राष्ट्रीय समाचार
मुंबई के चेंबूर पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू
मुंबई, 11 फरवरी। मुंबई के चेंबूर पुलिस स्टेशन को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मुंबई के बांद्रा जीआरपी को धमकी भरा एक कॉल आया है। फोन करने वाले अज्ञात शख्स ने कहा कि चेंबूर पुलिस स्टेशन को बम से उड़ा दिया जाएगा।
दरअसल, मुंबई के बांद्रा जीआरपी को धमकी भरा फोन कॉल सोमवार शाम को आया है। एक अज्ञात शख्स ने फोन कर चेंबूर पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी। अज्ञात शख्स ने फोन कर कहा कि चेंबूर पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने वाले हैं। इसके तुरंत ही बाद फोन करने वाले शख्स ने कॉल को काट दिया।
बांद्रा जीआरपी ने धमकी भरे फोन की जानकारी एटीएस, बॉम्ब स्क्वाड और लोकल पुलिस स्टेशन को दी, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंच पुलिस स्टेशन की तलाशी ली। हालांकि, उन्हें कुछ भी संदिग्ध सामान नहीं मिला है।
फिलहाल बांद्रा जीआरपी पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
इससे पहले 7 फरवरी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मयूर विहार में स्थित अल्कोन इंटरनेशनल स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। अल्कोन इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल ने पांडव नगर के एसएचओ को टेलीफोन पर सूचित किया था कि ईमेल के माध्यम से स्कूल को बम से उड़ाने की सूचना दी गई। इसके बाद मामले की जानकारी कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की गई।
सूचना मिलते ही पूर्वी जिले के बम निरोधक दस्ते को सूचित किया गया और एसएचओ पांडव नगर पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की तलाशी भी ली। हालांकि, स्कूल में कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं की गई।
उल्लेखनीय है कि बीते कई दिनों में देशभर के अलग-अलग जगहों पर धमकी भरे फोन के मामले सामने आए हैं, लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
राजनीति
आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM MODI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इससे पहले दिन में संसद सत्र समाप्त होने के बाद सभी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ एक औपचारिक बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने 21 सितंबर 2025 को जीएसटी रिफॉर्म लागू होने को लेकर देश को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि कल, नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा था कि कल से देश में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है। आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंदीदा चीजें खरीद सकेंगे।
पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोटों की नोटबंदी करने की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 को नए साल की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया था। तब पीएम ने गरीब नागरिकों और किसानों के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की थी।
इसके बाद पीएम मोदी ने 27 मार्च 2019 को भारत की एंटी सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद देश को संबोधित किया था। फिर, 8 नवंबर 2019 को पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के सरकार के फैसले का समर्थन किया था।
पीएम मोदी ने 9 नवंबर 2019 को राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश को संबोधित करते हुए शांति, सद्भाव और एकता की अपील की थी। इसके बाद 19 मार्च 2020 को पीएम ने देश को संबोधित करते हुए जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की थी। 24 मार्च 2020 को पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कॉविड-19 लॉकडाउन और उसके बाद के विस्तार की घोषणा की थी। इसके अलावा कई और मौकों पर पीएम ने देश को संबोधित किया है।
राष्ट्रीय समाचार
बंद हो चुके नोट बदलने के संबंध में आरबीआई के कोई नए नियम नहीं: पीआईबी फैक्ट चेक

प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बंद हो चुकी करेंसी को बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं।
पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया और साफ किया कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है।
पीआईबी यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने बंद नोटों को बदलने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। यह दावा फर्जी है। आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है।”
पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी कहा कि वित्तीय नियमों और करेंसी से जुड़ी जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट ही सबसे भरोसेमंद स्रोत है। सही और प्रमाणित जानकारी के लिए लोगों को केवल आरबीआई की वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए।
इसके साथ ही लोगों को बिना जांचे-परखे किसी भी संदेश को आगे न भेजने की सलाह दी गई है। पीआईबी ने कहा कि केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही साझा करें। अगर कोई संदिग्ध मैसेज, फोटो या वीडियो मिले, तो उसे सत्यापन के लिए पीआईबी को व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी पीआईबी ने ऐसी ही एक फर्जी खबर का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि आरबीआई ने पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये नोट नोटबंदी के दौरान नवंबर 2016 में बंद कर दिए गए थे और तब से अब तक इन्हें बदलने के लिए कोई नया नियम जारी नहीं किया गया है।
इससे पहले भी पीआईबी ने एक वायरल वीडियो को गलत बताया था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किसी हाई-रिटर्न निवेश योजना को प्रमोट कर रही हैं। पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि न तो सरकार और न ही वित्त मंत्री किसी ऐसी योजना का समर्थन कर रही हैं।
पिछले महीने भी पीआईबी ने एक फर्जी मैसेज को चिन्हित किया था, जिसमें कहा गया था कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की योनो ऐप के अकाउंट आधार अपडेट न करने पर ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
राजनीति
कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में, सरकार इसके नाम पर चला रही राजनीतिक एजेंडा: प्रियंका गांधी

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पारित नहीं होने के बाद भाजपा नेताओं की बयानबाजी के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुड़ी पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में हमेशा से खड़ी रही है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख साफ है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने लोकतंत्र को बचाने का काम किया है और सरकार की साजिश को विफल किया है। उनके अनुसार, सरकार इस विधेयक के जरिए परिसीमन को जोड़कर एक अलग राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने समझते हुए इसका विरोध किया।
उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को ही लागू किया जाना चाहिए। अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो पुराने कानून को तुरंत लागू करे। हम पूरी तरह उसके साथ खड़े हैं। प्रियंका गांधी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर फिर से चर्चा कराई जाए और देखा जाए कि कौन वास्तव में महिलाओं के पक्ष में है।
कांग्रेस सांसद रणजीत रंजन ने कहा, “ये महिलाओं का बिल नहीं था। महिला आरक्षण विधेयक हमने 2023 में सर्वसम्मति से पास कर दिया था आज सुना है पीएम मोदी तमिलनाडु गए हैं। उन्हें तमिलनाडु की महिलाओं से माफी मांगना चाहिए कि 3 साल पहले विपक्ष ने जिस महिला आरक्षण बिल को पास किया, उसका नोटिफिकेशन आपने 16 अप्रैल 2026 में निकाला।
उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से जो विशेष सत्र बुलाया, वो महिला आरक्षण के लिए नहीं था, बल्कि वे इसमें परिसीमन का पेज डालकर महिला आरक्षण को गिरवाना चाहते थे। महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहते थे। अगर आरक्षण देना चाह रहे थे तो हम तो 2023 में कह रहे थे एक तो आपने 3 साल इंतजार कराया और अब आप लेकर आए तो उसमें भी कह रहे कि पहले जनगणना होगी फिर परिसीमन होगा फिर हम आरक्षण लेकर आएंगे। आप जो डबल गेम खेल रहे थे उसकी पोल महिलाओं के सामने खुल गई है।”
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा, “ये दलित, ओबीसी विरोधी हैं। जब समाजवादी पार्टी की मांग थी कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दीजिए, क्योंकि आधी आबादी का सवाल था, लेकिन ये आधी आबादी में भी दरार पैदा करने वाले लोग हैं ये दरारवादी लोग हैं। इन्होंने समाज में हमेशा दरार और अविश्वास, भय पैदा किया है और इसी हथियार से भाजपा के लोग सत्ता में बने हुए हैं। अब लोग ये बात समझ चुके हैं।”
शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जनता देख रही है कि एजेंडा क्या है। एजेंडा यह है कि आप महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते। एजेंडा यह है कि आप एक चीज को दूसरी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, और जब हम सीटों की संख्या बढ़ाएंगे, तभी हम महिलाओं को जगह देंगे।”
उन्होने कहा, “2023 में पूरी सहमति से एक कानून पास किया गया था। वह कानून महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए था। उस समय भी, हमने सरकार से कहा था कि इसे परिसीमन और जनगणना से न जोड़ा जाए। फिर भी उन्होंने हमारे संशोधनों को नजरअंदाज किया और हमारी आवाज को अनसुना कर दिया। इस भावना के साथ कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलेंगे, हम सभी ने लोकसभा में एक पार्टी को छोड़कर इस आरक्षण के लिए पूरी सहमति दी। 2024 के चुनावों में आप महिलाओं को न तो 33 प्रतिशत सीटें देते हैं और न ही कोई इच्छाशक्ति दिखाते हैं।”
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
