को सहारा देते रहेंगे।

Continue Reading

व्यापार

टाटा मोटर्स 1 सितंबर से कारों और एसयूवी की कीमतों में 25,000 रुपए तक की करेगी बढ़ोतरी

Published

on

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने अपनी यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह 1 सितंबर 2026 से अपने पूरे यात्री वाहन पोर्टफोलियो, जिसमें पेट्रोल-डीजल मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों शामिल हैं, की कीमतों में 25,000 रुपए तक की वृद्धि करेगी।

कंपनी के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी का स्तर सभी मॉडलों और वेरिएंट्स के लिए अलग-अलग होगा। टाटा मोटर्स ने कहा कि यह निर्णय बढ़ती इनपुट लागत और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति के दबावों के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए लिया गया है।

टाटा मोटर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लागत में आई बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा पहले से खुद वहन कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों के कारण अब कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अन्य प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां भी अपने वाहनों की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। हाल ही में हुंडई मोटर इंडिया ने बढ़ती कच्चे माल की लागत, ऊंचे परिचालन खर्च और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए अपने वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।

वहीं, मारुति सुजुकी ने भी अगस्त से अपने एरिना और नेक्सा मॉडल्स की कीमतों में वृद्धि की थी। कंपनी ने विभिन्न मॉडलों और वेरिएंट्स के अनुसार 2,500 रुपए से 30,000 रुपए तक कीमतें बढ़ाई थीं।

कीमतों में लगातार हो रहे ये बदलाव ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़ रहे निरंतर लागत दबाव के बीच आए हैं, जिसमें कंपनियां कच्चे माल, पुर्जों, लॉजिस्टिक्स और परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी के कारण लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने के लिए मजबूर हो रही हैं। हालांकि वाहन निर्माता लागत अनुकूलन के जरिए ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को सीमित रखने की कोशिश भी कर रहे हैं।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का शुद्ध लाभ घटकर 859 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 4,003 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर करीब 79 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। तिमाही आधार पर भी कंपनी का लाभ 85 प्रतिशत कम हुआ है।

इस बीच, घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार के दौरान टाटा मोटर्स के शेयर 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 319.70 रुपए पर कारोबार करता दिखाई दिए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.87 प्रतिशत तक टूटा है, वहीं पिछले एक साल में करीब 23 प्रतिशत गिरा है, जबकि इस साल अब तक कंपनी के शेयर 13 प्रतिशत से ज्यादा गिरे हैं।

एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने 419 रुपए का उच्चतम और 294.30 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान

Published

on

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बेसिक बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खातों से नकद निकासी की फीस में बदलाव किया है। अब खाताधारकों को एक निश्चित सीमा से अधिक बार निकासी करने पर 15 रुपए प्रति लेनदेन का भुगतान करना होगा। यह जानकारी बैंक की ओर से गुरुवार को दी गई।

एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बदले हुए नियमों के तहत, ग्राहकों को हर महीने चार बार मुफ्त कैश निकालने की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि इस सीमा से ज्यादा बार नकद निकालने पर हर लेनदेन के लिए 15 रुपए (जीएसटी को हटाकर) के शुल्क का भुगतान करना होगा।

हालांकि, बैंक के अनुसार, सभी डिजिटल लेनदेन बिना किसी रोक-टोक के मुफ्त बने रहेंगे।

इसके अलावा, बैंक ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले, महीने के चार मुफ्त लेनदेन की गिनती करते समय डिजिटल लेनदेन के तहत एईपीएस लेनदेन को शामिल नहीं किया जाता था। बदले हुए नियमों के तहत, इस छूट को हटा दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, एसबीआई का वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 19,160.44 करोड़ रुपए था।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से आय सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1,27,896.46 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 1,17,830.28 करोड़ रुपए थी।

अन्य आय को मिलाकर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई की कुल आय सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,35,341.56 करोड़ रुपए थी।

इस दौरान बैंक के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई का कुल खर्च सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 1,10,289.97 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,04,797.09 करोड़ रुपए था।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार25 minutes ago

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने प्योंगयांग के मिसाइल प्रक्षेपण पर की चर्चा

मनोरंजन1 hour ago

6 साल बाद फिर चर्चा में आया ‘क्लास ऑफ 83’ का किरदार, अनूप सोनी बोले- ‘सबसे दिलचस्प भूमिकाओं में से एक’

खेल2 hours ago

लॉजेन डायमंड लीग: नीरज चोपड़ा को श्रीलंका के रुमेश पाथिरगे से फिर मिलेगी चुनौती

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

कोलकाता होटल अग्निकांड के बाद एक्शन, मिर्जा गालिब स्ट्रीट के 17 और होटलों को नोटिस

मनोरंजन3 hours ago

जबरदस्ती के एजेंट्स लेकर आए कुणाल खेमू, ‘वाइब’ का टीजर रिलीज

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का बड़ा फैसला, अपनी ऑयल रिफाइनिंग क्षमता को 300 एमएमटीपीए तक बढ़ाएगा

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 188 अंक चढ़ा, निफ्टी में 0.21 प्रतिशत की तेजी

राजनीति5 hours ago

मध्य प्रदेश में करोड़ों कमाने वाली मंडियों में सुविधाओं का टोटा : जीतू पटवारी

व्यापार5 hours ago

सेफ हेवन डिमांड से चमका सोना-चांदी; गोल्ड में 0.75 प्रतिशत तो सिल्वर में करीब 3,000 रुपए की तेजी

व्यापार6 hours ago

टाटा मोटर्स 1 सितंबर से कारों और एसयूवी की कीमतों में 25,000 रुपए तक की करेगी बढ़ोतरी

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन3 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति4 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

व्यापार2 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राजनीति2 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

रुझान