राष्ट्रीय समाचार
मद्रास हाईकोर्ट ने सीएम विजय को चुनाव याचिकाओं को खारिज कराने की अर्जी देने के लिए समय सीमा तय की
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुन को चेतावनी दी है कि अगर वे 27 अगस्त तक अपने खिलाफ दायर चुनावी याचिकाओं को खारिज करने की अर्जी दाखिल नहीं करते हैं, तो उन पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा क्षेत्रों से दो नेताओं की चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने यह चेतावनी दी।
डीएमके उम्मीदवार आरडी सेकर ने वोटर्स दिनेश और लक्ष्मी नरसिम्हन के साथ मिलकर पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से विजय की जीत पर सवाल उठाते हुए अलग-अलग चुनावी याचिकाएं दायर की थीं।
इसी तरह की एक याचिका में डीएमके उम्मीदवार इनिगो इरुदयाराज ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र से आधव अर्जुन के चुनाव को चुनौती दी है।
जब मामलों की सुनवाई हुई, तो मुख्यमंत्री विजय की ओर से पेश वकील ने याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध करने वाली अर्जी दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। हालांकि, जज ने मांगा गया समय देने से इनकार कर दिया और कहा कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान ही यह स्पष्ट कर दिया था कि ऐसी अर्जी दाखिल करने के लिए आगे कोई समय नहीं दिया जाएगा।
जस्टिस लक्ष्मीनारायणन ने ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ की धारा 86 का हवाला दिया और चुनावी विवादों के जल्द निपटारे की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चुनावी याचिकाओं पर जहां तक संभव हो लगातार सुनवाई होनी चाहिए और उन्हें हाईकोर्ट के समक्ष पेश किए जाने की तारीख से छह महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
आधव अर्जुन की ओर से पेश वकील ने भी कोर्ट को बताया कि मंत्री उनके खिलाफ चुनावी याचिका को खारिज करने की मांग वाली अर्जी दाखिल करना चाहते हैं और प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया।
कोर्ट ने उनके पक्ष को भी दो सप्ताह का अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। आखिरकार जज ने विजय और आधव अर्जुन को अपनी-अपनी खारिज करने की अर्जियां दाखिल करने के लिए 27 अगस्त तक का समय दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के भीतर अर्जियां दाखिल न करने पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
राजनीति
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की राजनीतिक भूख बढ़ गई है : राम कृपाल यादव

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक बार फिर 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने वाली है। सीजेपी का दावा है कि सरकार ने जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इस पर बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने तंज कसते हुए कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की राजनीतिक भूख बढ़ गई है।
पटना में आईएएनएस से बातचीत में राम कृपाल यादव ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में खड़ा करने की कोशिश है। सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है, लेकिन शायद उनकी महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े लोग राजनीति और पद हासिल करने की अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते अलग राजनीतिक दुकान खोलना चाहते हैं।
बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक द्वारा छात्रों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर राम कृपाल यादव ने सही ठहराया।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान था। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा छात्रों के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। सरकार ने मामले में उचित कार्रवाई की है और सही फैसला लिया है। छात्रों के लिए इस तरह के शब्दों की कड़ी निंदा होनी चाहिए। एनडीए सरकार ने परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है।
छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की ओर से आवाज उठाए जाने पर राम कृपाल यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वह खुद ही अपने लिए मुद्दे खड़े करता रहता है। विपक्ष खुद ही एक मुद्दा बन गया है।
उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, हमने छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया है और उनके समाधान के लिए कदम उठाए हैं। छात्र सरकार के काम से संतुष्ट हैं, लेकिन विपक्ष ने इस मामले में केवल राजनीतिक लाभ के लिए हस्तक्षेप किया है।
राम कृपाल यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए इसमें शामिल हो गया है।
राष्ट्रीय समाचार
केंद्र ने कच्ची चीनी के आयात नियमों में किया बदलाव, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए 2 महीने की छूट दी

सरकार ने शुल्क-मुक्त आयात की गई कच्ची चीनी के प्रसंस्करण और बिक्री की समयसीमा में बदलाव किया है। अब आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से अधिकतम दो महीने का समय मिलेगा, जिसके भीतर उन्हें कच्ची चीनी को सफेद या रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में बेचना होगा।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अगस्त की शुरुआत में अधिसूचित उन नियमों में संशोधन किया है, जिनके तहत टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) योजना के अंतर्गत 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी गई थी।
पहले के प्रावधान के अनुसार,टीआरक्यू के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को 31 अक्टूबर तक सफेद या रिफाइंड चीनी में प्रसंस्कृत कर घरेलू बाजार में बेचना जरूरी था।
संशोधित प्रावधान में यह निश्चित समयसीमा हटा दी गई है। अब आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से अधिकतम दो महीने के भीतर आयातित कच्ची चीनी का प्रसंस्करण और बिक्री करनी होगी।
इसके अलावा, सरकार ने 20 अगस्त को घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज वृद्धि के बीच, आगामी त्योहारी सीजन से पहले टीआरक्यू योजना के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी।
हालांकि, ताजा संशोधन में 20 अगस्त की अधिसूचना में दिए गए अन्य नियमों और शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार ने 20 अगस्त तक एसआईओएन ई-52 के तहत जारी मौजूदा ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ को टीआरक्यू स्कीम में एक बार बदलने की इजाजत भी दी थी, ताकि उन ऑथराइजेशन के तहत असल में आयात की गई कच्ची चीनी को इसमें शामिल किया जा सके।
इसमें पहले से तैयार रिफाइंड चीनी के साथ-साथ आयातित कच्ची चीनी से तैयार की जाने वाली चीनी भी शामिल है। इस पर आयात के समय छूट दिए गए जीएसटी के भुगतान और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
सरकार का यह फैसला अगस्त से नवंबर के बीच आने वाले त्योहारी सीजन से पहले घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के प्रयासों के तहत आया है। इस अवधि में आमतौर पर चीनी की मांग बढ़ जाती है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, मेटल और एनर्जी में बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को सपाट हुई। सुबह 9:20 सेंसेक्स 46 अंक या 0.06 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,307 और निफ्टी 33 अंक या 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,196 पर था।
बाजार में बिकवाली का नेतृत्व मेटल और ऑटो स्टॉक्स कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑटो टॉप लूजर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी इन्फ्रा भी लाल निशान में थे।
दूसरी तरफ केवल निफ्टी मीडिया और निफ्टी पीएसयू बैंक ही हरे निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 34 अंक या 0.05 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 63,785 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 36 अंक या 0.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,890 पर था।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, इटरनल, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, एसबीआई, टाटा स्टील और इंडिगो गेनर्स थे। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, एशियन पेंट्स, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एमएंडएम लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में थे। शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। केवल टोक्यो हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार मिलेजुले बंद हुए थे, जिसमें डाओ 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
जानकारों ने कहा कि ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर दूसरे दर्जे के प्रतिबंध (सेकेंडरी सैंक्शन) के खतरे ने अनिश्चितता का एक नया दौर पैदा कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तर पर ही बनी रह सकती हैं, जिससे बाजार में तेजी पर रोक लग सकती है और यह एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
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