खेल
बीसीसीआई में सबा करीम का पद खतरे में
दुनिया के बाकी खेल संस्थानों की तरह ही बीसीसीआई भी इस कोरोनावायरस महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही है। ऐसे में क्रिकेट संचालन के महानिदेशक पद पर काबिज पूर्व विकेटकीपर सबा करीम का पद खतरे में हैं क्योंकि बोर्ड में ऐसा विचार है कि वह ज्यादा योगदान नहीं दे रहे हैं।
इस मामले से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि करीम का पद खतरे में है क्योंकि ऐसे कई अनसुलझे मुद्दे हैं जो उनके कार्यक्षेत्र में आते हैं। इसलिए आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुश्किल फैसले लिए जा सकते हैं।
अधिकारी ने कहा, “यह काफी मुश्किल समय है और हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि इस समय आपको अलग हटकर सोचना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम इस महामारी में खेल को कम से कम क्षति के साथ निकालें। हम अधिकारियों के साथ कई तरह की चर्चा कर रहे हैं और अधिकारी भी अपने स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। हमने जिन मुद्दों पर चर्चा की और जो ध्यान देने लायक थे, उसके मुताबिक उनका योगदान अच्छा नहीं रहा है।”
उन्होंने कहा, “सिर्फ यही मुद्दा नहीं है। जब घरेलू कैलेंडर की बात आती है तो हमारे पास अभी तक कुछ ठोस नहीं है और हो सकता है कि हम देखें की हमारी टीम बर्बाद हुए समय की भरपाई करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दे। साथ ही उनकी टीम ने अतीत में जो मुद्दे उठाए थे, केवीपी राव ने अप्रेजल से मना कर दिया था, इन सभी बातों ने ज्यादा आत्मविश्वास नहीं जगाया। कई राज्य संघों ने भी उनके खराब व्यवहरा का मुद्दा उठाया है।”
अधिकारी ने कहा, “जहां तक राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की बात है तो अब यह राहुल द्रविड़ और केवीपी पर है, इन लोगों को वो जिम्मेदारियां दी गई हैं जो पहले सबा करीम के पास थीं। अंपायर अकादमी, जिसकी जिम्मेदारी सबा पर थी, वो खत्म हुए बराबर है। ऐसे में जब लोग दोगुना काम कर रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारियां ले रहे हैं, जो ऐसा नहीं कर रहे हैं उन्हें कुछ तो झेलना होगा क्योंकि लाश को कोई ढोना नहीं चाहता। अंतत: यह इस बात पर निर्भर है कि आप संगठन के लिए क्या करते हो न कि यह कि आपने संगठन से क्या लिया।”
उन्होंने कहा, “जहां तक पेशेवर रवैये की बात है तो मौजूदा अधिकारी इसे लेकर एक दम साफ हैं और जब भारतीय टीम के पूर्व कप्तान पर जिम्मेदारी हो तो आप जाहिर तौर पर इसकी उम्मीद करते हैं। जैसा कि आप पूरे विश्व में देख रहे होंगे कि चीजें काफी मुश्किल होती जा रही हैं। क्रिकेट आस्ट्रेलिया और ईसीबी ने कड़े फैसले लिए हैं। एक पेशेवर संस्था होने के नाते, हम पर अच्छा करने का दबाव है। हम चाहते हैं कि लोग हमारे काम के बारे में बात करें न कि वेतन के बारे में।”
मुद्दे पर आगे बोलते हुए अधिकारी ने कहा कि करीम के अंडर में आने वाली महिला टीम ने कई बार बोर्ड के सामने अपने मुद्दे रखे हैं।
उन्होंने कहा, “महिला टीम, सपोर्ट स्टाफ और महिला चयन समिति के निवर्तमान सदस्य ने कई बार उनके बुरे व्यवहार और दखल की शिकायत की है। हम समझते हैं कि वह पूर्व चयनकर्ता रह चुके हैं लेकिन उन्हें समझना होगा कि वह इस समय चयनकर्ता नहीं है और चयन संबंधी मुद्दों में दखलअंदाजी नहीं कर सकते।”
उन्होंने कहा, “यहां तक कि, एक शिकायत में (सीओए सदस्य द्वारा की गई) जो उनके खिलाफ थी, कहा गया था कि वह महिला टीम के संबंध में बीसीसीआई के संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ उनकी नियुक्ति को लेकर भी एक शिकायत थी जिसमें कर्मचारी ने कहा था कि वह पद के लिए उपयुक्त नहीं थे क्योंकि क्रिकेट संचालन के महानिदेशक पद के लिए स्नातक की डिग्री होना चाहिए जो कथित तौर पर उनके पास नहीं है।”
उन्होंने कहा, “एनसीए स्टाफ की जो भर्ती उनके मार्गदर्शन में की गई थी उसे लेकर भी कई गंभीर सवाल हैं। और कुछ लोगों का मानना है कि कुछ लोगों को लाने के लिए नियमों के साथ छेड़छाड़ की गई।”
वहीं अधिकारी ने कहा कि सीईओ राहुल जौहरी बेहतर करने में सफल रहे हैं और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो सीईओ राहुल जौहरी ने सबा को लेकर अपने काम में अच्छा संतुलन बनाया है और वह बिना किसी पक्षपात के, बीसीसीआई के भले के लिए मुद्दों को रख रहे हैं।”
बीसीसीआई ने अपनी तरफ से आईएएनएस से कहा कि खिलाड़ियों को कोविड-19 के वित्तीय प्रभाव से दूर रखा जाएगा।
खेल
ईरान वर्ल्ड कप 2026 के दौरान यात्राओं पर लगी रोक की फीफा से शिकायत करेगा

ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान सह-मेजबान अमेरिका द्वारा ईरान टीम पर लगाई गई यात्रा पाबंदियों पर निराशा जताई है। इस मामले पर गवर्निंग बॉडी ने फीफा में आधिकारिक तौर पर शिकायत करने का फैसला किया है।
ईरान के खिलाड़ियों को मैच से एक दिन पहले ही अमेरिका आने की इजाजत है। उन्हें अपने वीजा की शर्तों के तहत मैच वाले दिन ही देश छोड़ना होगा। ये शर्त ईरान के बेल्जियम खिलाफ होने वाले अगले मैच में घातक हो सकता है।
ईरान के फुटबॉल फेडरेशन ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, “हमारा मानना है कि इस तरह की पाबंदियां सभी हिस्सा लेने वाली टीमों को बराबर माहौल देने के नियम के खिलाफ हैं और टीमों की तैयारी की प्रक्रिया पर बुरा असर डाल सकती हैं। फेडरेशन आधिकारिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करेगा और सही तरीकों से फीफा में आधिकारिक तौर पर फीफा से शिकायत करेगा।”
फेडरेशन ने कहा, “इन दिक्कतों के बावजूद, ईरान की नेशनल टीम अपनी तैयारी जारी रखेगी और बेल्जियम के खिलाफ अपने आने वाले मैच पर पूरा फोकस रखेगी।”
इससे पहले, ईरान के कोच आमिर घालेनोई ने कहा था कि लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के साथ अपने शुरुआती गेम में 2-2 से ड्रॉ के बाद वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा दबाव में हैं।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में घालेनोई ने कहा था, हमारी टीम को अचानक बताया गया कि उन्हें लॉस एंजिल्स में मैच के तुरंत बाद मेक्सिको लौटना होगा। हमें प्लेन में बैठकर तिजुआना में अपने कैंप में लौटने के लिए कहा गया है, और हम इससे सच में परेशान हैं। वे हमें जल्दी वापस जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। वे हालात को और मुश्किल बना रहे हैं, और मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं, लेकिन हम इसे अपना बेस्ट करने से रोकने नहीं देंगे।”
कोच ने कहा था, “हमें गेम से दो रात पहले पहुंचना था, लेकिन हमें इसकी इजाजत नहीं थी। मुझे लगता है कि हमारी टीम पूरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा दबाव में है। हमारा फेडरेशन यहां नहीं है, हमारा मीडिया यहां नहीं है, हमारा मैनेजमेंट यहां नहीं है।”
खेल
फीफा वर्ल्ड कप में परफॉर्मेंस के बाद नोरा फतेही ने कहा, मैं खुशकिस्मत रही कि मुझे करियर में यादगार पल मिले

बॉलीवुड की डांसिंग दिवा नोरा फतेही ने कहा है कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें अपने करियर में कई यादगार पल देखने को मिले। फिर भी, फीफा वर्ल्ड कप में परफॉर्म करने जैसी बड़ी कामयाबी का जश्न अपने करीबी लोगों के साथ मनाने के इमोशनल अनुभव से किसी चीज की तुलना नहीं की जा सकती।
नोरा ने टोरंटो में दूसरे फीफा वर्ल्ड कप ओपनिंग सेरेमनी की कई तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें उनकी बहन, मां, भाई, हाई-स्कूल टीचर और दोस्त शामिल थे। मोरक्कन मूल की इस एक्ट्रेस ने वहां परफॉर्म किया था।
उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मैं आप लोगों के साथ यह शेयर करना चाहती थी। मैं एक दशक से ज़्यादा समय से परफ़ॉर्म कर रही हूं, मैं खुशकिस्मत रही हूं कि मुझे अपने करियर में कई बड़े पल मिले और मैंने उन्हें अपने कुछ पसंदीदा लोगों के साथ शेयर किया है!”
34 साल की डांसिंग दिवा ने कहा कि एक दशक से अधिक समय तक परफॉर्म करने के बाद, यह पहली बार था जब उनकी मां, भाई-बहन, बचपन के दोस्त, करीबी दोस्त और यहां तक कि उनके हाई-स्कूल के टीचर भी उन्हें लाइव परफॉर्म करते हुए देखने के लिए एक साथ आए थे।
नोरा फतेही ने कहा, “मेरा पूरा परिवार और मेरे करीबी लोग कभी भी एक साथ नहीं थे। यह पहली बार था जब मैंने अपनी परफॉर्मेंस खत्म की और अपने सभी करीबी लोगों को मुझे गले लगाने के लिए एक साथ इंतजार करते हुए पाया! यह सच में मेरे लिए एक इमोशनल पल था। मैं हमेशा अकेले काम पर जाती हूं और परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद घर चली जाती हूं, लेकिन इस बार कुछ अलग था। मेरे करीबी लोग पहली बार मुझे लाइव देखने के लिए इकट्ठा हुए और पहली बार मेरे साथ जश्न मनाया।”
नोरा ने कहा, “मैंने इस पल के लिए अपनी पूरी जिंदगी मेहनत की है। इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मेरी बहन, मेरी मां और मेरा भाई पहली बार वहां मौजूद थे! मेरे हाई-स्कूल टीचर, जो मेरे बहुत करीबी हैं, भी वहां मौजूद थे! मेरे बचपन के दोस्त और आज के करीबी दोस्त भी वहां थे! कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके वहाँ होने की मुझे चाहत थी, लेकिन मैं बहुत खुश और शुक्रगुजार हूं।”
खेल
‘टीम के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी’, डीआर कांगो के खिलाफ ड्रॉ के बाद रोनाल्डो ने किया पुर्तगाल का बचाव

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल फुटबॉल टीम की शुरुआत निराशाजनक हुई है। टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने टीम का बचाव किया है।
रोनाल्डो ने कहा कि डीआर कांगो के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पुर्तगाल टीम के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी। रोनाल्डो खुद इस मुकाबले में कोई गोल नहीं कर सके। रोनाल्डो के तीनों शॉट गोल पोस्ट से बाहर चले गए। रोनाल्डो ने मैच के बाद पुर्तगाल के ‘स्पोर्ट टीवी’ से एक छोटी बातचीत में कहा, “कुछ भी कमी नहीं थी, फुटबॉल ऐसा ही है। हम जीत भी सकते थे।”
अपने करियर के छठे वर्ल्ड कप के पहले मैच में रोनाल्डो का एक भी शॉट गोल पोस्ट में नहीं पहुंचा। यह दूसरी बार भी है जब उन्होंने वर्ल्ड कप मैच में 90 मिनट तक टारगेट पर कोई शॉट नहीं मारा। रोनाल्डो के करियर का यह 23वां वर्ल्ड कप मैच था। वह फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे नंबर पर आ गए हैं। रोनाल्डो पुर्तगाल की तरफ से 10 बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप और यूरो कप) खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 33 शॉट खेले हैं, जिसमें से 11 शॉट टारगेट पर पहुंचे हैं।
पुर्तगाल ने डीआर कांगो के खिलाफ 75 प्रतिशत से ज्यादा समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन टीम मुकाबले में दूसरा गोल करने में नाकाम रही। पुर्तगाल ने मैच में अपना पहला गोल छठे मिनट में किया। जोआओ नेवेस ने टीम के लिए पहला गोल दागा। हालांकि, फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में योआन वीसा ने डीआर कांगो की ओर से पहला गोल करते हुए स्कोर को पहले हाफ के अंत में बराबर कर दिया। इसके बाद डीआर कांगो के डिफेंस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने रोनाल्डो के खराब प्रदर्शन का बचाव किया। उन्होंने कहा, “जब आपको गोल की जरूरत हो, तो रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने का कोई मतलब नहीं है।” उन्होंने कहा कि रोनाल्डो डिफेंडर्स को अपनी ओर खींचने का काम करते हैं, जिसकी वजह से बाकी खिलाड़ियों को गोल करने के लिए जरूरी जगह मिल पाती है। पुर्तगाल अब अगले मुकाबले में मंगलवार को उज्बेकिस्तान से भिड़ेगा।
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