Connect with us
Saturday,20-June-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा-सरकारी मशीनरी का ‘सायरन’ खामोश

Published

on

शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) ने सोमवार को महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ केंद्र सरकार ने देशभर में मोबाइल फोन पर इमरजेंसी सायरन टेस्ट करके लोगों को आपदा की चेतावनी देने की कोशिश की, वहीं महाराष्ट्र में जब महिलाओं और छोटी बच्चियों के साथ रोजाना बलात्कार और अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं, तो सरकारी मशीनरी का ‘सायरन’ खामोश है।

दरअसल, शिवसेना गुट के मुखपत्र ‘सामना’ में सोमवार को छपे एक संपादकीय में पुणे जिले के भोर तहसील के नसरापुर में चार साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या की घटना का जिक्र किया गया है। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में भारी गुस्सा फैल गया। गुस्साए लोग बच्ची का शव सड़क पर लेकर आए और आरोपी को तुरंत उनके हवाले करने की मांग करने लगे ताकि वे खुद न्याय कर सकें, लेकिन इसके बजाय पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया।

लेख में कहा गया है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘मिसिंग लिंक’ टनल प्रोजेक्ट के उद्घाटन के दौरान लगे ट्रैफिक जाम के लिए जनता से माफी मांगी। नसरापुर, चाकन और नागपुर में छोटी बच्चियों के साथ हुए अमानवीय यौन अत्याचार गृह विभाग की विफलता को दर्शाते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को राज्य की सभी छोटी बच्चियों और उनकी माताओं से माफी मांगनी चाहिए।

संपादकीय में कहा गया है कि भोर तालुका के नसरापुर गांव में, चार साल की एक बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुणे में अत्याचार और हत्या की घटनाएं चिंताजनक रूप से तेजी से बढ़ रही हैं। यहां तक ​​कि मुख्यमंत्री के अपने शहर नागपुर में भी अत्याचार का शिकार हुई महिलाओं की दिल दहला देने वाली चीखें सुनी जा सकती हैं। सांगली में भी इसी तरह के अत्याचार के मामले सामने आए हैं। महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों को लेकर सरकार निष्क्रिय बनी हुई है और अपराधियों को अब कानून का कोई डर नहीं रहा।

आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री फडणवीस राज्य के गृह मंत्री के तौर पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। वह राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय दूसरे राज्यों में राजनीतिक प्रचार में व्यस्त रहे। इसमें पश्चिम बंगाल, केरल, असम और तमिलनाडु के दौरों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि महाराष्ट्र की छवि चमकाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। राज्य के भीतर भ्रष्टाचार और अपराध बढ़ रहे हैं और खासकर महिलाओं की सुरक्षा बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुकी है।

लेख में भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा गया है कि जब पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में भाजपा ने जोरदार विरोध किया था, तब महाराष्ट्र में हो रही घटनाओं पर वे राजनीति न करने की सलाह दे रहे हैं यानी जहां विपक्ष शासित राज्य होता है, वहां विरोध तेज होता है, लेकिन अपने राज्य में ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साध ली जाती है।

संपादकीय में यह भी सवाल उठाया गया है कि सरकार बार-बार फास्ट ट्रैक कोर्ट और फांसी की सजा की बात करती है, लेकिन वास्तव में कितने दोषियों को सजा मिली है। जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि सिर्फ बयानबाजी से क्या बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी?

लेख में सरकार की ‘लड़की बहन योजना’ पर भी तंज कसा गया है, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की सहायता दी जाती है। सवाल उठाया गया है कि क्या सिर्फ 1,500 रुपए देने से सरकार को उन महिलाओं की बेटियों की सुरक्षा की अनदेखी करने का लाइसेंस मिल जाता है?”

संपादकीय में कहा गया है कि अगर किसी को इन घटनाओं का असली जिम्मेदार ठहराना हो तो वह गृह विभाग और राज्य सरकार की व्यवस्था है, जो कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।

लेख के अनुसार यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मानवता और महिलाओं की गरिमा का सवाल है। सरकार से मांग की गई है कि वह सिर्फ ट्रैफिक या प्रशासनिक मुद्दों पर माफी मांगने के बजाय महाराष्ट्र की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में असफल रहने के लिए सार्वजनिक माफी मांगे।

महाराष्ट्र

मुंबई: बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, सरकार से तत्काल वार्ता की मांग

Published

on

बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों का आंदोलन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने दावा किया कि 18 जून की मध्यरात्रि से शुरू हुए इस आंदोलन में सभी यूनियनों ने अपने झंडे-बैनर अलग रखकर एकजुटता दिखाई है और कर्मचारियों ने 100 प्रतिशत भागीदारी की है। समिति ने कहा कि यह आंदोलन बेस्ट उपक्रम के अस्तित्व और कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा है।

समिति ने आंदोलन से मुंबईवासियों को हो रही असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।

संयुक्त श्रमिक कृती समिति के अनुसार, 19 जून को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर समिति के नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा हुई थी। बैठक में कर्मचारियों की ओर से कई प्रमुख मांगें रखी गईं।

इन मांगों में बेस्ट कर्मचारियों के मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण (लीव एन्कैशमेंट) और अन्य अंतिम भुगतान की जिम्मेदारी मुंबई महानगरपालिका द्वारा लेने या बेस्ट के बजट के विलय जैसे विकल्पों पर निर्णय, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित एवं भविष्य के बकाये का भुगतान, वर्ष 2016 से 2026 की वेतन समझौता अवधि के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि और बकाया राशि का भुगतान, परिवहन विभाग के संविदा व मजदूरी आधारित कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल हैं।

इसके अलावा रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, यात्रा भत्ता, प्रोत्साहन बोनस, शैक्षिक सहायता, कोविड भत्ता और अन्य कर्मचारी कल्याण संबंधी मांगें भी समिति ने सरकार के समक्ष रखीं।

कृती समिति का दावा है कि परिवहन मंत्री ने इन मांगों को न्यायसंगत बताते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, समिति का आरोप है कि बेस्ट प्रशासन की ओर से जारी बैठक के कार्यवृत्त (मिनट्स) में इन सकारात्मक बिंदुओं और आश्वासनों का उल्लेख नहीं किया गया।

समिति ने आरोप लगाया कि संभवतः कुछ राजनीतिक हस्तक्षेप या दबाव के कारण मंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासनों को कार्यवृत्त से हटा दिया गया। ऐसे में कर्मचारियों को आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाना संभव नहीं है।

संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने कहा कि वर्ष 2019 से कर्मचारियों को केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसलिए कर्मचारी अब बेस्ट उपक्रम के अस्तित्व और उसकी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।

समिति ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से अपील की है कि वे जल्द से जल्द, चाहे दिन हो या रात, कृती समिति के साथ बैठक बुलाकर कर्मचारियों की मांगों पर ठोस फैसला लें, ताकि बेस्ट उपक्रम के भविष्य और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

हीरा ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, ईडी ने 159 करोड़ रुपए की संपत्तियां की नीलाम

Published

on

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 159 करोड़ रुपए मूल्य की 23 अटैच की गई अचल संपत्तियों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। ईडी के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उनसे संबंधित संस्थाओं के खिलाफ की है।

ईडी के अनुसार, नोहेरा शेख और उनकी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान यह सामने आया था कि उन्होंने निवेशकों को सालाना 36 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का लालच देकर देशभर के लोगों से 5,978 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई थी। हालांकि बाद में निवेशकों को उनकी मूल राशि तक वापस नहीं मिल सकी, जिससे हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई।

प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में 19 जून को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से इन संपत्तियों की नीलामी कराई गई। नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से आयोजित की गई, ताकि अधिकतम मूल्य प्राप्त किया जा सके।

ईडी द्वारा नीलाम की गई संपत्तियां उन परिसंपत्तियों में शामिल हैं जिन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अटैच किया गया था। जांच में इन्हें अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से खरीदी गई संपत्ति के रूप में चिन्हित किया गया था। पीएमएलए की निर्णायक प्राधिकरण (एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी) ने भी इन संपत्तियों की जब्ती की पुष्टि की थी।

एजेंसी ने कहा कि नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग वास्तविक निवेशकों और पीड़ितों को मुआवजा देने तथा उनका पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और निर्देशों के तहत संचालित होगी।

जांच के दौरान नोहेरा शेख पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप भी लगा। इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 7 मई 2026 को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। ईडी ने 21 मई 2026 को उन्हें गुरुग्राम से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ईडी ने उनकी निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ अबीदा को भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि वह अपराध से अर्जित धन के प्रबंधन और संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया में बाधा डालने में शामिल थी। फिलहाल वह भी न्यायिक हिरासत में है।

ईडी ने कहा कि निवेशकों को उनका धन वापस दिलाने और अपराध से अर्जित संपत्तियों के प्रभावी परिसमापन के लिए आगे की जांच जारी है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

मुंबई में बीईएसटी की हड़ताल जारी… नीट परीक्षा केंद्रों के लिए अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी, हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Published

on

मुंबई में बीईएसटी बस हड़ताल की वजह से दूसरे दिन भी पैसेंजर फंसे रहे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट हड़ताल की वजह से प्राइवेट गाड़ियों, ऑटोरिक्शा और टैक्सियों की चांदी हो गई है। पैसेंजर से दोगुना किराया वसूलने की शिकायतें भी मिली हैं। इस बीच, बीईएसटी एडमिनिस्ट्रेशन ने एक प्रेस रिलीज़ में दावा किया है कि पैसेंजर सर्विस पक्का करने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। एडमिनिस्ट्रेशन हड़ताल के बीच बीईएसटी कामगार समिति की बुलाई गई हड़ताल पर नज़र रखे हुए है और पैसेंजर को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए हैं। 20 जून को हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को मेमसा (महाराष्ट्र एसेंशियल सर्विसेज़ मेंटेनेंस एक्ट) के तहत नोटिस दिए गए थे, और मेमसा के तहत नोटिस भी भेजे गए हैं। इसके साथ ही, कुलियों से भी कॉन्टैक्ट किया गया है। जो हालात बने हैं, उन्हें देखते हुए महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट को 100 और बसों का इंतज़ाम करने का आदेश दिया गया है ताकि पैसेंजर को किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा, नीट एग्जाम के 63 एग्जामिनेशन सेंटर स्टूडेंट्स को बेस्ट सर्विस पक्का करेंगे ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो। मुंबई में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक 60 एक्स्ट्रा बसों का इंतज़ाम किया गया है और इस बारे में डिपो मैनेजरों को ऑर्डर दे दिए गए हैं। हड़ताल से पावर सप्लाई डिपार्टमेंट पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी और उसकी ज़रूरी पावर सर्विस ठीक से काम कर रही हैं। यात्रियों को बिना रुकावट, सुरक्षित और भरोसेमंद सर्विस देना सबसे ज़रूरी है, और इसके हिसाब से सभी मुमकिन कदम उठाए जा रहे हैं। हड़ताल की वजह से मुंबई में अफ़रा-तफ़री मची हुई है। सड़कों पर बसें नहीं चल रही हैं।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र8 hours ago

मुंबई: बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, सरकार से तत्काल वार्ता की मांग

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

हीरा ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, ईडी ने 159 करोड़ रुपए की संपत्तियां की नीलाम

महाराष्ट्र9 hours ago

मुंबई में बीईएसटी की हड़ताल जारी… नीट परीक्षा केंद्रों के लिए अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी, हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र9 hours ago

परभणी: महाराष्ट्र एटीएस ने यूथ इस्लामिक फेडरेशन और पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर कार्रवाई की 15 जगहों पर छापेमारी की गई

राष्ट्रीय समाचार9 hours ago

नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में जांच पूरी, एसआईटी ने डेढ़ हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में की दाखिल

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत ने एलपीजी आयात के स्रोत बढ़ाए, तेल कंपनियों को हुआ करीब 22,000 करोड़ रुपए का नुकसान

खेल11 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप: पैराग्वे ने 1-0 से दर्ज की जीत, हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर तुर्किये

मनोरंजन11 hours ago

‘मैंने भविष्यवाणी की थी’, स्कॉटलैंड पर मोरक्को की जीत का नोरा फतेही ने मनाया जश्न

अंतरराष्ट्रीय समाचार11 hours ago

सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर किया हमला , 5 की मौत

व्यापार11 hours ago

फोनपे वॉलेट इनएक्टिविटी नोटिफिकेशन: यूजर्स के लिए क्या जानना है जरूरी?

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदल गया, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

राजनीति3 weeks ago

मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

व्यापार1 week ago

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

राजनीति2 weeks ago

कर्नाटक: देवेगौड़ा के राज्यसभा नामांकन मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 week ago

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

अपराध4 weeks ago

अग्रीपारा के हाई-प्रोफाइल घर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, आरोपियों की जांच, कथित बांग्लादेशी पर भी शक, 51 करोड़ रुपये की एमडी जब्त

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्‍बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

महाराष्ट्र3 weeks ago

भाजपा सरकार मुसलमानों और विपक्ष को निशाना बना रही है, कानून से सज़ा देने के बजाय बुलडोज़र और एनकाउंटर चला रही है: अबू आसिम आज़मी

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

अंतहीन प्रक्र‍िया की ओर बढ़ रहा ईरान-अमेरिका समझौता, दोनों देश नई शर्तों के साथ कर रहे संशोधन की तैयारी

रुझान