खेल
‘मोदीजी से बात करने के बाद उसने एक और पदक जीता’: मनु भाकर के पिता ने पेरिस 2024 ओलंपिक में बेटी के दूसरे कांस्य पदक के लिए पीएम को दिया श्रेय।
मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने मंगलवार को पेरिस 2024 ओलंपिक में अपना दूसरा पदक जीतने के बाद अपनी बेटी से बात करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।
मनु भाकर ने स्वतंत्रता के बाद खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनकर इतिहास रच दिया। भाकर ने कुछ दिन पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था और इसके बाद उन्होंने हमवतन सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और समान रंग का पदक जीता।
पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते भाकर के पहले पदक के बाद उनसे फोन पर बात की थी और मंगलवार को सोशल मीडिया पर भारतीय जोड़ी को बधाई दी।
22 वर्षीय मनु के पिता ने ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय एथलीटों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री को श्रेय दिया।
हम सभी खुश हैं कि इससे बड़ी कोई उपलब्धि नहीं है। मनु को खेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री मोदी से जिस तरह का समर्थन मिला है, उसने उसे अच्छा खेलने के लिए प्रोत्साहित किया है।
रामकिशन ने पत्रकारों से कहा, “जब प्रधानमंत्री मोदी किसी बच्चे से बात करते हैं, तो उनमें 80 प्रतिशत ऊर्जा का संचार हो जाता है। आप देख सकते हैं कि मोदीजी से बात करने के बाद मनु ने एक और पदक जीता है।” ये पत्रकार समारोह की झलक पाने और मनु के परिवार से बात करने के लिए भाकर के निवास पर एकत्र हुए थे।
मनु भाकर की हालिया सफलता से पहले, ब्रिटिश-भारतीय एथलीट नॉर्मन प्रिचर्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ में दो रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। हालांकि, यह उपलब्धि स्वतंत्रता-पूर्व युग में हुई थी। मंगलवार को मनु भाकर का कांस्य पदक भारत में महिला खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उनकी टीम के साथी सरबजोत सिंह के लिए भी एक तरह से मोचन है, जो पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए थे। सरबजोत शनिवार को 577 के स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहे थे।
खेल
वर्ल्ड कप फाइनल में हार के बाद लियोनेल मेसी ने दर्द बयां किया, बोले-दर्द गहरा है, इस घाव को भरने में समय लगेगा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले में स्पेन से 1-0 से अर्जेंटीना की हार को लेकर लियोनेल मेसी ने दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार से उबरने में अर्जेंटीना की टीम को सिर्फ वक्त ही मदद करेगा।
इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले लियोनेल मेसी खिताब जीतने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फेरान टोरेस के एक्स्ट्रा-टाइम गोल ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फेरान टोरेस के गोल ने स्पेन की जीत में अहम भूमिका निभाई, जिससे अर्जेंटीना खिताबी मुकाबले में हार गई। 39 वर्षीय मेसी के 2030 में होने वाले अगले वर्ल्ड कप में खेलने की उम्मीद नहीं है, हालांकि उन्होंने अभी तक संन्यास लेने की कोई योजना घोषित नहीं की है।
मेसी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दर्द बहुत गहरा है और इस घाव को भरने में समय लगेगा। लेकिन मैं उन सभी अच्छी यादों को भी संजोकर रखूंगा।” उन्होंने आगे लिखा, “वे मैच जिन्हें हमने अपनी पूरी ताकत लगाकर पलटा, वे पल जो हमेशा हमारी यादों में रहेंगे और पूरे देश का समर्थन, जिसने इस ग्रुप की कड़ी मेहनत और कोशिशों के साथ मिलकर हमें एक बार फिर दुनिया की बेहतरीन टीमों में शामिल किया।”
अर्जेंटीना ने ग्रुप स्टेज आसानी से पार किया और फिर फाइनल में पहुंचने के लिए अपने अगले चार नॉकआउट मैचों में देर से किए गए गोलों के दम पर जीत हासिल की। मेसी ने टूर्नामेंट का समापन आठ गोल और चार असिस्ट के साथ किया और कुछ लोगों का मानना था कि टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का ‘गोल्डन बॉल’ अवॉर्ड न जीत पाना उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा।
बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व स्टार खिलाड़ी ने अपने साथियों की तारीफ की और टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा, “अभी हमारी उपलब्धि की पूरी तरह से सराहना करना मुश्किल है, लेकिन यह ग्रुप लगातार दो वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा।” “हर शुभकामना और संदेश के लिए दिल से धन्यवाद। एक बार फिर, हम एक देश के तौर पर एकजुट हुए और साथ खड़े रहे, अर्जेंटीना होने का गर्व महसूस किया। मैं चैंपियनशिप जीतने पर स्पेन को भी बधाई देना चाहता हूं।”
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फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल मैच खत्म होने के बाद भिड़े स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी, मैदान पर हुई मारपीट

स्पेन ने फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे से भिड़ गए। अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस हार के बाद खुद पर काबू नहीं रख सके और वह स्पेन के खिलाड़ियों संग मारपीट करते हुए दिखाई दिए।
फाइनल मैच की आखिरी सीटी बजने के बाद अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना ने स्पेन के एक खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। वहीं, मिडफील्डर पेरेडेस को स्पेन के एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का देते हुए देखा गया, जिसके बाद अर्जेंटीना के हेड कोच स्कालोनी ने बीच-बचाव किया।
गार्सिया के साथ हुई झड़प के अलावा, पेरेडेस ने गावी को जमीन पर गिरा दिया, उनके चेहरे पर हाथ रखकर उन्हें धक्का दिया और ऐसा लगा कि उन्होंने 21 वर्षीय बार्सिलोना मिडफील्डर की ओर अपना बूट (जूता) भी मारा। उसी समय, मोलिना ने रोड्री पर मुक्का चलाने की कोशिश की, जिससे स्पेनिश कप्तान रुक गए और गुस्से में अर्जेंटीना के डिफेंडर का सामना किया।
इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी एलन शियरर ने ‘बीबीसी’ पर कहा, “पेरेडेस ने किसी के चेहरे पर दो-तीन जोरदार मुक्के मारे। वह उन पर हमला करने के इरादे से गए थे। ऐसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। हम जानते हैं कि यह उनके लिए कितना मायने रखता है और हारना कितना दुखद होता है, लेकिन हारने का भी एक तरीका होता है। हमने अर्जेंटीना की ओर से ऐसा कई बार देखा है। फाइनल विसल के बाद का उनका रिएक्शन बहुत बुरा है।”
अर्जेंटीना पर एक और शर्मनाक हरकत का आरोप भी लगा, जब वर्ल्ड चैंपियन स्पेनिश खिलाड़ी अपने वर्ल्ड कप मेडल ले रहे थे, तो अर्जेंटीना के खिलाड़ी उनकी तरफ पीठ करके खड़े हो गए। ‘टॉकस्पोर्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, जब स्पेनिश खिलाड़ी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी ट्रॉफी ले रहे थे, तब इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी स्टुअर्ट पियर्स अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को देख रहे थे। पियर्स ने कहा, “जब स्पेन अपनी ट्रॉफी उठाने वाला था, तो अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी ट्रॉफी उठाने के समारोह की तरफ पीठ करके खड़े हो गए थे।”
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वर्ल्ड चैंपियन बनने के साथ मालामाल हुआ स्पेन, अर्जेंटीना पर भी हुई पैसों की बारिश

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन ने इस जीत के साथ ही दूसरी बार विश्व कप के खिताब को अपने नाम किया। चैंपियन बनने के बाद स्पेन पर जमकर पैसों की बरसात हुई है।
स्पेन को फीफा विश्व कप का खिताब जीतने के बाद 50 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में लगभग 480 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली। पिछले वर्ल्ड कप में इनामी राशि 42 मिलियन डॉलर थी, और इस बार प्राइज मनी को 8 मिलियन डॉलर बढ़ाया गया था। वहीं, फाइनल में हार का सामना करने के बावजूद अर्जेंटीना को भी 33 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में लगभग 318 करोड़ रुपये) दिए गए।
विश्व कप में फ्रांस को हराकर तीसरे स्थान पर रहने वाली इंग्लैंड टीम को 29 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में 279 करोड़ रुपये), तो चौथे स्थान पर रही फ्रांस को 27 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में 260 करोड़ रुपये) मिले। क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली हर टीम को 19 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में 183 करोड़ रुपये) मिले। वहीं, राउंड ऑफ 16 में ही टूर्नामेंट से बाहर होने वाली टीमों को 15 मिलियन डॉलर (भारतीय करेंसी में 144 करोड़ रुपये) दिए गए।
स्पेन ने फाइनल मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया। निर्धारित 90 मिनट में दोनों टीमों की ओर से कोई भी गोल नहीं हो सका। इसके बाद मैच अतिरिक्त समय में पहुंचा, जहां स्पेन के खिलाड़ी फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में मैच का एकमात्र गोल दागते हुए स्पेन को दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया। स्पेन ने 16 साल बाद विश्व कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया है।
इससे पहले, टीम ने साल 2010 में यह खिताब जीता था। स्पेन का डिफेंस पूरे टूर्नामेंट में बेहद मजबूत नजर आया और टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सिर्फ एक गोल खाया। स्पेन के मिडफील्डर रोड्रि टूर्नामेंट के बेस्ट खिलाड़ी चुने गए और उन्होंने ‘गोल्डन बॉल’ को अपने नाम किया।
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