Connect with us
Wednesday,18-February-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

दक्षिण अफ्रीका : अवैध खदान में फंसे 246 श्रमिकों को बचाया गया , 78 शव बरामद

Published

on

जोहान्सबर्ग, 16 जनवरी। तीन दिनों के बचाव अभियान के दौरान दक्षिण अफ्रीका में एक बंद पड़ी सोने की खदान से 246 को जीवित बाहर निकाला गया है। वहीं 78 शवों बरामद किए गए हैं।

मीडिया ने बताया, बुधवार रात 8:00 बजे जारी एक बयान में दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (एसएपीएस) ने कहा कि उत्तर पश्चिमी प्रांत में स्टिलफोंटेन खदान में सोमवार को बचाव अभियान शुरू होने के बाद से 246 अवैध खनिकों को जमीन से जीवित निकाला गया है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। वहीं 78 शवों को बरामद किया गया है।

एसएपीएस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एथलेंडा मैथे ने सिन्हुआ को बताया, “हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि इस अभियान को बंद कर दिया गया है।”

उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब बचाव अभियान में शामिल कर्मियों ने मीडिया को बताया कि जमीन के नीचे कोई और जीवित व्यक्ति या शव नहीं बचा है।

मैथे ने कहा कि स्टिलफोंटेन में अभियान के लिए जिम्मेदार माइन रेस्क्यू सर्विस गुरुवार की सुबह एक पिंजरा जमीन के नीचे भेजेगी, ताकि यह देखा जा सके कि कोई अवैध खनिक पिंजरे के साथ फिर से बाहर तो नहीं आया है।

उन्होंने स्पष्ट किया, “हम अपने अत्याधुनिक उपकरणों से इसकी पुष्टि करने के लिए माइन रेस्क्यू सर्विस पर निर्भर रहेंगे। उम्मीद है कि इससे हमें पता चल पाएगा कि आखिर अंदर क्या हो रहा है।”

प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस गुरुवार को बचाव अभियान के बारे में और जानकारी देगी।

स्टिलफोंटेन में बंद खदान शाफ्ट की स्थिति अगस्त 2024 से विकसित हो रही है, जब अवैध खननकर्ताओं के छोटे समूह शाफ्ट से बाहर निकलने लगे थे। तब से कम से कम 1,576 अवैध खननकर्ता सतह पर आ चुके हैं और उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि पुलिस के बयान के अनुसार इनमें से अधिकांश पड़ोसी देशों के विदेशी नागरिक थे।

दक्षिण अफ्रीका में उत्पादन में गिरावट के कारण दशकों से बंद कई सोने की खदानों पर अवैध विदेशी खननकर्ताओं ने कब्जा कर लिया है, जो अब सोने की तलाश में उन्हें फिर से खोल रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश: बीएनपी ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद, रचनात्मक तरीके से भारत से जुड़ने की उम्मीद जताई

Published

on

नई दिल्ली, 14 फरवरी : बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बंपर जीत हासिल की है। बीएनपी चीफ तारिक रहमान दो विधानसभा सीटों से चुनावी मैदान में उतरे थे और दोनों पर ही उन्होंने जीत दर्ज की। वहीं बीएनपी और तारिक रहमान की जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले तारिक को फोन कर बधाई भी दी। बीएनपी ने भी पीएम मोदी का धन्यवाद किया है।

बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “बहुत-बहुत धन्यवाद, माननीय नरेंद्र मोदी। राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी की निर्णायक जीत दिलाने में तारिक रहमान के नेतृत्व को आपने जिस तरह से सराहा, उसके लिए हम बहुत आभारी हैं। यह नतीजा बांग्लादेश के लोगों के हमारे नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसे और विश्वास को दिखाता है।”

बीएनपी ने आगे लिखा कि बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और सबको साथ लेकर चलने और आगे बढ़ने वाले विकास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत के साथ अपने संबंधों को बेहतर करने की उम्मीद के साथ उन्होंने कहा, “हम आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और हमारे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और खुशहाली के लिए एक साझा कमिटमेंट से गाइड होकर, अपने कई तरह के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ कंस्ट्रक्टिव तरीके से जुड़ने की उम्मीद करते हैं।”

इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर बधाई संदेश में लिखा था, “मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में बीएनपी को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है। भारत एक डेमोक्रेटिक, प्रोग्रेसिव और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के संबंधों को मजबूत करने और हमारे कॉमन डेवलपमेंट गोल्स को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।”

बता दें, बीएनपी ने 212 सीटें जीतीं, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने 11 घटक दलों के गठबंधन के साथ मिलकर 77 सीटें हासिल कीं और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने छह सीटें जीतीं।

इस बीच, जमात और उसके गठबंधन ने मिलकर 77 सीटें जीतीं। जमात-ए-इस्लामी को अपने सिंबल के साथ 68 सीटें मिलीं, एनसीपी को छह, बांग्लादेश खिलाफत मजलिस को दो और खिलाफत मजलिस को एक सीट मिली।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

न्यूयॉर्क हत्या साजिश में निखिल गुप्ता ने कबूला जुर्म, जानिए कितने साल तक हो सकती है जेल

Published

on

वॉशिंगटन, 14 फरवरी : साल 2023 में निखिल गुप्ता न्यूयॉर्क में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या कराने के लिए 15,000 डॉलर देने पर राजी हो गए थे। मैनहैटन की एक संघीय अदालत में पेश होकर उन्होंने यह बात खुद स्वीकार की। इस मामले में अमेरिका की संघीय जेल में अधिकतम 40 साल तक की सजा का प्रावधान है।

54 वर्षीय भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने तीन आरोपों को स्वीकार किया। ये आरोप थे- भाड़े पर हत्या की साजिश, भाड़े पर हत्या, और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश।

अदालत में शपथ के तहत गुप्ता ने कहा, “2023 के वसंत में, मैं किसी दूसरे व्यक्ति के साथ यूनाइटेड स्टेट्स में एक व्यक्ति की हत्या करवाने के लिए राज़ी हुआ था।” उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने 15,000 डॉलर नकद एक व्यक्ति को दिए थे, जो अमेरिका में मौजूद था। पूछताछ के दौरान गुप्ता ने माना कि उन्हें पता था कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, वह न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में रहता है, जबकि पैसा मैनहैटन में दिया गया।

जज सारा नेटबर्न ने सिफारिश की कि जिला जज विक्टर मरेरो इस दोष स्वीकार को मंजूर करें। बाद में अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया। सजा सुनाने की तारीख 29 मई 2026 तय की गई है।

फेडरल कानून के तहत, गुप्ता को भाड़े पर हत्या करने और भाड़े पर हत्या करने की साजिश के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल की सज़ा हो सकती है, और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के लिए 20 साल तक की सज़ा हो सकती है- कुल मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा 40 साल की सज़ा। हालांकि, हर मामले में अधिकतम सजा ही दी जाए, यह जरूरी नहीं है। अदालत सजा तय करते समय अमेरिकी सेंटेंसिंग गाइडलाइंस का पालन करती है और अन्य कानूनी पहलुओं को भी देखती है। दोष स्वीकार करने के कारण गुप्ता को कुछ राहत भी मिल सकती है।

सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता, भविष्य में ऐसे अपराध रोकने की जरूरत, जनता की सुरक्षा और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। अभियोजन पक्ष ने कहा कि अगर मामला ट्रायल तक जाता तो वे एक गुप्त सूत्र, एक अंडरकवर अधिकारी (जो खुद को सुपारी किलर बता रहा था), व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन के सबूत और न्यूयॉर्क में 15,000 डॉलर दिए जाने का वीडियो अदालत में पेश करते।

चार्जशीट में कहा गया था कि गुप्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर, जिनमें भारत के कैबिनेट सचिवालय के एक कर्मचारी का नाम भी शामिल था, न्यूयॉर्क में रह रहे एक सिख राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बनाई थी। यह कार्यकर्ता खालिस्तान की मांग का समर्थन करता था।

गुप्ता ने अदालत में यह भी स्वीकार किया कि वह भारत के नागरिक हैं और उनका दोष स्वीकार करना संभवतः उन्हें अमेरिका से निष्कासित किए जाने का कारण बनेगा। अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत ऐसे मामलों में देश से हटाना लगभग अनिवार्य होता है।

दोष स्वीकार करके गुप्ता ने एक लंबे और डिप्लोमैटिक रूप से सेंसिटिव ट्रायल से बचाव कर लिया, जिसमें अमेरिकी जमीन पर विदेशी साजिश के आरोपों की सुनवाई होती। अब अदालत को यह तय करना है कि उन्हें कितने समय के लिए जेल भेजा जाएगा। इसका फैसला 29 मई 2026 को सुनाया जाएगा।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार, भारत समेत दक्षिण एशिया पर क्या हो सकता है असर?

Published

on

नई दिल्ली, 13 फरवरी : बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार को गिराए जाने के लगभग 18 महीनों के बाद गुरुवार को संसदीय चुनाव हुए। शुक्रवार को सामने आए परिणामों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन ने 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की। इससे साफ हो गया है कि बांग्लादेश में बीएनपी की बहुमत की सरकार बन रही है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि बीएनपी की सरकार आने के बाद बांग्लादेश के भारत और दक्षिण एशिया के साथ रिश्तों पर कैसा असर पड़ेगा।

बांग्लादेश की कमान बीएनपी के हाथों में आने के बाद दक्षिण एशिया में रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं कि भारत और बांग्लादेश के बीच क्या संबंध रहेंगे। शेख हसीना की सरकार गिराए जाने के बाद से बांग्लादेश में यूनुस की अंतरिम सरकार के शासन में भारत और बांग्लादेश के बीच काफी तनाव देखने को मिला।

इसके साथ ही बांग्लादेश में पाकिस्तान को एंट्री मिल गई। इतना ही नहीं, बांग्लादेश में आईएसआई की सक्रियता भी बढ़ी है। आईएसआई के कमांडर बांग्लादेश में युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसका मकसद भारत के खिलाफ इन युवाओं का इस्तेमाल करना है।

जिस तरह से यूनुस के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ दोस्ती में गहराई आई है, बीएनपी के आने से इसमें कुछ बदलाव देखने को जरूर मिलेगा। बीएनपी भारत के साथ अपने राजनयिक और कूटनीतिक संबंध बेहतर करने का प्रयास करेगी। बीएनपी की वापसी से दोनों देशों के बीच सीमा, अवैध आव्रजन और जल बंटवारे (जैसे तीस्ता) जैसे मुद्दे फिर प्रमुख बन सकते हैं।

इससे पहले पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध काफी अच्छे थे। हालांकि, अवामी लीग से पूर्व जब खालिदा जिया के नेतृत्व में बीएनपी का शासन था, तब भारत और बांग्लादेश के बीच कड़वाहट देखने को मिली थी। लेकिन, तारिक रहमान के हाथ में सत्ता की कमान होने के बाद इसमें थोड़ा बदलाव जरूर हो सकता है।

चीन की अगर बात करें, तो उसकी हमेशा से ही चटगांव पोर्ट पर नजर रही है। यूनुस के शासन में यह खबरें भी सामने आ रही थी कि बांग्लादेश के सभी बड़े पोर्ट का संचालन चीन के हाथों में सौंप दिया जाएगा। अगर ऐसा हो जाता, तो चीन भविष्य में भारत के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता था।

बीएनपी सरकार चीन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सहयोग को और बढ़ा सकती है। इससे दक्षिण एशिया, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है।

उम्मीद की जा रही है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों में कुछ नरमी आ सकती है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक संतुलन प्रभावित होगा। भारत के लिए यह सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण मुद्दा होगा। यदि आंतरिक राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ता है, तो अस्थिरता का असर पड़ोसी देशों तक महसूस हो सकता है।

भारत के पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सतर्कता बढ़ सकती है। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को पुनर्जीवित करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा पर इसकी सफलता निर्भर करेगी।

भारत के लिए बांग्लादेश एक बड़ा निर्यात बाजार है। नीतिगत बदलाव से कारोबारी माहौल प्रभावित हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बीएनपी की वापसी के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच हालात में सुधार की संभावनाएं हैं, लेकिन अगर जमात-ए-इस्लामी की वापसी होती तो यह भारत के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता था।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र1 hour ago

सीनियर आईएएस ऑफिसर विवेक भीमनवार ने महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन के तौर पर शपथ ली

टेक3 hours ago

स्वीडन से स्पेन तक: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए दुनिया भर के नेता दिल्ली पहुंचे; यहां देखें पूरी लिस्ट

महाराष्ट्र3 hours ago

महाराष्ट्र सरकार मछुआरों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय के उपाय लागू करेगी: मंत्री नितेश राणे

अपराध4 hours ago

मुंबई न्यूज़: लालबाग गोल्ड ट्रेडर ने ₹2.70 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया, कर्मचारी 1.66 Kg सोना लेकर भागा, एफआईआर दर्ज

अंतरराष्ट्रीय21 hours ago

फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है: प्रधानमंत्री मोदी

व्यापार22 hours ago

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 173 अंक चढ़ा

अंतरराष्ट्रीय23 hours ago

मुंबई के लोक भवन में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने गर्मजोशी से गले मिलकर हाथ मिलाया – देखें

महाराष्ट्र23 hours ago

अजीत पवार प्लेन क्रैश: ब्लैक बॉक्स कैसे जला? विदेशी एजेंसी से जुड़ी एक्सीडेंट जांच में रोहित पवार पर शक

मनोरंजन24 hours ago

सूजन की शिकायत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान, शूटिंग छोड़ पिता को देखने पहुंचे सलमान खान

अपराध1 day ago

पालघर: वसई में एक 15 वर्षीय लड़के ने डांट खाने के बाद दोस्त की मदद से अपनी बुजुर्ग चाची की कथित तौर पर हत्या कर दी।

अपराध3 weeks ago

मुंबई अपराध: नागपाड़ा में हिंसक समूह झड़प के बाद 5 घायल, एक की हालत गंभीर; 13 हिरासत में; वीडियो वायरल

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की बारामती के पास विमान दुर्घटना में मौत;

अपराध4 weeks ago

मुंबई के वडाला में ‘बदतमीज’ नाम की एक शहरी मसाज कंपनी की मसाज करने वाली महिला ने सेशन रद्द होने पर एक महिला पर हमला किया; लड़ाई का वीडियो वायरल होने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई ट्रैफिक अपडेट: व्यस्त समय के दौरान 1 फरवरी से शहर में भारी वाहनों पर प्रतिबंध; क्या अनुमति है और क्या नहीं?

अपराध2 weeks ago

‘घर पर बेटियां नहीं हैं क्या?’ मुंबई के मरीन ड्राइव पर कथित तौर पर उसकी तस्वीरें खींचने के लिए लड़की ने आदमी का सामना किया; वीडियो हुआ वायरल

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई में स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाशअंधेरी में बाइक चोरों को गिरफ्तार करने के बाद 9 केस सुलझे, मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में भयावह घटना: मलाड में ढाई महीने के पिल्ले के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट, आरोपी गिरफ्तार

व्यापार4 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, रियल्टी स्टॉक्स में रहा दबाव

व्यापार4 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 324 अंक फिसला

राष्ट्रीय4 weeks ago

इंजीनियर युवराज की मौत से पहले का वीडियो आया सामने, बचाव के प्रयासों के बीच डूबी कार

रुझान