राष्ट्रीय
जुमे की नमाज से पहले श्रीनगर के लाल चौक इलाके में कड़े प्रतिबंध, लोगों की आवाजाही पर रोक
श्रीनगर, 6 मार्च : अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध से यहां का माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। खामेनेई की मौत को लेकर लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में घाटी के कई इलाकों में पिछले दिनों प्रदर्शन भी देखने को मिले, जिसके बाद से सुरक्षा बल लगातार अलर्ट मोड पर हैं।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर कई जगहों पर पाबंदियां अभी भी जारी हैं। घाटी के कई हिस्सों में प्रतिबंध लगाए गए ताकि किसी तरह की हिंसा या टकराव की स्थिति न बने।
शुक्रवार की नमाज को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर के मुख्य इलाके लाल चौक और आसपास के क्षेत्रों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जुमे की नमाज के बाद अक्सर भीड़ ज्यादा हो जाती है, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।
सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक पूरे शहर में सुरक्षा और भी कड़ी की जाएगी। एहतियात के तौर पर लाल चौक की तरफ आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बिना जरूरी कारण किसी को भी उस इलाके में जाने या वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा, कश्मीर घाटी के दूसरे जिलों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टुकड़ियां लगाई गई हैं। जगह-जगह नाकाबंदी की गई है और कई चौराहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि इन सभी कदमों का मकसद सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
राजनीति
पश्चिम बंगाल चुनाव : अमित शाह ने भाजपा का ‘भरोसा पत्र’ किया जारी, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

amit
कोलकाता, 10 अप्रैल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संकल्प पत्र का अनावरण किया।
घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों समेत सभी प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखा गया है। इसमें कई योजनाओं और नकद सहायता के वादे भी शामिल हैं।
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज कानून का राज स्थापित करने, रोजगार बढ़ाने और ‘सोनार बंगला’ के निर्माण का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, “यह संकल्प पत्र बंगाल के विकास का रोडमैप है, जो हर वर्ग के लोगों को नई दिशा देगा।”
अमित शाह ने राज्य की सत्ताधारी टीएमसी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता पहले वामपंथी सरकार से परेशान होकर ममता बनर्जी को सत्ता में लाई थी। फिर उन्हें दूसरी और तीसरी बार भी मौका दिया गया लेकिन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में ‘सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ’ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। अमित शाह ने कहा कि आज वही जनता, जिसने कभी ममता बनर्जी का समर्थन किया था, अब खुद को असुरक्षित और निराश महसूस कर रही है और बदलाव चाहती है।
संकल्प पत्र को लेकर अमित शाह ने कहा कि यह किसानों को कृषि संकट से उबारने, बेरोजगार युवाओं को अवसर देने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में काम करेगा। साथ ही यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले हर नागरिक को नई उम्मीद और भरोसा देगा।
उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और बंगाल के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ लागू होगी। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हम घुसपैठियों की पहचान करेंगे, उन्हें सूची से हटाएंगे और देश से बाहर भेज देंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा। चावल, आलू और आम की खेती के लिए सहायता दी जाएगी। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण किया जाएगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल को एक अग्रणी औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र बनाया जाएग।
उन्होंने कहा कि भाजपा हर महिला को 3,000 रुपए देगी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी और बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपए दिए जाएंगे। ‘आयुष्मान भारत योजना’ के साथ-साथ केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, ब्रैस्ट कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग), उत्तरी बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही एक ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ की स्थापना की जाएगी और धार्मिक रीतिरिवाजों के पालन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने वाला कानून बनाया एगा।
राष्ट्रीय
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों से गुप्त बैठक की खबरें अफवाह, एकनाथ शिंदे ने किया खंडन

मुंबई, 10 अप्रैल : महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। खबरों में दावा किया जा रहा था कि एकनाथ शिंदे गुप्त रूप से शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों से संपर्क में हैं और उन्हें अपने गुट में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि इस सिलसिले में कुछ गुप्त बैठकें भी हुई हैं।
हालांकि, इन सभी दावों पर अब खुद शिंदे का बयान सामने आया है। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है। शिंदे ने साफ कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के साथ उनकी किसी भी तरह की कोई बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें बेबुनियाद हैं और गलत इरादे से फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना है।
शिंदे ने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल से लगातार ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद उनके गुट में शामिल होने वाले हैं। लेकिन, अब तक इनमें कोई सच्चाई सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन खबरों में कोई तथ्य नहीं है और इन्हें केवल सनसनी फैलाने के लिए प्रचारित किया जा रहा है।
इसके साथ ही शिंदे ने मीडिया से अपील की कि वह इस तरह की अपुष्ट और सनसनीखेज खबरों को प्रसारित करने से बचें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता के तहत तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है, ताकि जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुंच सके।
वहीं, राजनीतिक हलकों में इन दावों को लेकर भले ही चर्चाएं जारी हों। लेकिन, शिंदे के इस बयान के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। फिलहाल, शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पार्टी बदलने को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं और इसे केवल अफवाह ही माना जा रहा है।
राजनीति
‘दो-चार दिनों में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर फैसला’, जदयू नेताओं ने नए मुख्यमंत्री को लेकर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली/पटना, 10 अप्रैल : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसी बीच, उनके इस्तीफे और बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर हलचल तेज हो गई है। जदयू नेताओं ने दावा किया है कि दो चार-दिनों में इस्तीफे को लेकर फैसला लिया जाएगा।
बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता विजय चौधरी ने शुक्रवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया था और जीते थे। इसके बाद वे आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।”
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा को लेकर विजय चौधरी ने कहा, “नीतीश कुमार शपथ लेने के बाद वापस पटना जाएंगे। वहां पर बैठक होगी और दो-चार दिनों में इस्तीफे को लेकर फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अगला मुख्यमंत्री वही होगा, जिसे एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा। चंद दिनों में इस बारे में फैसला होगा।
वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राज्यसभा के सदस्य के तौर पर नई पारी को लेकर नीतीश कुमार पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्होंने संकेत दे दिया है कि तीन चार दिनों में बड़े फैसले ले लिए जाएंगे। यह तय है कि आने वाले दिनों में एनडीए विधायी दल की बैठक और नए नेता के चयन के बाद बिहार में सभी फैसले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से ही लिए जाएंगे।”
बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे और देश की सेवा करेंगे। उन्होंने अब तक राज्य और देश, दोनों की सेवा की है। उनके मार्गदर्शन में बिहार में नई एनडीए की सरकार बनेगी और चलेगी।”
बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर राम कृपाल यादव ने कहा, “हमारे नेता तय करेंगे कि चेहरा कौन होगा और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस बारे में जल्द सबको पता चल जाएगा।”
जदयू विधायक जयंत राज कुशवाहा ने कहा, “वे पहले ही राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं और आज यह बस एक औपचारिकता है। वे आज शपथ लेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “आप देख सकते हैं कि पिछले 20 सालों में बिहार ने कितनी प्रगति की है। आने वाले 20-25 सालों में भी मुख्यमंत्री का कार्यकाल याद किया जाता रहेगा।
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