व्यापार
आरबीआई ने यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के आवेदन को रिटर्न किया
मुंबई, 28 अक्टूबर: जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने मंगलवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए उनके आवेदन को वापस कर दिया है। इसकी वजह पत्रता के लिए जरूरी मानदंड पूरे नहीं करना था।
यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए जरूरी शर्तों में से एक – लगातार दो वर्षों तक ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (जीएनपीए) 3 प्रतिशत से कम और नेट नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनएनपीए) एक प्रतिशत से कम होने के मानदंड को पूरा करने के बाद बैंक ने वित्त वर्ष 26 की शुरुआत में केंद्रीय बैंक के पास यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन जमा कर दिया था।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि बैंक पात्रता के लिए जरूरी अन्य शर्तों पर पूरा नहीं कर रहा है, जिस कारण इस आवेदन को फिलहाल लौटाया जा रहा है।
जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “9 जून को लिखे गए पत्र के बारे में हम यह बताना चाहते हैं कि आरबीआई ने सर्कुलर में निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने के कारण यूनिवर्सल बैंक में स्वैच्छिक परिवर्तन के लिए किए गए आवेदन को वापस कर दिया है।”
इस ऐलान के बाद जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में गिरावट देखी गई और दोपहर 1:22 पर 2.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 447.20 रुपए प्रति शेयर पर था।
जन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने बीते पांच कारोबारी सत्रों में 2.12 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बीते एक महीने में शेयर में 1.57 प्रतिशत और छह महीने में 13.37 प्रतिशत की गिरावट हुई। पिछले एक साल में शेयर का प्रदर्शन सपाट रहा है।
जन स्मॉल फाइनेंस बैंक की स्थापना 2018 में हुई थी। यह भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है, जो 802 शाखाओं के माध्यम से 23 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 1.2 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सर्विसेज प्रदान करता है।
वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में, बैंक ने 75 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जिससे बैंक का पहली छमाही मुनाफा 177 करोड़ रुपए हो गया।
इस दौरान बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 6.6 प्रतिशत रहा, जबकि इसका सकल एनपीए 2.8 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.9 प्रतिशत रहा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत एआई के चलते टेक्नोलॉजी पर खर्च में अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ देगा: रिपोर्ट

भारतीय कंपनियों के टेक्नोलॉजी पर खर्च में 2026 में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, इसमें से 40-45 प्रतिशत एआई और टेक ट्रांसफॉरमेशन से जुड़ा होने की उम्मीद है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आईटी खर्च में वृद्धि वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के लिए अनुमानित 4-6 प्रतिशत वृद्धि से कहीं अधिक रहने की उम्मीद है।
पिछले 12-18 महीनों में खर्च में तेजी आई है और अगले 2-3 वर्षों तक यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है, जो संरचनात्मक रूप से मजबूत निवेश चक्र को दिखाता है।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय उद्यम अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक क्षमता निर्माण, विशेष रूप से एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण के लिए आवंटित कर रहे हैं। भारत में टेक्नोलॉजी बजट का 50-60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 20-30 प्रतिशत है।
भारतीय कंपनियों के पूंजीगत व्यय का 30 प्रतिशत हिस्सा एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण पर खर्च किया गया।
टेक्नोलॉजी खर्च में कोर एप्लिकेशन आधुनिकीकरण (25 प्रतिशत), क्लाउड और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (25 प्रतिशत) और साइबर सुरक्षा (20 प्रतिशत) प्रमुख है, जो मूलभूत क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि 2026 के टेक्नोलॉजी बजट का लगभग 40 प्रतिशत परिवर्तनकारी पहलों के लिए आवंटित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें एआई और डेटा-आधारित परिवर्तन लगभग आधे हिस्से के लिए जिम्मेदार होंगे।
अनुमान है कि अगले 12 महीनों में लगभग 60 प्रतिशत सीआईओ उच्च-प्रभाव वाले एआई रोडमैप को प्राथमिकता देंगे।
रिपोर्ट में बताया गया कि लगभग 72 प्रतिशत मुख्य सूचना अधिकारियों ने पुरानी तकनीकी खामियों को परिवर्तन में सबसे बड़ी बाधा बताया, इसके बाद अगली पीढ़ी के क्षेत्रों में कौशल की कमी (57 प्रतिशत) और नई तकनीक से जुड़ी पहलों पर निवेश पर अप्रमाणित प्रतिफल (49 प्रतिशत) का स्थान रहा।
लगभग 90 प्रतिशत बिजनेस लीडर्स ने संकेत दिया कि वर्तमान डेटा आधार और एआई की परिपक्वता पूरे उद्यम में विस्तार के लिए पर्याप्त नहीं है।
व्यापार
अमेरिका और ईरान में बातचीत के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी

अमेरिका और ईरान में युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को सपाट खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 68 अंक या 0.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,889 और निफ्टी 24 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,303 पर था।
हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 202 अंक या 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,563 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 97 अंक या 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,657 पर था।
शुरुआत कारोबार सूचकांक में निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल बाजार का नेतृत्व कर रहे थे। इसके अलावा निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी इंडिया डिफेंस हरे निशान में थे। वहीं, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसई, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी सर्विसेज हरे लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक हरे निशान में थे। टीसीएस, एचयूएल, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, बीईएल, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और आईटीसी लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स 1.24 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 2.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। ईरान की समाचार एजेंसी आईएसएनए द्वारा ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान अपनी प्रतिक्रिया देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान एक समझौता चाहता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने और हॉमुर्ज सेट्रट को खोलने की मांग रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान एक समझौते चाहता है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। बुधवार को एफआईआई ने इक्विटी में 5,834.90 करोड़ रुपए की बिकवाली की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,836.87 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
व्यापार
एप्पल भारत के रिन्यूएबल एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100 करोड़ रुपए करेगा निवेश

दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने भारत के रिन्यूएबल एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए निवेश करने का ऐलान किया है। यह कंपनी के स्थिरता और कार्बन न्यूट्रल बनने की तरफ बढ़ने के उद्देश्यों के मुताबिक है।
कंपनी ने बताया कि यह निवेश अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कंपनियों में से एक क्लीनमैक्स के सहयोग से किया जाएगा, जिससे देशभर में 150 मेगावाट से अधिक की नई रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का निर्माण करने में मदद मिलेगी।
आईफोन निर्माता कंपनी के अनुसार, नियोजित क्षमता लगभग 1.5 लाख भारतीय घरों को प्रति वर्ष बिजली प्रदान करने के लिए पर्याप्त होगी और आने वाले वर्षों में इसे और भी बढ़ाया जा सकता है।
इस पहल का उद्देश्य भारत में एप्पल की आपूर्ति श्रृंखला में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देना है और यह कंपनी के 2030 तक अपने पूरे परिचालन क्षेत्र में कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य का समर्थन करती है।
एप्पल की पर्यावरण और आपूर्ति श्रृंखला नवाचार की उपाध्यक्ष सारा चैंडलर ने कहा,”एप्पल में, पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता कंपनी और दुनिया भर में नवाचार के लिए एक प्रेरक शक्ति है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें भारत की स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था में निवेश करने और देश के बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने पर गर्व है।”
इसके अलावा, एप्पल ने पहले क्लीनमैक्स के साथ रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स पर साझेदारी की थी, जिसके तहत भारत में इसके कार्यालयों और खुदरा स्टोरों को 100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी से चलाया जाएगा।
रिन्यूएबल एनर्जी निवेश के अलावा, कंपनी ने भारत में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और हरित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर केंद्रित नई साझेदारियों की भी घोषणा की।
कंपनी ने कहा कि वह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के साथ मिलकर रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन पहलों का समर्थन कर रही है ताकि सामग्री की रिकवरी में सुधार हो और पारिस्थितिकी तंत्र में प्लास्टिक का रिसाव कम हो।
आईफोन निर्माता कंपनी एक्यूमेन के साथ भी साझेदारी कर रही है ताकि अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्योजी कृषि और चक्रीय अर्थव्यवस्था समाधानों जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे शुरुआती चरण के हरित उद्यमों को अनुदान और मार्गदर्शन सहायता प्रदान की जा सके।
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