राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली के इस अस्पताल में 37 सीनियर रेजिडेंट पदों पर भर्ती का अवसर, 18 अगस्त को वॉक-इन इंटरव्यू
सरकारी अस्पताल में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है। जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सोसायटी (जेएसएसएचएस) ने एड-हॉक आधार पर विभिन्न विभागों में सीनियर रेजिडेंट के कुल 37 खाली पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
जेएसएसएचएस ने जिन विभागों में 37 सीनियर रेजिडेंट पदों पर भर्ती निकाली है, उनमें एनेस्थीसिया में 5, बायोकेमिस्ट्री में 2, कार्डियोलॉजी में 1, सीटीवीएस में 4, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में 3, जीआई सर्जरी में 2, माइक्रोबायोलॉजी में 2, नेफ्रोलॉजी में 3, न्यूरो-सर्जरी में 1, न्यूरोलॉजी में 4, न्यूक्लियर मेडिसिन में 1, ऑन्कोलॉजी में 2, पैथोलॉजी में 2, रेडियोलॉजी में 3 और यूरोलॉजी में 2 पद शामिल हैं।
इन सभी रिक्तियों के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय अंतिम तिथि के दोपहर 2 बजे तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लें।
उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित स्पेशलिटी में डीएम/एमसीएच/डॉएनबी/एमडी/एमएस; बेसिक स्पेशलिटी में एमडी/एमएस, जिसमें 3 वर्ष का अनुभव हो (इनमें से 1 वर्ष का अनुभव संबंधित सुपर स्पेशलिटी में हो तो बेहतर है); एमबीबीएस के साथ 3 वर्ष का अनुभव, जिसमें से 2 वर्ष का अनुभव संबंधित स्पेशलिटी में होना चाहिए।
आवेदकों की अधिकतम आयु बायो-केमिस्ट्री, पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के लिए 50 वर्ष और दूसरे डिपार्टमेंट के लिए जनरल/ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए 45 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 30 जून 2025 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच, वॉक-इन इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शारीरिक फिटनेस के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 67,700 रुपए प्रति माह होगी। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।
वॉक इन इंटरव्यू 18 अगस्त को सुबह 10.30 बजे से आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में जो उम्मीदवार साक्षात्कार में शामिल होने वाले हैं, उन्हें समय से जेएसएसएचएस पहुंचने के अलावा आपने साथ भरे हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी के साथ सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स की मूल और फोटोकॉपी को साथ ले जाने की सलाह दी जाती है।
अप्लाई करने वाले अभ्यर्थियों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा, जो जनरल के लिए 1,000 रुपए और ओबीसी/एससी/एसटी/ईडब्ल्यूएस के लिए 500 रुपए तय किया गया है। वहीं, विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी) श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले जेएसएसएचएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित पोस्ट के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर उसे ‘निदेशक, प्रशासनिक ब्लॉक, पहली मंजिल, जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (जेएसएसएचए), सी-2बी, जनकपुरी, नई दिल्ली – 110058’ पते पर डाक के माध्यम से तय समय सीमा के अंदर पहुंचा दें।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि जेएसएसएचएस की ओर से यह नियुक्ति 89 दिनों की अवधि के लिए होगी, जिसे 89 दिनों के कार्यकाल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है या फिर तब तक जब तक कि यह पद किसी रेगुलर सीनियर रेजिडेंट से भर नहीं लिया जाता। वहीं, सीनियर रेजिडेंसी स्कीम के अनुसार किसी भी स्थिति में कार्यकाल को सीनियर रेजिडेंसी के 3+1 वर्ष पूरे होने से ज्यादा नहीं बढ़ाया जाएगा।
राजनीति
राहुल गांधी के ‘जोकर’ वाले बयान का संजय राउत ने किया समर्थन, आरएसएस पर साधा निशाना

शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘जोकर’ वाले बयान का समर्थन किया है। आरएसएस पर भी निशाना साधा है।
संजय राउत ने भाजपा के दो सबसे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के अहंकार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चकनाचूर कर दिया।”
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश को कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। संजय राउत ने आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अगर आरएस अपने आप को राष्ट्रभक्त संगठन मानती है, तो सबसे पहले मोहन भागवत को दिल्ली में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की पोल खोलनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि यह संघ प्रमुख मोहन भागवत की भी जिम्मेदारी है कि देश में जो चल रहा है उसके खिलाफ आवाज उठाएं।
बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस को ‘जोकर’ कहा था। इसे लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने यह बात कही।
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी का गले मिलना ही विदेश नीति जैसा है। इस पर संजय राउत ने कहा, “यह विदेश नीति पीएम मोदी की है, देश की नहीं है। देश की विदेश नीति बीते दस साल में खत्म हो गई है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाते हैं, वहां जोर से गले मिलते हैं। संजय राउत ने मजाकिया अंदाज में कहा, “एक-दो विदेशी राष्ट्रों के राष्ट्रपति का तो सांस तक थम गई थी।”
वहीं, उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 50 लाख रुपए की सौगात देने पर संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब आगामी विधानसभा चुनाव की वजह से हो रहा है। इससे पहले हमने बिहार में भी देखा था कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए गए थे जबकि महाराष्ट्र में चुनाव से पहले 1,500-1,500 रुपए दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
संजय राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अब तक संजय राउत के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य पूर्व तनाव ने भारत के आईएमईसी की जरूरत को किया साबित, लॉजिस्टिक्स लागत में आएगी कमी : रिपोर्ट

देश में आयोजित हुई जी20 समिट के दौरान भारत की ओर से प्रस्तावित किए गए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मौजूदा समय की जरूरत है और यह मध्य पूर्व तनाव में बाधित हुए हॉर्मुज स्ट्रेट ने साबित कर दिया है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।
आईएमईसी को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का भारतीय जवाब माना जा रहा है।
ज्यूइश टेलीग्राफिक एजेंसी द्वारा प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, इसकी परिकल्पना बंदरगाहों, रेलवे, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइबर-ऑप्टिक केबल और लॉजिस्टिक्स लिंक के एक ऐसे नेटवर्क के तौर पर की गई है जो खाड़ी और इजरायल के जरिए भारत को यूरोप से जोड़ेगा। इसके तहत सामान भारत से अरब प्रायद्वीप होते हुए, सऊदी अरब और जॉर्डन से गुजरकर इजरायल और फिर हाइफा के रास्ते यूरोप तक पहुंचता है। इस रास्ते से समुद्री जहाजों के लिए खतरनाक संकरे रास्तों और इराक, सीरिया व लेबनान जैसे अस्थिर देशों से होकर नहीं गुजरना पड़ता।
आर्टिकल में आगे कहा गया है कि भले ही मध्य पूर्व के तनाव की वजह से आईएमईसी प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है, लेकिन पर्शियन गल्फ और रेड सी में समुद्री व्यापार में आई रुकावटों ने सभी पक्षों के लिए इसकी जरूरत को और बढ़ा दिया है।
अगर इजरायल को केंद्र में रखकर आईएमईसी सफल होता है, तो देश का हाइफा पोर्ट पूर्वी मेडिटेरेनियन का मुख्य लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर, डिसेलिनेशन और एनर्जी टेक्नोलॉजी में इजरायल की खूबियां बेंगलुरु से बर्लिन तक फैली सप्लाई चेन का हिस्सा बन जाएंगी।
आर्टिकिल में हाल की उन स्टडीज का भी जिक्र है जिनसे पता चलता है कि अगर यह कॉरिडोर पूरा हो जाता है, तो भारत और यूरोप के बीच ट्रांसपोर्ट का समय 40 प्रतिशत तक कम हो सकता है और लॉजिस्टिक्स की लागत में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ सकती है। इससे एक स्टैंडर्ड कंटेनर की शिपिंग लागत लगभग 6,000 डॉलर से घटकर 4,200 डॉलर के आसपास रह जाएगी।
आर्टिकिल में यह भी कहा गया है कि इससे न सिर्फ नए बिजनेस के फलने-फूलने के लिए एक इकोसिस्टम बनेगा, बल्कि हर साल 1.5 मिलियन कंटेनर के मामूली वॉल्यूम पर भी सिर्फ ढुलाई लागत में लगभग 2.7 अरब डॉलर की बचत होगी।
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवानों को वीरता और सराहनीय सेवा पदक से किया गया सम्मानित

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के 52 जवानों को वीरता और सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रतिष्ठित पुलिस पदकों के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के 51 जवानों को चुना गया है। इन सम्मानों में वीरता के लिए 38 पदक और सराहनीय सेवा के लिए 13 पदक शामिल हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के एक जवान को भी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है।
वीरता पदक 38 जवानों को दिया गया है, जिनमें डीआईजी शिव कुमार, एसएसपी शोभित डी. सक्सेना, एसपी मुश्ताक अहमद और डिप्टी एसपी सरफराज बशीर शामिल हैं। पुलिस जवानों में 13 को सराहनीय सेवा पदक मिला है। एसएसपी शौकत हुसैन शाह को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
ये पुरस्कार पुलिसिंग और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में बहादुरी, विशिष्ट सेवा और सराहनीय योगदान को मान्यता देते हैं।
पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने देश में सबसे अधिक पदक हासिल किए थे। कुल 152 क्षेत्रीय पुरस्कारों में से 127 वीरता पदक उन्हें मिले थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद से लड़ने में सबसे आगे रही है। 1990 के दशक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवाद से लड़ने से कतराते हुए दिखाया गया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने न सिर्फ आतंकवाद से लड़ने में, बल्कि देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने में भी नेतृत्व किया।
केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस को देश के सबसे बहादुर और अनुशासित पुलिस बलों में से एक माना जाता है, जो अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बलों के लिए रोल मॉडल बनाती है। 1989 से जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1,600 से अधिक जवानों ने आतंकवाद से लड़ने और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
