राजनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी ने बनाई अंबेडकर स्मारक बनाने की योजना
उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले दलितों को लुभाने के प्रयास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि वह दलित नेता डॉ बी.आर. अम्बेडकर का एक भव्य स्मारक बनवाएंगे। लखनऊ के ऐशबाग में स्थित भारत रत्न डॉ भीम राव अम्बेडकर मेमोरियल एंड कल्चरल सेंटर की आधारशिला राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 28 जून को अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान रखे जाने की संभावना है।
इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है और सूत्रों ने संकेत दिया कि केंद्र का एक हिस्सा, जिसमें 45 मीटर ऊंची प्रतिमा शामिल होगी, दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा, ताकि 6 दिसंबर को अंबेडकर की पुण्यतिथि पर इसका उद्घाटन किया जा सके।
लखनऊ में पहले से ही अम्बेडकर और उनकी पत्नी रमाबाई की स्मृति में समर्पित कई स्मारक हैं। इन सभी का निर्माण राज्य में बहुजन समाज पार्टी के विभिन्न शासनों के दौरान लखनऊ और नोएडा में किया गया था।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रस्तावित अंबेडकर स्मारक सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों के केंद्र के रूप में काम करेगा।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा “यह एक भव्य इमारत होगी, जिसमें अम्बेडकर की मूर्ति, पुस्तकालय, संग्रहालय और सभागार होगा। वर्तमान योजनाओं के अनुसार, प्रतिमा 25 फीट ऊंची होगी, 20 फीट ऊंचे आसन पर रखी जाएगी। वहां साल भर सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सेमिनार, नाटक आदि शामिल हैं। छात्र शोध उद्देश्यों के लिए भी इसे देख सकते हैं।”
पुस्तकालय में डिजिटल साहित्य का एक विशाल भंडार होगा, जिसमें अम्बेडकर पर किताबें और उनके अपने लेखन शामिल होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल पर मिट्टी की जांच शुरू हो चुकी है।
एक अधिकारी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि परियोजना का एक हिस्सा छह दिसंबर तक पूरा हो जाएगा जिससे अंबेडकर की पुण्यतिथि पर इसका उद्घाटन किया जा सके।”
महाराष्ट्र
नासिक : पुलिस की ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र की नासिक साइबर पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान अंतर-राज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस ऑपरेशन में अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े डिजिटल सबूत और अन्य सामान जब्त किए गए। साइबर क्राइम के पुलिस इंस्पेक्टर संजय पिसे ने ऑपरेशन, गिरफ्तारियों और अंतर-राज्यीय सट्टेबाजी सिंडिकेट की चल रही जांच के बारे में जानकारी दी।
साइबर क्राइम के पुलिस इंस्पेक्टर संजय पिसे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नासिक शहर में कार्रवाई करने के निर्देश हमें शीर्ष पुलिस नेतृत्व की ओर से मिले थे। इस साइबर क्राइम में प्रमुख रूप से ऑनलाइन बेटिंग सहित अन्य गतिविधियां शामिल थीं। हमें कहीं से यह सूचना मिली थी कि नासिक शहर में ऑनलाइन बेटिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद हमने वहां पर जाकर इस मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। पूरी जानकारी जुटाने के बाद हमने आगे की कार्रवाई करने का फैसला किया।
पुलिस ने बताया कि मौके पर जाने के बाद हमें पता चला कि उनका ऑफिस ग्रोवन में भी शिफ्ट हुआ था। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू की। इस छापेमारी के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से चार लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, 53 बैंक पासबुक समेत अन्य सामान बरामद किए गए।
पुलिस इंस्पेक्टर संजय पिसे ने कहा कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौजूदा समय में इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।
इससे पहले दिल्ली में 21 जून को ऑनलाइन रेंटल स्कैम में प्रॉपर्टी के मालिक से 34,999 की धोखाधड़ी करने के मामले में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था। वहीं, शाहदरा पुलिस ने दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया था।
राष्ट्रीय समाचार
केयरएज ईएसजी रेटिंग्स ने बढ़ाया अदाणी पोर्ट्स का ईएसजी स्कोर, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में फिर साबित की मजबूत स्थिति

पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन (ईएसजी) के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को और मजबूत करते हुए अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) को केयरएज ईएसजी रेटिंग्स ने 84.3 का ईएसजी स्कोर दिया है।
यह स्कोर बताता है कि ईएसजी से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन, पारदर्शी खुलासों, मजबूत नीतियों और बेहतर प्रदर्शन के मामले में अदाणी पोर्ट्स “लीडरशिप” स्थिति में है। वहीं कंपनी के पिछले 81 अंकों के मुकाबले इस बार उसका स्कोर 3.3 अंक बढ़ा है।
कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह रेटिंग केयरएज ईएसजी रेटिंग्स की वार्षिक समीक्षा के बाद दी गई है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 की इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट में किए गए नए खुलासों को भी शामिल किया गया है।
कंपनी के अनुसार, यह रेटिंग बढ़ोतरी ईएसजी प्रदर्शन और पारदर्शिता में लगातार हुए सुधार को दर्शाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण के क्षेत्र में उत्सर्जन, ऊर्जा, पानी और कचरे की तीव्रता में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक उपयोग और पूरी वैल्यू चेन में पर्यावरण संबंधी पहलुओं को शामिल करने जैसे कदमों ने कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर बनाया है।
सामाजिक क्षेत्र में सुरक्षा प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने, विविधता, समान वेतन और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने जैसे प्रयासों का भी सकारात्मक असर देखने को मिला।
कंपनी ने बताया कि बोर्ड स्तर पर ईएसजी की निगरानी, व्यापक गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम और वैल्यू चेन से जुड़े साझेदारों के साथ बेहतर समन्वय जैसी पहल ने उसके कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे को और मजबूत किया है।
कंपनी ने कहा, “यह रेटिंग इस बात की पुष्टि करती है कि पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अदाणी पोर्ट्स ईएसजी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों में शामिल है। यह पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन से जुड़े सभी पहलुओं में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, पारदर्शिता और लगातार सुधार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
इसी सप्ताह एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी अदाणी पोर्ट्स की लंबी अवधि की इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग और सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की रेटिंग को “बीबीबी-” से बढ़ाकर “बीबीबी” कर दिया था। साथ ही कंपनी के लिए “स्टेबल” आउटलुक भी बरकरार रखा था।
एसएंडपी ने यह अपग्रेड कंपनी की मजबूत नकदी प्रवाह क्षमता और स्वस्थ वित्तीय स्थिति बनाए रखते हुए बड़े विस्तार कार्यक्रम को पूरा करने की क्षमता को देखते हुए दिया है।
इस अपग्रेड के बाद एसएंडपी की ओर से अदाणी पोर्ट्स की रेटिंग भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर पहुंच गई है।
राष्ट्रीय समाचार
अदाणी ग्रुप का 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करना है लक्ष्य: सागर अदाणी

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा है कि अदाणी ग्रुप दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो में से एक तैयार कर रहा है। इसके लिए समूह ने वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान लंदन के साइंस म्यूजियम में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) और एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन (ईटीसी) की साझेदारी में आयोजित पहले अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम पंप्ड हाइड्रो और यूटिलिटी-स्केल बैटरी सहित बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं। साथ ही देश भर में कुशलतापूर्वक बिजली वितरण के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं और हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम यह सब ऐसे पैमाने और गति से कर रहे हैं, जैसा दुनिया ने शायद ही कभी देखा हो। क्योंकि छोटे-छोटे बदलाव अब पर्याप्त नहीं होंगे।”
सागर अदाणी ने कहा कि पिछले तीन महीनों की घटनाओं ने दुनिया के हर देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि आज विकसित और विकासशील दोनों देशों को अपनी अर्थव्यवस्था को लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक संकटों से सुरक्षित रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विकासशील देशों में करोड़ों लोग मध्यम वर्ग में शामिल हो रहे हैं और बेहतर जीवन के लिए उनकी ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना एक बुनियादी आवश्यकता बन गया है।
सागर अदाणी ने कहा कि लगातार बढ़ रहे वैश्विक तनावों ने ऊर्जा की जरूरत को अब अस्तित्व की लड़ाई बना दिया है।
उन्होंने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा की किफायती उपलब्धता और टिकाऊ ऊर्जा – यही आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है।”
उन्होंने कहा कि भारत में विद्युतीकरण की जरूरत सबसे अधिक है और यह सबसे चुनौतीपूर्ण भी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भारत ने कोयला, तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा सहित सभी स्रोतों से मिलाकर करीब 10,000 टेरावाट-घंटे ऊर्जा की खपत की।
सागर अदाणी ने कहा कि भारत की चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले दो दशकों में देश को लगभग 2,000 गीगावाट नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़नी होगी।
उन्होंने कहा कि यह क्षमता ऐसी होनी चाहिए जो सस्ती, सभी तक पहुंचने वाली और अधिक से अधिक स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित हो। यही भारत के सामने सबसे बड़ा अवसर और सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए आगे का रास्ता पूरी तरह स्पष्ट है। भारत को हर क्षेत्र में तेजी से विद्युतीकरण करना होगा, ताकि आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सके। देश को ऐसी ऊर्जा व्यवस्था तैयार करनी होगी, जो घरेलू संसाधनों पर आधारित हो।
उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यावहारिक सोच अपनानी होगी और नवीकरणीय ऊर्जा, जलविद्युत, आधुनिक तापीय ऊर्जा तथा परमाणु ऊर्जा जैसे सभी उपलब्ध स्रोतों का उपयोग करना होगा।
सागर अदाणी ने कहा, “मजबूत और बड़े पैमाने पर उपलब्ध बेसलोड बिजली के बिना यह लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।”
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत सरकार के नेतृत्व ने अनावश्यक नियमों और लालफीताशाही को कम करने, सार्वजनिक उपक्रमों को मजबूत करने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की कई बड़ी और छोटी नीतिगत पहलों ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां उद्योग तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। बुनियादी ढांचे का विकास, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना और दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहे हैं।
सागर अदाणी ने कहा, “सरकार की नीतियों में स्पष्टता और निरंतरता ने भारत की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक मजबूत और लचीला बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
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