राजनीति
सुप्रीम कोर्ट का हरियाणा के गांव में 10 हजार घरों को हटाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के खोरी गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण के तहत बनाए गए 10,000 से अधिक आवासीय घरों को गिराए जाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी ने ग्रामीणों की ओर से पेश एक वकील से कहा, ” हम चाहते हैं कि हमारी वन भूमि साफ हो जाए। हमने पर्याप्त समय दिया है, यदि आप इसे जारी रखना चाहते हैं तो यह आपके जोखिम पर है। यह वन भूमि है और कोई अन्य भूमि नहीं है।
शीर्ष अदालत ने आवासीय मकानों को गिराने पर रोक लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया।
एक याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता अपर्णा भट ने दलील दी कि सुनवाई आगे बढ़ने के बावजूद, जबरन बेदखली की जा रही थी। इस पर पीठ ने जवाब दिया, ” हां उन्हें ऐसा करने दें। ”
भट ने फिर से दलील देते हुए कहा कि महामारी के दौरान बेदखल किए जाने वाले बच्चों के लिए कम से कम एक अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाना चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि इस मुद्दे की जांच करना हरियाणा सरकार पर निर्भर है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि उसकी राय में, इस स्तर पर उसके द्वारा कोई रिआयत या दयालुतापूर्ण व्यवहार दिखाने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकतार्ओं को संबंधित नगर निगम में दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी। पीठ ने जोर देकर कहा कि लोगों के पास फरवरी 2020 के बाद से वन भूमि खाली करने का पर्याप्त अवसर था।
पीठ ने कहा कि याचिकाकतार्ओं को पुनर्वास योजना के तहत आने के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए बाध्य किया गया था, जो वे करने में विफल रहे हैं। पीठ ने कहा, हमने यह निवेदन दर्ज किया है कि वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की मंजूरी कानून की उचित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
शीर्ष अदालत ने कहा कि निगम और राज्य सरकार पूर्व में दिए गई वचनबद्धता तथा 7 जून, 2021 के आदेश के आधार पर आगे बढ़ सकती है।
हरियाणा सरकार ने कहा कि अतिक्रमणकारी अधिकारियों पर पत्थर फेंक रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा कि किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है और अधिकारियों को पता है कि क्या करना है। पीठ ने दोहराया कि अदालत में लंबित कार्यवाही अतिक्रमण हटाने में आड़े नहीं आएगी।
जनहित याचिका में अधिकारियों से किसी भी विध्वंस अभियान को चलाने से पहले पुनर्वास प्रक्रिया का पालन करने और मौजूदा कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बेदखल झुग्गीवासियों को अस्थायी आश्रय प्रदान करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
इससे पहले 7 जून को सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा था कि निगम को वन भूमि पर सभी अतिक्रमणों को कम से कम 6 सप्ताह में हटा देना चाहिए और हरियाणा वन विभाग के मुख्य सचिव और सचिव के हस्ताक्षर के तहत अनुपालन की रिपोर्ट करनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है।
राजनीति
‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत’, जीडीपी ग्रोथ सुधार पर बोले यूपी के उपमुख्यमंत्री

GDP
लखनऊ, 29 नवंबर: अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीडीपी की ग्रोथ रेट संदेश देती है कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती है। भारत सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और विकास कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश सुरक्षित दिखाई दे रहा है और इसे दुनिया मान भी रही है। भारत के खिलाफ साजिश करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने जीडीपी में बड़ी छलांग लगाई है, ये सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर सेक्टर में तेजी से काम हुआ है। कृषि विज्ञान से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक हर दुनिया के साथ कदम ताल मिलाते हुए बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “जीडीपी की ग्रोथ इस बात का एहसास कराती है कि भारत आर्थिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। 2014 में भारत अर्थव्यवस्था के मामले में 11वें पायदान पर था, जो अब चौथे स्थान पर है और जल्द हम तीसरे स्थान पर होंगे।”
इससे पहले, जीडीपी ग्रोथ रेट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ लगातार सुधारों, स्थिर गवर्नेंस और डेवलपमेंट पर ध्यान देने वाले नजरिए की सफलता को दिखाती है। नया भारत आश्वस्त होकर महत्वाकांक्षी और लंबे समय की ग्रोथ के लिए एक साफ रोडमैप के साथ आगे बढ़ रहा है।”
राजनीति
कांग्रेस ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को मजाक बनाया: शाहनवाज हुसैन

नई दिल्ली, 29 नवंबर: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए खींचतान पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मुख्यमंत्री पद का मजाक बनाकर रख दिया है। उन्हें लोगों की परवाह नहीं है।
शाहनवाज हुसैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच खुली लड़ाई चल रही है और इस लड़ाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी चला रहे हैं। आज वहां मुख्यमंत्री का पद मजाक बन गया है, उनके एमएलए दिल्ली जा रहे हैं। सिद्धारमैया अब खुद को बचाने पर ध्यान दे रहे हैं।”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि अब तो कांग्रेस नेताओं को भी पता चल गया है कि केंद्रीय नेतृत्व ने झूठे आश्वासन दिए हैं। डीके शिवकुमार तो मुख्यमंत्री ही बनने में लगे हुए हैं। कम से कम देश को भी पता होना चाहिए कि डीके शिवकुमार को राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने क्या वचन दिया था।
एसआईआर को लेकर टीएमसी के चुनाव आयोग जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “टीएमसी चुनाव आयोग का मजाक उड़ाना चाहती है। ये लोग भारतीय निर्वाचन आयोग गए और वहां सिर्फ बयान दे रहे हैं। एसआईआर बिहार में ठीक रहा, लेकिन जब बंगाल में हुआ, तो उन्हें लगा कि उनके वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। वे सिर्फ गैर-कानूनी बांग्लादेशी अप्रवासियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसा क्या हो रहा है जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका विरोध कर रही है? एसआईआर से देश को फायदा ही हो रहा है। कम से कम वही लोग मतदान कर सकते हैं जो वैध हैं। अवैध लोग सरकार के चुनाव में कुछ नहीं कर सकते। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी सरकार जाने वाली है।
दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रहने पर शाहनवाज हुसैन ने कहा, यह बहुत अच्छी खबर है। इस तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी तारीफ की है। देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, स्टॉक मार्केट बढ़ रहा है और भारत विकास की राह पर है।”
अपराध
फिल्म निर्देशक कवल शर्मा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, निवेश के बहाने एक्ट्रेस से ठगी का आरोप

मुंबई, 29 नवंबर: भारतीय फिल्म निर्देशक और निर्माता कवल शर्मा पर फिल्मों और वेब सीरीज बनाने के बहाने पैसों की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मुंबई की खार पुलिस ने अभिनेत्री किरण आहूजा से 71.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में कवल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
किरण आहूजा और कवल शर्मा ने एक फिल्म और कई विज्ञापनों में काम किया है। शिकायत में बताया गया कि साल 2016 में किरण आहूजा और निर्माता कवल शर्मा की पहली बार एक दोस्त के जरिए मुलाकात हुई थी। मुलाकात के समय कवल शर्मा ने उन्हें बताया कि वह अंधेरी स्थित फिल्म फार्मिंग एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया नामक एक कंपनी चलाते हैं और उन्हें सीरियल में कास्ट करना चाहते हैं। उस वक्त एक्ट्रेस ने मना कर दिया था, लेकिन 7 साल बाद 2023 में दोनों की फिर से एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई।
किरण आहूजा ने शिकायत में बताया कि कवल ने एक्ट्रेस को 3 लाख रुपए के निवेश पर अच्छा रिटर्न देने की बात कही। हालांकि उन्होंने मना कर दिया, लेकिन 2024 में कथित तौर पर दोबारा संपर्क में आने के बाद एक्ट्रेस ने कवल के प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली वेब सीरीज “लक बाय एक्सचेंज” में 60-70 लाख रुपए निवेश किए, क्योंकि उन्हें पैसा किस्तों में लौटाने का वादा किया गया था। संतोषजनक जानकारी न मिलने के बाद एक्ट्रेस ने पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन जो चेक निर्माता की तरफ से दिए गए, वे बाउंस हो गए।
ऐसे में एक्ट्रेस ने परेशान होकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले इसी साल जुलाई में भी हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने चेक बाउंस के मामले में कवल शर्मा को गिरफ्तार किया था। साल 2022 में पैसों की धोखाधड़ी को लेकर हल्द्वानी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 1 साल की सजा और 51.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था। कवल शर्मा ने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया है। उन्होंने ‘हीरालाल पन्नालाल,’ ‘गुनाहों का देवता,’ ‘जीते है शान से’ और ‘मर मिटेंगे’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
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