राष्ट्रीय समाचार
सरकार जब तक हमारी बात नहीं मानेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा: किसान नेता राकेश टिकैत
ग्रेटर, 31 दिसंबर। ग्रेटर के जीरो प्वाइंट पर किसानों के नामांकन में भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल हुए।
पंचायत के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “जब तक सरकार हमारी बात नहीं मानेगी तब तक आंदोलन चलते रहेंगे। सरकार पुलिस बल का प्रयोग करती रहती है। बिना पुलिस बल के कोई आंदोलन होता है।रणनीति यह है कि हम जल्दी ही निर्णय लेंगे और इस पर आगे का निर्णय लेंगे। जहां किसानों को जाना है, हम वहां से ही आंदोलन करेंगे। यहां जो भी निर्णय होगा, हम सब उसी पर काम करेंगे।”
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसानों से बातचीत करनी चाहिए। देश में सब किसानों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन किसानों की जमीन के दाम क्यों नहीं बढ़ रहे? किस किसान की जमीन उचित होगी? यह एक बड़ी समस्या है, और अगर सरकार इसका समाधान नहीं किया तो पुरे देश मे आंदोलन चलाएंगे। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मुद्दे हैं, जैसे कहीं जमीन अधिग्रहण का मुद्दा, तो कहीं शेयरधारको का कानून कानून, कही समुद्र का बांध, और जंगलों का मुद्दा। कुछ स्थानों पर छात्र लाठीचार्ज कर रहे हैं। हर जगह पर इन मैजिकल सैल्यूशन के लिए समितियां बनी हुई हैं। यहां गौतमबुद्ध नगर में भी इससे जुड़े मुद्दे हैं। सरकार को सभी सहयोगिया और किसानों से बातचीत करनी चाहिए और हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए।”
उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसानों की बेटीयो के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते हैं। इस दौरान पंचायत में किसानों से बातचीत के लिए प्रशासन का एक संवाद भी जारी किया है जिसमें अग्रिम यमुना प्राधिकरण के निदेशक शैलेंद्र कुमार ने की।
प्रशासन के अधिकारियों और किसानों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान प्रशासन ने किसानों के हितो के बारे में जानकारी दी। साथ ही यह भी हुआ कि 7 जनवरी को नए साल में तीर्थ प्राधिकरण के सीईओ, गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी और पुलिस कमिश्नर के साथ किसानों की बैठक होगी, जिसमें किसानों की सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में एआई स्पेशलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर्स जैसी भूमिकाओं में तेजी से बढ़ रही फ्रेशर्स की मांग : रिपोर्ट

भारत में फ्रेशर्स की मांग एआई स्पेशलिस्ट, जनरेटिव एआई इंजीनियर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
लिंक्डइन द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि तेजी से विकसित हो रहे रोजगार परिदृश्य से पारंपरिक करियर मार्गों से परे भी अवसर खुल रहे हैं, जो तेजी से अपनाई जा रही तकनीकी आवश्यकताओं और बदलती व्यावसायिक जरूरतों से प्रेरित हैं।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि अवसर अब केवल तकनीकी भूमिकाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यवसाय और मानव संसाधन केंद्रित कार्यों में भी मजबूत वृद्धि देखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, मानव संसाधन, परामर्श, सूचना प्रौद्योगिकी, विपणन, कार्यक्रम और परियोजना प्रबंधन और व्यवसाय विकास जैसे क्षेत्रों में फ्रेशर्स की भर्तियां बढ़ रही हैं।
बिजली आपूर्ति, शिक्षा, सरकारी प्रशासन, परिवहन और रसद एवं ऊर्जा प्रौद्योगिकी जैसे उद्योग युवा पेशेवरों के लिए प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि जिन क्षेत्रों को परंपरागत रूप से नए पेशेवरों के लिए प्रमुख गंतव्य नहीं माना जाता था, वे अब रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
करियर विशेषज्ञ और लिंक्डइन न्यूज की भारत वरिष्ठ प्रबंध संपादक निरजिता बनर्जी ने कहा कि तेजी से बदलते रोजगार बाजार में युवा पेशेवरों को अपरंपरागत करियर विकल्पों के प्रति खुला रहना चाहिए।
बनर्जी ने कहा, “यह किसी अलग उद्योग में, किसी नए शहर में, या किसी ऐसे पद पर हो सकता है जिसके बारे में आपने सोचा भी न हो। आज के गतिशील रोजगार बाजार में, जहां कौशल विभिन्न क्षेत्रों में काम आ सकते हैं, पेशेवरों के लिए बहुमुखी कौशल विकसित करना महत्वपूर्ण है।”
बनर्जी ने आगे कहा,“प्रारंभिक करियर विभिन्न भूमिकाओं और उद्योगों के अनुभवों से आकार ले रहा है। हालांकि पहली नौकरी का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता, लेकिन विविध अनुभवों के लिए खुला रहना आपको गति बनाने और सही नौकरी खोजने में मदद कर सकता है।”
रिपोर्ट कार्यबल में प्रवेश के लिए छोटे व्यवसायों के बढ़ते महत्व की ओर भी इशारा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2023 और 2025 के बीच 1 से 10 कर्मचारियों वाली कंपनियों में स्नातक डिग्री धारकों और व्यापक प्रवेश-स्तर के कार्यबल दोनों की भर्ती में तेजी से वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भौगोलिक रूप से, भर्ती अधिक वितरित हो रही है, और विजयवाड़ा, भोपाल, जयपुर, इंदौर, ग्वालियर और वडोदरा जैसे शहर प्रारंभिक करियर प्रतिभा के लिए तेजी से बढ़ते केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, अमित शाह और राहुल गांधी ने दी हिमाचलवासियों को बधाई

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, अमित शाह, राहुल गांधी ने बुधवार को ‘हिमाचल दिवस’ के अवसर पर लोगों को बधाई दी और राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए प्रार्थना की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हिमाचल दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई। यह दिन राज्य के समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोगों का समर्पण और दृढ़ता हिमाचल प्रदेश की सच्ची भावना को दर्शाते हैं। कामना है कि यह राज्य निरंतर उन्नति करे और अपने सभी लोगों के जीवन में खुशियां लाए।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों को ‘स्थापना दिवस’ की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक वैभव से समृद्ध ‘देवभूमि’ हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को मेरी हार्दिक बधाई। मेरी कामना है कि हिमाचल प्रदेश, जो अपनी शांति, सादगी और ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा के लिए जाना जाता है, विकास और सुशासन के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। माँ ब्रजेश्वरी का आशीर्वाद राज्य के लोगों के कल्याण पर बना रहे।”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस अवसर पर हिमाचल के लोगों को बधाई देते हुए कहा, “मैं ‘देवभूमि’ हिमाचल प्रदेश के निवासियों को, जो अपनी शानदार प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, हिमाचल दिवस के अवसर पर अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।”
उन्होंने आगे कहा, “वीरता और वीरों की इस पवित्र भूमि के निवासी, अपनी मातृभूमि के प्रति अपनी भक्ति के साथ-साथ, प्रकृति और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। यह पवित्र भूमि विकास और समृद्धि के पथ पर निरंतर आगे बढ़ती रहे, यही मेरी दिली कामना है।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, “देवभूमि हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने अद्भुत सौंदर्य और गौरवशाली परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हिमाचल, ऐसे ही प्रगति और समृद्धि की राह पर अग्रसर रहे।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “देवभूमि हिमाचल अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आध्यात्मिक आभा के कारण पूरे विश्व में एक विशेष पहचान रखता है। ‘हिमाचल दिवस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। हिमाचल प्रदेश ‘न्याय के पथ’ पर निरंतर समृद्धि, संपन्नता और विकास की ओर अग्रसर रहे यही कांग्रेस पार्टी का प्रयास है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग से वेस्ट एशिया के हालात पर की चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया की अपनी समकक्ष पेनी वोंग से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी तनावपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच सकी है।
बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर पेनी वोंग के साथ पश्चिम एशिया के हालात पर अच्छी बातचीत हुई, उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान सराहनीय रहा।”
आठ अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी थी। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान में हमले किए थे, जिसमें ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
पिछले कुछ हफ्तों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई देशों के विदेश मंत्रियों से बात कर चुके हैं। भारत लगातार इस क्षेत्र के देशों और अपने अहम साझेदारों के साथ संपर्क में बना हुआ है।
इससे पहले एस. जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से भी फोन पर बात की। दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा हुई थी।
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि उन्होंने जयशंकर से कहा कि अमेरिका का सख्त रुख बहुत जरूरी है, ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हमेशा की तरह एक अच्छी बातचीत हुई। हमने ईरान, होर्मुज स्ट्रेट और लेबनान पर चर्चा की।
इजरायल के विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “मैंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शर्तों पर अमेरिका का सख्त रुख (ईरान में कोई संवर्धन नहीं, संवर्धित सामग्री को ईरान से हटाना) पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आर्थिक आतंकवाद के जरिए नुकसान पहुंचाना ऐसे कदमों की मांग करता है, जो सभी देशों (जिसमें भारत और हमारे खाड़ी के मित्र भी शामिल हैं) के लिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।”
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है और इसके जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
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