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अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर पर कब्जे में शामिल लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाया
अमेरिका ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सदस्यों और राज्य-स्वामित्व वाले कुछ व्यवसायों से जुड़े सदस्यों पर विवादित दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण को लेकर वीजा प्रतिबंध लगा दिया है। स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा बुधवार को जारी बयान में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि 26 अगस्त से “दक्षिण चीन सागर में विवादित आउटपोस्ट के बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण, निर्माण, या सैन्यीकरण के जिम्मेदार पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के सदस्यों और दक्षिण-पूर्वी एशियाई दावेदारों के ऑफशोर संसाधनों तक उनकी पहुंच को जबरदस्ती बाधित करने या उपयोग करने से रोकने के लिए पीआरसी सदस्यों के वीजा पर प्रतिबंध लागू हो गया है।”
वीजा प्रतिबंध से दक्षिण चीन सागर कब्जे में शामिल न सिर्फ सीसीपी शासन के सदस्यों, पीएलए पर प्रतिबंध लगा है, बल्कि पीआरसी के निजी सदस्यों और व्यवसायों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, “ये सदस्य अब संयुक्त राज्य अमेरिका में अमान्य हैं, साथ ही इस वीजा प्रतिबंध के अधीन उनके परिवार के सदस्य भी हैं।”
इसके अलावा, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने 24 पीआरसी राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों को एंटीटी लिस्ट में शामिल किया है, जिसमें चीन कम्यूनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी (सीसीसीसी) के कई सहायक शामिल हैं।
अमेरिकी सरकार ने कहा कि, पीआरसी साल 2013 के बाद से ही अपने राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों का उपयोग दक्षिण चीन सागर में 3,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विवादित सुविधाओं को बनाने और पुन: प्राप्त करने के लिए करता आ रहा है, इसके साथ ही वह इनके माध्यम से इस क्षेत्र को अस्थिर करने, अपने पड़ोसियों के संप्रभु अधिकारों को कुचलने और पर्यावरण से जुड़ी तबाही का कारण बना है।
वहीं विदेश विभाग ने कहा कि, सीसीसीसी ने पीआरसी के दक्षिण चीन सागर आउटपोस्ट के विध्वसंक ड्रेजिंग का नेतृत्व किया और यह बीजिंग के ग्लोबल ‘वन बेल्ट वन रोड’ रणनीति में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर्स में से एक है।
अमेरिका ने कहा कि सीसीसीससी और उसकी सहायक कंपनियां दुनिया भर में भ्रष्टाचार, घातक वित्तपोषण, पर्यावरण विनाश और अन्य दुर्व्यवहारों में लिप्त हैं।
पोंपियो ने अपने बयान में कहा, “पीआरसी को विस्तारवादी एजेंडा लागू करने के लिए सीसीसीसी और अन्य राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों को हथियार के रूप में उपयोग करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।”
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि, वह तब तक कार्रवाई करेगा, जब तक बीजिंग वाशिंगटन को दक्षिण चीन सागर में अपने आक्रामक कार्यों को बंद करने का आश्वासन नहीं दे देता।
पोंपियो ने कहा, “हम इस अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधि का विरोध करने में सहयोगियों और भागीदारों के साथ आगे भी खड़े रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका स्वतंत्र और खुले दक्षिण तीन सागर का समर्थन करता है। साथ ही यह कहा कि वाशिंगटन सभी देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करता है और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप शांति और समुद्र की स्वतंत्रता को बनाए रखने की कोशिश करता है।
पोंपियो ने आगे कहा, “मैंने जुलाई में दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के गैरकानूनी समुद्री दावों को लेकर एक अपडेटेड नीति की घोषणा की और जोर देकर कहा था कि बीजिंग के धमकी भरे अभियान का विरोध करने के लिए अमेरिका कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।”
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मणिपुर में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत, कई घायल, तीन लापता (लीड)

बीएनएसएसइंफाल : मणिपुर के इंफाल ईस्ट और थौबल जिलों में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हो गए, और तीन लापता बताए गए हैं, पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को इंफाल ईस्ट में लकड़ी इकट्ठा करने वालों के एक ग्रुप पर अज्ञात मिलिटेंट्स ने कथित तौर पर गोली चलाई, जिसमें दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारी के अनुसार, सुबह लगभग 10 लोग नोंगशुम के पास पहाड़ी जंगली इलाकों में लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। जब वे लकड़ी इकट्ठा करने में व्यस्त थे, तो संदिग्ध मिलिटेंट्स ने उन पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घटना के बाद तीन और लोग लापता हैं। पीड़ितों के शवों को निकालने की कोशिशें जारी हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल इलाकों में पहुंच गए हैं और लापता लोगों का पता लगाने और हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
एक अलग घटना में, थौबल ज़िले में दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जिसके बाद अधिकारियों ने दो प्रभावित इलाकों में रोक लगाने के आदेश लागू कर दिए। इंफाल में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा रविवार रात को थौबल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले और इंफाल से लगभग 25 km दक्षिण में खंगाबोक गांव में तब भड़की जब कथित तौर पर कुछ लोगों ने एक मैदान पर पत्थर फेंके, जहां एक म्यूज़िक कॉन्सर्ट हो रहा था। यह घटना खंगाबोक और पड़ोसी संगाईयुम्फाम में दो समुदायों के लोगों के बीच पत्थरबाजी में बदल गई। झड़पों के दौरान कुछ घरों और गाड़ियों में आग भी लगा दी गई। हिंसा के बीच, अज्ञात बदमाशों ने गोली चलाई, जिससे एक व्यक्ति के सिर में गोली लग गई।
पुलिस ने कहा कि घायल व्यक्ति, जिसकी पहचान लैशराम राकेश के रूप में हुई है, को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
पत्थरों की चपेट में आने से कई अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए प्रभावित गांवों में अतिरिक्त राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह हालात काबू में थे। हिंसा के बाद, थौबल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने रविवार रात रोक के आदेश जारी किए, जिसमें खंगाबोक और संगाईयुम्फाम के लोगों को रात 11 बजे से अपने घरों से बाहर न निकलने का निर्देश दिया गया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी आदेश में असामाजिक तत्वों की कथित गैर-कानूनी गतिविधियों के कारण शांति भंग होने, सार्वजनिक शांति में खलल पड़ने और जान-माल के लिए खतरे की आशंका का हवाला दिया गया।
आदेश में यह नहीं बताया गया कि रोक कब हटाई जाएंगी। इस बीच, पिछले 24 घंटों में मणिपुर के कामजोंग जिले में अलग-अलग घटनाओं में 25 से ज़्यादा घरों में आग लगा दी गई, जिसमें संदिग्ध उग्रवादियों ने नागा और कुकी दोनों इलाकों को निशाना बनाया, जिससे आम लोगों को अपने घर छोड़कर जंगलों और पास के एक सुरक्षा कैंप में शरण लेनी पड़ी। रविवार को भारत-म्यांमार सीमा पर पिलोंग और स्किप गांवों में अज्ञात हमलावरों ने नागा समुदाय के करीब 14 खाली घरों में आग लगा दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन घटनाओं के बाद और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। नागा आबादी वाले गांवों पर पहले हुए हमलों के बाद ये घर खाली हो गए थे।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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