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एस जयशंकर की घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया यात्रा से भारत-अफ्रीका संबंधों को मिली नई गति

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की पांच दिवसीय यात्रा (6-10 अक्टूबर) से भारत के इन तीन अफ्रीकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिली है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक, कौशल विकास और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत और घाना ने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, जयशंकर ने घाना में राष्ट्रपति जॉन द्रामानी महामा से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की घाना यात्रा के बाद भारत-घाना साझेदारी में आई तेजी की समीक्षा की।

जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, दवा उद्योग, क्षमता निर्माण, रक्षा, प्रौद्योगिकी और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम अफ्रीका, पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय (इकोवास), अफ्रीकी संघ, संयुक्त राष्ट्र में सुधार और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

विदेश मंत्री ने घाना के आंतरिक मामलों, शिक्षा, मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि तथा पर्यटन, संस्कृति और रचनात्मक कला से जुड़े मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने वहां भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों से भी संवाद किया।

संयुक्त मीडिया वार्ता के दौरान जयशंकर ने क्षतिपूर्ति न्याय और सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी के मुद्दों पर घाना के नेतृत्व की सराहना की। घाना ने भारत की उस भूमिका को भी स्वीकार किया, जिसके तहत भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को समूह की स्थायी सदस्यता दिलाने में योगदान दिया गया।

जयशंकर और अबलाक्वा ने भारत के ‘एक पेड़ मां के नाम’ और घाना की ‘ट्री फॉर लाइफ’ पहल के समर्थन में विदेश मंत्रालय परिसर में प्लूमेरिया का पौधा लगाया। जयशंकर ने घाना फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट में ‘भारत, घाना और ग्लोबल साउथ’ विषय पर व्याख्यान भी दिया। उन्होंने क्वामे नक्रूमा मेमोरियल पार्क का दौरा किया और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के लिए घाना का स्वीकृति पत्र प्राप्त किया।

दोनों देशों ने दवा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र, खनन, रक्षा, रेलवे, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृषि मशीनीकरण, मूल्य संवर्धन, औद्योगीकरण और रोजगार सृजन को भविष्य में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया।

कोट डी आइवर में जयशंकर ने राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति मुर्मू तथा प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्रपति के साथ मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी के साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा औटारा के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ बैठक में दोनों देशों के संबंधों की व्यापक समीक्षा की गई।

भारत और कोट डी आइवर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.5 अरब डॉलर से अधिक है। दोनों पक्षों ने निवेश, स्थानीय विनिर्माण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए व्यापार को और बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, दवा उद्योग, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और क्षमता निर्माण को भी सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।

जयशंकर ने कोट डी आइवर में आईटीईसी कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस बातचीत में राष्ट्रीय शिक्षा, साक्षरता एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एन’गुएसान कोफी भी शामिल हुए। बैठक में कौशल विकास और प्रशिक्षण को दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की और देश के आर्थिक विकास तथा द्विपक्षीय मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

इथियोपिया में जयशंकर ने प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अबी अहमद को दोबारा निर्वाचित होने पर बधाई दी और प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी सौंपा।

जयशंकर ने इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियोन टिमोथेवोस के साथ व्यापक चर्चा की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, खनन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय घटनाक्रम और साझा हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।

विदेश मंत्री ने इथियोपिया के नेशनल पैलेस म्यूजियम, साइंस म्यूजियम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट का दौरा किया। उन्होंने अडवा विक्ट्री म्यूजियम में स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों तथा शिक्षाविदों को संबोधित किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने अफ्रीका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और समकालीन बहुपक्षीय सहयोग को आकार देने में ग्लोबल साउथ की सामूहिक भूमिका को रेखांकित किया।

इथियोपिया के साथ भारत की विकास साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए जयशंकर ने वहां जयपुर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का अगला संस्करण आयोजित करने की घोषणा की। वर्ष 2024 में इथियोपिया के अफार क्षेत्र में आयोजित शिविर से लगभग 450 लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए थे।

भारत ने इथियोपियाई अधिकारियों के लिए फॉरेंसिक विज्ञान, महिला एवं बाल विकास और मीडिया प्रशासन के क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की भी पेशकश की। इससे मानव संसाधन विकास और संस्थागत क्षमता निर्माण में दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अदीस अबाबा में जयशंकर ने अफ्रीका में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों के क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता भी की। सम्मेलन में अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत की साझेदारी को और मजबूत करने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इथियोपिया की यात्रा ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को नई गति दी। यह यात्रा दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया यात्रा और सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री अबी अहमद की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते उच्चस्तरीय संपर्कों की कड़ी है।

राष्ट्रीय समाचार

युवा संगम: उत्तराखंड के युवाओं ने जाना पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक वैभव

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युवा संगम के तहत एक राज्य के विद्यार्थियों और शिक्षकों को दूसरे राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल के अंतर्गत अब उत्तराखंड के छात्रों का एक दल पश्चिम बंगाल के दौरे पर है। यहां उत्तराखंड के युवाओं को पश्चिम बंगाल की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।

इस दौरान दल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। यहां युवाओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा और देश के विभिन्न राज्यों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की। यह दौरा केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से संचालित युवा संगम कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत विद्यार्थियों और शिक्षकों के दल के पश्चिम बंगाल पहुंचने के साथ हुई। यहां विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया और इसके बाद सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा अनुभव आधारित सीखने की गतिविधियां शुरू हुईं।

पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को करीब से देखने के लिए उत्तराखंड के दल ने 9 अक्टूबर को कोलकाता के प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का भ्रमण किया। हुगली नदी के किनारे स्थित प्रिंसेप घाट कोलकाता के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यहां युवाओं को शहर के ऐतिहासिक परिवेश, नदी के आसपास के सुंदर दृश्यों और जीवंत वातावरण को अनुभव करने का अवसर मिला। इस भ्रमण ने उनके दौरे को एक यादगार अनुभव दिया। दल ने सुंदरवन का भी दौरा किया। इस तरह युवाओं को पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थलों और वहां की विशिष्ट पहचान से परिचित होने का अवसर मिला। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत कर रहा युवा संगम युवा संगम कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा देना है।

उत्तराखंड के इस दल का समन्वयक संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है। वहीं पश्चिम बंगाल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर इसकी मेजबानी कर रहा है। संस्थान के माध्यम से युवाओं को पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, स्थानीय परंपराओं तथा शैक्षणिक परिवेश को समझने का अवसर मिल रहा है। राज्यपाल से मुलाकात में शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा दौरे के दौरान 8 अक्टूबर को उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि से मुलाकात की। इस संवाद में सीखने के अवसरों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने के महत्व पर चर्चा हुई।

मंत्रालय के मुताबिक, इस मुलाकात से विद्यार्थियों और शिक्षकों को राज्यपाल के विचार जानने तथा पश्चिम बंगाल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल दूसरे राज्य की संस्कृति से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उनके बीच संवाद और आपसी समझ को भी बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के सातवें चरण में 20 जोड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे के यहां जाकर वहां की संस्कृति, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार से जुड़े प्रयासों और विकास संबंधी पहलों को समझने का अवसर दिया जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से युवा अपने राज्य से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों की जीवनशैली, परंपराओं और सामाजिक परिवेश को समझते हैं। साथ ही, उन्हें अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों से मिलने, नए अनुभव हासिल करने और मित्रता के संबंध बनाने का अवसर मिलता है। उत्तराखंड के युवाओं का पश्चिम बंगाल दौरा भी इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे कार्यक्रम देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा संगम के माध्यम से केंद्र सरकार एक ऐसे भारत की भावना को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, जहां विविधता के बावजूद एकता बनी रहे और साझा अनुभव देशवासियों को एक-दूसरे के करीब लाएं।

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राजनीति

देश में हालत गंभीर, सरकार ने खुद दिल्ली में मचाया आतंकः अशोक गहलोत

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा रविवार को दिल्ली में मेट्रो और रेलवे सेवाओं के सामान्य संचालन, इंटरनेट कनेक्टिविटी की बहाली को लेकर दिए गए निर्देश पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में हालात बहुत गंभीर हैं।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, “देश के अंदर हालात बड़े गंभीर होते जा रहे हैं। आज रविवार को सुप्रीम कोर्ट खुल रहा है तो आप अंदाजा लगा लीजिए। इतिहास में पहली बार इस प्रकार के काम के लिए सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई करनी पड़ रही है कि मेट्रो बंद क्यों किए जा रहे हैं। ऐसा भी हो सकता है कि जो वकीलों को गिरफ्तार किया था, उस पर भी सुनवाई हो सकती है। सरकार जिस तरह से खुद अराजकता फैला रही है, समझ नहीं आ रहा है कि ये चाहते क्या हैं? ऐसी स्थिति हो गई है जैसे कोई क्रैकडाउन (सख्त कार्रवाई) हो। सरकार ने खुद पूरी दिल्ली में आतंक मचा रखा है।”

दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और देशभर से आ रहे लोगों को पाबंदियों और बदसलूकी का सामना करना पड़ रहा है। ये सभी इसी देश के नागरिक हैं, बाहरी नहीं। जिस तरह से नेताओं को हिरासत में लिया गया है, कुछ को छोड़ दिया गया जबकि कुछ अभी भी हिरासत में हैं, यह बहुत चिंता की बात है। सरकार को विपक्ष से बातचीत करनी चाहिए और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर जताई जा रही चिंताओं का समाधान करना चाहिए।”

अशोक गहलोत ने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकील कह रहे हैं कि वकीलों की सुनवाई नहीं हो रही है। देश में पहली बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अनुचित व्यवहार हो रहा है। विपक्ष को जो सम्मान मिलना चाहिए, वो नहीं मिल रहा। देश में लोकतंत्र की भूमिका का सही निर्वहन नहीं हो रहा है।

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राजनीति

सीएम योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर अखिलेश बोले-‘पवन की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे’

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लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) से भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमला तेज करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा किया।

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पवन पांडे की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री खुद टिकट बांटते हैं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को अपने टिकट का भरोसा नहीं है, उन्हें पहले अपना टिकट पक्का कराने की चिंता करनी चाहिए। भाजपा की राजनीति से जनता परिचित हो चुकी है और पार्टी को अपने फैसलों का जवाब देना होगा।

उन्होंने दावा किया कि 2027 में बदलाव होगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पीडीए की राजनीतिक ताकत से घबराई हुई है।

सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर अन्याय करने, पीडीए से घबराने और चुनावी प्रक्रिया में बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए सीईसी के इस्तीफे की मांग की। गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी पहुंचकर अखिलेश यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान केंद्र के मुख्य द्वार को टीन की चादरों से ढके जाने, परिसर के आसपास बैरिकेडिंग और पुलिस तथा पीएसी की तैनाती को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति के माध्यम से सत्ता और व्यवस्था को चुनौती देने का रास्ता दिखाया था। उनका आंदोलन आज भी प्रासंगिक है और समाजवादी पार्टी उसी रास्ते पर चलकर परिवर्तन लाएगी। अखिलेश यादव ने कहा, “ऐसा तो नहीं कि परिवर्तन का आगाज हो गया है। लगता है बदलाव की शुरुआत है।”

उन्होंने दावा किया कि जनता के भीतर बढ़ती पीड़ा बदलाव की प्रक्रिया को तेज करेगी। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा दबे-कुचले लोगों के अधिकारों के लिए खड़े रहे। उन्होंने सामाजिक सुधार के क्षेत्र में विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के योगदान को भी याद किया। जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि प्रदेश में क्या इस तरह की कोई दूसरी इमारत है।

उन्होंने परिसर में बने हेलीपैड, लगभग 1,200 वाहनों की पार्किंग और निर्माण परियोजना पर खर्च को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने 800 करोड़ रुपये के आंकड़े का उल्लेख करते हुए निर्माण कार्यों, ठेकेदारों और भुगतान से जुड़े मुद्दों पर भी जवाब मांगा। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस केंद्र को पैसों के भार में दबा दिया है और विचारधारा के महत्व को नजरअंदाज किया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस केंद्र को कितने रुपये में बेच दिया गया होगा। उनके मुताबिक, जयप्रकाश नारायण का आंदोलन सत्ता परिवर्तन के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का भी प्रतीक है।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का दायित्व अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना और मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोगों को वोट डालने से रोका जाता है। दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल किए और उसके इस्तीफे की मांग की। लखनऊ में जलभराव की समस्या को लेकर अखिलेश यादव ने रिवरफ्रंट और पलासियो क्षेत्र का उल्लेख करते हुए सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि पहले रिवरफ्रंट की तारीफ की गई थी लेकिन अब वहां जलभराव की स्थिति सामने आ रही है। उनके अनुसार, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण जल निकासी की समस्या गंभीर हुई है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अधिकारी यह तय करने में विफल हैं कि विभिन्न क्षेत्रों का पानी किस दिशा में जाएगा और उसकी निकासी कैसे होगी। उन्होंने बंधों, नालों और पुलों की डिजाइन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल निकासी व्यवस्था की खामियों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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