Connect with us
Tuesday,18-August-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

नवादा रैली में तेजस्वी का नीतीश पर तंज, कहा- तब तो घर में बंद थे, अब वोट मांगने निकले

Published

on

Tejashwi-Yadav

बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता तक पहुंचने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को महागठबंधन के दो दिग्गज कांग्रेस के राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव एक मंच पर पहुंचे और विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। नवादा के हिसुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास से बाहर नहीं निकलने को लेकर आड़े हाथों लिया और करारा सियासी हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों को उनकी जरूरत थी तब वे ‘घर में कैद थे’ और आज बाहर निकलकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से लौट रहे थे तब भी कोरोना काल था और आज भी कोरोना काल है। उस समय मुख्यमंत्री घर से नहीं निकले, लेकिन आज जब वोट मांगना हुआ तो रैली कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, नीतीश कुमार 144 दिनों तक मुख्यमंत्री आवास में बंद थे। लेकिन अब वो घर से बाहर आ गए हैं, क्यों? तब भी कोरोना था, अब भी कोरोना है। लेकिन अब उनको आपका वोट चाहिए, तो उनको बाहर आना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अब भी रोजगार नहीं मिला है। आम लोग अभी भी बेरोजगार हैं।

तेजस्वी ने भोजपुरी भाषा में लोगों में जोश भरते हुए कहा कि अगर वे सत्ता में आए तो पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को रोजगार देने के प्रस्ताव को मंजूर करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज बजट की आधी राशि खर्च नहीं की जाती है, वह सब वापस लौट जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों का विकास कर भी रोजगार दिया जाएगा।

इस रैली को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संबोधित किया और केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये कानून किसानों पर आक्रमण करने के लिए लाए गए हैं।

बिहार चुनाव में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तीन रैली को संबोधित कर रहे हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनीति

हमने वही वंदे मातरम् गाया जो गांधी और वाजपेयी ने गाया, अपराध है तो उनके खिलाफ भी केस दर्ज करें: खरगे

Published

on

कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत के आधार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर वंदे मातरम् के पुराने संस्करण को गाना अपराध है, तो महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू तथा अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज होनी चाहिए।

खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “वे क्या शिकायत करेंगे? हमने वही वंदे मातरम् गाया, जो महात्मा गांधी ने गाया था। हमने वही गाया जो जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। पिछले 18 वर्षों से हम वही गाते आए हैं, जो उन्होंने गाया था। यहां तक कि वाजपेयी सरकार के दौरान भी यही वंदे मातरम् गाया गया था।”

उन्होंने कहा, “अगर यह अपराध है, तो पिछले 18 वर्षों से वे भी यही अपराध कर रहे हैं। अगर यही अपराध है, तो महात्मा गांधी के खिलाफ केस दर्ज करें। अगर यही अपराध है, तो नेहरू के खिलाफ केस दर्ज करें।”

यह विवाद शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम् के गायन के दौरान सामने आया था। कांग्रेस की ओर से पहले कहा गया था कि राष्ट्रगीत की केवल पहली दो पंक्तियां गाई जाएंगी, लेकिन कार्यक्रम के दौरान गायन पूरे संस्करण तक जारी रहा।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराया था, जिसके बाद वंदे मातरम् का गायन शुरू हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने सबसे पहले इस बात पर ध्यान दिया कि गायक पूरे संस्करण का गायन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कथित तौर पर खरगे की ओर इशारा किया और बाद में गायकों से रुकने के लिए कहा।

इस मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को कथित तौर पर बाधित करने के प्रयास को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीतों को लेकर उस समय प्रस्ताव पारित किया था, जब आज उनके आलोचक भी पैदा नहीं हुए थे।

उन्होंने सवाल किया, “आप जो कहेंगे, क्या वही होगा? आने वाले वर्षों में कोई दूसरी सरकार आएगी, तो क्या वह जो कहेगी, वही होगा?”

कांग्रेस अध्यक्ष ने वित्तीय सहायता रोकने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फंडिंग रोकना उचित नहीं है और अगर कोई गलती हुई है तो उसे सुधारना चाहिए।

खरगे ने कहा कि कुछ मुद्दों पर कांग्रेस खुद कदम उठा सकती है, जबकि कुछ मामलों में अन्य दलों को विश्वास में लेना होगा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं और अन्य संस्थाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता रोकने का विरोध करते हुए कहा कि अन्य दल भी इसके खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा, “अगर कोई गलती है तो उसे सुधारिए। जेल में रखिए। फंडिंग रोकने के बजाय, अगर किसी को सबसे ज्यादा फंडिंग मिल रही है तो वह आरएसएस को ही मिल रही है।”

खरगे ने इस बयान के जरिए वंदे मातरम् विवाद के साथ-साथ फंडिंग के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

Continue Reading

राजनीति

‘क्या विजय सिर्फ ईसाई मुख्यमंत्री हैं?’, चामराजनगर मुठभेड़ पर कर्नाटक भाजपा का तमिलनाडु सीएम पर निशाना

Published

on

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने चामराजनगर में हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कथित दखलंदाजी पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को पूछा कि क्या वह सिर्फ “ईसाई मुख्यमंत्री” के तौर पर काम कर रहे हैं या पूरे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने चामराजनगर जिले के हनूर में हुई घटना को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि एक आर्कबिशप ने भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मृतकों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की मांग की है।

विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा और जेडीएस ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था और मानवीय आधार पर तीनों मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की थी।
उन्होंने सवाल किया, “क्या मृतकों को जाति या धर्म का रंग देना उचित है?”

भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक के कई हिस्सों में जंगलों में रहने वाले समुदायों और वन अधिकारियों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, “जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले लोग लगातार वन अधिकारियों के साथ संघर्ष का सामना कर रहे हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी हो रही हैं। हाल ही में मदिकेरी में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। मदिकेरी, शिवमोग्गा, उत्तर कन्नड़ और तटीय क्षेत्रों में भी इसी तरह की समस्याएं हैं।”

विजयेंद्र ने राज्य सरकार और मंत्रियों से जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनका समाधान करने की अपील की।
मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि यदि वन अधिकारी टॉर्च लेकर जंगल में गए थे, तो उन्हें गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी।

उन्होंने कहा, “आपने कहा कि वे टॉर्च लेकर गए थे। फिर मुठभेड़ क्यों हुई? क्या वे शेर या बाघ थे?” विजयेंद्र ने अभियान में चूक का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से मामले में हुई किसी भी गलती को स्वीकार करने और न्यायिक जांच कराने की मांग की।

गौरतलब है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 15 अगस्त को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में कर्नाटक के वन कर्मियों द्वारा तीन तमिल लोगों एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने घटना को “नरसंहार” करार देते हुए कर्नाटक सरकार के उस दावे को खारिज किया था कि यह कार्रवाई अवैध शिकार विरोधी अभियान के दौरान हुई गोलीबारी के जवाब में की गई थी।

वहीं, कर्नाटक सरकार ने विधानसभा में इस मामले पर बयान देते हुए कहा था कि चामराजनगर के रिजर्व फॉरेस्ट में तीन कथित शिकारियों की मौत तब हुई, जब वन विभाग के कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। सरकार के मुताबिक, शिकारियों ने वन कर्मियों पर गोलीबारी की थी।

Continue Reading

राजनीति

झारखंडः देवेंद्र महतो बोले-अभी मिली पहली जीत, व्यापक सुधार का आंदोलन जारी रहेगा

Published

on

झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित 14 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले को आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा है कि परीक्षा रद्द होना संघर्ष का अंतिम पड़ाव नहीं है और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

देवेंद्र नाथ महतो ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली के आरोप सामने आए थे, उन्हें रद्द किया जाना छात्रों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक परीक्षा को रद्द कराना नहीं, बल्कि झारखंड की पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाना है।

उन्होंने कहा कि अब सरकार को ऐसी व्यवस्था की गारंटी देनी होगी, जिसमें भविष्य में पेपर लीक, प्रश्नपत्र की सेटिंग या परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे। इसके लिए प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा के हर चरण का ऑडिट होना चाहिए और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से लेकर संबंधित अधिकारियों तक की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

महतो ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने लंबा संघर्ष किया है। दो जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक रूप लेता गया। 25 जुलाई को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से सत्याग्रह शुरू किया गया और बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना। दो अगस्त से छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू की।

उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई केवल वर्तमान अभ्यर्थियों के लिए नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार कराना है, जिससे आने वाली पीढ़ी के युवाओं को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत न पड़े। उन्होंने ईमानदारी से परीक्षा देने वाले और वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि सरकार के फैसले को आंदोलन की पहली सफलता के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन छात्रों का संघर्ष अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और भविष्य की भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित कराने पर केंद्रित रहेगा।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति14 minutes ago

हमने वही वंदे मातरम् गाया जो गांधी और वाजपेयी ने गाया, अपराध है तो उनके खिलाफ भी केस दर्ज करें: खरगे

राजनीति27 minutes ago

‘क्या विजय सिर्फ ईसाई मुख्यमंत्री हैं?’, चामराजनगर मुठभेड़ पर कर्नाटक भाजपा का तमिलनाडु सीएम पर निशाना

राजनीति41 minutes ago

झारखंडः देवेंद्र महतो बोले-अभी मिली पहली जीत, व्यापक सुधार का आंदोलन जारी रहेगा

राजनीति57 minutes ago

अमित शाह के बयान पर इमरान मसूद का पलटवार, कहा- शर्म आपको आनी चाहिए जो छात्रों पर लाठियां चलवाईं

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

भारत में 2030 तक करीब 62 प्रतिशत लोगों के पास होगा 5जी कनेक्शन

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

जम्मू और कश्मीर: दो सड़क हादसों में एक की मौत, 17 घायल

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 hours ago

न्यूयॉर्क में तिरंगा थामे नजर आईं पूजा हेगड़े, इंडिया डे परेड में बनीं ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’

राष्ट्रीय समाचार4 hours ago

एग्जिम ऑपरेशन शुरू होने से पहले सीएम सतीशन ने विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट की तैयारियों का लिया जायजा

व्यापार4 hours ago

रेजरपे ने लॉन्च किया भारत का पहला एआई-संचालित पेमेंट्स फाउंडेशन मॉडल ‘रेजरपे वल्कन’, डिजिटल ट्रांजैक्शन होगा अधिक सुरक्षित और प्रभावी

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार1 week ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

रुझान