राष्ट्रीय समाचार
ग्रेजुएट युवाओं के लिए डीजीएमए में निकली भर्ती, 30 मैनेजमेंट सपोर्ट एसोसिएट पदों के लिए 23 अक्टूबर से करें आवेदन
भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) में नौकरी करने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। दरअसल, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (डीजीएमए), मुंबई ने पूरी तरह से संविदात्मक (अनुबंध) आधार पर मैनेजमेंट सपोर्ट एसोसिएट (एमएसए) के कुल 30 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
डीजीएमए की ओर से मैनेजमेंट सपोर्ट एसोसिएट (एमएसए) पोस्ट के लिए जारी 30 रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 12 नवंबर तक तय की गई है। इस पोस्ट पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार डीजीएमए की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन पोर्टल सक्रिय होने के बाद से तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र भरते समय कुछ गलती हो जाएगी, उनके लिए फॉर्म में सुधार करने का विंडो 15 नवंबर को सक्रिय रहेगा।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट्स के पास कंप्यूटर संचालन, एमएस ऑफिस, स्प्रेडशीट, डेटा एंट्री, इंटरनेट और ईमेल की कार्यसाधक जानकारी होनी चाहिए। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन और/या ऑफिस ऑटोमेशन, डेटा मैनेजमेंट, रिकॉर्ड डिजिस्टीजेशन और सरकारी या पीएसयू कार्यालय के काम में संबंधित अनुभव वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 23 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी), टाइपिंग टेस्ट (15 मिनट), दस्तावेज और पात्रता सत्यापन, उसके बाद डीजीएमए द्वारा साक्षात्कार और/या कार्यात्मक दक्षता मूल्यांकन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद उम्मीदवारों का चयन स्वीकृत मेरिट पद्धति और सभी पात्रता तथा अनुबंध संबंधी शर्तों को पूरा करने के आधार पर किया जाएगा।
चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 75,000 रुपए प्रति माह होगी। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। वहीं, सीबीटी के लिए परीक्षा केंद्र केवल ग्रेटर मुंबई मेट्रोपॉलिटन, ठाणे और नवी मुंबई क्षेत्र के भीतर ही होंगे। हालांकि, इसकी तिथि और समय की घोषणा जल्द की जाएगी।
अभ्यर्थी ध्यान दें कि डीजीएमए की ओर से यह भर्ती एक वर्ष के लिए की जाएगी, जिसे उम्मीदवारों के प्रदर्शन और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के आधार पर प्रति वर्ष बढ़ाते हुए अधिकतम 3 वर्षों तक किया जा सकता है। वहीं, चयनित कैंडिडेट्स की पोस्टिंग मुंबई में होगी।
राष्ट्रीय समाचार
पंजाब के किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन की 21,019 मशीनें खरीदीं

पंजाब ने पराली जलाने को समाप्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। किसानों ने चालू सीजन में फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) की 21,019 मशीनें खरीदी हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां ने बुधवार को बताया कि सुपर सीडर किसानों के बीच सबसे पसंदीदा उपकरण बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी के साथ बड़े पैमाने पर हुई यह खरीद, फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति राज्य के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।
सुपर सीडर पांच सबसे लोकप्रिय मशीनों की सूची में शीर्ष पर रहा, जिसकी 14,274 इकाइयां किसानों ने खरीदीं। इसके बाद मल्चर का स्थान रहा, जिसकी 1,721 इकाइयां खरीदी गईं, और हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी हल का स्थान रहा, जिसकी 1,346 इकाइयां खरीदी गईं। जीरो टिल ड्रिल और बेलिंग मशीन क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं, जिनकी बिक्री 1,123 और 927 यूनिट्स रही। मंत्री ने आगे बताया कि पुआल रेक की भी काफी मांग रही और 874 यूनिट्स खरीदी गईं।
राज्य सरकार की सब्सिडी सहायता को सीआरएम उपकरणों के बढ़ते उपयोग का श्रेय देते हुए खुदियां ने कहा कि व्यक्तिगत किसानों को मशीनरी खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है, जबकि कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां और पंचायतें 80 प्रतिशत सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों को 2026-27 के लिए 576 करोड़ रुपए की एक व्यापक कार्य योजना का समर्थन प्राप्त है। इन पहलों के परिणामस्वरूप पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी आई है, जो लगभग 90 प्रतिशत तक गिरकर 2022 में 49,922 से घटकर 2025 में 5,114 रह गईं। इस प्रगति के कारण पंजाब को फसल अवशेष प्रबंधन रणनीति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
खुदियां ने कहा कि पर्याप्त सब्सिडी और व्यापक जागरूकता अभियानों ने किसानों को फसल अवशेषों को बोझ के बजाय एक मूल्यवान संसाधन के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित किया है।
मंत्री ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के पर्यावरणीय और कृषि लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुपर सीडर और जीरो-टिल ड्रिल किसानों को धान के अवशेषों में सीधे गेहूं बोने में सक्षम बनाते हैं। इससे समय की बचत होती है और मिट्टी की नमी संरक्षित रहती है, साथ ही फसल अवशेष जलाने की आवश्यकता भी कम हो जाती है।
इसके अलावा, बेलर और रेक बिजली उत्पादन और पशु चारे जैसे उद्देश्यों के लिए पराली के संग्रहण और उपयोग में सहायक होते हैं।
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए खुदियां ने कहा कि राज्य सरकार कृषि समुदाय का समर्थन करने और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय समाचार
अमृतसर में 10 किलो हेरोइन के साथ चार आरोपी गिरफ्तार

पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 किलो हेरोइन बरामद की है।
पंजाब पुलिस के डीजीपी की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे नशा तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब में हेरोइन की खेप प्राप्त करने तथा उसे आगे वितरित करने का काम करते थे।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी विदेश में सक्रिय तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। यह नेटवर्क पंजाब में हेरोइन की खेप पहुंचाने और उसे आगे सप्लाई करने में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहा है। हालांकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसकी पूरी कार्यप्रणाली के बारे में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस संबंध में अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की खेप कहां से भेजी गई थी, इसे पंजाब में किसने प्राप्त किया और आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियां इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने और सीमा पार से संचालित नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए काम कर रही हैं।
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि राज्य में नशे की तस्करी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना और पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
अपराध
मोबाइल और चेन स्नेचिंग करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 41 हजार रुपए और बाइक बरामद

गौतमबुद्धनगर के थाना सेक्टर-113 की पुलिस ने मोबाइल फोन और चेन स्नेचिंग की घटनाओं में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्नेचिंग किए गए मोबाइल फोन और चेन की बिक्री से प्राप्त 41 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदातों में इस्तेमाल की जाने वाली एक अपाचे मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुनसान स्थानों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे और उनके मोबाइल फोन व चेन छीनकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने यह कार्रवाई 21 अक्टूबर को स्थानीय खुफिया जानकारी और गोपनीय सूचना के आधार पर की। थाना सेक्टर-113 की टीम ने तीनों आरोपियों को एफएनजी सर्विस रोड, सोरखा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उस्मान, इब्राहिम और अनस के रूप में हुई है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर ऐसे स्थानों पर जाते थे, जहां लोगों की आवाजाही कम रहती थी। वहां राह चलते व्यक्तियों के मोबाइल फोन और चेन छीनकर मौके से फरार हो जाते थे। इसके बाद स्नेचिंग से मिले सामान को बेचकर रकम हासिल करते थे। आरोपियों के अनुसार, सामान की बिक्री से प्राप्त पैसे को आपस में बांट लिया जाता था। इस रकम का इस्तेमाल वे अपने व्यक्तिगत खर्च और शौक-मौज के लिए करते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद 41 हजार रुपए मोबाइल फोन और चेन की बिक्री से प्राप्त रकम की शेष राशि है। वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में पहला आरोपी उस्मान पुत्र नौशाद है, जिसकी उम्र करीब 24 वर्ष है। वह गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना का निवासी है। दूसरा आरोपी इब्राहिम पुत्र शाहबुद्दीन है, जिसकी उम्र करीब 20 वर्ष है। वह बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र के जाटवान मोहल्ले का निवासी है।
तीसरा आरोपी अनस पुत्र आबिद है, जिसकी उम्र करीब 23 वर्ष है। वह भी बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र में छोटी मस्जिद के पास रहता है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना सेक्टर-113 में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मुकदमा संख्या 453/2026 और मुकदमा संख्या 473/2026 शामिल हैं। दोनों मामले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 304(2) के तहत दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 41 हजार रुपए नकद और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी मोबाइल फोन और चेन स्नेचिंग की कितनी अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं। साथ ही, उनके द्वारा बेचे गए सामान और उससे प्राप्त रकम के संबंध में भी जांच की जा रही है।
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