राष्ट्रीय समाचार
पुलवामा हमले के छह साल : केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत दिग्गजों ने किया शहीदों को याद
नई दिल्ली, 14 फरवरी। पुलवामा हमले की छठी बरसी पर शहीद जवानों को कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने याद किया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा, “साल 2019 में आज के ही दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आतंकवाद समूची मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया संगठित हो चुकी है।”
वहीं, आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को भी केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने पोस्ट में रेखांकित किया। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा, “चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक, मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से अभियान चलाकर उनके समूल नाश के लिए संकल्पित है।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने पोस्ट में लिखा कि पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर देश के शहीदों को कोटि-कोटि नमन। कृतज्ञ भाव के साथ सम्पूर्ण देश उन बलिदानियों का ऋणी है। मातृभूमि की रक्षा के लिए वीर सपूतों का सर्वोच्च समर्पण युगों-युगों तक वंदनीय रहेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद मां भारती के वीर जवानों को तथा उनके शौर्य और बलिदान को कोटि-कोटि नमन।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके बलिदान को ‘महानतम’ बताया। लिखा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद मां भारती के सभी वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मातृभूमि रक्षार्थ आपका बलिदान महानतम है। आपकी वीरता हमें आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने हेतु सदैव प्रेरित करती रहेगी। जय हिंद!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलवामा हमले की छठवीं बरसी पर वीरगति को प्राप्त हुए जवानों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि पुलवामा के कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए सभी अमर वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटिश: नमन! मां भारती के वीर सपूतों का बलिदान हमें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। जय हिंद!
बता दें कि 14 फरवरी 2019 को ही जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ के जवानों पर जब यह हमला हुआ था, उस वक्त जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-नेशनल हाईवे के जरिए केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था।
राजनीति
‘एंटी-पेपर लीक’ बिल को लेकर संजय राउत बोले- यह काफी हद तक पुराने बिल की तरह

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘एंटी-पेपर लीक’ बिल को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
‘एंटी-पेपर लीक’ बिल को लेकर संजय राउत ने कहा कि इस पर चर्चा हो रही है। एक नया बिल लाया गया है, और अगर सरकार को लगता है कि इससे पेपर लीक रुकेंगे, तो यह अच्छी बात है। लेकिन बिल में असल में नया क्या है? यह काफी हद तक पुराने वाले जैसा ही है। पहले सजा एक साल जेल थी; अब इसे बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है। पहले जुर्माना 1 करोड़ रुपए था; अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है।”
संजय राउत ने कहा, “हालांकि, देशभर में चल रहे पेपर लीक रैकेट को भाजपा से जुड़े लोग कंट्रोल करते हैं। कई इंस्टीट्यूशन पर उनका कंट्रोल है। महाराष्ट्र में नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार किए गए सभी लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जिन पर देश को लूटने का आरोप है, उन्हें ‘वॉशिंग मशीन’ में डालकर साफ किया जा रहा है, और फिर अपनी पार्टी में शामिल करके ‘पवित्र’ बना देते हैं। लेकिन जब स्टूडेंट्स की बात आती है, तो आपका रवैया बिल्कुल अलग होता है।”
संजय राउत ने कहा, “अब आप यह भी जांच कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर खाना कौन परोस रहा था, पानी कौन बांट रहा था, और जूस कौन बांट रहा था। यह सरकार क्या कर रही है? किसी भी प्रोटेस्ट के दौरान, जो लोग मदद करना चाहते हैं, वे आगे आते हैं। कोई पानी देता है, कोई खाना देता है, कोई सैंडविच बांटता है, कोई दवाइयां देता है। अब आपने उनकी भी जांच शुरू कर दी है।”
संजय राउत ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह से स्वागत किया गया है, इसको बंद कर देना चाहिए। जिसको नीट पेपर लीक मामले के लिए इस्तीफा देना पड़ा हो, उसका स्वागत किया जा रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
सरकार ने बिहार, असम और राजस्थान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का दिया आश्वासन: सौरव दास

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। पार्टी का दावा है कि सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने तथा केंद्र और भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचनाएं जारी करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
सीजेपी ने यह जानकारी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार देर रात हुई बैठक के बाद दी है। पार्टी के अनुसार, इस बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया कि अन्य राज्य भी प्रदर्शनकारियों को संरक्षण देने संबंधी औपचारिक अधिसूचनाएं जारी करेंगे।
यह बयान उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर कथित “समझौते के उल्लंघन” का आरोप लगाते हुए नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। पार्टी ने यह भी कहा था कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकारों द्वारा जारी अधिसूचनाएं साझा की हैं, जिनसे प्रदर्शनकारियों को राहत मिलेगी।
देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ लगभग दो से तीन घंटे तक बैठक चली, जिसमें प्रदर्शन में शामिल लोगों को कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
दास ने कहा, “हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की। बैठक दो से तीन घंटे तक चली। उन्होंने बिहार और असम की अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा कीं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए तथा गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने की बात कही गई है।”
उन्होंने आगे दावा किया, “उन्होंने यह भी दोहराया है कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी कल तक अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। उम्मीद है कि सहमत भाषा का ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी इस लड़ाई में साथ हैं।”
इसके बाद में सौरव दास ने कहा कि राजस्थान को लेकर भी पार्टी को नया आश्वासन मिला है, जहां प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “बिहार और असम की अधिसूचनाओं के बाद हमें अभी यह भरोसा दिया गया है कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करेगा। कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही दर्ज की जाएगी।”
बैठक के बाद जारी एक वीडियो संदेश में दास ने कहा कि सीजेपी प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने यह चिंता जताई थी कि कहीं दिए गए आश्वासन बाद में लागू न हों, इसलिए उन्होंने लिखित गारंटी की मांग की।
उन्होंने कहा, “हमने उनसे कहा कि हमें चिंता है कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए जाएंगे। इसके जवाब में वे बिहार गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति लेकर आए, जिसमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।”
राष्ट्रीय समाचार
एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच में कोई देरी नहीं, तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही जांच: सरकार

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में स्पष्ट किया कि अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच में किसी तरह की कोई देरी नहीं हुई है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना की जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार आगे बढ़ रही है और फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्रालय ने कहा कि बड़े विमान हादसों की जांच कई तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर निर्भर करती है। ऐसे मामलों में कई तरह के कारकों की विस्तृत जांच की जाती है, इसलिए अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक तैयार होगी, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने कहा कि किसी बड़े विमान हादसे की जांच पूरी होने का समय पहले से बताना संभव नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि दुर्घटना के पीछे मौजूद सभी संभावित कारणों और योगदान देने वाले सभी कारकों की व्यापक जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि जांच अभी जारी है और अब तक किसी भी संभावित वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
मंत्रालय ने संसद को यह भी जानकारी दी कि जांच के तहत विमान के थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की सुविधा में विस्तृत जांच की जा रही है। यह प्रक्रिया भी चल रही जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इससे पहले भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में बताया था कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) 12 जून को हुए एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रहा है और दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी, जो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के एनेक्स-13 के प्रावधानों के तहत 12 जून 2026 को अंतरिम बयान भी जारी किया गया। अंतिम जांच रिपोर्ट पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन-गैटविक जा रही एयर इंडिया की एआई-171 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान टेकऑफ के महज 35 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी, जबकि विमान में सवार एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया था।
एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान के दोनों इंजनों की शक्ति उस समय समाप्त हो गई थी, जब दोनों फ्यूल कट-ऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए। हालांकि, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से यह भी सामने आया कि एक पायलट ने दूसरे से कहा था कि उसने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद नहीं किए थे। दुर्घटना से ठीक पहले इन स्विचों को फिर से ‘रन’ स्थिति में लाया गया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एएआईबी की रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
