मनोरंजन
रिहाना की फेंटी ब्यूटी गुलामी, ट्रैफिकिंग पर ऑडिट में शामिल नहीं हुई
पॉप सिंगर रिहाना की फेंटी ब्यूटी (सौंदर्य प्रसाधन ब्रांड) ने एक खुलासा किया है कि वह बाल श्रम के लिए अपने आपूर्तिकर्ताओं का ऑडिट नहीं करती है। फेंटी ब्यूटी ने कहा कि यह उम्मीद करती है कि आपूर्तिकर्ता आपूर्ति आचार संहिता का पालन कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपूर्ति में शामिल सामग्री गुलामी और मानव तस्करी से संबंधित सभी मानदंडों का पालन करती है।
विवाद कैलिफोर्निया कोड की पृष्ठभूमि में प्रकाश में आया है। आपूर्ति कानून में पारदर्शिता को लागू करने में, कैलिफोर्निया लेजिस्लेचर ने पाया कि गुलामी और मानव तस्करी राज्य, संघीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपराध हैं, कैलिफोर्निया राज्य में और अमेरिका सहित हर देश में गुलामी और मानव तस्करी मौजूद है और तथ्य यह है कि ये अपराध अक्सर छिपाकर होते हैं और इन्हें उजागर करना और ट्रैक करना मुश्किल होता है।
लेजिस्लेचर ने यह भी पाया कि उपभोक्ता और व्यवसाय माल और उत्पादों की खरीद के माध्यम से अनजाने में इन अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध खुलासे नहीं हैं, उपभोक्ताओं के लिए गुलामी और तस्करी के दाग से मुक्त उत्पादों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों की पहचान करना मुश्किल है।
आपूर्ति श्रृंखला अधिनियम के तहत पारदर्शिता पास करने में, कैलिफोर्निया राज्य ने कहा कि बड़े खुदरा विक्रेता और निर्माता उपभोक्ताओं को उनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं से दासतां और मानव तस्करी के उन्मूलन के प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान करें, उपभोक्ताओं को खरीदने के तरीके के बारे में शिक्षित करें, जो जिम्मेदारी से अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं का प्रबंधन करते हैं और गुलामी और मानव तस्करी के पीड़ितों के जीवन को सुधारें।
उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए कैलिफोर्निया ने कुछ कंपनियों द्वारा जानकारी भरे पोस्ट करने को अनिवार्य कर दिया। एक कंपनी को कानून के अधीन कुछ मानदंडों को पूरा करना होगा। ये मानदंड हैं : (1) अपने टैक्स रिटर्न में खुद को खुदरा विक्रेता या मैन्युफैक्चरर के रूप में दिखाएं। (2) कैलिफोर्निया में ‘व्यापार करने’ के लिए कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करें और (3) वार्षिक विश्वव्यापी सकल प्राप्तियां 100,000,000 डॉलर से अधिक हो। कानून के अंतर्गत कंपनी को अपनी वेबसाइट या वेबसाइट नहीं होने पर लिखित डिस्क्लोजर के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखलाओं के भीतर मानव तस्करी और दासतां के उन्मूलन के प्रयासों के बारे में जानकारी का खुलासा करने की आवश्यकता होती है।
सत्यापन, ऑडिट, प्रमाणीकरण, आंतरिक जवाबदेही, और प्रशिक्षण में कंपनियों को आपूर्ति चेन में पारदर्शिता के अधीन अपने प्रयासों की सीमा का खुलासा करना चाहिए।
मानव तस्करी और गुलामी के जोखिमों का मूल्यांकन और पता करने के लिए उत्पाद आपूर्ति श्रृंखलाओं के सत्यापन में शामिल होगा। यदि थर्ड पार्टी द्वारा सत्यापन नहीं किया गया है तो डिस्क्लोजर करना होगा।
मनोरंजन
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: हथियार सप्लाई के आरोप में दो महिलाएं गिरफ्तार, एक ने खुद को बताया बेगुनाह

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। हथियार पहुंचाने के आरोप में एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों एक-दूसरे को पहले से जानती हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, “टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार की सप्लाई चेन को ट्रेस करते हुए हमने राधा और बबीता को हिरासत में लिया है। मुंबई में हथियार पहुंचाने में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है।”
पूछताछ के दौरान बबीता ने खुद को बेगुनाह बताया है। उसने दावा किया कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि मुंबई में हथियार पहुंचाया जा रहा है। बबीता के मुताबिक, राधा ने उससे मुंबई घूमने चलने के बारे में पूछा था। उसे घूमने का शौक था और मुंबई जाने का मौका मिलने पर उसने हामी भर दी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी कुणाल ने मुंबई घूमने के लिए राधा को 20 से 25 हजार रुपए दिए थे। बबीता का दावा है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि मुंबई आने के पीछे हथियार पहुंचाने की कोई साजिश थी।
बबीता ने क्राइम ब्रांच को बताया कि मुंबई पहुंचने के बाद वह और राधा एक होटल में रुकी थीं। इसी दौरान वहां एक शख्स आया, जिसे राधा ने कुणाल का दोस्त बताया। बबीता के मुताबिक, राधा ने उस शख्स को कवर में लिपटा हुआ एक बॉक्स सौंपा। जब बबीता ने बॉक्स के बारे में पूछा, तो राधा ने बताया कि उसमें मेडिकल किट है और कुणाल ने उसे अपने दोस्त को देने के लिए कहा था।
बबीता के बयान के मुताबिक, उसने बॉक्स को लेकर राधा से कई बार सवाल किए, क्योंकि उसे कुछ गड़बड़ होने का शक हो रहा था। हालांकि बबीता का दावा है कि राधा हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसकी शंका दूर करने की कोशिश करती रही।
बबीता ने पूछताछ में दावा किया कि उसे टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की साजिश के बारे में जरा भी जानकारी नहीं थी। उसका कहना है कि अगर उसे हथियार पहुंचाने या फायरिंग की योजना के बारे में पता होता तो वह इस मामले में शामिल नहीं होती।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने कहा, “बबीता के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में उसकी भूमिका और हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। हम राधा से भी पूछताछ कर रहे हैं और कुणाल की तलाश की जा रही है।”
फिलहाल पुलिस दोनों महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन, होटल की सीसीटीवी फुटेज और ट्रैवल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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रश्मिका मंदाना ने रिश्ते पर उठे सवालों का दिया जवाब, विजय देवरकोंडा बोले- ‘मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं’

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और अभिनेता विजय देवरकोंडा ने अपने रिश्ते को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब दिया। हाल ही में दोनों के ‘कॉफी विद करण’ के नौवें सीजन में नजर आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर काफी कुछ लिखा गया। अब रश्मिका ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
उन्होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया किसी राय से कम और गुस्से में भरी ऐसी भीड़ जैसी ज्यादा लगी, जो अपना गुस्सा निकालने के लिए किसी को तलाश रही थी। इसके बाद विजय ने भी अपनी पत्नी के समर्थन में पोस्ट लिखी और आलोचना करने वालों को कड़ा जवाब दिया।
रश्मिका ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए विजय को पूरे एक साल तक शादी के लिए प्रस्ताव देने की बात पर सफाई दी। उन्होंने लिखा, ”कहीं न कहीं, इस पूरे मामले में असली बात खो गई। शायद यह आपके नजरिए से फिट नहीं हुआ। शायद आप में से कुछ लोग इसे देखना ही नहीं चाहते। हम दोनों में से कोई भी किसी बड़े प्रपोजल की तलाश में नहीं था। बातचीत इस बारे में थी कि वह चाहते थे कि हम दोनों एक-दूसरे को समझने के लिए समय और जगह दें। हमने ऐसा किया। हमने एक-दूसरे को चुना।”
रश्मिका ने यह भी बताया कि विजय उनकी जिंदगी में बहुत बड़ा सहारा हैं। उन्होंने लिखा, ”जब मेरी हड्डी टूटती है, तब आप वहां नहीं होते। वह होते हैं। जब हर महीने मेरे पेट में दर्द होता है, तब आप वहां नहीं होते। वह होते हैं। जब मुझे अस्पताल जाने की जरूरत होती है, तब आप वहां नहीं होते। वह होते हैं। जब रात के बीच में बेचैनी के कारण मेरी नींद खुल जाती है, तब आप वहां नहीं होते। वह होते हैं।”
अभिनेत्री ने आगे कहा कि वह अपने परिवार के बारे में बुरा बोलने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने लिखा, ”आप मेरे बारे में जो चाहें बुरा कहें। मैं इसे सह सकती हूं। लेकिन मेरे परिवार को जाने बिना उनके बारे में बात करना? यह फेमिनिज्म नहीं है। यह फेमिनिज्म के नाम पर की जाने वाली बुलिंग है।”
रश्मिका ने आगे कहा, ”फेमिनिज्म का मतलब किसी दूसरे को नीचा दिखाना या खुद को बेहतर साबित करना नहीं है, फिर चाहे कोई पुरुष हो या महिला। मेरे लिए फेमिनिज्म का मतलब अपनी जिंदगी चुनने और उसकी जिम्मेदारी लेने की आजादी है। मैंने अपनी जिंदगी की जिम्मेदारी ली और इसके बदले मुझे बहुत प्यार मिला।”
रश्मिका के बाद विजय देवरकोंडा ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने रश्मिका को अपना सबसे अच्छा दोस्त, पत्नी और अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बताया। विजय ने लिखा, ”मेरी बेस्ट फ्रेंड, मेरी वाइफ, मेरी वुमन। मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत हिस्सों में से एक, जिसे मैंने बिल्कुल सही चुना। जो लोग हमारी चिंता कर रहे हैं, उन्हें बता दूं कि हम दोनों बहुत खुश हैं। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं। अगर यह दुनिया के मैं और वह हैं, तो ऐसा ही सही। उन सभी को ढेर सारा प्यार, जो प्यार का जश्न मनाते हैं।”
इसके बाद विजय ने रिश्ते की आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए लिखा, ”अब, बिना किसी दयालुता या सम्मान के इरादे के, बाकी सभी लोग भाड़ में जाएं।”
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सेट पर झगड़े वाली धारणा पर राधिका आप्टे बोलीं-‘महिलाएं नहीं पुरुष होते हैं ज्यादा असुरक्षित’

अभिनेत्री राधिका आप्टे आगामी वेब सीरीज ‘अक्का’ में अभिनेत्री कीर्ति सुरेश के साथ नजर आएंगी। साथ बातचीत में अभिनेत्री ने उस पुरानी धारणा को खारिज कर दिया कि फिल्म सेट पर महिलाओं के बीच अक्सर झगड़े या टकराव होते हैं।
अभिनेत्री का मानना है कि वर्कप्लेस का माहौल जेंडर पर नहीं बल्कि लोगों के आपसी तालमेल पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “यह बहुत पुरानी धारणा है कि महिलाएं आपस में झगड़ती हैं। मुझे लगता है कि पुरुष महिलाओं से कहीं ज्यादा असुरक्षित होते हैं। सच कहूं तो यह मर्द या औरत की बात नहीं है, यह आपसी तालमेल की बात है। आप कुछ लोगों के साथ घुल-मिल जाते हैं और कुछ के साथ नहीं।”
सेट पर अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए राधिका आप्टे ने माहौल को पॉजिटिव बताया और कैमरे के सामने और पीछे दोनों जगह महिलाओं की मौजूदगी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमारा सेट वाकई बहुत अच्छा था। सेट पर लगभग बराबर संख्या में पुरुष और महिलाएं थीं। कास्ट में कई महिलाएं थीं और पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम में भी कई महिलाएं थीं। मुझे लगता है कि वहां एक अच्छी सिस्टरहुड वाली फीलिंग थी, जिसने चीजों को और ज्यादा कम्फर्टेबल बना दिया।”
राधिका ने बताया कि साथ काम करने वालों के साथ घुलने-मिलने का मतलब यह नहीं है कि आप हर किसी के करीबी दोस्त बन जाएं, चाहे वह पुरुष हो या महिला। उन्होंने कहा कि लोग करीबी रिश्ता न होने पर भी एक-दूसरे के साथ अच्छे और प्रोफेशनल संबंध बनाए रख सकते हैं।
वेब सीरीज ‘अक्का’ की बात करें, तो यह एक गैंगस्टर कहानी है, जिसमें महिलाएं मुख्य भूमिका में हैं। इस शो के साथ धर्मराज शेट्टी ने डायरेक्शन में अपना डेब्यू किया है, जिन्होंने इस सीरीज को लिखा भी है। 1980 के दशक पर आधारित अक्का एक ऐसी काल्पनिक दुनिया में घटती है जिसे पीढ़ियों से महिलाओं ने बनाया, चलाया और बचाकर रखा है। यह सीरीज 30 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।
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