राष्ट्रीय समाचार
मणिपुर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो उग्रवादी ढेर, दो अन्य घायल
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के कम से कम दो उग्रवादी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना और असम राइफल्स ने पहाड़ी चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप सब-डिविजन के तहत फाइबोंग गांव में उग्रवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी कैंप पर नजर रखी और घेराबंदी शुरू की, तभी कैंप के सदस्यों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और सैनिकों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी में कैंप के दो सदस्य मारे गए और दो घायल हो गए। कैंप की तलाशी में विदेश में बनी दो एमए राइफल (5.56 एमएम) एक एके-56 राइफल (7.62 एमएम) एक लाथोड गन (40 एमएम) सात लाथोड ग्रेनेड, 15 एके मैगजीन, 371 एके-56 राउंड, 601 एमए राइफल राउंड, 172 एसएलआर राउंड, 15 कॉम्बैट यूनिफॉर्म, 7 गोला-बारूद पाउच, 5 बैकपैक, 3 कॉम्बैट बैग और 5 जोड़ी जंगल शूज बरामद हुए।
इस बीच, आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चल रहा है। अलग-अलग ऑपरेशनों में, खास खुफिया जानकारी के आधार पर स्पीयर कॉर्प्स की टुकड़ियों ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर दक्षिणी असम के जिरीबाम में 20 किलोग्राम के तीन इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए। इन विस्फोटक उपकरणों को नष्ट कर दिया गया, जिससे जानमाल के बड़े खतरे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया।
रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि यह संयुक्त ऑपरेशन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए समर्पित सुरक्षा बलों की अटूट सतर्कता, ऑपरेशन के लिए तैयारी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल को दर्शाता है।
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हाल ही में प्रतिबंधित यूकेएनए उग्रवादी संगठन के स्वयंभू प्रमुख को चुराचांदपुर जिले से गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ के आधार पर भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित यूकेएनए के स्वयंभू प्रमुख, जिसकी पहचान आरसी सिंगसन के तौर पर हुई है। उसे चुराचांदपुर जिले के ओल्ड गेलमोल गांव से गिरफ्तार किया गया। यह जिला मिजोरम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा और म्यांमार के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार उग्रवादी नेता से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने उसी जिले के थिंगचावम गांव के जंगली इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और संचार उपकरण बरामद किए।
जब्त किए गए हथियारों में मैगजीन के साथ एक एके-47 राइफल, मैगज़ीन के साथ एक 9 एमएम पिस्तौल, तीन इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और दो बाओफेंग रेडियो कम्युनिकेशन सेट शामिल हैं।
राजनीति
राज्यसभा की ‘तीन’ से ‘403’ तक पहुंची सपा की नजर, अखिलेश के पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल, राजभर ने कसा तंज

उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के एक संक्षिप्त सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रदेश की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” राजनीतिक हलकों में उनके इस संदेश को राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश के इस संकेत से माना जा रहा है कि सपा राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। पार्टी पहले ही दो प्रत्याशियों-धनराज लखवानी और प्रो. रामगोपाल यादव को मैदान में उतार चुकी है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार की संभावित दावेदारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर अखिलेश के एक्स पोस्ट ने काफी हद तक विराम लगाने का संकेत दिया है।
विश्लेषक कहते हैं कि अखिलेश यादव ने अपने संदेश में राज्यसभा की ‘तीन’ सीटों के बजाय विधानसभा की ‘403’ सीटों को लक्ष्य बताते हुए पार्टी की प्राथमिकता का राजनीतिक संकेत भी दिया है। इसे सपा की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अखिलेश के पोस्ट पर सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तत्काल तंज कसा।
ओम राजभर ने एक्स पर लिखा, ”मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय टांय फिस्स! वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। जैसे आज किया। रही बात 403 की तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।”
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत है। मौजूदा विधानसभा में प्रभावी संख्या 396 मानी जा रही है। सपा के पास अपने विधायकों के साथ कांग्रेस के संभावित समर्थन को जोड़ने पर दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या मौजूद है। सपा के सामने असली चुनौती तीसरी सीट को लेकर थी। तीन प्रत्याशियों को जिताने के लिए 111 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती।
दो सीटों के लिए 74 वोट खर्च होने के बाद पार्टी के पास सीमित अतिरिक्त मत बचते हैं। ऐसे में तीसरी सीट के लिए उसे करीब 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ती। यही वजह है कि तीसरे उम्मीदवार की स्थिति शुरू से ही सपा के लिए आसान नहीं मानी जा रही थी।
इसके अलावा पार्टी के कुछ विधायकों के पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने का रिकॉर्ड भी सपा की चिंता बढ़ाता है। दूसरी ओर, भाजपा के अपने 255 विधायकों के अलावा अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। तीन निर्दलीय तथा जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो विधायकों के समर्थन को भी भाजपा के पक्ष में माना जा रहा है।
इस गणित से भाजपा खेमे के पास करीब 293 विधायकों का समर्थन बैठता है, जबकि आठ सीटों पर जीत के लिए 296 मतों की जरूरत होगी। ऐसे में आठवीं सीट के लिए भाजपा को कुछ अतिरिक्त समर्थन जुटाना पड़ सकता है।
राष्ट्रीय समाचार
नोएडा में आईवरी काउंटी पर 50 लाख रुपए का पर्यावरणीय जुर्माना, निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां

शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सेक्टर-115 स्थित आईवरी काउंटी (एम्बाइंसी प्राइवेट लिमिटेड) पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामले में 50 लाख रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाए जाने की संस्तुति की गई है। परियोजना में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कई व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।
निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर धूल उड़ती हुई पाई गई, जबकि एंटी स्मॉग गन भी बंद मिलीं। यूपीपीसीबीबी के क्षेत्रीय कार्यालय नोएडा की ओर से मुख्य पर्यावरण अधिकारी (वृत्त-1), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक 5 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-116 स्थित सीएएक्यूएम स्टेशन के आसपास सघन निरीक्षण किया गया। पिछले करीब चार दिनों से इस क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़ने के कारण प्रदूषण के संभावित स्रोतों की जांच की जा रही थी।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-116 स्थित सीएएक्यूएम स्टेशन से करीब 750 मीटर दूर सेक्टर-115 के प्लॉट नंबर जीएच -01 पर आईवरी काउंटी परियोजना में निर्माण कार्य जारी मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि निरीक्षण के समय परियोजना की ओर से विनोद कुमार सहानी, डीजीएम प्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे। निरीक्षण टीम ने निर्माण कार्य से जुड़ी कई गंभीर कमियां दर्ज कीं। रिपोर्ट के अनुसार परियोजना परिसर के चारों ओर मानकों के अनुरूप विंडब्रेकिंग वॉल स्थापित नहीं मिली। निर्माणाधीन इमारतों पर आवश्यक ग्रीन नेट कवर भी नहीं पाया गया।
इसके अलावा स्प्रे गन के माध्यम से खुले में पेंट का काम किया जा रहा था। निरीक्षण में निर्माण सामग्री, मिट्टी और सीएंडडी वेस्ट को खुले में रखा पाया गया। इन सामग्रियों को ढकने और नियमित पानी का छिड़काव करने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। हवा चलने पर खुले में रखी सामग्री से धूल उड़ती हुई पाई गई। निर्माणाधीन परिसर और अंदरूनी मार्गों पर भी बड़ी मात्रा में धूल जमा मिली। वाहनों के आवागमन के कारण धूल का उत्सर्जन हो रहा था, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान परियोजना परिसर में दो एंटी स्मॉग गन स्थापित मिलीं, लेकिन दोनों कार्यरत अवस्था में नहीं थीं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन मशीनों की स्थापना मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। परियोजना परिसर के अंदर और बाहर वाहनों की आवाजाही से अत्यधिक धूल उड़ रही थी। इसके अलावा परियोजना के मुख्य गेट पर टायर वॉशिंग सिस्टम भी स्थापित नहीं मिला। यूपीपीसीबी के निरीक्षण में पाया गया कि परियोजना की ओर से वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्र व राज्य सरकार, सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का पर्याप्त अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
रिपोर्ट में सेक्टर-116 के सीएएक्यूएम स्टेशन के एक्यूआई बढ़ने में परियोजना को एक प्रमुख कारक भी बताया गया है। क्षेत्रीय अधिकारी ऋतेश कुमार तिवारी की ओर से यह निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य पर्यावरण अधिकारी को अग्रिम आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट की प्रतिलिपि गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी तथा नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक/नोडल पर्यावरण अधिकारी को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
राष्ट्रीय समाचार
जंतर-मंतर 2.0 को समर्थन देने वाले संगठनों के नेताओं की जल्द हो सकती है गिरफ्तारी: सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने सूत्रों के हवाले से आशंका जताई है कि आंदोलन का समर्थन कर रहे विभिन्न संगठनों के नेताओं को जल्द ही कथित तौर पर झूठे मामलों में गिरफ्तार किया जा सकता है। भारद्वाज ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति सामने आती है तो भी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हर हाल में जारी रखा जाना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज के इस बयान के बाद जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने आंदोलन से जुड़े नेताओं और संगठनों से संभावित गिरफ्तारियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही वैकल्पिक नेतृत्व तैयार रखने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी एक नेता की गिरफ्तारी की स्थिति में आंदोलन की गतिविधियां रुकनी नहीं चाहिए और संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां संभालने के लिए दूसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार रहना जरूरी है।
भारद्वाज ने आंदोलन से जुड़े संगठनों के बीच संचार व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्लान-बी फॉर कम्युनिकेशन तैयार किया जाना चाहिए। इसके तहत ऐसी वैकल्पिक संचार व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके माध्यम से किसी भी विपरीत परिस्थिति में आंदोलन से जुड़े नेताओं, संगठनों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संपर्क बना रहे।
उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की ताकत केवल उसके नेतृत्व में नहीं होती, बल्कि उससे जुड़े लोगों की सामूहिक भागीदारी और उद्देश्य में होती है। इसी बात पर जोर देते हुए भारद्वाज ने कहा, “यह आंदोलन किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक पार्टी से बड़ा है।” उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों से अपील की कि वे किसी भी दबाव या संभावित कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें।
सौरभ भारद्वाज ने विशेष रूप से 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। उन्होंने आंदोलन से जुड़े संगठनों से संभावित परिस्थितियों के लिए पहले से रणनीति तैयार करने और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि कुछ प्रमुख नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, तब भी आंदोलन की निरंतरता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
