अंतरराष्ट्रीय
ईरान संघर्ष में 140 अमेरिकी सैनिक घायल: पेंटागन
वाशिंगटन, 11 मार्च : अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को लेकर पेंटागन ने बड़ी जानकारी दी। पेंटागन ने बताया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़े लगातार हमलों के पहले 10 दिनों के दौरान लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। सीनेट के डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में संघर्ष पर सार्वजनिक चर्चा की मांग की है।
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने जारी संघर्ष पर एक बयान में हताहतों के आंकड़े जारी किए। पार्नेल ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से लेकर अब तक, 10 दिनों के निरंतर हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
पार्नेल ने आगे कहा कि इनमें से अधिकांश चोटें मामूली हैं, और 108 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं। आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। पेंटागन ने चोटों की गंभीरता या हमलों के स्थान के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर, सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य जैक रीड और सीनेट विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ सदस्य जीन शाहीन ने सार्वजनिक चर्चा की मांग की है और ट्रंप प्रशासन से युद्ध के उद्देश्यों और दायरे के बारे में जवाब मांगा है।
अमेरिकी लॉमेकर्स ने लिखा कि लगातार बदलते लक्ष्य और स्पष्टीकरण यह दर्शाते हैं कि कोई स्पष्ट योजना नहीं है। इसके अलावा, इससे मिशन के विस्तार का खतरा बढ़ जाता है, जो इतिहास के आधार पर, संभवतः अमेरिकी सैनिकों की अधिक जानमाल की हानि और करदाताओं पर बढ़ते बोझ का कारण बनेगा। अमेरिकी जनता, जिसमें हमारे वर्दीधारी पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, वो संघर्ष के बारे में स्पष्ट उत्तर और आपके प्रशासन से जवाबदेही के हकदार हैं।
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में तीनों सांसदों ने कहा कि प्रशासन की रणनीति को लेकर कांग्रेस और जनता में अभी भी स्पष्टता नहीं है। पत्र में कहा गया है कि ग्यारह दिन पहले, अमेरिकी जनता ने अप्रत्याशित रूप से खुद को ईरान के साथ संघर्ष में पाया। तब से, इस संघर्ष को लेकर जनता की व्यापक चिंता के बावजूद, आपके प्रशासन ने इस युद्ध के लिए बदलते और कभी-कभी परस्पर विरोधी उद्देश्य बताए हैं, अमेरिकी अभियानों के दायरे या सफलता के मापदंडों को परिभाषित करने से इनकार कर दिया है, और एक स्पष्ट अंत योजना पेश करने में विफल रहा है।
लॉमेकर्स ने यह भी कहा कि प्रशासन सैन्य कार्रवाई से बने खतरों के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने लिखा कि ईरान पर अमेरिकी हमले शुरू करने के समय को नियंत्रित करने की आपकी स्वयं की स्वीकारोक्ति के बावजूद, आपका प्रशासन विदेशों में हमारे कर्मियों और संपत्तियों के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बने संभावित खतरों के लिए तैयार नहीं था। जिसकी वजह से ड्रोन और मिसाइलों से होटलों और हवाई अड्डों पर हमले के कारण हजारों अमेरिकी विदेशों में फंसे हुए हैं। राजनयिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। और दुखद रूप से, अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है।
लॉमेकर्स ने चेतावनी दी कि संघर्ष का आर्थिक प्रभाव अमेरिकी परिवारों पर पहले से ही महसूस किया जा रहा है। लॉमेकर्स के अनुसार, अमेरिका के संघर्ष को बढ़ाने के बाद से एक सप्ताह में गैस की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई हैं, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सहित प्रमुख कैबिनेट अधिकारियों को कांग्रेस के सामने गवाही देने की अनुमति दें।
लॉमेकर्स ने लिखा कि सार्वजनिक सुनवाई आपकी शपथ का पालन करने, कांग्रेस को सूचित करने और उन अमेरिकी लोगों को अपने कार्यों का स्पष्टीकरण देने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण पहला कदम होगा, जिनके बेटे-बेटियां इस संघर्ष के मोर्चे पर हैं।
बता दें कि यह संघर्ष फरवरी के अंत में अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद शुरू हुआ। वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मध्य पूर्व में सशस्त्र समूहों को समर्थन देने पर केंद्रित रहा है। इस तनाव के बढ़ने से वाशिंगटन और अमेरिका के सहयोगियों के बीच एक लंबे क्षेत्रीय संघर्ष के जोखिम और वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
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