राजनीति
भारत में सितंबर-अक्टूबर से खेल प्रतिस्पर्धा शुरू होने की उम्मीद : रिजिजू
केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने उम्मीद जताई है कि देश में कोविड-19 के कारण मार्च से बंद पड़ी खेल गतिविधियाएं सितंबर-अक्टूबर से शुरू हो जाएंगी। रिजिजू ने हाल ही में राष्ट्रमंडल देशों के मंत्री स्तरीय फोरम में हिस्सा लिया जिसमें कोविड-19 के बाद भारत में खेलों को शुरू करने की रणनीति के बारे में चर्चा के साथ ही कोविड के बाद एक संयुक्त खेल नीति बनाने में योगदान देने पर भी बात की।
रिजिजू ने कहा, “राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के सदस्य होने के नाते हमें सभी मुद्दों पर एक साथ खड़ा होना चाहिए, खासकर ऐसे समय में। इस फोरम का हिस्सा बनकर खुश हूं जहां सभी राष्ट्रमंडल देश आगे बढ़ने के लिए एक साथ आए हैं।”
उन्होंने कहा, “अन्य देशों ने इस फोरम में जो मुद्दे उठाए हैं वो भारत के समान ही हैं। हालांकि इस दौरान हमने कुछ अलग हासिल किया है और कुछ सीखा है जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करना चाहूंगा।”
रिजिजू ने कहा, “सरकार ने कुछ गतिविधियों को तय पाबंदियों और सख्त एसओपी के साथ मंजूरी दे दी है, इन गाइडलाइंस को हर खेल संगठन को लागू करना होगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे एलिट, ओलम्पिक खेलने वाले खिलाड़ियों ने कैम्प में ट्रेनिंग शुरू कर दी है। मैंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों से बात की थी, साथ ही सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से भी कहा था कि वे धीरे-धीरे खेल गतिविधियां शुरू करें। हमें लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि भारत में सितंबर-अक्टूबर के बीच खेल गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, अलग-अलग खेलों में बड़ी लीग भी शुरुआत करने के बारे में सोच रही हैं।”
राष्ट्रीय समाचार
सीएम विजय आज तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की तैयारियों की समीक्षा करेंगे

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सोमवार दोपहर चेन्नई में सचिवालय में एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में नॉर्थ-ईस्ट मानसून के लिए तमिलनाडु की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और बारिश के मौसम में जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जायजा लिया जाएगा।
पूर्वोत्तर मानसून, जो आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक रहता है, राज्य की सालाना बारिश का एक बड़ा हिस्सा लाता है।
इस दौरान तटीय और डेल्टा जिलों में चक्रवात, बाढ़, जल-जमाव और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा ज्यादा रहता है।
सरकार हर साल मानसून शुरू होने से पहले एहतियाती काम करती है। समीक्षा बैठक में मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
तटीय और डेल्टा जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे और मुख्यमंत्री को अपने-अपने जिलों में पूरी की गई तैयारियों और तुरंत ध्यान देने की जरूरत वाले इलाकों के बारे में जानकारी देंगे।
बातचीत राजस्व, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, बिजली और परिवहन विभागों के बीच तालमेल से की जाने वाली कार्रवाई पर केंद्रित होगी।
अधिकारियों से जिला-स्तरीय आपातकालीन योजनाओं, मैनपावर की उपलब्धता और तमिलनाडु में भारी बारिश, बाढ़ या चक्रवाती मौसम के दौरान तेज़ी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री अधिकारियों को बचाव कर्मियों, नावों, पंपों, आपातकालीन वाहनों और अन्य जरूरी उपकरणों को तैनाती के लिए तैयार रखने का निर्देश दे सकते हैं।
भारी बारिश के बाद बाढ़, भूस्खलन या अलग-थलग पड़ने के खतरे वाले इलाकों में पहले से ही बचाव दल तैनात किए जा सकते हैं।
बैठक में राहत केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी, जहां बिना रुकावट बिजली, सुरक्षित पीने का पानी, भोजन, दवाएं, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विभागों को पहले से ही उपयुक्त इमारतों की पहचान करने और उन्हें निचले और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों से निकाले गए लोगों को रखने के लिए तैयार करने का निर्देश दिया जा सकता है।
जलाशयों, पानी के चैनलों और जल निकासी नेटवर्क से गाद हटाने जैसे तैयारी के कामों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।
सरकार जलकुंभी, अन्य रुकावटों और अतिक्रमणों को तेजी से हटाने के लिए कह सकती है, जो बारिश के पानी के बहाव में बाधा डाल सकते हैं और बाढ़ की स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
अधिकारियों को क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों, ट्रांसमिशन टावरों और बिजली के अन्य कमजोर बुनियादी ढांचे की पहचान करने और उन्हें बिना देरी के ठीक करने का निर्देश भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री से विभाग-वार निर्देश जारी करने, अधूरे कामों के लिए समय-सीमा तय करने और जिला प्रशासन से मानसून के दौरान करीबी तालमेल बनाए रखने और चौबीसों घंटे निगरानी करने के लिए कहने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘सह्याद्रि’ और ‘कुलिश’ फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे

भारतीय नौसेना के आधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस स्वदेशी जहाज सह्याद्रि’ और कुलिश’ फिलीपींस की सुबिक खाड़ी पहुंचे हैं। भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैनाती के तहत दोनों जहाजों को भेजा गया है।
भारतीय नौसेना के जहाज फिलीपींस में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम)-प्लस, संयुक्त सहयोग गतिविधि (जेसीए) में हिस्सा लेंगे।
एडीएमएम प्लस, जेसीए में 10 आसियान देशों और आठ साझेदार देशों की समुद्री सेनाएं एक साथ आती हैं। इनका उद्देश्य पेशेवर और ऑपरेशनल गतिविधियों के जरिए आपसी तालमेल बढ़ाना, आपसी समझ को बढ़ावा देना और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है।
एडीएमएम-प्लस जेसीए में भारतीय नौसेना के जहाजों की भागीदारी भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘महासागर’ विजन के अनुरूप है, जो बहुपक्षीय समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ रचनात्मक जुड़ाव के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता को दिखाता है।
यह तैनाती भारतीय नौसेना को पेशेवर और परिचालनिक गतिविधियों के माध्यम से भाग लेने वाली समुद्री सेनाओं के साथ बातचीत करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे साझा समुद्री चुनौतियों की बेहतर समझ बनाने में मदद मिलेगी।
यह पोर्ट कॉल भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते समुद्री जुड़ाव को भी दर्शाता है। हाल के द्विपक्षीय जुड़ाव और अगस्त 2025 में भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी की स्थापना के बाद यह तैनाती दोनों देशों के बीच पेशेवर संबंधों और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने का अवसर देती है।
राष्ट्रीय समाचार
आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने छात्र की मौत पर जताया दुख, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का किया समर्थन

आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने संस्थान के एक छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है। फोरम ने छात्र के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं।
फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के प्रति भी पूरी एकजुटता जताई है। बयान में कहा गया है कि प्रोफेसर डूला संस्थान की सीनेट से मंजूर और वर्तमान में लागू शैक्षणिक नीतियों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
फोरम के मुताबिक, 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मध्य-सत्र परीक्षा आयोजित की जा रही थी। इस दौरान पाठ्यक्रम के शिक्षक और परीक्षा निरीक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने एक छात्र को परीक्षा के दौरान शैक्षणिक अनियमितता करते हुए देखा।
बयान के अनुसार, छात्र के पास परीक्षा के दौरान बिना अनुमति स्मार्टफोन था और वह उसका इस्तेमाल कर रहा था। संस्थान में तय प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर डूला ने इस घटना की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए संस्थान के अधिकारियों को दी।
फैकल्टी फोरम ने कहा कि प्रोफेसर डूला ने सिर्फ अपनी अकादमिक जिम्मेदारी निभाई और संस्थान की मंजूर प्रक्रिया का पालन किया। फोरम ने प्रोफेसर डूला की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली बातों पर गहरी चिंता जताई है।
फोरम ने कहा कि वह इस बात से बेहद व्यथित है कि अपनी आधिकारिक और अकादमिक जिम्मेदारी निभाने वाले प्रोफेसर की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। बयान में प्रोफेसर डूला के प्रति समर्थन दोहराते हुए कहा गया है कि उन्होंने संस्थान की मौजूदा शैक्षणिक नीतियों के अनुरूप ही कार्रवाई की थी।
इससे पहले, आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ (एडीआर) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मृतक छात्र की पहचान साहिल वाकोडे के रूप में हुई थी, जो ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था।
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