अंतरराष्ट्रीय
मोरेटोरियम के दौरान वोडाफोन आइडिया इक्विटी रूपांतरण का चुनेगी विकल्प
वोडाफोन आइडिया स्थगन अवधि के दौरान ब्याज भुगतान के लिए इक्विटी रूपांतरण का विकल्प चुनेगी, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर कमजोर पड़ने और किसी भी वित्तीय/रणनीतिक निवेशक से संभावित इक्विटी इन्फ्यूजन को प्रतिबंधित किया जा सकता है। ऐसा विश्लेषकों का मानना है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक नोट में कहा कि पैकेज, जो टेलीकॉम के लिए वार्षिक नकद आउटफ्लो स्थगन पर केंद्रित है, वोडाफोन आइडिया को बहुत आवश्यक राहत प्रदान करता है।
रिपोटरें के अनुसार, सरकार वोडाफोन आइडिया में 30-70 प्रतिशत के बीच कुछ भी पकड़ सकती है, जिसमें सरकार द्वारा चार साल की मोहलत के बाद कंपनी के बकाया को परिवर्तित करने के लिए इक्विटी विकल्प की पेशकश की गई है।
ऑपरेटरों को सरकार द्वारा इक्विटी में चार साल की मोहलत के बाद, स्पेक्ट्रम और एजीआर भुगतान पर अपने ब्याज बकाया को बदलने का विकल्प दिया गया है।
एमके ग्लोबल ने कहा कि टेलीकॉम पैकेज, जो टेलीकॉम के लिए वार्षिक नकदी आउटफ्लो पर केंद्रित है, वीआईएल को बहुत जरूरी राहत प्रदान करता है।
इसके अलावा, यह भविष्य की स्पेक्ट्रम खरीद पर एसयूसी को समाप्त करने, एजीआर परिभाषा में बदलाव और बैंक गारंटी में कमी जैसे दीर्घकालिक उपायों के साथ एक महत्वपूर्ण कदम है।
नोट में कहा गया, पैकेज अगले चार वर्षों के लिए वीआईएल को एक बड़ी राहत प्रदान करता है क्योंकि सरकारी बकाया की वार्षिक नकद राशि वित्त वर्ष 2023 में शुरू होने वाले 253 अरब रुपये से घटकर 31 अरब रुपये हो जाएगी, इसे सरकार के लिए इक्विटी में बदलने का विकल्प होगा।
हालांकि ये उपाय अगले चार वर्षों के लिए एक जीवन रेखा प्रदान करेंगे, सरकार को वार्षिक भुगतान वित्त वर्ष 27ई से 477 अरब रुपये तक बढ़ जाएगा। हमारा अनुमान पहले से ही एच2एफवाई22 में 15-18 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि का कारक है, जो वीआईएल के लिए व्यवसाय में पर्याप्त रूप से निवेश करने के लिए आवश्यक है ताकि ग्राहकों के चल रहे नुकसान को रोका जा सके और बैंक ऋण पर ब्याज शुल्क को आराम से पूरा किया जा सके।
नोट में कहा गया, हम मानते हैं कि वीआईएल अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज भुगतान के लिए इक्विटी रूपांतरण का विकल्प चुनेगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर कमजोर पड़ने और किसी भी वित्तीय या रणनीतिक निवेशक से संभावित इक्विटी इन्फ्यूजन को प्रतिबंधित कर सकता है।”
एमके ने बयान में कहा, हमारी दीर्घकालिक थीसिस अभी भी भारती के पक्ष में है क्योंकि हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 26-27 ई में स्थगन समाप्त होने के बाद वीआईएल का अस्तित्व सवालों के घेरे में आ जाएगा। इसके अलावा लंबे समय तक 5जी, होम ब्रॉडबैंड और उद्यम व्यवसायों में निवेश करने में वीआईएल की अक्षमता भी इसमें प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उल्लेखनीय रूप से अपेक्षा से अधिक टैरिफ बढ़ोतरी और वीआईएल की जोरदार वापसी के साथ-साथ क्षेत्र के लिए निरंतर स्वस्थ रिटर्न अनुपात भारती के लिए प्रमुख जोखिम हैं।
उन्होंने बयान में कहा कि हम मानते हैं कि भारती और जियो स्थगन का विकल्प नहीं चुनेंगे क्योंकि उनके पास एक आरामदायक तरलता की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, भारती ने हाल ही में पूंजी जुटाने की भी घोषणा की है।
राष्ट्रीय समाचार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलेंगे सीएम विजय, चेन्नई में पानी की सप्लाई और नदी परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगे और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ चेन्नई में पानी की सप्लाई, नदियों को जोड़ने के प्रस्तावों और तमिलनाडु की ओर बहने वाली नदियों पर प्रस्तावित बांधों से जुड़ी चिंताओं पर बातचीत करेंगे।
ये बातचीत तेलुगु गंगा प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाले पानी की कम मात्रा को लेकर चिंता के बीच हो रही है। चेन्नई की पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए आंध्र प्रदेश को हर साल 12 टीएमसी (हज़ार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी देना होता है, लेकिन इस साल अक्टूबर की शुरुआत तक तमिलनाडु को सिर्फ 2.251 टीएमसी पानी ही मिला था।
उम्मीद है कि सीएम विजय पानी की कमी का मुद्दा और सीएम नायडू के सामने उठाएंगे और सप्लाई बेहतर करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक दोनों सरकारों को राज्यों के बीच पानी के बंटवारे से जुड़े लंबित मुद्दों की समीक्षा करने और तमिलनाडु को प्रभावित करने वाली चिंताओं पर बात करने का मौका देगी।
गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ने के प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर भी बातचीत होगी। इन प्रस्तावों पर कोई प्रगति न होने के कारण तमिलनाडु सरकार आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इनकी मौजूदा स्थिति और व्यवहार्यता की जांच करना चाहती है।
एक और अहम मुद्दा तमिलनाडु की सीमा की ओर बहने वाली नदियों पर आंध्र प्रदेश द्वारा बांध बनाने की योजना है। इन प्रस्तावों को लेकर शिकायतों ने तमिलनाडु में चिंता पैदा कर दी है, जिसके चलते सरकार पड़ोसी राज्य के साथ बातचीत करना चाहती है।
यह दौरा इन मुद्दों पर चर्चा के लिए दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक कराने की कोशिशों के बाद हो रहा है। तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री आनंद भी सीएम विजय के साथ जाएंगे और बातचीत में शामिल होंगे।
सीएम विजय दोपहर 2 बजे हवाई मार्ग से चेन्नई से रवाना होंगे और दोपहर 3.30 बजे आंध्र प्रदेश के गन्नवरम एयरपोर्ट पहुंचेंगे। नायडू के साथ उनकी बैठक शाम 4.15 बजे तय है।
इस दौरे के दौरान सीएम विजय आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण और राज्य के अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से राज्यों के बीच नदी के पानी के बंटवारे और बांध निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बातचीत में चेन्नई की पीने के पानी की तत्काल जरूरतों और नदी परियोजनाओं पर सहयोग से जुड़े व्यापक मुद्दों, दोनों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। इन चर्चाओं से पानी की सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लंबित चिंताएं दोनों राज्यों के नेतृत्व के सामने आएंगी।
विचार-विमर्श के बाद सीएम विजय शाम 6 बजे विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर जाएंगे और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे हवाई मार्ग से आंध्र प्रदेश से रवाना होंगे और रात 8.30 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जिससे उनके दिन भर के दौरे का समापन होगा।
व्यापार
सस्ते में सोना और चांदी खरीदने का मौका; कीमतें करीब 1,400 रुपए तक घटीं

सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1,400 रुपए तक कम हो गया।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 1,369 रुपए कम होकर 1,48,061 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो पहले 1,49,430 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का दाम 1,36,878 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,35,624 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने का दाम घटकर 1,11,046 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो कि पहले 1,12,073 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
सोने के साथ चांदी की कीमतों में कमी देखने को मिली।
चांदी का दाम 814 रुपए घटकर 2,20,295 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,21,109 रुपए प्रति किलो था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। खबर लिखे जाने तक कॉमैक्स पर सोने का दाम 0.7 प्रतिशत कम होकर 4,187 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 0.25 प्रतिशत कम होकर 60.88 डॉलर प्रति औंस हो गई है।
जानकारों ने कहा कि सोने की कीमतों में कमजोरी देखी गई और यह लगभग 1,400 रुपए प्रति 10 ग्राम तक गिर गया। इसकी वजह डॉलर के मुकाबले रुपए का मजबूत होना है, जो कि 95.75 के स्तर पर आ गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब निवेशकों की नजरें इस हफ्ते आने वाले यूएस सीपीआई डेटा पर हैं, हालांकि महंगाई को लेकर उम्मीदें अभी भी ज्यादा बनी हुई हैं और इससे फेड के ब्याज दरों से जुड़े नजरिए पर असर पड़ने की संभावना है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की उम्मीद है और कीमतें 1,48,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से 1,52,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं।
व्यापार
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में हुई 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी, रिकॉर्ड 1.47 लाख करोड़ रुपए का कारोबार

एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) में भारत का सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम यानी मात्रा 1.47 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक है।
आईसीआरए (आईसीआरए) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी तिमाही में गतिविधियों में तेज उछाल देखने को मिला और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 86,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
इस वृद्धि को मुख्य रूप से गोल्ड लोन सेगमेंट में बढ़ती मांग, वाहन ऋण सिक्योरिटाइजेशन में सुधार तथा एमएसएमई और बिजनेस लोन पोर्टफोलियो में लगातार बने आकर्षण का समर्थन मिला।
आईसीआरए के अनुसार, सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में तेजी का एक प्रमुख कारण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा अपनी फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए इस माध्यम पर बढ़ती निर्भरता भी रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गोल्ड लोन इस वृद्धि का सबसे बड़ा चालक रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में गोल्ड लोन सिक्योरिटाइजेशन का वॉल्यूम सालाना आधार पर लगभग डेढ़ गुना बढ़ गया।
आईसीआरए के वाइस प्रेसिडेंट और स्ट्रक्चर्ड फाइनेंस रेटिंग्स के सह-समूह प्रमुख सचिन जोगलेकर ने कहा कि वाहन, एमएसएमई या व्यावसायिक लोन और मॉर्गेज जैसे पारंपरिक सेगमेंट भी स्थिर गति से बढ़ते रहे, जिससे कुल वॉल्यूम को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन से आईसीआरए के उस अनुमान को समर्थन मिलता है, जिसके अनुसार पूरे वित्त वर्ष 2026-27 में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 2.6 लाख करोड़ से 2.7 लाख करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
हालांकि सबसे अधिक वृद्धि गोल्ड लोन श्रेणी में रही, लेकिन वाहन लोन सिक्योरिटाइजेशन ने भी अपनी खोई हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा वापस हासिल किया है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वाहन ऋणों का रहा, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ऋणदाताओं ने दोबारा इस बाजार में प्रवेश किया है, जबकि कुछ ने दूसरी तिमाही में अपनी बिक्री की मात्रा बढ़ाई है।
गोल्ड लोन और वाहन लोन के बाद मॉर्गेज लोन, स्मॉल बिजनेस लोन और माइक्रोलोन अन्य प्रमुख परिसंपत्ति श्रेणियां रहीं, जिनकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) की कुल वॉल्यूम में 12 से 15 प्रतिशत के बीच रही।
लेनदेन संरचना के लिहाज से सिक्योरिटाइजेशन बाजार में पास-थ्रू सर्टिफिकेट (पीटीसी) और डायरेक्ट असाइनमेंट (डीए) दोनों मार्गों की हिस्सेदारी लगभग बराबर रही। यह रुझान पिछली तिमाही जैसा ही बना रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन, वाहन लोन और एमएसएमई फाइनेंसिंग जैसे क्षेत्रों की मजबूत मांग, साथ ही एनबीएफसी की बढ़ती फंडिंग जरूरतें, आने वाले महीनों में भी सिक्योरिटाइजेशन बाजार को गति देती रह सकती हैं।
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