राजनीति
सिंधिया ने दुश्मनों से हाथ मिलाया : दिग्विजय
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर एक बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस छोड़ने वाले सिंधिया ने अपने दुश्मनों से हाथ मिला लिया।
दिग्विजय सिंह मंगलवार केा शिवपुरी के प्रवास पर थे। देर शर्मा को उन्होंने यहां संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि “जिस पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्या-क्या नहीं कहा। उनको लोकसभा चुनाव हराया और हारने के बाद उसी पार्टी में चले गए, जिसने उन्हें हराया। यह तो दुश्मन से हाथ मिलाना हो गया। आज तक मैं इस बारे में समझ नहीं पाया हूं। जिस दुश्मन से आप लड़ रहे हो और आप उसी के पाले में जाकर बैठ जाओ। मुझे उनसे यह उम्मीद नहीं थी।”
शिवपुरी दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को रन्नौद में भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ नारे लगाए और काफिले को रोकने के प्रयास किया। पूर्व मुख्यमंत्री खोड़ गांव में प्रोफेसर ए पी एस चौहान के निधन पर शोक जताने गए थे।
महाराष्ट्र
मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

मुंबई: मुंबई में दंडोशी पूजा समारोह में जय श्री राम गाना बजाने पर आपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद अब हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। विवाद कल रात तब शुरू हुआ जब यहां गाने पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। आधी रात को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उन पर दंगा भड़काने का आरोप है। कल रात दो समुदायों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया, जिस पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और 12 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है। दंडोशी के संतोष नगर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात शांतिपूर्ण हैं लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। इस घटना के बाद BMC ने भी कार्रवाई की और BMC ने यहां आरोपियों की अवैध बनी दुकान पर बुलडोजर चला दिया है, जिससे अब सवाल उठ रहा है कि क्या फैसला बुलडोजर से होगा। यूपी के बाद अब महाराष्ट्र में भी बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है। डीसीपी महेश चामटे ने कहा कि दंडोशी में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस घटना के बाद दंडोशी में एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है क्योंकि आज बीएमसी ने भी कार्रवाई की है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस घटना के बाद इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है।
मुंबई प्रेस एक्सक्लूसिव न्यूज
मुंबई: कुर्ला से अपने बेटे की गिरफ्तारी पर हम्माद सिद्दीकी के पिता ने गुहार लगाई, “मेरा बेटा बेकसूर है, एजेंसियों को उस पर रहम करना चाहिए।”

मुंबई और दिल्ली को दहलाने की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार हम्माद के पिता जलालुद्दीन सिद्दीकी ने उसे बेगुनाह बताते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि हम्माद अपने मोबाइल फ़ोन पर एक्टिव ज़रूर था। लेकिन वह ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता। वह अपने फ़ोन पर एक गेमिंग ऐप पर एक्टिव था। 18 साल का हम्माद अपने माता-पिता और भाइयों के साथ कुर्ला स्टेशन के पास एक पुरानी बिल्डिंग में रहता था। जलालुद्दीन सिद्दीकी ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई है कि उनका बेटा सोशल मीडिया पर किसके और किस ग्रुप के संपर्क में था। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह फ़ोन पर संपर्क में था, लेकिन वह बेगुनाह है। मेरा दुबला-पतला, कमज़ोर, कमज़ोर बच्चा हर बुराई से दूर रहा। वह अपने मोबाइल फ़ोन के ज़रिए भी बुराई की ओर झुक सकता है। अगर इसमें कोई गलती हुई है, तो उसे माफ़ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हम्माद ने कभी पुलिस स्टेशन का मुँह भी नहीं देखा। पिता ने रोते हुए कहा कि मेरे बच्चे की सुरक्षा की जाए और पुलिस और एजेंसियों को मेरे बच्चे पर रहम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे कोर्ट पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है। मेरा बेटा अकेले मुंबई नहीं जा सकता, तो वह दिल्ली या किसी दूसरे राज्य में कैसे जा सकता है? उसकी गिरफ्तारी की खबर ने हमें हिलाकर रख दिया है। मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई है। मैं दिहाड़ी मज़दूरी करता हूँ और मेरे पास अपने बेटे की कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए वह प्राइवेट एग्जाम देने की कोशिश कर रहा था। मेरा बेटा पढ़ाई में अच्छा था और वह पढ़कर वकील और जज बनकर देश की सेवा करना चाहता था, लेकिन बदकिस्मती से उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। कुर्ला से हम्माद की गिरफ्तारी से सनसनी फैल गई है। हम्माद सोशल मीडिया पर टच में था और जिहादी चैट और ग्रुप में हिस्सा लेता था। यह आरोप ATS और दिल्ली स्पेशल सेल ने लगाया है, जबकि पिता ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। फिलहाल, हम्माद NIA के खिलौना बम ब्लास्ट केस में रिमांड पर है और इसी केस में कल्याण से मशीद अहमद को भी गिरफ्तार किया गया है।
राजनीति
बारामती उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे की इस शर्त से बढ़ी सियासी हलचल

पुणे, 6 अप्रैल : बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक नए मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार और वकील आकाश मोरे ने साफ कह दिया है कि वह अपना नामांकन तभी वापस लेंगे, जब महाराष्ट्र सरकार अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा केवल संयोग नहीं था और सच सामने लाना बेहद जरूरी है।
आकाश मोरे ने कहा, “हम यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए लड़ रहे हैं। अगर सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज करती है और गंभीर जांच करती है, तभी मैं अपना नामांकन वापस लेने पर विचार करूंगा।”
आकाश मोरे पेशे से वकील हैं और उनकी एक राजनीतिक विरासत है। उनके पिता 2014 में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को इतने बड़े नेता की मौत को गंभीरता से लेना चाहिए। मोरे ने कहा, “बारामती और महाराष्ट्र के ‘कर्तापुरुष’ चले गए। सवाल यह है कि आखिर एफआईआर क्यों नहीं हुई या जांच क्यों नहीं हुई? हमने अजित दादा का राजनीतिक विरोध किया, ये हो सकता है, लेकिन राज्य के विकास के मामले में उनके साथ खड़े रहे। अगर कोई बड़ा नेता हादसे में मर जाए और एफआईआर दर्ज न हो, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।”
उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी इस रुख से सहमत हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे की शर्त पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा, “अजित दादा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी जांच की मांग की थी। इसलिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन यह प्रक्रिया कहां अटकी? रोहित पवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए महाराष्ट्र भर में दौड़ लगानी पड़ी और आखिरकार यह एफआईआर केवल कर्नाटक में हुई। क्या यही संवेदनशीलता है? हमारी मांग है कि एफआईआर महाराष्ट्र, खासकर बरामती में दर्ज हो तभी हम निर्णय करेंगे।”
अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे सोमवार को कांग्रेस की तरफ से नामांकन दाखिल करेंगे। इस पर काफी चर्चा और आलोचना हो रही है। कई लोग पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए सुझाव दे रहे हैं कि कांग्रेस को इस चुनाव में निर्विरोध मतदान होने देना चाहिए। क्या नांदेड में वसंतराव चव्हाण की मृत्यु के बाद चुनाव नहीं हुए थे? क्या भरत भालके के निधन के बाद मंगलवेढा में चुनाव नहीं हुए थे? ऐसे अनगिनत उदाहरण दिए जा सकते हैं जहां भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति की है।”
कांग्रेस के इस कदम ने निर्विरोध चुनाव की संभावना को रोक दिया है। पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के समर्थन से सुनेत्रा पवार बिना मुकाबले चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन कांग्रेस द्वारा आकाश मोरे को मैदान में उतारे जाने के फैसले ने सबको चौंका दिया और अब नामकंन वापस लेने के लिए ये मांग रखी है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पहले कोशिश की कि चुनाव बिना मुकाबले हो, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतारकर खेल बदल दिया। जैसे-जैसे नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, सबकी नजरें अब महायुति सरकार पर हैं कि वह इस मांग का क्या जवाब देती है। इस बीच, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बारामती के लोगों से अपील की है कि सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड बहुमत से चुने।
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