खेल
मुफलिसी से निकलकर बनाई खुद की पहचान, देश का भविष्य हैं रिंकू सिंह
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से मैच जिताने वाले रिंकू सिंह की मौजूदगी टीम की जीत की संभावना बढ़ाती है। उनकी ऑलराउंडर क्षमता टीम को बैलेंस प्रदान करती है। चाहे हालात कैसे भी हों, रिंकू सिंह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
12 अक्टूबर 1997 को अलीगढ़ में जन्मे रिंकू सिंह का बचपन काफी मुफलिसी में बीता। रिंकू के पिता गैस वेंडर का काम करते थे। घर-घर जाकर वह सिलेंडर पहुंचाते।
एक ओर मुश्किल से परिवार का गुजर-बसर हो रहा था, तो दूसरी तरफ रिंकू का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। वह बस एक क्रिकेटर बनना चाहते थे।
रिंकू सिंह ने साल 2014 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया, जहां शानदार प्रदर्शन के बाद साल 2018 में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खेलने का मौका मिला। इस लीग ने ही उनकी जिंदगी बदल दी।
रिंकू सिंह ने आईपीएल 2023 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के विरुद्ध लगातार 5 गेंदों पर छक्के लगाकर सनसनी मचा दी। इस पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।
रिंकू सिंह ने आईपीएल करियर में 58 मैच खेले, जिसमें 30.53 की औसत के साथ 1,099 रन बनाए। इस दौरान चार अर्धशतक भी जमाए।
इसी साल रिंकू सिंह को भारतीय टीम में मौका मिल गया। अगस्त में उन्होंने टी20, जबकि दिसंबर में वनडे डेब्यू किया।
रिंकू सिंह एक ऑलराउंडर के रूप में अपनी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में संतुलन बनाए रखने का माद्दा रखने वाले इस छोटे कद के खिलाड़ी के पास बड़े-बड़े शॉट्स लगाने की क्षमता है। तेज रन बनाने के साथ-साथ दबाव वाली परिस्थितियों में भी रिंकू सिंह ठोस प्रदर्शन करते हैं।
दूसरी ओर, रिंकू सिंह की मध्यम गति की गेंदबाजी में सटीक लाइन-लेंथ और गेंद को स्विंग या कट कराने की क्षमता बल्लेबाजों को परेशान करती है।
पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2025 के फाइनल में रिंकू सिंह ने महज एक गेंद खेली, जिसमें चौका लगाकर हीरो बन गए। उनके इस शॉट को शायद ही कोई फैन भूल सके।
रिंकू सिंह भारत की ओर से 2 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें 55 रन बनाने के अलावा, एक विकेट भी हासिल किया। वहीं, 34 टी20 मुकाबलों में उन्होंने 42.30 की औसत के साथ 550 रन जुटाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 3 अर्धशतक भी निकले। इस फॉर्मेट में रिंकू देश के लिए 2 विकेट ले चुके हैं।
वहीं, रिंकू सिंह ने फर्स्ट क्लास करियर में 50 मैच खेले, जिसमें 7 शतकों और 22 अर्धशतकों के साथ 3,336 रन बनाए। इस दौरान औसत 54.68 रहा। वहीं, 62 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 47.54 की औसत के साथ 1,997 रन बनाए।
दबाव में भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले रिंकू सिंह अपनी मानसिक मजबूती के जरिए विपक्षी खिलाड़ियों को परेशान करते हैं। डेथ ओवर्स में तेज रन बनाकर वह टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करते हैं। जरूरत पड़ने पर रिंकू सिंह विकेट लेने या रन रोकने में टीम को एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में यह खिलाड़ी भविष्य में भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। बशर्ते उन्हें टीम में कुछ अधिक मौका दिया जाए।
राष्ट्रीय
मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुए के अंतरराष्ट्रीय तस्कर रहेंगे जेल में

भोपाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुआ की तस्करी करने वाले आरोपी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सागर के अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपील खारिज करते हुए सजा और अर्थ दंड को बरकरार रखा है। दरअसल, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया था, जिस पर उन्होंने अपील की थी।
इस अपील को विशेष न्यायालय द्वारा खारिज किया गया है। सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है। न्यायालय ने आरोपियों की अपील को निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध आरोपियों ने अपील की थी।
अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
खेल
बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि

बार्सिलोना ने क्लब के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी को श्रद्धांजलि दी है। शनिवार को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में लंबी बीमारी के बाद 68 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
बार्सिलोना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान के जरिए मेसी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और लियोनेल के शानदार करियर में पिता जॉर्ज की अहम भूमिका को याद किया। “बार्सिलोना के प्रेसिडेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, बार्सिलोना के खिलाड़ी और दिग्गज लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और सभी बार्सिलोना समर्थकों की ओर से मेसी परिवार के प्रति अपनी संवेदना भेजते हैं।”
बार्सिलोना ने जॉर्ज का उस भरोसे के लिए भी शुक्रिया अदा किया जो उन्होंने अपने बेटे के करियर की शुरुआत में क्लब पर जताया था, जब लियोनेल कम उम्र में अर्जेंटीना से स्पेन आए थे। क्लब ने कहा, “बार्सिलोना, जॉर्ज मेसी का हमारे क्लब के प्रति उनके समर्पण और उनके बेटे लियो के फुटबॉल करियर की शुरुआत में और उनके करियर के सबसे शानदार स्तर तक पहुंचने के दौरान हम पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद करता है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
जॉर्ज उन सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक थे जिन्होंने लियोनेल मेसी को अब तक के सबसे महान फुटबॉलरों में से एक बनने में मदद की। उन्होंने कम उम्र से ही अपने बेटे के खेल और प्रोफेशनल जीवन का ध्यान रखा और अर्जेंटीना से बार्सिलोना में लियोनेल के ट्रांसफर में अहम भूमिका निभाई, जहां यह युवा फॉरवर्ड आखिरकार क्लब की सबसे सफल टीमों में से एक का मुख्य खिलाड़ी बन गया।
जॉर्ज का निधन रोसारियो में हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 2 बजे (स्थानीय समय) उनका निधन हुआ और परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हुए कोई अतिरिक्त मेडिकल जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले, लियोनेल मेसी ने बताया था कि वे अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।
अर्जेंटीना के लिए गोल करने के बाद उनकी भावुक प्रतिक्रिया से जॉर्ज की हालत के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं। इसके बाद मेसी परिवार ने उनकी गोपनीयता का सम्मान करने की अपील की थी। जॉर्ज के निधन के बाद रियल मैड्रिड ने भी संवेदना व्यक्त की और उन्हें बार्सिलोना में अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी और इतिहास के सबसे मशहूर फुटबॉलरों में से एक के पिता के तौर पर सम्मान दिया।
खेल
चेस: आर प्रज्ञानानंद ने जीता सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने एक राउंड बाकी रहते हुए ही ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब अपने नाम किया।
प्रज्ञानानंद और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के बीच आखिरी मुकाबले का अंत ड्रॉ पर होने के साथ ही भारतीय ग्रैंडमास्टर का खिताब पक्का हो गया। 20 साल के भारतीय खिलाड़ी ने कुल 35 में से 23 प्वाइंट हासिल करके चैंपियनशिप को अपने नाम किया। शानदार टूर्नामेंट के बाद सिंदारोव ने 22 प्वाइंट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वेस्ली सो 20.5 प्वाइंट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
लेवोन अरोनियन 19 प्वाइंट के साथ चौथे स्थान पर रहे, और फैबियानो कारुआना, लीनियर डोमिंग्वेज और जॉर्डन वैन फॉरेस्ट 17 प्वाइंट के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंद को बिना किसी प्लेऑफ के सीधे जीत हासिल करने पर 50,000 अमेरिकी डॉलर और 13 ग्रैंड चेस टूर प्वाइंट मिले। इस नतीजे से प्रज्ञानानंद सिंकफील्ड कप से पहले ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि फैबियानो अभी भी ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में सबसे आगे हैं।
प्रज्ञानानंद ने पांच दिन के इस इवेंट में शुरू से आखिर तक बढ़त बनाए रखी। सिंदारोव ने आखिरी दौर में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए और 1.5 प्वाइंट के अंतर से उपविजेता रहे। जून में, प्रज्ञानानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुके हैं।
सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक सेंट लुइस चेस क्लब में दस बेहतरीन ग्रैंडमास्टर शामिल हुए। पांच दिनों के खेल में, खिलाड़ियों ने 9 रैपिड राउंड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले। इस दौरान कुल मिलाकर 135 गेम हुए, जिनमें सिंकफील्ड कप और जीसीटी ग्रैंड फाइनल से पहले महत्वपूर्ण टूर प्वाइंट दांव पर थे।
इस टूर्नामेंट में दो तेज गति वाले फॉर्मेट शामिल रहे। 9-राउंड का सिंगल राउंड-रॉबिन रैपिड टूर्नामेंट (जो 25 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 10-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है) और 18-राउंड का डबल राउंड-रॉबिन ब्लिट्ज टूर्नामेंट (जो 5 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 2-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है)। रैपिड में जीत पर 2 पॉइंट और ड्रॉ पर 1 प्वाइंट मिलता है, जबकि ब्लिट्ज में जीत पर 1 प्वाइंट और ड्रॉ पर 0.5 प्वाइंट मिलता है।
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